सरल रेखा में गति
एक सीधी रेखा पर चलती हुई वस्तु — चाहे वह गिरती गेंद हो, दौड़ती कार हो, या उछलती गोली — इस अध्याय में हम सीखेंगे कि उसकी स्थिति, वेग और त्वरण को गणितीय रूप से कैसे वर्णित किया जाए। यही शुद्धगतिकी (Kinematics) की नींव है, जिस पर आगे के सभी यांत्रिकी अध्याय टिके हैं। साथ ही, वर्ष 2000 से 2026 तक NEET/AIPMT में इस अध्याय से पूछे गए सभी 42 प्रश्न पूर्ण व विस्तृत हल सहित यहाँ संकलित किए गए हैं।
2.1 गति का परिचय (Introduction)
जब समय बीतने के साथ किसी वस्तु की स्थिति बदलती है, तो हम कहते हैं कि वस्तु गति में है। इस अध्याय का दायरा केवल सरल रेखीय गति (rectilinear motion) तक सीमित रखा गया है — यानी वस्तु एक ही सीधी रेखा के अनुदिश चलती है, इधर-उधर मुड़ती नहीं।
2.2 तात्क्षणिक वेग एवं चाल
Instantaneous Velocity & Speed
औसत वेग = विस्थापन / समय अंतराल। यह पूरे अंतराल में वस्तु की औसत चाल बताता है, किंतु बीच के किसी क्षण वस्तु कितनी तेज़ चल रही थी — इसका कोई संकेत नहीं देता।
यही तात्क्षणिक वेग कहलाता है। ज्यामितीय भाषा में — स्थिति-समय (x-t) ग्राफ के किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा की प्रवणता (slope) उस क्षण का तात्क्षणिक वेग देती है।
• सीमित अंतराल में औसत चाल ≥ औसत वेग का परिमाण (क्योंकि पथ-लंबाई कभी |विस्थापन| से छोटी नहीं हो सकती)
• किसी क्षण पर तात्क्षणिक चाल = तात्क्षणिक वेग का परिमाण (बराबर! क्योंकि अत्यल्प समय में पथ-लंबाई ≈ |विस्थापन|)
- औसत चाल ≥ |औसत वेग| (सदैव); समता केवल एकदिशीय सरल रेखीय गति में
- तात्क्षणिक चाल = |तात्क्षणिक वेग| (सदैव)
- x-t ग्राफ की ढाल = वेग
2.3 त्वरण (Acceleration)
समय के सापेक्ष वेग में होने वाले परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। ध्यान दें — त्वरण दूरी के सापेक्ष नहीं, बल्कि समय के सापेक्ष वेग-परिवर्तन से जुड़ा है (गैलीलियो के प्रयोगों ने यह सिद्ध किया)।
तात्क्षणिक त्वरण: a = limΔt→0(Δv/Δt) = dv/dt
v-t ग्राफ पर किसी क्षण त्वरण = उस बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा की प्रवणता। त्वरण वेग की तरह धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य — तीनों प्रकार का हो सकता है।
| त्वरण की प्रकृति | x–t ग्राफ | व्याख्या |
|---|---|---|
| धनात्मक | ऊपर की ओर वक्रित (concave up) | वेग बढ़ता जा रहा है |
| ऋणात्मक | नीचे की ओर वक्रित (concave down) | वेग घटता जा रहा है |
| शून्य | सरल रेखा | वेग स्थिर (एकसमान गति) |
- v-t ग्राफ की ढाल = त्वरण
- v-t ग्राफ का क्षेत्रफल = विस्थापन
- त्वरण सतत हो सकता है, किंतु असंतत (discontinuous) भी संभव है
2.4 एकसमान त्वरण के शुद्धगतिक समीकरण
स्थिर त्वरण a से गतिमान वस्तु के लिए — विस्थापन (x), समय (t), प्रारंभिक वेग (v₀) तथा अंतिम वेग (v) को जोड़ने वाले तीन मुख्य समीकरण इस प्रकार हैं:
x = v₀t + ½at² (2.6)
v² = v₀² + 2ax (2.8)
x = [(v+v₀)/2]·t (2.7a — माध्य वेग विधि)
यदि t=0 पर वस्तु की स्थिति x₀ (शून्य नहीं) हो, तो सभी समीकरणों में x के स्थान पर (x−x₀) रख दें:
अवकल/कलन गणित से व्युत्पत्ति
dx = v·dt → समाकलन से x = x₀+v₀t+½at²
v·dv = a·dx → समाकलन से v² = v₀²+2a(x−x₀)
मुक्त पतन (Free Fall)
v = −gt · y = −½gt² · v² = −2gy
📘 हल किए गए उदाहरण (NCERT)
हर मुख्य अवधारणा को एक व्यावहारिक उदाहरण के साथ समझें
x-अक्ष पर गतिमान किसी वस्तु की स्थिति x = a+bt² से व्यक्त होती है, जहाँ a=8.5 m, b=2.5 m s⁻²। t=0 s तथा t=2.0 s पर वेग निकालें। साथ ही t=2.0 s व t=4.0 s के बीच औसत वेग ज्ञात करें।
हल: v = dx/dt = 2bt = 5.0t m/s
t=0s: v=0 m/s; t=2.0s: v=10 m/s
औसत वेग = [x(4)−x(2)]/(4−2) = [(a+16b)−(a+4b)]/2 = 6b = 6.0×2.5 = 15 m/s
बहुमंजिला भवन की छत (धरती से 25.0 m ऊँचाई) से एक गेंद 20 m/s के वेग से ऊपर की ओर फेंकी जाती है (g=10 m/s²)। (a) गेंद अधिकतम कितनी ऊँचाई तक जाएगी? (b) धरती से टकराने में कुल कितना समय लगेगा?
हल (a): v₀=+20 m/s, a=−g=−10 m/s², उच्चतम बिंदु पर v=0
v²=v₀²+2a(y−y₀) ⟹ 0=(20)²+2(−10)(y−y₀) ⟹ y−y₀=20 m (यानी धरती से 25+20 = 45 m अधिकतम ऊँचाई)
हल (b): मूल बिंदु धरती पर रखकर
y = y₀+v₀t+½at²; 0 = 25+20t+(1/2)(−10)t² ⟹ 5t²−20t−25=0 ⟹ t²−4t−5=0 ⟹ (t−5)(t+1)=0
t = 5 s (ऋणात्मक मूल अमान्य)
गैलीलियो का विषम-अंक नियम सिद्ध कीजिए: विरामावस्था से गिरती वस्तु द्वारा समान समय अंतरालों में तय दूरियाँ 1:3:5:7... के अनुपात में होती हैं।
हल: y=−½gt², प्रारंभिक वेग शून्य। समय अंतरालों 0,τ,2τ,3τ... पर स्थिति = −½g(nτ)² = n²×(−½gτ²)
क्रमिक अंतरालों में दूरियाँ: 1st→(1)y₀, 2nd→(4−1)y₀=3y₀, 3rd→(9−4)y₀=5y₀, 4th→(16−9)y₀=7y₀ ...
अनुपात = 1:3:5:7:9:11... ✓ सिद्ध
वाहनों की अवरोधन दूरी: प्रारंभिक वेग (v₀) तथा मंदन (a) के पदों में अवरोधन दूरी का व्यंजक निकालिए।
हल: v²=v₀²+2ax में अंतिम वेग v=0 रखने पर
d_s = v₀²/2a — अवरोधन दूरी प्रारंभिक वेग के वर्ग के समानुपाती होती है — वेग दुगुना करने पर अवरोधन दूरी चार गुनी हो जाएगी।
प्रतिक्रिया काल: यदि रूलर द्वारा तय दूरी d=21.0 cm हो तो प्रतिक्रिया काल निकालिए (g=9.8 m/s²)।
हल: रूलर मुक्त रूप से गिरता है: d=½gtr² ⟹ tr=√(2d/g)
tr = √(2×0.21/9.8) = √0.04286 ≈ 0.2 s
✓ NCERT अभ्यास प्रश्न — पूर्ण हल (2.1–2.19)
हर प्रश्न पर क्लिक करके उत्तर देखें
2.1 कौन-से उदाहरणों में वस्तु को बिंदु-वस्तु माना जा सकता है?
(a) दो स्टेशनों के बीच बिना झटके चल रही रेलगाड़ी → हाँ (रेलगाड़ी की लंबाई दो स्टेशनों की दूरी की तुलना में नगण्य)
(b) वृत्तीय पथ पर साइकिल चला रहे व्यक्ति के ऊपर बैठा बंदर → नहीं (बंदर के शरीर के विभिन्न भागों की सापेक्ष गति महत्वपूर्ण)
(c) जमीन से टकराकर तेजी से मुड़ने वाली क्रिकेट गेंद → नहीं (गेंद का आकार, मुड़ने की वक्रता त्रिज्या से तुलनीय)
(d) मेज के किनारे से फिसल कर गिरा बीकर → हाँ (गिरने की दूरी, बीकर के आकार से बहुत अधिक)
2.2 x-t ग्राफ से सही प्रविष्टियाँ (A व B दो विद्यार्थी)
(a) A विद्यालय से निकट रहता है → A (b) A विद्यालय से पहले चलता है → A (c) B तेज चलता है (अधिक प्रवणता) → B (d) A और B घर भिन्न समय पर पहुँचते हैं (e) B, A से एक बार सड़क पर आगे हो जाता है (जहाँ रेखाएँ काटती हैं)
2.3 महिला की यात्रा — x-t ग्राफ बनाइए
घर से कार्यालय: 2.5 km, चाल 5 km/h ⟹ समय = 30 min (9:00 से 9:30 बजे)। कार्यालय में: 9:30 से 17:00 बजे तक स्थिर। वापसी: चाल 25 km/h ⟹ समय = 6 min (17:00 से 17:06 बजे)
ग्राफ: 9:00-9:30 धनात्मक ढाल (0→2.5km) → 9:30-17:00 क्षैतिज → 17:00-17:06 तीव्र ऋणात्मक ढाल (2.5→0km)
2.4 शराबी की गति — गड्ढे में गिरने का समय
प्रत्येक चक्र (8 कदम = 8s) में शुद्ध विस्थापन = 5−3 = 2m। n चक्रों बाद स्थिति = 2n m
13 m तक पहुँचने के लिए: 5वें चक्र के 5वें अग्र कदम पर पहुँचता है। कुल कदम = (5−1)×8+5 = 37 कदम
उत्तर: t = 37 s पश्चात वह गड्ढे में गिरता है
2.5 जेट यान व दहन उत्पाद की सापेक्ष चाल
जमीन के सापेक्ष उत्पाद की चाल = जेट की चाल + (उत्पाद की जेट के सापेक्ष चाल, पीछे की ओर) = 500 + (−1500) = −1000 km/h
उत्तर: 1000 km/h, जेट यान की गति की विपरीत दिशा में
2.6 कार का मंदन व रुकने का समय
v₀=126 km/h=35 m/s, दूरी=200m, v=0
v²=v₀²−2as ⟹ 0=35²−2a(200) ⟹ a = 1225/400 ≈ 3.06 m/s² (मंदन)
समय: v=v₀−at ⟹ t ≈ 11.4 s
2.7 गेंद ऊपर फेंकी गई (u=29 m/s) — चार उप-प्रश्न
(i) ऊपर जाने के दौरान त्वरण की दिशा सदैव नीचे की ओर होती है।
(ii) उच्चतम बिंदु पर वेग = शून्य, त्वरण = g (नीचे की ओर), अशून्य ही रहता है।
(iii) उच्चतम बिंदु पर x=0,t=0 लेकर: ऊपर जाते समय स्थिति व वेग ऋणात्मक, त्वरण धनात्मक; नीचे आते समय तीनों धनात्मक।
(iv) अधिकतम ऊँचाई: v²=u²−2gh ⟹ h=841/19.6 ≈ 42.9 m; कुल समय = 2(u/g) ⟹ t ≈ 5.92 s
2.8 सत्य/असत्य कारण सहित
(a) चाल शून्य होने पर त्वरण अशून्य हो सकता है → सत्य (उदा: उच्चतम बिंदु पर चाल=0, त्वरण=g)
(b) चाल शून्य होने पर वेग अशून्य हो सकता है → असत्य (चाल = |वेग|)
(c) चाल स्थिर हो तो त्वरण अवश्य शून्य होना चाहिए → सत्य (1D गति में स्थिर चाल का अर्थ स्थिर वेग)
(d) त्वरण धनात्मक हो तो चाल अवश्य बढ़ेगी → असत्य (धनात्मक-दिशा चयन पर निर्भर करता है)
2.9 गेंद 90m से गिराई, हर टक्कर में चाल 9/10 रह जाती है — v-t ग्राफ (0-12s)
पहला पतन: t₁≈4.29s, टक्कर से पहले चाल v₁≈42.0 m/s
टक्कर के बाद चाल = 0.9×42.0 = 37.8 m/s; दूसरी टक्कर तक कुल समय ≈ 12.0s
ग्राफ: 0→4.29s रैखिक वृद्धि (0→42.0); t=4.29s पर उछाल (37.8m/s); फिर घटती-बढ़ती रेखाएँ, दूसरी टक्कर ~t=12s
2.10 विस्थापन-परिमाण बनाम पथ-लंबाई की व्याख्या
(a) पथ-लंबाई ≥ |विस्थापन| सदैव। (b) औसत चाल ≥ |औसत वेग| सदैव।
समता (=) तभी जब वस्तु बिना दिशा बदले, एक ही सरल रेखा में एक ही दिशा में गति करे
2.11 व्यक्ति बाजार जाकर तुरंत वापस लौटता है — 3 केस
घर→बाजार: 2.5km@5km/h=30min। वापसी: 2.5km@7.5km/h=20min।
(i) 0-30min: औसत वेग व चाल दोनों = 5 km/h
(ii) 0-50min: औसत वेग = 0; औसत चाल = 6 km/h
(iii) 0-40min: औसत वेग परिमाण = 1.875 km/h; औसत चाल = 5.625 km/h
2.12 तात्क्षणिक चाल सदैव तात्क्षणिक वेग के परिमाण के बराबर क्यों?
Δt→0 की सीमा में, वक्र मार्ग की पथ-लंबाई (Δs) और सीधा विस्थापन (Δx) दोनों बराबर हो जाते हैं।
अत: |dx/dt| = ds/dt ⟹ |तात्क्षणिक वेग| = तात्क्षणिक चाल
2.13 कौन-सा ग्राफ एकविमीय गति को नहीं दर्शा सकता?
(a) लूप वाला x-t ग्राफ → अमान्य (b) वृत्ताकार v-t ग्राफ → अमान्य (c) ऋणात्मक चाल-समय ग्राफ → अमान्य (d) घटती हुई कुल-पथ-लंबाई ग्राफ → अमान्य
उत्तर: चारों ग्राफ एकविमीय गति के लिए अमान्य हैं
2.14 t<0 सरल रेखा व t>0 परवलयिक पथ — सही है क्या?
नहीं, यह कहना गलत है। x-t ग्राफ वस्तु का वास्तविक पथ नहीं दिखाता — यह केवल स्थिति का समय के साथ परिवर्तन दिखाता है। उदाहरण: कोई आवेशित कण t=0 तक स्थिर रहे और विद्युत क्षेत्र लगाने पर त्वरित गति में आ जाए।
2.15 पुलिस जीप व चोर की कार — गोली की चाल
जीप चाल = 8.33 m/s; चोर की कार चाल = 53.33 m/s। गोली की जमीन के सापेक्ष चाल = 8.33+150 = 158.33 m/s
चोर की कार के सापेक्ष: 158.33−53.33 = 105 m/s
2.16 तीन ग्राफों के लिए उचित भौतिक स्थिति बताइए
(a) x-t (शिखर तक बढ़कर स्थिर) → गेंद ऊपर फेंकी गई, वापस लौटकर किसी अवरोधक द्वारा रोक दी गई।
(b) v-t (बार-बार रैखिक घटकर उछलना) → गेंद फर्श से प्रत्यास्थ रूप से बार-बार उछलती है।
(c) a-t (अधिकतर शून्य, संकीर्ण शिखर) → गेंद टक्कर के अत्यल्प समय में आवेगी त्वरण अनुभव करती है।
2.17 SHM x-t ग्राफ से t=0.3s, 1.2s, −1.2s पर चिह्न
t=0.3s: स्थिति ऋणात्मक, वेग ऋणात्मक, त्वरण धनात्मक
t=1.2s: स्थिति धनात्मक, वेग ऋणात्मक, त्वरण ऋणात्मक
t=−1.2s: स्थिति ऋणात्मक, वेग धनात्मक, त्वरण धनात्मक
नियम: दोलन में त्वरण सदैव माध्य स्थिति की ओर व स्थिति के विपरीत चिह्न का होता है (a ∝ −x)
2.18 x-t ग्राफ में 3 समान अंतराल — अधिकतम/न्यूनतम औसत चाल
अंतराल 3 में औसत चाल अधिकतम (वक्र सबसे तीव्रता से गिरता है); अंतराल 2 में न्यूनतम
औसत वेग के चिह्न: अंतराल 1 व 2 में धनात्मक, अंतराल 3 में ऋणात्मक
2.19 चाल-समय ग्राफ (बिंदु A,B,C,D) — अधिकतम त्वरण/चाल वाला अंतराल
B, C व D बिंदुओं पर त्वरण = शून्य (स्थानीय उच्चिष्ठ/निम्निष्ठ होने से ढाल शून्य)
बिंदु A पर त्वरण धनात्मक। सबसे तीव्र ढाल वाले अंतराल में औसत त्वरण अधिकतम होगा।
📝 NEET / AIPMT में पूछे जा चुके प्रश्न
इस अध्याय से वर्ष 2000 से 2026 तक NEET/AIPMT में पूछे गए सभी 42 प्रश्न — कालानुक्रम में (नवीनतम पहले), विस्तृत चरण-दर-चरण हल सहित
1 एक कण की स्थिति s(t)=αt²−βt+γ से दी गई है, जहाँ α=1 ms⁻², β=6 ms⁻¹, γ=5 m। t=0 से t=6s तक कण की औसत चाल ज्ञात कीजिए। RE-NEET 2026
चरण 1 — वेग फलन: v(t) = ds/dt = 2αt−β = 2t−6
चरण 2 — दिशा-परिवर्तन का समय: v=0 पर t=3s। यानी t=0 से t=3s तक कण एक दिशा में (ऋणात्मक) और t=3s से t=6s तक विपरीत दिशा में (धनात्मक) गति करता है — औसत चाल के लिए दोनों भागों की पथ-लंबाई अलग-अलग जोड़नी होगी, सीधे विस्थापन से नहीं।
चरण 3 — स्थिति के मान: s(0)=5, s(3)=9−18+5=−4, s(6)=36−36+5=5
चरण 4 — पथ-लंबाई जोड़ें: 0→3s में दूरी = |−4−5| = 9 m; 3→6s में दूरी = |5−(−4)| = 9 m; कुल = 18 m
औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय = 18/6 = 3 m/s
2 ऊपर की ओर फेंकी गई और वापस गिरती गेंद के लिए, कौन-सा वेग(v)-समय(t) आरेख सही है? NEET 2026
संकल्पना: गुरुत्वीय त्वरण पूरी उड़ान (ऊपर जाना + नीचे आना) के दौरान स्थिर रहता है (a=−g), और वेग किसी क्षण अचानक नहीं बदल सकता (सतत परिवर्तन का नियम)।
विश्लेषण: इसलिए v-t ग्राफ को एक ही स्थिर ऋणात्मक ढाल की सतत सरल रेखा होना चाहिए — जो +u से शुरू होकर, शून्य से होते हुए, बिना किसी मोड़ या असंततता के −u तक (जब गेंद वापस प्रारंभिक ऊँचाई पर पहुँचती है) पहुँचे।
उत्तर: वह आरेख सही है जिसमें पूरी गति (ऊपर व नीचे दोनों) के लिए एक ही स्थिर-ढाल वाली सतत सरल रेखा है — उच्चतम बिंदु पर कोई असंततता या ढाल-परिवर्तन नहीं होना चाहिए
3 एक रूलर ऊर्ध्वाधर रूप से गिरता है, 5 अलग व्यक्ति अलग प्रतिक्रिया-काल से उसे पकड़ते हैं: A=0.20s, B=0.22s, C=0.18s, D=0.19s, E=0.21s। हर व्यक्ति के लिए रूलर द्वारा तय दूरी का सही क्रम क्या है? NEET 2026
चरण 1 — सिद्धांत: रूलर मुक्त रूप से गिरता है: दूरी d = ½gt², यानी दूरी समय के वर्ग (t²) के अनुक्रमानुपाती है — जितना अधिक प्रतिक्रिया-काल, उतनी अधिक दूरी तय होगी।
चरण 2 — समयों को घटते क्रम में लिखें: B(0.22s) > E(0.21s) > A(0.20s) > D(0.19s) > C(0.18s)
चरण 3 — चूँकि t² एक बढ़ता हुआ फलन है (t>0 के लिए), दूरी का क्रम भी समय के क्रम जैसा ही रहेगा।
उत्तर: B > E > A > D > C
4 किसी गतिमान कण के लिए, समय (t) व स्थिति (x) का संबंध t = x² + x से दिया गया है (उपयुक्त इकाइयों में)। कण का त्वरण ज्ञात कीजिए। NEET 2025
चरण 1 — dt/dx का उपयोग: t=x²+x से, dt/dx = 2x+1; चूँकि v = dx/dt = 1/(dt/dx), इसलिए v = 1/(2x+1)
चरण 2 — श्रृंखला नियम (chain rule): a = dv/dt = (dv/dx)·(dx/dt) = (dv/dx)·v
चरण 3 — dv/dx: v=(2x+1)⁻¹ ⟹ dv/dx = −2(2x+1)⁻²
चरण 4 — सब मिलाएँ: a = [−2(2x+1)⁻²] × [(2x+1)⁻¹] = −2(2x+1)⁻³
उत्तर: a = −2/(2x+1)³
5 दो शहर X व Y नियमित बस सेवा से जुड़े हैं, हर दिशा में हर T मिनट में एक बस चलती है। एक लड़की 60 km/h से स्कूटी चलाते हुए देखती है कि उसकी दिशा में हर 30 min में एक बस उससे आगे निकलती है, और विपरीत दिशा से हर 10 min में एक बस मिलती है। T व बसों की चाल ज्ञात कीजिए। NEET 2025
चरण 1 — संबंध सेटअप: बस चाल = v, बसों के बीच दूरी = vT (चूँकि हर T मिनट में एक बस चलती है)। मान लें v>60 (बस लड़की से तेज़, इसलिए पीछे से आकर उसे ओवरटेक करती है)।
चरण 2 — समान दिशा (सापेक्ष चाल = v−60): लगातार दो बसों के बीच समय अंतराल = vT/(v−60) = 30 min ... (i)
चरण 3 — विपरीत दिशा (सापेक्ष चाल = v+60): vT/(v+60) = 10 min ... (ii)
चरण 4 — हल: (i) से vT=30(v−60); (ii) से vT=10(v+60); बराबर करने पर: 30(v−60)=10(v+60) ⟹ 30v−1800=10v+600 ⟹ 20v=2400 ⟹ v=120 km/h; vT=10(120+60)=1800 ⟹ T=1800/120=15 min
उत्तर: T = 15 min, बस की चाल = 120 km/h
6 एक कण x-अक्ष पर x = αt⁴+βt²+γt+δ के अनुसार गति करता है। इसके प्रारंभिक वेग व प्रारंभिक त्वरण का अनुपात क्या होगा? NEET 2024 (Re-Exam)
चरण 1 — वेग: v = dx/dt = 4αt³+2βt+γ। t=0 पर: v₀ = γ
चरण 2 — त्वरण: a = dv/dt = 12αt²+2β। t=0 पर: a₀ = 2β
उत्तर: v₀ : a₀ = γ : 2β
7 किसी वस्तु का वेग(v)-समय(t) आरेख त्रिभुजाकार/समलंबाकार (trapezoidal) आकार में दिया गया है — पहले स्थिर ढाल से वृद्धि, फिर स्थिर वेग, फिर स्थिर ढाल से कमी। इसके लिए सही त्वरण(a)-समय(t) ग्राफ कौन-सा है? NEET 2024
संकल्पना: त्वरण = v-t ग्राफ की ढाल। जब v-t ग्राफ में तीन भाग हों — स्थिर धनात्मक ढाल, फिर क्षैतिज (शून्य ढाल), फिर स्थिर ऋणात्मक ढाल — तो प्रत्येक भाग में त्वरण अपने-अपने भाग में स्थिर रहेगा, यानी a-t ग्राफ एक "सीढ़ीनुमा" (step-function) आरेख होगा।
विश्लेषण: पहले भाग में a = धनात्मक स्थिरांक; दूसरे भाग (स्थिर वेग) में a = 0; तीसरे भाग में a = ऋणात्मक स्थिरांक — तीनों मानों के बीच अचानक (discontinuous) कूद हो सकती है, क्योंकि यहाँ त्वरण की असंततता स्वीकार्य है (केवल वेग सतत रहना चाहिए, त्वरण नहीं)।
उत्तर: वह आरेख सही है जो एक सीढ़ीनुमा फलन दिखाता है — धनात्मक स्थिरांक → शून्य → ऋणात्मक स्थिरांक (v-t ग्राफ के तीन रैखिक भागों के अनुरूप)
8 किसी कण की स्थिति r(t) = 4t î + 2t² ĵ + 5 k̂ से दी गई है (t सेकंड में, r मीटर में)। t=1s पर वेग v(t) का परिमाण तथा x-अक्ष से दिशा ज्ञात कीजिए। NEET 2023 (Manipur)
चरण 1 — वेग सदिश: v(t) = dr/dt = 4î + 4t ĵ
चरण 2 — t=1s पर: v(1) = 4î + 4ĵ
चरण 3 — परिमाण: |v| = √(4²+4²) = √32 = 4√2 m/s
चरण 4 — दिशा: tanθ = v_y/v_x = 4/4 = 1 ⟹ θ = 45°
उत्तर: |v| = 4√2 m/s, x-अक्ष से 45° के कोण पर
9 कोई वाहन अपनी आधी दूरी चाल v से तथा शेष आधी दूरी चाल 2v से तय करता है। इसकी औसत चाल क्या होगी? NEET 2023
चरण 1 — कुल दूरी व समय: मान लें कुल दूरी = 2d। पहले भाग (d) में समय = d/v; दूसरे भाग (d) में समय = d/2v
चरण 2 — औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय: = 2d / [d/v + d/2v] = 2d / [d(2+1)/2v] = 2d × 2v/3d = 4v/3
उत्तर: 4v/3 (यह हरात्मक माध्य सूत्र 2v₁v₂/(v₁+v₂) का ही प्रत्यक्ष परिणाम है)
10 धनात्मक त्वरण के लिए स्थिति-समय (x-t) ग्राफ कैसा होगा? NEET 2022 (Phase 2)
संकल्पना: त्वरण = वेग के परिवर्तन की दर = x-t ग्राफ की ढाल में परिवर्तन की दर, अर्थात x-t वक्र की द्वितीय अवकलज (curvature)।
विश्लेषण: जब त्वरण धनात्मक हो, तो वेग (ढाल) समय के साथ लगातार बढ़ता जाता है — इसका अर्थ है वक्र ऊपर की ओर वक्रित (concave up) होना चाहिए, जैसे परवलय y=t² का आकार।
उत्तर: वह x-t ग्राफ सही है जो लगातार ऊपर की ओर वक्रित (concave up) परवलयाकार वक्र दिखाता है — जहाँ ढाल (वेग) समय के साथ लगातार बढ़ रही हो
11 स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु द्वारा 1st, 2nd, 3rd व 4th सेकंड में तय दूरियों का अनुपात ज्ञात कीजिए। NEET 2022 (Phase 1)
सूत्र: n-वें सेकंड में तय दूरी: Sn = u + (g/2)(2n−1), यहाँ u=0 (विरामावस्था से मुक्त पतन)
गणना: S₁ ∝ (2×1−1)=1; S₂ ∝ (2×2−1)=3; S₃ ∝ (2×3−1)=5; S₄ ∝ (2×4−1)=7
उत्तर: 1 : 3 : 5 : 7 (गैलीलियो का विषम-अंक नियम, उदाहरण 2.5 देखें)
12 दो गतिमान कणों के विस्थापन-समय ग्राफ x-अक्ष से क्रमशः 30° व 45° के कोण बनाते हैं। इनके वेगों का अनुपात ज्ञात कीजिए। NEET 2022 (Phase 1)
संकल्पना: x-t ग्राफ की ढाल = वेग। यदि ग्राफ x-अक्ष से कोण θ बनाता है, तो ढाल = tanθ।
गणना: v₁ ∝ tan30° = 1/√3; v₂ ∝ tan45° = 1
उत्तर: v₁ : v₂ = 1 : √3
13 एक छोटा ब्लॉक चिकने आनत तल पर t=0 पर विरामावस्था से फिसलना शुरू करता है। यदि Sₙ, समय t=n−1 से t=n के बीच तय दूरी हो, तो Sₙ/Sn+1 का अनुपात ज्ञात कीजिए। NEET 2021
चरण 1 — n-वें सेकंड में दूरी का सूत्र: Sₙ = u + (a/2)(2n−1), यहाँ u=0 (विरामावस्था से)
इसलिए Sₙ = (a/2)(2n−1)
चरण 2 — (n+1)-वें सेकंड के लिए: Sn+1 = (a/2)(2n+1)
चरण 3 — अनुपात लें (a/2 रद्द हो जाता है):
उत्तर: Sₙ/Sn+1 = (2n−1)/(2n+1)
14 किसी मीनार की चोटी से एक गेंद 20 m/s के वेग से ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर फेंकी जाती है। यह 80 m/s के वेग से जमीन से टकराती है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए (g=10 m/s²)। NEET 2020 (Phase 1)
चरण 1 — उपयुक्त समीकरण: यहाँ समय की आवश्यकता नहीं, केवल वेग व दूरी का संबंध चाहिए — इसलिए v²=u²+2gh उपयोग करेंगे (नीचे की दिशा धनात्मक मानकर)
चरण 2 — मान रखें: 80² = 20² + 2(10)h ⟹ 6400 = 400 + 20h ⟹ 20h = 6000
उत्तर: h = 300 m
15 शांत जल में तैराक की चाल 20 m/s है। नदी का पानी 10 m/s से पूर्व दिशा में बह रहा है। यदि वह दक्षिणी तट पर खड़ा हो व सबसे छोटे मार्ग से नदी पार करना चाहता हो, तो उसे उत्तर दिशा के सापेक्ष किस कोण पर तैरना चाहिए? NEET 2019
संकल्पना: "सबसे छोटा मार्ग" का अर्थ है परिणामी वेग ठीक उत्तर दिशा में (सीधे पार) होना चाहिए। इसके लिए तैराक को धारा के विपरीत, उत्तर से कुछ पश्चिम की ओर कोण बनाकर तैरना होगा, ताकि उसके वेग का पूर्व-घटक धारा के वेग को बिल्कुल निरस्त कर दे।
समीकरण: तैराक का पूर्व-दिशा घटक = धारा की चाल (विपरीत दिशा में): v_swim·sinθ = v_river
मान रखें: 20·sinθ = 10 ⟹ sinθ = 1/2 ⟹ θ = 30°
उत्तर: उसे उत्तर दिशा से 30° पश्चिम की ओर (यानी धारा की विपरीत दिशा में झुककर) तैरना चाहिए
16 प्रीति मेट्रो स्टेशन पर पहुँचती है और पाती है कि एस्केलेटर काम नहीं कर रहा। वह स्थिर एस्केलेटर पर t₁ समय में चढ़ती है। दूसरे दिन, यदि वह गतिमान एस्केलेटर पर स्थिर खड़ी रहे, तो एस्केलेटर उसे t₂ समय में ऊपर ले जाता है। यदि वह गतिमान एस्केलेटर पर चलकर चढ़े, तो उसे कितना समय लगेगा? NEET 2017
चरण 1 — दोनों चालें अलग-अलग: मान लें एस्केलेटर की कुल लंबाई D है। प्रीति की चलने की चाल = D/t₁; एस्केलेटर की चाल = D/t₂
चरण 2 — जब वह गतिमान एस्केलेटर पर चलती है: संयुक्त चाल = D/t₁ + D/t₂
चरण 3 — नया समय: t = D / (D/t₁+D/t₂) = 1/(1/t₁+1/t₂) = t₁t₂/(t₁+t₂)
उत्तर: t = t₁t₂/(t₁+t₂)
17 दो कार P व Q एक ही बिंदु से एक साथ सरल रेखा में चलना शुरू करती हैं, जिनकी स्थितियाँ x_P(t)=(at+bt²) व x_Q(t)=(ft−t²) हैं। किस समय दोनों कारों का वेग समान होगा? NEET 2016 (Phase 2)
चरण 1 — दोनों के वेग: v_P = dx_P/dt = a+2bt; v_Q = dx_Q/dt = f−2t
चरण 2 — बराबर करें: a+2bt = f−2t ⟹ 2bt+2t = f−a ⟹ t(2b+2) = f−a
उत्तर: t = (f−a) / [2(b+1)]
18 यदि किसी कण का वेग v = At + Bt² से दिया गया हो (A, B स्थिरांक), तो t=1s व t=2s के मध्य तय दूरी ज्ञात कीजिए। NEET 2016 (Phase 1)
चरण 1 — वेग को समाकलित कर विस्थापन: x = ∫v dt = At²/2 + Bt³/3
चरण 2 — t=2s पर: x(2) = A(4)/2 + B(8)/3 = 2A + 8B/3
चरण 3 — t=1s पर: x(1) = A(1)/2 + B(1)/3 = A/2 + B/3
चरण 4 — घटाएँ: Δx = (2A+8B/3) − (A/2+B/3) = (3A/2) + (7B/3)
उत्तर: दूरी = 3A/2 + 7B/3
19 एक कण की एकविमीय गति में वेग v(x) = βx⁻²ⁿ से बदलता है, जहाँ β व n स्थिरांक हैं तथा x कण की स्थिति है। x के फलन के रूप में कण का त्वरण ज्ञात कीजिए। AIPMT 2015 (Cancelled Paper)
चरण 1 — उपयुक्त सूत्र: जब वेग स्थिति (x) के फलन के रूप में दिया हो, तो त्वरण के लिए a = v·(dv/dx) का उपयोग करते हैं (यह सीधे समय पर निर्भरता के बिना त्वरण देता है)
चरण 2 — dv/dx: v = βx⁻²ⁿ ⟹ dv/dx = β×(−2n)×x⁻²ⁿ⁻¹ = −2nβx⁻²ⁿ⁻¹
चरण 3 — a = v×(dv/dx): a = (βx⁻²ⁿ) × (−2nβx⁻²ⁿ⁻¹) = −2nβ²x⁻⁴ⁿ⁻¹
उत्तर: a = −2nβ²x⁻⁴ⁿ⁻¹
20 द्रव्यमान 'm' के किसी कण का विस्थापन x (मीटर में), समय t (सेकंड में) से t = √x + 3 द्वारा संबंधित है। जब कण का वेग शून्य हो, उस समय विस्थापन ज्ञात कीजिए। NEET 2013 (Karnataka)
चरण 1 — x को t के पदों में: t = √x+3 ⟹ √x = t−3 ⟹ x = (t−3)²
चरण 2 — वेग: v = dx/dt = 2(t−3)
चरण 3 — v=0 रखकर t: 2(t−3)=0 ⟹ t=3s
चरण 4 — t को x में रखें: x = (3−3)² = 0
उत्तर: विस्थापन x = 0
21 एक पत्थर गुरुत्व के अधीन मुक्त रूप से गिरता है। यह पहले 5 सेकंड में h₁, अगले 5 सेकंड में h₂ तथा अगले 5 सेकंड में h₃ दूरी तय करता है। h₁, h₂, h₃ में संबंध ज्ञात कीजिए। NEET 2013
चरण 1 — कुल स्थिति: y=½gt² से: t=5s पर y=12.5g; t=10s पर y=50g; t=15s पर y=112.5g
चरण 2 — प्रत्येक अंतराल: h₁ = 12.5g; h₂ = 50g−12.5g = 37.5g = 3h₁; h₃ = 112.5g−50g = 62.5g = 5h₁
उत्तर: h₁ : h₂ : h₃ = 1 : 3 : 5 (यह भी गैलीलियो के विषम-अंक नियम का ही एक रूप है, केवल 5-सेकंड के अंतराल में)
22 किसी सरल रेखा में गति करते कण की गति समीकरण x = 8+12t−t³ से वर्णित है। जब कण का वेग शून्य हो जाए, उस क्षण मंदन (retardation) ज्ञात कीजिए। AIPMT 2012 (Prelims)
चरण 1 — वेग: v = dx/dt = 12−3t²
चरण 2 — v=0 रखकर t: 12−3t²=0 ⟹ t²=4 ⟹ t=2s
चरण 3 — त्वरण: a = dv/dt = −6t; t=2s पर a = −12 m/s²
उत्तर: मंदन का परिमाण = 12 m/s² (ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि यह वास्तव में मंदन है)
23 कोई कण अपनी कुल दूरी का आधा भाग चाल v₁ से तथा शेष आधा भाग चाल v₂ से तय करता है। पूरी यात्रा के दौरान इसकी औसत चाल क्या होगी? AIPMT 2011 (Mains)
चरण 1 — कुल दूरी व समय: कुल दूरी = 2d; पहले भाग में समय = d/v₁; दूसरे भाग में समय = d/v₂
चरण 2 — औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय: = 2d / (d/v₁+d/v₂) = 2v₁v₂/(v₁+v₂)
उत्तर: औसत चाल = 2v₁v₂/(v₁+v₂) (हरात्मक माध्य — यह सूत्र इस अध्याय में बार-बार दोहराया जाता है)
24 20 m ऊँची मीनार की चोटी पर खड़ा एक लड़का एक पत्थर गिराता है। g=10 m/s² मानते हुए, वह किस वेग से जमीन से टकराएगा? AIPMT 2011 (Prelims)
चरण 1 — उपयुक्त सूत्र: u=0 (गिराया गया), इसलिए v²=2gh
चरण 2 — मान रखें: v² = 2×10×20 = 400
उत्तर: v = 20 m/s
25 एक कण x = (t+5)⁻¹ समीकरण के अनुसार समय t में दूरी x तय करता है। कण का त्वरण किसके अनुक्रमानुपाती है? AIPMT 2010 (Prelims)
चरण 1 — वेग: v = dx/dt = −(t+5)⁻²
चरण 2 — त्वरण: a = dv/dt = 2(t+5)⁻³
चरण 3 — x के पदों में: चूँकि x=(t+5)⁻¹, इसलिए x³=(t+5)⁻³। अत: a = 2x³
उत्तर: त्वरण, x³ के अनुक्रमानुपाती है (a ∝ x³)
26 t=0 पर एक ऊँचे प्लेटफॉर्म से एक गेंद विरामावस्था से गिराई जाती है। 6 सेकंड बाद उसी प्लेटफॉर्म से दूसरी गेंद v वेग से नीचे फेंकी जाती है। दोनों गेंदें t=18s पर मिलती हैं। v का मान ज्ञात कीजिए (g=10 m/s²)। AIPMT 2010 (Prelims)
चरण 1 — पहली गेंद की स्थिति t=18s पर: यह 18s से गिर रही है: y₁ = ½g(18)² = ½×10×324 = 1620 m
चरण 2 — दूसरी गेंद की स्थिति t=18s पर: यह t=6s पर फेंकी गई, इसलिए (18−6)=12s से गिर रही है: y₂ = v(12)+½g(12)² = 12v+720
चरण 3 — दोनों बराबर करें: 1620 = 12v+720 ⟹ 12v = 900
उत्तर: v = 75 m/s
27 एक बस सीधी सड़क पर 10 m/s की चाल से चल रही है। एक स्कूटर सवार बस को 100 s में ओवरटेक करना चाहता है। यदि बस स्कूटर सवार से 1 km दूर है, तो उसे किस चाल से बस का पीछा करना चाहिए? AIPMT 2009
चरण 1 — आवश्यक सापेक्ष चाल: स्कूटर सवार को 100s में 1000m का अंतर पाटना है, इसलिए सापेक्ष चाल = 1000/100 = 10 m/s
चरण 2 — स्कूटर सवार की वास्तविक चाल: स्कूटर की चाल = बस की चाल + सापेक्ष चाल (दोनों एक ही दिशा में) = 10+10
उत्तर: स्कूटर सवार की चाल = 20 m/s
28 कोई कण विरामावस्था से एक स्थिर बल के अधीन गति शुरू करता है। यदि पहले 10 सेकंड में तय दूरी S₁ हो तथा पहले 20 सेकंड में तय दूरी S₂ हो, तो S₁ व S₂ में संबंध क्या है? AIPMT 2009
चरण 1 — दूरी सूत्र (u=0): S = ½at²
चरण 2 — दोनों समय पर गणना: S₁ = ½a(10)² = 50a; S₂ = ½a(20)² = 200a
चरण 3 — अनुपात: S₂/S₁ = 200a/50a = 4
उत्तर: S₂ = 4S₁ (चूँकि दूरी t² के अनुक्रमानुपाती होती है, समय दुगुना होने पर दूरी चार गुनी हो जाती है)
29 कोई कण स्थिर त्वरण से सरल रेखा में गति करता है। यह t सेकंड में 135 m की दूरी तय करते हुए अपना वेग 10 ms⁻¹ से 20 ms⁻¹ तक बदल लेता है। t का मान ज्ञात कीजिए। AIPMT 2008
चरण 1 — स्थिर त्वरण के लिए माध्य वेग विधि: जब त्वरण स्थिर हो, तो औसत वेग = (u+v)/2
चरण 2 — मान रखें: औसत वेग = (10+20)/2 = 15 m/s
चरण 3 — समय निकालें: t = दूरी/औसत वेग = 135/15
उत्तर: t = 9 s
30 कोई कण विरामावस्था से 4/3 m/s² के त्वरण से गति शुरू करता है। तीसरे सेकंड में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए। AIPMT 2008
चरण 1 — n-वें सेकंड में दूरी का सूत्र: Sₙ = u+(a/2)(2n−1), u=0, a=4/3, n=3
चरण 2 — गणना: S₃ = (4/3 ÷ 2) × (2×3−1) = (2/3) × 5 = 10/3
उत्तर: S₃ = 10/3 m ≈ 3.33 m
31 x-अक्ष पर गति करते कण का त्वरण f, समय t पर f = f₀(1−t/T) से दिया गया है, जहाँ f₀ व T स्थिरांक हैं। t=0 पर कण का वेग शून्य है। t=0 से लेकर f=0 होने के क्षण तक, कण का वेग vₓ क्या होगा? AIPMT 2007
चरण 1 — f=0 होने का समय: f₀(1−t/T)=0 ⟹ t=T
चरण 2 — त्वरण को समाकलित कर वेग: v = ∫₀ᵀ f₀(1−t/T) dt = f₀[t − t²/2T] से 0 से T तक
चरण 3 — सीमाएँ लगाएँ: v = f₀[T − T²/2T] = f₀[T − T/2] = f₀T/2
उत्तर: vₓ = f₀T/2
32 एक कार X से Y तक एकसमान चाल v_u से जाती है तथा Y से वापस X तक एकसमान चाल v_d से लौटती है। इस पूरी यात्रा के लिए औसत चाल क्या होगी? AIPMT 2007
संकल्पना: यह भी हरात्मक माध्य का ही मानक अनुप्रयोग है — जब बराबर दूरी अलग-अलग चाल से तय हो।
उत्तर: औसत चाल = 2v_u·v_d/(v_u+v_d)
33 x-अक्ष के अनुदिश समय t के सापेक्ष किसी कण की स्थिति x = 9t²−t³ से दी गई है (x मीटर में, t सेकंड में)। +x दिशा में अधिकतम चाल प्राप्त करते समय इस कण की स्थिति क्या होगी? AIPMT 2007
चरण 1 — वेग: v = dx/dt = 18t−3t²
चरण 2 — अधिकतम चाल के लिए dv/dt=0: dv/dt = 18−6t = 0 ⟹ t=3s
चरण 3 — t को x में रखें: x(3) = 9(9)−27 = 81−27 = 54
उत्तर: x = 54 m
34 एक कण सरल रेखा OX पर गति करता है। समय t (सेकंड में) पर O से कण की दूरी x (मीटर में) x = 40+12t−t³ से दी गई है। कण विरामावस्था में आने से पहले कितनी दूरी तय करेगा? AIPMT 2006
चरण 1 — v=0 होने का समय: v = dx/dt = 12−3t² = 0 ⟹ t² = 4 ⟹ t = 2s
चरण 2 — x(0) व x(2): x(0)=40; x(2)=40+24−8=56
चरण 3 — घटाएँ: दूरी = 56−40 = 16
उत्तर: 16 m
35 एक कार 100 m त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर स्थिर चाल से चलती है, प्रत्येक चक्कर में 62.8 सेकंड लगते हैं। प्रत्येक चक्कर के लिए औसत वेग व औसत चाल क्रमशः क्या होंगे? AIPMT 2006
चरण 1 — परिधि: परिधि = 2πr = 2×3.14×100 = 628 m
चरण 2 — औसत चाल: कुल दूरी/समय = 628/62.8 = 10 m/s
चरण 3 — औसत वेग: एक पूरे चक्कर में शुद्ध विस्थापन = 0 (कार वापस उसी बिंदु पर आ जाती है)
उत्तर: औसत वेग = 0; औसत चाल = 10 m/s — यह प्रश्न दर्शाता है कि पूर्ण चक्रीय गति में औसत वेग शून्य हो सकता है भले ही औसत चाल अशून्य हो
36 दो वस्तुएँ A (द्रव्यमान 1 kg) व B (द्रव्यमान 3 kg) क्रमशः 16 m व 25 m ऊँचाई से गिराई जाती हैं। जमीन तक पहुँचने में लगे समय का अनुपात ज्ञात कीजिए। AIPMT 2006
महत्वपूर्ण अवधारणा: मुक्त पतन का समय द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता (गैलीलियो का प्रसिद्ध परिणाम) — इसलिए द्रव्यमान की जानकारी यहाँ अप्रासंगिक (irrelevant) है।
सूत्र: t = √(2h/g) ⟹ t ∝ √h
अनुपात: t_A/t_B = √(h_A/h_B) = √(16/25) = 4/5
उत्तर: t_A : t_B = 4 : 5
37 किसी कण का विस्थापन x, समय t के साथ x = ae⁻ᵅᵗ + beᵝᵗ से बदलता है, जहाँ a, b, α, β धनात्मक स्थिरांक हैं। कण के वेग की प्रकृति क्या होगी? AIPMT 2005
चरण 1 — वेग: v = dx/dt = −aαe⁻ᵅᵗ + bβeᵝᵗ
चरण 2 — त्वरण निकालकर वेग की प्रवृत्ति जाँचें: a_acc = dv/dt = aα²e⁻ᵅᵗ + bβ²eᵝᵗ
चूँकि a,b,α,β सभी धनात्मक हैं, दोनों पद सदैव धनात्मक रहेंगे — अर्थात त्वरण हर समय धनात्मक रहता है।
निष्कर्ष: जब किसी फलन का अवकलज (यहाँ त्वरण) हर समय धनात्मक हो, तो वह फलन (यहाँ वेग) एकदिष्ट रूप से बढ़ता (monotonically increasing) है।
उत्तर: कण का वेग समय के साथ लगातार बढ़ता जाता है
38 एक गेंद ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी जाती है। जब यह अपनी अधिकतम ऊँचाई के आधे भाग पर पहुँचती है, तब इसकी चाल 10 m/sec होती है। गेंद कितनी ऊँचाई तक जाएगी? (g=10 m/s² लें) AIPMT 2005
चरण 1 — दो समीकरण: अधिकतम ऊँचाई H पर v=0: u²=2gH
आधी ऊँचाई (H/2) पर v=10: 10² = u²−2g(H/2) = 2gH−gH = gH
चरण 2 — H के लिए हल: 100 = gH = 10H
उत्तर: H = 10 m
39 यदि एक गेंद u चाल से ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकी जाए, तो इसके आरोहण (ascent) के अंतिम t सेकंड में तय की गई दूरी क्या होगी? AIPMT 2003
चरण 1 — प्रतिसममिति (symmetry): ऊपर जाते समय अंतिम t सेकंड, नीचे गिरते समय (मुक्त पतन में) पहले t सेकंड के बिल्कुल समतुल्य हैं (गति की व्युत्क्रमणीयता के कारण)।
चरण 2 — मुक्त पतन के पहले t सेकंड की दूरी: विरामावस्था से गिरती वस्तु t सेकंड में तय करती है: s = ½gt²
उत्तर: अंतिम t सेकंड में तय दूरी = ½gt² (ध्यान दें, यह u पर निर्भर नहीं करता!)
40 एक व्यक्ति समान चाल से एक-एक करके 2 सेकंड के अंतराल पर ऊर्ध्वाधर ऊपर गेंदें फेंकता है। फेंकने की चाल कितनी होनी चाहिए ताकि किसी भी समय 2 से अधिक गेंदें हवा में हों? (g=9.8 m/s²) AIPMT 2003
चरण 1 — उड़ान-काल (time of flight): T = 2u/g
चरण 2 — शर्त: यदि हर τ=2s में एक नई गेंद फेंकी जाए, तो किसी भी क्षण हवा में मौजूद गेंदों की संख्या ≈ T/τ होती है। "2 से अधिक गेंदें" के लिए आवश्यक है T > 2τ, यानी T > 4s
चरण 3 — u के लिए हल: 2u/g > 4 ⟹ u > 2g = 2×9.8
उत्तर: u > 19.6 m/s
41 एक कण ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। अधिकतम ऊँचाई के आधे भाग पर इसका वेग 10 m/s है, तो इसके द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए (g=10 m/s²)। AIPMT 2001
यह प्रश्न 38 (AIPMT 2005) जैसा ही है: u²=2gH तथा आधी ऊँचाई पर 10²=u²−gH=2gH−gH=gH
हल: 100=gH=10H
उत्तर: H = 10 m
42 किसी कण की गति समीकरण s = (3t³+7t²+14t+8) मीटर से दी गई है। t=1 सेकंड पर कण का त्वरण ज्ञात कीजिए। AIPMT 2000
चरण 1 — पहला अवकलन (वेग): v = ds/dt = 9t²+14t+14
चरण 2 — दूसरा अवकलन (त्वरण): a = dv/dt = 18t+14
चरण 3 — t=1s पर: a = 18(1)+14 = 32
उत्तर: त्वरण = 32 m/s²
✓ त्वरित रिवीजन शीट
परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में दोहराने के लिए
तीन मुख्य शुद्धगतिक समीकरण
v = v₀ + at · x = v₀t + ½at² · v² = v₀² + 2ax (यदि x₀≠0 तो x के स्थान पर x−x₀)
अतिरिक्त उपयोगी सूत्र
माध्य वेग: v̄=(v+v₀)/2 (केवल स्थिर त्वरण) · n-वें सेकंड में दूरी: Sₙ=u+(a/2)(2n−1) · हरात्मक माध्य: v_avg=2v₁v₂/(v₁+v₂)
ग्राफ की पहचान
x-t ग्राफ की ढाल = वेग · v-t ग्राफ की ढाल = त्वरण · v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन · x-t ऊपर वक्रित = धनात्मक त्वरण
कलन-आधारित प्रश्नों की रणनीति
यदि x(t) दिया हो → पहले अवकलन से v(t), फिर v(t) से a(t) निकालें। यदि v(x) दिया हो → a=v·(dv/dx) उपयोग करें। यदि t(x) दिया हो → पहले dt/dx निकालकर v=1/(dt/dx), फिर chain rule से a निकालें।
✦ अन्य NEET संबंधित तथ्य
परीक्षा की दृष्टि से याद रखने योग्य कुछ और महत्वपूर्ण बिंदु, जो अक्सर विकल्पों में उलझन पैदा करते हैं
- यह अध्याय हर वर्ष NEET में लगभग 1–2 प्रश्न (4–8 अंक) रखता है; सर्वाधिक बार दोहराए गए पैटर्न — कलन-आधारित वेग/त्वरण निकालना, मुक्त पतन, सापेक्ष वेग तथा औसत चाल/वेग के प्रश्न हैं (यह ऊपर दिए NEET PYQ अनुभाग के विश्लेषण से भी स्पष्ट है)।
- यह अध्याय आगामी अध्यायों — समतल में गति (प्रक्षेप्य गति, वृत्तीय गति) व गति के नियम — का आधार है; एकविमीय गति के सूत्र व ग्राफीय विश्लेषण को ही द्विविमीय गति में सदिश रूप में विस्तारित किया जाता है, अतः इस अध्याय की पकड़ आगे बहुत काम आती है।
- दूरी (distance) बनाम विस्थापन (displacement) — दूरी सदैव अदिश (scalar) व धनात्मक होती है (वास्तविक तय पथ की लंबाई), जबकि विस्थापन सदिश (vector) है व ऋणात्मक, धनात्मक या शून्य हो सकता है; |विस्थापन| ≤ दूरी सदैव सत्य है, समता केवल सरल रेखीय एकदिशीय गति में होती है।
- औसत चाल बनाम औसत वेग — औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय (सदैव धनात्मक), जबकि औसत वेग = कुल विस्थापन/कुल समय; वृत्तीय पथ पर एक पूर्ण चक्कर पूरा करने पर औसत वेग शून्य होता है जबकि औसत चाल शून्य नहीं होती — यह वैचारिक भेद परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
- स्थिति-समय (x-t) ग्राफ की व्याख्या — ढाल (slope) = वेग; ढाल जितनी अधिक तीव्र, वेग उतना ही अधिक; क्षैतिज रेखा वस्तु के विराम में होने को दर्शाती है; ऋणात्मक ढाल वस्तु के मूल बिंदु की ओर वापस आने (ऋणात्मक वेग) को दर्शाती है।
- वेग-समय (v-t) ग्राफ की व्याख्या — ढाल = त्वरण; वक्र के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन (वक्र समय-अक्ष के नीचे जाने पर वह क्षेत्रफल ऋणात्मक विस्थापन दर्शाता है, कुल दूरी में इसे धनात्मक मानकर जोड़ते हैं); वेग व त्वरण किसी क्षण असतत (discontinuously) रूप से नहीं बदल सकते, अतः वास्तविक ग्राफों में कोई तीक्ष्ण मोड़ नहीं होता।
- सापेक्ष वेग (relative velocity) — दो वस्तुओं A व B के लिए, B के सापेक्ष A का वेग v_AB = v_A − v_B (सदिश घटाव); समान दिशा में गतिमान वस्तुओं की आपसी सापेक्ष चाल उनके वेगों का अंतर होती है, जबकि विपरीत दिशा में गतिमान वस्तुओं की सापेक्ष चाल उनके वेगों का योग होती है — यह सिद्धांत मिलन/अतिक्रमण (overtaking) प्रकार के प्रश्नों में सर्वाधिक प्रयुक्त होता है।
- सापेक्ष वेग के गैलिलियन योग नियम की सीमा — प्रकाश की चाल (c) आइंस्टाइन के आपेक्षिकता सिद्धांतानुसार सभी अपरिवर्तित निर्देश तंत्रों में समान रहती है, अतः वेगों के सामान्य सदिश-योग का नियम प्रकाश की चाल के निकट गति के लिए लागू नहीं होता — यह एक वैचारिक अपवाद के रूप में कभी-कभी पूछा जाता है।
- nवें सेकंड में तय दूरी का सूत्र — sₙ = u + (a/2)(2n−1); यह सूत्र NCERT में प्रत्यक्ष रूप से व्युत्पन्न नहीं है किंतु शुद्धगतिक समीकरणों से सीधे प्राप्त होता है, तथा NEET में संख्यात्मक प्रश्न के रूप में सीधे पूछा जाता है।
- असमान (non-uniform) त्वरण की स्थिति — ऐसी स्थिति में मानक शुद्धगतिक समीकरण (v=u+at आदि) लागू नहीं होते; इनके स्थान पर अवकलन/समाकलन (v=dx/dt, a=dv/dt) का प्रत्यक्ष उपयोग आवश्यक होता है — किसी प्रश्न में त्वरण नियत है या समय/स्थिति का फलन, यह पहचानना हल करने का पहला व सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
- रुकने की दूरी (stopping distance) — ब्रेक लगाने पर एकसमान मंदन a से चलती कार, प्रारंभिक वेग u से रुकने तक जो दूरी तय करती है वह s = u²/2a होती है; अतः रुकने की दूरी वेग के वर्ग के समानुपाती होती है (u दोगुना होने पर s चार गुना हो जाती है) — यह यातायात सुरक्षा से जुड़ा एक सामान्य वैचारिक/संख्यात्मक प्रश्न है।
- प्रतिक्रिया समय (reaction time) — चालक द्वारा खतरा देखने व ब्रेक दबाने के बीच के समय अंतराल के दौरान वाहन एकसमान वेग से अतिरिक्त दूरी (= u × t_reaction) तय करता है, जिसे कुल रुकने की दूरी में जोड़ा जाता है — यह भी NEET में संख्यात्मक रूप में पूछा जा चुका है।
- मुक्त पतन में त्वरण की चिह्न परिपाटी — मुक्त पतन में त्वरण g नियत (लगभग 9.8 m/s²) व सदैव नीचे की दिशा में होता है; ऊपर फेंकी गई वस्तु के लिए यदि ऊपर की दिशा को धनात्मक माना जाए तो त्वरण ऋणात्मक (a = −g) लिखा जाता है — चिह्न परिपाटी में भ्रम ही NEET में इस विषय की सबसे आम गलती का स्रोत है।
- उच्चतम बिंदु पर त्वरण शून्य नहीं होता — ऊपर फेंकी गई वस्तु उच्चतम बिंदु पर क्षणिक रूप से विराम में होती है (v=0) किंतु त्वरण वहाँ भी g के बराबर बना रहता है, शून्य नहीं होता — यह वैचारिक भ्रम बार-बार परीक्षा में जाँचा जाता है।
- चिह्न परिपाटी सर्वप्रथम तय करें — किसी भी एकविमीय गति की समस्या हल करने से पहले एक दिशा (सामान्यतः गति की प्रारंभिक दिशा या ऊपर की दिशा) को धनात्मक मानकर सभी सदिश राशियों (वेग, त्वरण, विस्थापन) के चिह्न उसी परिपाटी अनुसार तय करें — असंगत चिह्न ही अधिकांश संख्यात्मक त्रुटियों का मूल कारण बनते हैं।
- मिलन-बिंदु (meeting point) संबंधी प्रश्नों की विश्वसनीय विधि — दोनों वस्तुओं की स्थिति को समय के फलन के रूप में लिखकर बराबर करना सबसे विश्वसनीय तरीका है (सापेक्ष वेग विधि से भी हल संभव है, किंतु स्थिति-समीकरण विधि में चिह्न-त्रुटि की संभावना कम रहती है)।