📐 कातीय तल (Cartesian Plane)
जानें कि कातीय तल (Cartesian Plane) क्या है, X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु, निर्देशांक (भुज एवं कोटि), चतुर्थांश (Quadrants), तथा विभिन्न बिन्दुओं का आलेखन (Plotting) कैसे करते हैं – उदाहरणों के साथ।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
कातीय तल (Cartesian Plane) – एक ऐसा समतल (Plane) है जिसमें दो लम्बवत् (Perpendicular) संख्या रेखाएँ (Number Lines) होती हैं – एक क्षैतिज (Horizontal) और एक ऊर्ध्वाधर (Vertical)।
- X-अक्ष (X-axis): क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) – X'X
- Y-अक्ष (Y-axis): ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line) – Y'Y
- मूल बिन्दु (Origin): दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन बिन्दु – O (0, 0)
- चतुर्थांश (Quadrants): ये दोनों रेखाएँ तल को 4 भागों में विभाजित करती हैं।
📐 कातीय तल: दो लम्बवत् रेखाओं (X-अक्ष और Y-अक्ष) से बना समतल – मूल बिन्दु (0, 0) पर प्रतिच्छेद।
🔑 मुख्य बिंदु
कातीय तल (Cartesian Plane) – फ्रांसीसी गणितज्ञ रैने देकातें (René Descartes) ने प्रतिपादित किया। इस तल में किसी बिन्दु की स्थिति दो संख्याओं (x, y) द्वारा निर्धारित होती है।
निर्देशांक (Coordinates) – कातीय तल में किसी बिन्दु की स्थिति को (x, y) के रूप में लिखा जाता है।
- भुज (Abscissa – x): बिन्दु की Y-अक्ष से लम्बवत् दूरी – X-अक्ष पर मापी जाती है।
- X-अक्ष की धनात्मक दिशा में → धनात्मक (+)
- X-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में → ऋणात्मक (−)
- कोटि (Ordinate – y): बिन्दु की X-अक्ष से लम्बवत् दूरी – Y-अक्ष पर मापी जाती है।
- Y-अक्ष की धनात्मक दिशा में → धनात्मक (+)
- Y-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में → ऋणात्मक (−)
- लेखन विधि: सदैव छोटे कोष्ठक ( ) में – पहले भुज, फिर अल्प विराम (,) लगाकर कोटि – (x, y)
- मूल बिन्दु (Origin): (0, 0) – भुज = 0, कोटि = 0
- सावधानी: (x, y) और (y, x) समान नहीं होते – ये अलग-अलग बिन्दु होते हैं।
🎯 निर्देशांक: (x, y) – पहले भुज (X-अक्ष पर दूरी), फिर कोटि (Y-अक्ष पर दूरी)। (x, y) ≠ (y, x)
चतुर्थांश (Quadrants) – कातीय तल में X-अक्ष और Y-अक्ष तल को 4 भागों में विभाजित करते हैं। प्रत्येक भाग को चतुर्थांश कहते हैं।
- प्रथम (I): (+, +) – भुज धनात्मक, कोटि धनात्मक
- द्वितीय (II): (−, +) – भुज ऋणात्मक, कोटि धनात्मक
- तृतीय (III): (−, −) – भुज ऋणात्मक, कोटि ऋणात्मक
- चतुर्थ (IV): (+, −) – भुज धनात्मक, कोटि ऋणात्मक
✅ चतुर्थांश सारांश
प्रथम (+,+), द्वितीय (−,+), तृतीय (−,−), चतुर्थ (+,−) – यह क्रम वामावर्त (Anti-clockwise) दिशा में है।
आलेखन (Plotting) – कातीय तल पर दिए गए निर्देशांकों (x, y) के अनुसार बिन्दु को अंकित करना।
उदाहरण: बिन्दु (4, −5) का आलेखन
- चरण 1: X-अक्ष पर धनात्मक दिशा में 4 इकाई की दूरी पर बिन्दु E लें।
- चरण 2: E से OX पर लम्बवत् Y-अक्ष के समान्तर 5 इकाई नीचे (ऋणात्मक दिशा में) बिन्दु F लें।
- परिणाम: F ही बिन्दु (4, −5) है – यह चतुर्थ चतुर्थांश (IV) में स्थित है।
✏️ आलेखन विधि: X-अक्ष पर भुज (x) की दूरी, फिर उस बिन्दु से Y-अक्ष के समान्तर कोटि (y) की दूरी पर बिन्दु अंकित करें।
📌 चतुर्थांशों में निर्देशांकों के चिह्न:
→ भुज (x) और कोटि (y) के चिह्नों से हम बता सकते हैं कि बिन्दु किस चतुर्थांश में है।
ग्राफ (Graph) – दो चरों (Variables) के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में प्रदर्शित करने की विधि।
📌 उदाहरण 1: वर्ग की भुजा और परिमाप
मान लीजिए X = वर्ग की भुजा (Side) और Y = परिमाप (Perimeter) – Y = 4X
बिन्दु: (1,4), (2,8), (3,12), (4,16), (5,20) – ये सभी एक सरल रेखा पर स्थित होते हैं।
📌 उदाहरण 2: साधारण ब्याज (Simple Interest)
मूलधन ₹100, दर 5% प्रति वर्ष – I = 5t (t = समय वर्षों में)
बिन्दु: (1,5), (2,10), (3,15), ... – ये भी एक सरल रेखा बनाते हैं।
📌 उदाहरण 3: दूरी-समय (Distance-Time)
कार 1 घंटे में 50 किमी चलती है – S = 50t (t = समय घंटों में, S = दूरी किमी में)
बिन्दु: (1,50), (2,100), (3,150), ... – ये भी सरल रेखा पर स्थित होते हैं।
📊 ग्राफ की उपयोगिता
ग्राफ द्वारा हम दो चरों के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में देख सकते हैं – जैसे भुजा-परिमाप, समय-ब्याज, समय-दूरी।
📌 अभ्यास 17(a) – निर्देशांक एवं चतुर्थांश
प्रश्न 1: नीचे दिये चित्र (पाठ्यपुस्तक) को देखकर रिक्त स्थानों में लिखिए –
(i) बिन्दु M, X-अक्ष की ______ दिशा में अंकित है।
(ii) बिन्दु M से Y-अक्ष पर लम्ब पाद की मूल बिन्दु से दूरी ______ है।
(iii) बिन्दु N, Y-अक्ष की ______ दिशा में अंकित है।
(iv) बिन्दु T ______ चतुर्थीय में अंकित है।
(v) बिन्दु T से X-अक्ष पर लम्ब पाद की मूल बिन्दु से दूरी ______ है।
✅ हल:
(i) ऋणात्मक (Negative) | (ii) 3 | (iii) ऋणात्मक (Negative) | (iv) चतुर्थ (IV) | (v) 4
प्रश्न 2: निम्नलिखित बिन्दु किन चतुर्थीय (Quadrants) में स्थित हैं?
(i) (−3, −7) (ii) (−5, 7) (iii) (2, −10) (iv) (5, 9) (v) (−6, 5) (vi) (−7, −5)
✅ हल:
(i) तृतीय (III) | (ii) द्वितीय (II) | (iii) चतुर्थ (IV) | (iv) प्रथम (I) | (v) द्वितीय (II) | (vi) तृतीय (III)
→ (−,−) → III, (−,+) → II, (+,−) → IV, (+,+) → I
प्रश्न 3: निम्नलिखित बिन्दुओं को ग्राफ पेपर पर प्रदर्शित कीजिये –
(i) (7, 5) (ii) (7, 0) (iii) (−3, −6) (iv) (0, −4) (v) (−6, −7) (vi) (10, −5) (vii) (0, 0)
✅ हल:
सभी बिन्दुओं को ग्राफ पेपर पर उनके निर्देशांकों (x, y) के अनुसार अंकित करें।
- (7, 5) → प्रथम (I) चतुर्थांश
- (7, 0) → X-अक्ष पर (कोटि = 0)
- (−3, −6) → तृतीय (III) चतुर्थांश
- (0, −4) → Y-अक्ष पर (भुज = 0)
- (−6, −7) → तृतीय (III) चतुर्थांश
- (10, −5) → चतुर्थ (IV) चतुर्थांश
- (0, 0) → मूल बिन्दु (Origin)
📌 अभ्यास 17(b) – ग्राफ पढ़ना एवं निष्कर्ष
प्रश्न 4: एक साइकिल सवार द्वारा तय की गई दूरी का दूरी-समय ग्राफ देखकर –
(a) समय 2 बजे, 3 बजे, 4 बजे, 5 बजे यात्रा की प्रारम्भिक स्थिति से दूरी बताइए।
(b) साइकिल सवार द्वारा यात्रा के दौरान आराम करने का समय-अन्तराल भी बताइए।
✅ हल:
(a) 2 बजे → 2 किमी, 3 बजे → 2 किमी, 4 बजे → 3 किमी, 5 बजे → 4 किमी
(b) आराम का समय-अन्तराल: 2 बजे से 3 बजे के बीच (1 घंटा)
→ ग्राफ में जहाँ रेखा क्षैतिज (Horizontal) हो, वहाँ आराम का समय है।
📝 अभ्यास का निष्कर्ष
इन अभ्यासों से हमने सीखा कि निर्देशांकों के चिह्नों से चतुर्थांश का पता लगाना, बिन्दुओं को ग्राफ पर अंकित करना, तथा ग्राफ को पढ़कर निष्कर्ष निकालना।
- कातीय तल (Cartesian Plane): फ्रांसीसी गणितज्ञ रैने देकातें (René Descartes) द्वारा प्रतिपादित।
- X-अक्ष (X-axis): क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) – X'X
- Y-अक्ष (Y-axis): ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line) – Y'Y
- मूल बिन्दु (Origin): (0, 0) – दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन
- निर्देशांक (Coordinates): (x, y) – x = भुज (Abscissa), y = कोटि (Ordinate)
- चतुर्थांश (Quadrants):
- प्रथम (I) → (+, +)
- द्वितीय (II) → (−, +)
- तृतीय (III) → (−, −)
- चतुर्थ (IV) → (+, −)
- आलेखन (Plotting): X-अक्ष पर भुज (x) की दूरी, फिर Y-अक्ष के समान्तर कोटि (y) की दूरी पर बिन्दु।
- ग्राफ (Graph): दो चरों के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में प्रदर्शित करना – सारणी → बिन्दु → रेखा/वक्र → निष्कर्ष।
✅ मुख्य बिंदु
कातीय तल (Cartesian Plane) की अवधारणा – X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु, निर्देशांक (x, y), चतुर्थांश, तथा बिन्दुओं का आलेखन – गणित की नींव है।
ग्राफ द्वारा हम वास्तविक जीवन के सम्बन्धों (जैसे भुजा-परिमाप, समय-ब्याज, समय-दूरी) को सरलता से समझ सकते हैं।
🧠 माइंडमैप – कातीय तल – संपूर्ण सारांश
🧩 मिलान अभ्यास – 17: कातीय तल
✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।
🧠 Practice Quiz – 17: कातीय तल
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।