अध्याय 17: कातीय तल – Junior School Online
📐 Maths – Class 8 – Chapter 17

📐 कातीय तल (Cartesian Plane)

जानें कि कातीय तल (Cartesian Plane) क्या है, X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु, निर्देशांक (भुज एवं कोटि), चतुर्थांश (Quadrants), तथा विभिन्न बिन्दुओं का आलेखन (Plotting) कैसे करते हैं – उदाहरणों के साथ।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 📐 कातीय तल (Cartesian Plane) – परिचय

कातीय तल (Cartesian Plane) – एक ऐसा समतल (Plane) है जिसमें दो लम्बवत् (Perpendicular) संख्या रेखाएँ (Number Lines) होती हैं – एक क्षैतिज (Horizontal) और एक ऊर्ध्वाधर (Vertical)

  • X-अक्ष (X-axis): क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) – X'X
  • Y-अक्ष (Y-axis): ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line) – Y'Y
  • मूल बिन्दु (Origin): दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन बिन्दु – O (0, 0)
  • चतुर्थांश (Quadrants): ये दोनों रेखाएँ तल को 4 भागों में विभाजित करती हैं।

📐 कातीय तल: दो लम्बवत् रेखाओं (X-अक्ष और Y-अक्ष) से बना समतल – मूल बिन्दु (0, 0) पर प्रतिच्छेद।

📐 कातीय तल – X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु
X X' Y Y' O प्रथम (I) द्वितीय (II) तृतीय (III) चतुर्थ (IV) -1 1 1 -1
चित्र 17.1: कातीय तल – X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु O तथा चार चतुर्थांश

🔑 मुख्य बिंदु

कातीय तल (Cartesian Plane) – फ्रांसीसी गणितज्ञ रैने देकातें (René Descartes) ने प्रतिपादित किया। इस तल में किसी बिन्दु की स्थिति दो संख्याओं (x, y) द्वारा निर्धारित होती है।

2 🎯 निर्देशांक (Coordinates) – भुज (Abscissa) एवं कोटि (Ordinate)

निर्देशांक (Coordinates) – कातीय तल में किसी बिन्दु की स्थिति को (x, y) के रूप में लिखा जाता है।

भुज (Abscissa) – x
कोटि (Ordinate) – y
  • भुज (Abscissa – x): बिन्दु की Y-अक्ष से लम्बवत् दूरी – X-अक्ष पर मापी जाती है।
    • X-अक्ष की धनात्मक दिशा में → धनात्मक (+)
    • X-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में → ऋणात्मक (−)
  • कोटि (Ordinate – y): बिन्दु की X-अक्ष से लम्बवत् दूरी – Y-अक्ष पर मापी जाती है।
    • Y-अक्ष की धनात्मक दिशा में → धनात्मक (+)
    • Y-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में → ऋणात्मक (−)
  • लेखन विधि: सदैव छोटे कोष्ठक ( ) में – पहले भुज, फिर अल्प विराम (,) लगाकर कोटि – (x, y)
  • मूल बिन्दु (Origin): (0, 0) – भुज = 0, कोटि = 0
  • सावधानी: (x, y) और (y, x) समान नहीं होते – ये अलग-अलग बिन्दु होते हैं।
🎯 बिन्दु P के निर्देशांक – भुज एवं कोटि
X X' Y Y' O P x = 3 y = 2 2 3 4 1 2
चित्र 17.2: बिन्दु P (3, 2) – भुज (x) = 3, कोटि (y) = 2

🎯 निर्देशांक: (x, y) – पहले भुज (X-अक्ष पर दूरी), फिर कोटि (Y-अक्ष पर दूरी)। (x, y) ≠ (y, x)

3 🔲 चतुर्थांश (Quadrants) – चार भाग

चतुर्थांश (Quadrants) – कातीय तल में X-अक्ष और Y-अक्ष तल को 4 भागों में विभाजित करते हैं। प्रत्येक भाग को चतुर्थांश कहते हैं।

📌
प्रथम चतुर्थांश (I)
(+, +)
धनात्मक X-अक्ष, धनात्मक Y-अक्ष
📌
द्वितीय चतुर्थांश (II)
(−, +)
ऋणात्मक X-अक्ष, धनात्मक Y-अक्ष
📌
तृतीय चतुर्थांश (III)
(−, −)
ऋणात्मक X-अक्ष, ऋणात्मक Y-अक्ष
📌
चतुर्थ चतुर्थांश (IV)
(+, −)
धनात्मक X-अक्ष, ऋणात्मक Y-अक्ष
  • प्रथम (I): (+, +) – भुज धनात्मक, कोटि धनात्मक
  • द्वितीय (II): (−, +) – भुज ऋणात्मक, कोटि धनात्मक
  • तृतीय (III): (−, −) – भुज ऋणात्मक, कोटि ऋणात्मक
  • चतुर्थ (IV): (+, −) – भुज धनात्मक, कोटि ऋणात्मक

✅ चतुर्थांश सारांश

प्रथम (+,+), द्वितीय (−,+), तृतीय (−,−), चतुर्थ (+,−) – यह क्रम वामावर्त (Anti-clockwise) दिशा में है।

4 ✏️ बिन्दुओं का आलेखन (Plotting Points)

आलेखन (Plotting) – कातीय तल पर दिए गए निर्देशांकों (x, y) के अनुसार बिन्दु को अंकित करना।

उदाहरण: बिन्दु (4, −5) का आलेखन

  • चरण 1: X-अक्ष पर धनात्मक दिशा में 4 इकाई की दूरी पर बिन्दु E लें।
  • चरण 2: E से OX पर लम्बवत् Y-अक्ष के समान्तर 5 इकाई नीचे (ऋणात्मक दिशा में) बिन्दु F लें।
  • परिणाम: F ही बिन्दु (4, −5) है – यह चतुर्थ चतुर्थांश (IV) में स्थित है।

✏️ आलेखन विधि: X-अक्ष पर भुज (x) की दूरी, फिर उस बिन्दु से Y-अक्ष के समान्तर कोटि (y) की दूरी पर बिन्दु अंकित करें।

✏️ बिन्दु (4, −5) का आलेखन
X X' Y Y' O E F (4, −5) 5 3 4 5 -5
चित्र 17.3: बिन्दु (4, −5) – X-अक्ष पर 4, Y-अक्ष पर −5 – चतुर्थ चतुर्थांश

📌 चतुर्थांशों में निर्देशांकों के चिह्न:

I
(+, +)
II
(−, +)
III
(−, −)
IV
(+, −)

→ भुज (x) और कोटि (y) के चिह्नों से हम बता सकते हैं कि बिन्दु किस चतुर्थांश में है।

5 📊 ग्राफ द्वारा वास्तविक सम्बन्धों का निरूपण

ग्राफ (Graph) – दो चरों (Variables) के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में प्रदर्शित करने की विधि।

📌 उदाहरण 1: वर्ग की भुजा और परिमाप

मान लीजिए X = वर्ग की भुजा (Side) और Y = परिमाप (Perimeter) – Y = 4X

भुजा (X)
1, 2, 3, 4, 5
परिमाप (Y)
4, 8, 12, 16, 20

बिन्दु: (1,4), (2,8), (3,12), (4,16), (5,20) – ये सभी एक सरल रेखा पर स्थित होते हैं।

📌 उदाहरण 2: साधारण ब्याज (Simple Interest)

मूलधन ₹100, दर 5% प्रति वर्ष – I = 5t (t = समय वर्षों में)

समय (t)
1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8
ब्याज (I)
5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40

बिन्दु: (1,5), (2,10), (3,15), ... – ये भी एक सरल रेखा बनाते हैं।

📌 उदाहरण 3: दूरी-समय (Distance-Time)

कार 1 घंटे में 50 किमी चलती है – S = 50t (t = समय घंटों में, S = दूरी किमी में)

समय (t)
1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8
दूरी (S)
50, 100, 150, 200, 250, 300, 350, 400

बिन्दु: (1,50), (2,100), (3,150), ... – ये भी सरल रेखा पर स्थित होते हैं।

📊 ग्राफ की उपयोगिता

ग्राफ द्वारा हम दो चरों के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में देख सकते हैं – जैसे भुजा-परिमाप, समय-ब्याज, समय-दूरी।

📊 ग्राफ खींचने के चरण
📋 सारणी बनाएँ
✏️ बिन्दु अंकित करें
📈 बिन्दुओं को मिलाएँ
📖 निष्कर्ष निकालें
चित्र 17.4: ग्राफ खींचने की प्रक्रिया – सारणी → बिन्दु → रेखा/वक्र → निष्कर्ष
6 📝 अभ्यास (Exercises) – प्रश्न एवं विस्तृत हल

📌 अभ्यास 17(a) – निर्देशांक एवं चतुर्थांश

प्रश्न 1: नीचे दिये चित्र (पाठ्यपुस्तक) को देखकर रिक्त स्थानों में लिखिए –

(i) बिन्दु M, X-अक्ष की ______ दिशा में अंकित है।

(ii) बिन्दु M से Y-अक्ष पर लम्ब पाद की मूल बिन्दु से दूरी ______ है।

(iii) बिन्दु N, Y-अक्ष की ______ दिशा में अंकित है।

(iv) बिन्दु T ______ चतुर्थीय में अंकित है।

(v) बिन्दु T से X-अक्ष पर लम्ब पाद की मूल बिन्दु से दूरी ______ है।

✅ हल:

(i) ऋणात्मक (Negative)   |   (ii) 3   |   (iii) ऋणात्मक (Negative)   |   (iv) चतुर्थ (IV)   |   (v) 4

प्रश्न 2: निम्नलिखित बिन्दु किन चतुर्थीय (Quadrants) में स्थित हैं?

(i) (−3, −7)   (ii) (−5, 7)   (iii) (2, −10)   (iv) (5, 9)   (v) (−6, 5)   (vi) (−7, −5)

✅ हल:

(i) तृतीय (III)   |   (ii) द्वितीय (II)   |   (iii) चतुर्थ (IV)   |   (iv) प्रथम (I)   |   (v) द्वितीय (II)   |   (vi) तृतीय (III)

→ (−,−) → III, (−,+) → II, (+,−) → IV, (+,+) → I

प्रश्न 3: निम्नलिखित बिन्दुओं को ग्राफ पेपर पर प्रदर्शित कीजिये –

(i) (7, 5)   (ii) (7, 0)   (iii) (−3, −6)   (iv) (0, −4)   (v) (−6, −7)   (vi) (10, −5)   (vii) (0, 0)

✅ हल:

सभी बिन्दुओं को ग्राफ पेपर पर उनके निर्देशांकों (x, y) के अनुसार अंकित करें।

  • (7, 5) → प्रथम (I) चतुर्थांश
  • (7, 0) → X-अक्ष पर (कोटि = 0)
  • (−3, −6) → तृतीय (III) चतुर्थांश
  • (0, −4) → Y-अक्ष पर (भुज = 0)
  • (−6, −7) → तृतीय (III) चतुर्थांश
  • (10, −5) → चतुर्थ (IV) चतुर्थांश
  • (0, 0) → मूल बिन्दु (Origin)

📌 अभ्यास 17(b) – ग्राफ पढ़ना एवं निष्कर्ष

प्रश्न 4: एक साइकिल सवार द्वारा तय की गई दूरी का दूरी-समय ग्राफ देखकर –

(a) समय 2 बजे, 3 बजे, 4 बजे, 5 बजे यात्रा की प्रारम्भिक स्थिति से दूरी बताइए।

(b) साइकिल सवार द्वारा यात्रा के दौरान आराम करने का समय-अन्तराल भी बताइए।

✅ हल:

(a) 2 बजे → 2 किमी, 3 बजे → 2 किमी, 4 बजे → 3 किमी, 5 बजे → 4 किमी

(b) आराम का समय-अन्तराल: 2 बजे से 3 बजे के बीच (1 घंटा)

→ ग्राफ में जहाँ रेखा क्षैतिज (Horizontal) हो, वहाँ आराम का समय है।

📝 अभ्यास का निष्कर्ष

इन अभ्यासों से हमने सीखा कि निर्देशांकों के चिह्नों से चतुर्थांश का पता लगाना, बिन्दुओं को ग्राफ पर अंकित करना, तथा ग्राफ को पढ़कर निष्कर्ष निकालना।

7 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • कातीय तल (Cartesian Plane): फ्रांसीसी गणितज्ञ रैने देकातें (René Descartes) द्वारा प्रतिपादित।
  • X-अक्ष (X-axis): क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) – X'X
  • Y-अक्ष (Y-axis): ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line) – Y'Y
  • मूल बिन्दु (Origin): (0, 0) – दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन
  • निर्देशांक (Coordinates): (x, y) – x = भुज (Abscissa), y = कोटि (Ordinate)
  • चतुर्थांश (Quadrants):
    • प्रथम (I) → (+, +)
    • द्वितीय (II) → (−, +)
    • तृतीय (III) → (−, −)
    • चतुर्थ (IV) → (+, −)
  • आलेखन (Plotting): X-अक्ष पर भुज (x) की दूरी, फिर Y-अक्ष के समान्तर कोटि (y) की दूरी पर बिन्दु।
  • ग्राफ (Graph): दो चरों के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में प्रदर्शित करना – सारणी → बिन्दु → रेखा/वक्र → निष्कर्ष।

✅ मुख्य बिंदु

कातीय तल (Cartesian Plane) की अवधारणा – X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिन्दु, निर्देशांक (x, y), चतुर्थांश, तथा बिन्दुओं का आलेखन – गणित की नींव है।
ग्राफ द्वारा हम वास्तविक जीवन के सम्बन्धों (जैसे भुजा-परिमाप, समय-ब्याज, समय-दूरी) को सरलता से समझ सकते हैं।

🧠 माइंडमैप – कातीय तल – संपूर्ण सारांश

📐 कातीय तल – पूरे अध्याय का निष्कर्ष (Chapter Conclusion)
📐 कातीय तल
X-अक्ष (क्षैतिज) Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर) मूल बिन्दु O (0,0) 4 चतुर्थांश
🎯 निर्देशांक
(x, y) – छोटे कोष्ठक में x = भुज (Abscissa) y = कोटि (Ordinate) (x, y) ≠ (y, x)
🔲 चतुर्थांश
I → (+, +) II → (−, +) III → (−, −) IV → (+, −)
✏️ आलेखन
X-अक्ष पर भुज (x) Y-अक्ष पर कोटि (y) लम्बवत् दूरी चतुर्थांश निर्धारण
📊 ग्राफ
सारणी → बिन्दु → रेखा/वक्र भुजा-परिमाप (Y=4X) समय-ब्याज (I=5t) समय-दूरी (S=50t)
📝 निष्कर्ष
कातीय तल – निर्देशांक ज्यामिति की नींव बिन्दुओं की स्थिति (x, y) ग्राफ – सम्बन्धों का दृश्य निरूपण वास्तविक जीवन में उपयोग
📐 निष्कर्ष: कातीय तल (Cartesian Plane) – दो लम्बवत् अक्षों (X और Y) पर आधारित समतल – में किसी बिन्दु की स्थिति (x, y) निर्देशांकों द्वारा निर्धारित होती है। चार चतुर्थांश (+,+), (−,+), (−,−), (+,−) होते हैं। ग्राफ द्वारा हम दो चरों के बीच सम्बन्ध को दृश्य रूप में देख सकते हैं – जैसे भुजा-परिमाप, समय-ब्याज, समय-दूरी। यह ज्यामिति का वह आधार है जिस पर आगे की गणितीय अवधारणाएँ निर्मित होती हैं।

🧩 मिलान अभ्यास – 17: कातीय तल

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 17: कातीय तल

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

कातीय तल – दो लम्बवत् अक्ष
X-अक्ष – क्षैतिज रेखा
Y-अक्ष – ऊर्ध्वाधर रेखा
मूल बिन्दु – (0, 0)
भुज (Abscissa) – x
कोटि (Ordinate) – y
प्रथम चतुर्थांश – (+, +)
द्वितीय चतुर्थांश – (−, +)
तृतीय चतुर्थांश – (−, −)
चतुर्थ चतुर्थांश – (+, −)
आलेखन – (x, y) पर बिन्दु
ग्राफ – सम्बन्धों का दृश्य निरूपण
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