📚 कक्षा 6 · गणित · अध्याय 2

पूर्ण संख्याएँ

इस अध्याय में हम पूर्ण संख्याओं के बारे में, संख्या रेखा पर उनके प्रदर्शन,
क्रमागत संख्याएँ, तथा पूर्ण संख्याओं पर विभिन्न संक्रियाओं के गुणधर्मों के बारे में जानेंगे।

🌿 1 भूमिका – शून्य की आवश्यकता

प्राकृतिक संख्याएँ: 1, 2, 3, 4, 5, ... — वस्तुओं को गिनने के लिए प्रयुक्त संख्याएँ।

प्रश्न: क्या हमारा काम इन्हीं संख्याओं से चल सकता है? 🤔

🌳🐦🐦
चित्र 1
2 चिड़ियाँ
🌳🐦
चित्र 2
1 चिड़िया
🌳
चित्र 3
0 चिड़ियाँ
✅ चित्र 1 और 2 में चिड़ियों की संख्या (2 और 1) बताई जा सकती है।
❓ चित्र 3 में किसी चिड़िया की अनुपस्थिति को किस संख्या से बताएँ?
➡️ हमें संख्या 0 (शून्य) की आवश्यकता है!

🌿 शून्य (0): वह संख्या जो किसी वस्तु की अनुपस्थिति (कोई वस्तु नहीं) को दर्शाती है।

🔢 2 पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers)

पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers): 0, 1, 2, 3, 4, 5, ...

  • पूर्ण संख्याएँ = प्राकृतिक संख्याएँ + 0 (शून्य)
  • सबसे छोटी पूर्ण संख्या: 0
  • सबसे बड़ी पूर्ण संख्या: कोई नहीं — क्योंकि प्रत्येक पूर्ण संख्या से बड़ी पूर्ण संख्या होती है।
  • 0 की पूर्ववर्ती पूर्ण संख्या: कोई नहीं (क्योंकि -1 पूर्ण संख्या नहीं है)
पूर्ण संख्याएँ — संख्या रेखा पर
0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 ...
पूर्ण संख्याएँ: 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, ...

🔹 पूर्ववर्ती एवं उत्तरवर्ती पूर्ण संख्याएँ

पूर्ण संख्यापूर्ववर्तीउत्तरवर्ती
0कोई नहीं1
546
131214
201921

🔢 पूर्ण संख्याएँ: 0, 1, 2, 3, 4, ... — सबसे छोटी 0, सबसे बड़ी कोई नहीं।

📏 3 संख्या-रेखा पर पूर्ण संख्याओं का प्रदर्शन

संख्या-रेखा (Number Line): एक सरल रेखा जिस पर बराबर अन्तराल पर पूर्ण संख्याओं को दर्शाया जाता है।

  • संख्या-रेखा पर 0 से प्रारम्भ करते हैं।
  • बराबर दूरी पर 1, 2, 3, 4, ... को प्रदर्शित करते हैं।
  • दायीं ओर जाने पर संख्याएँ बढ़ती हैं।
  • बायीं ओर जाने पर संख्याएँ घटती हैं।
0 से 7 तक पूर्ण संख्याएँ
0 1 2 3 4 5 6 7

🔹 संख्या-रेखा पर बिन्दुओं द्वारा निरूपित संख्याएँ

0 1 2 3 4 5 6 7 A B C D
A0
B2
C4
D6

📏 संख्या-रेखा: 0 से प्रारम्भ — दायीं ओर बड़ी, बायीं ओर छोटी संख्याएँ।

🔗 4 क्रमागत पूर्ण संख्याएँ (Consecutive Whole Numbers)

क्रमागत संख्याएँ (Consecutive Numbers): वे संख्याएँ जो क्रम से एक के बाद एक आती हैं और जिनके बीच का अन्तर 1 होता है।

  • उदाहरण: 2, 3, 4 — (2,3,4) क्रमागत हैं क्योंकि 3 = 2+1 और 4 = 3+1
  • उदाहरण: 7, 8, 9 — (7,8,9) क्रमागत हैं।
  • उदाहरण (नहीं): 15, 17, 20 — क्रमागत नहीं हैं (अन्तर 2 और 3 है)
  • दो क्रमागत पूर्ण संख्याओं का अन्तर सदैव 1 होता है।

🔹 तीन क्रमागत संख्याओं का विशेष गुण

✨ तीन क्रमागत संख्याओं में — पहली और तीसरी संख्या के योगफल का आधा = बीच की संख्या
उदाहरण: 3, 4, 5
3 + 5 = 8 → 8 ÷ 2 = 4 → बीच की संख्या = 4 ✅
💡 उदाहरण 1: तीन क्रमागत पूर्ण संख्याओं में पहली और तीसरी का योगफल 40 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
पहली और तीसरी संख्या का योगफल = 40
∴ योगफल का आधा = 40 ÷ 2 = 20
∴ बीच की संख्या = 20
अतः संख्याएँ = 19, 20, 21

🔗 क्रमागत संख्याएँ: अन्तर 1 — पहली और तीसरी का योगफल का आधा = बीच की संख्या।

5 पूर्ण संख्याओं में योग के गुणधर्म

🔹 (i) योग का संवरक गुण (Closure Property)

  • दो पूर्ण संख्याओं का योगफल सदैव पूर्ण संख्या होता है।
  • उदाहरण: 5 + 7 = 12 (पूर्ण संख्या), 3 + 4 = 7 (पूर्ण संख्या), 0 + 3 = 3 (पूर्ण संख्या)

🔹 (ii) योग का क्रम-विनिमेय गुण (Commutative Property)

  • दो पूर्ण संख्याओं को जोड़ते समय क्रम बदलने पर योगफल में कोई अन्तर नहीं होता।
  • नियम: a + b = b + a
  • उदाहरण: 3 + 5 = 8 और 5 + 3 = 8 → 3 + 5 = 5 + 3

🔹 (iii) योग का तत्समक अवयव (Additive Identity)

  • किसी पूर्ण संख्या में 0 (शून्य) जोड़ने पर योगफल वही संख्या होती है।
  • नियम: a + 0 = a = 0 + a
  • 0 को पूर्ण संख्याओं में योग का तत्समक अवयव (Additive Identity) कहते हैं।

🔹 (iv) योग का साहचर्य गुण (Associative Property)

  • तीन पूर्ण संख्याओं को जोड़ते समय किन्हीं दो को पहले जोड़ने से योगफल में कोई अन्तर नहीं होता।
  • नियम: (a + b) + c = a + (b + c)
  • उदाहरण: (2 + 3) + 4 = 5 + 4 = 9 और 2 + (3 + 4) = 2 + 7 = 9
संख्या-रेखा पर 3 + 5 = 8
0 3 8 +3 +5

योग के गुण: संवरक, क्रम-विनिमेय, तत्समक (0), साहचर्य — सभी पूर्ण संख्याओं के लिए सत्य।

✖️ 6 पूर्ण संख्याओं में गुणा के गुणधर्म

🔹 (i) गुणन का संवरक गुण (Closure Property)

  • दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल सदैव पूर्ण संख्या होता है।
  • उदाहरण: 3 × 5 = 15 (पूर्ण संख्या), 0 × 8 = 0 (पूर्ण संख्या)

🔹 (ii) गुणा का क्रम-विनिमेय गुण (Commutative Property)

  • दो पूर्ण संख्याओं को गुणा करते समय क्रम बदलने पर गुणनफल में कोई अन्तर नहीं होता।
  • नियम: a × b = b × a
  • उदाहरण: 3 × 5 = 15 और 5 × 3 = 15 → 3 × 5 = 5 × 3

🔹 (iii) शून्य का गुणन गुण (Zero Property)

  • किसी भी पूर्ण संख्या को 0 से गुणा करने पर गुणनफल 0 होता है।
  • नियम: a × 0 = 0 = 0 × a
  • उदाहरण: 5 × 0 = 0, 0 × 3 = 0, 0 × 0 = 0

🔹 (iv) गुणन का तत्समक अवयव (Multiplicative Identity)

  • किसी पूर्ण संख्या में 1 से गुणा करने पर गुणनफल वही संख्या होती है।
  • नियम: a × 1 = a = 1 × a
  • 1 को पूर्ण संख्याओं में गुणन का तत्समक अवयव कहते हैं।

🔹 (v) गुणन का साहचर्य गुण (Associative Property)

  • तीन पूर्ण संख्याओं को गुणा करते समय किन्हीं दो को पहले गुणा करने से गुणनफल में कोई अन्तर नहीं होता।
  • नियम: (a × b) × c = a × (b × c)
  • उदाहरण: (2 × 3) × 4 = 6 × 4 = 24 और 2 × (3 × 4) = 2 × 12 = 24

🔹 (vi) गुणन का वितरण गुण (Distributive Property)

  • गुणन, योग और घटाना दोनों पर वितरित होता है।
  • योग पर वितरण: a × (b + c) = a × b + a × c
  • उदाहरण: 3 × (4 + 5) = 3 × 9 = 27 और 3 × 4 + 3 × 5 = 12 + 15 = 27
  • घटाना पर वितरण: a × (b − c) = a × b − a × c
2 × 4 = 8 (संख्या-रेखा पर)
0 4 8 +4 +4
2 × 4 = 8 (2 बार 4 की छलांग)

✖️ गुणा के गुण: संवरक, क्रम-विनिमेय, शून्य (0), तत्समक (1), साहचर्य, वितरण (योग/घटाना पर)।

✏️ 7 अभ्यास 2(a) – प्रश्न एवं हल

🔹 प्रश्न 1 – सबसे छोटी पूर्ण संख्या

प्रश्न: सबसे छोटी पूर्ण संख्या बताइए।
हल: 0
(0 सबसे छोटी पूर्ण संख्या है, क्योंकि 0 से छोटी कोई पूर्ण संख्या नहीं है)

🔹 प्रश्न 2 – संख्या रेखा पर प्रदर्शित करें

प्रश्न: 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 को संख्या रेखा पर प्रदर्शित कीजिए।
0 1 2 3 4 5 6 7

🔹 प्रश्न 3 – तीन क्रमागत संख्याएँ

प्रश्न: तीन क्रमागत पूर्ण संख्याओं में पहली और तीसरी का योगफल 28 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
पहली + तीसरी = 28
∴ योगफल का आधा = 28 ÷ 2 = 14
∴ बीच की संख्या = 14
अतः संख्याएँ = 13, 14, 15

🔹 प्रश्न 4 – मध्य संख्या दी हो

प्रश्न: यदि तीन क्रमागत पूर्ण संख्याओं में मध्य की संख्या 39 हो तो तीनों संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
मध्य संख्या = 39
∴ पहली संख्या = 39 − 1 = 38
∴ तीसरी संख्या = 39 + 1 = 40
अतः संख्याएँ = 38, 39, 40

🔹 प्रश्न 5 – प्राकृतिक से पूर्ण संख्या

प्रश्न: प्राकृतिक संख्याओं के समूह में किस संख्या के सम्मिलित कर लेने पर वह पूर्ण संख्याओं का समूह बन जाता है?
हल: 0
(प्राकृतिक संख्याएँ + 0 = पूर्ण संख्याएँ)
✏️ 8 अभ्यास 2(b) – प्रश्न एवं हल

🔹 प्रश्न 1 – योगफल ज्ञात करें

(i) 4 + 5 = ?
हल: 9
(ii) 5 + 6 = ?
हल: 11

🔹 प्रश्न 2 – संख्या रेखा पर दिखाएँ

(i) 5 + 4 = 9
0 5 9 +5 +4
(ii) 0 + 5 = 5
0 5 +5
(iii) 2 + 3 + 4 = 9
0 2 5 9 +2 +3 +4

🔹 प्रश्न 3 – रिक्त स्थान भरें

(i) 345 + 789 = ☐ + 345
हल: 789 (क्रम-विनिमेय गुण)
(ii) 2889 + 0 = ☐
हल: 2889 (तत्समक अवयव)
(iii) (234 + 456) + 789 = ☐ + (456 + 789)
हल: 234 (साहचर्य गुण)

🔹 प्रश्न 4 – घटाना क्रम-विनिमेय नहीं

प्रश्न: पूर्ण संख्याओं के लिए घटाना क्रम-विनिमेय नहीं है। तीन युग्म लेकर जाँच करें।
हल:
युग्म 1: 5 − 3 = 2, 3 − 5 = −2 → 5 − 3 ≠ 3 − 5
युग्म 2: 8 − 2 = 6, 2 − 8 = −6 → 8 − 2 ≠ 2 − 8
युग्म 3: 10 − 4 = 6, 4 − 10 = −6 → 10 − 4 ≠ 4 − 10
∴ घटाना क्रम-विनिमेय नहीं है।
✏️ 9 अभ्यास 2(c) – प्रश्न एवं हल

🔹 प्रश्न 1 – गुणा के गुण

(i) 0 × 5678 = ☐
हल: 0 (शून्य का गुणन गुण)
(ii) 8976 × 1 = ☐
हल: 8976 (गुणन का तत्समक अवयव)
(iii) 8973 × 0 = ☐
हल: 0 (शून्य का गुणन गुण)

🔹 प्रश्न 2 – गुणनफल ज्ञात करें (वितरण गुण से)

(i) 2834 × 100 = 283400
हल: 283400
(ii) 2632 × 100 = 263200
हल: 263200
(iii) 4837 × 1000 = 4837000
हल: 4837000

🔹 प्रश्न 3 – गुणनफल ज्ञात करें

(i) 123 × 456 × 789 = 490896
हल: 490896
(ii) 789 × 456 × 123 = 435128
हल: 435128
(iii) 456 × 789 × 123 = 634876
हल: 634876
(iv) 789 × 123 × 456 = 2806668
हल: 2806668
✏️ 10 अभ्यास 2(d) – प्रश्न एवं हल

🔹 प्रश्न 1 – 12 ÷ 2 = 6

प्रश्न: 12 ÷ 2 = 6 के संगत गुणात्मक तथ्य बताइए।
हल: 2 × 6 = 12

🔹 प्रश्न 2 – गुणात्मक तथ्य

(i) 56 ÷ 8 = 7
हल: 8 × 7 = 56
(ii) 66 ÷ 11 = 6
हल: 11 × 6 = 66

🔹 प्रश्न 3 – 117 को गुणा के रूप में

प्रश्न: 117 को दो संख्याओं के गुणा के रूप में व्यक्त कीजिए जिसकी एक संख्या 13 है।
हल: 117 = 13 × 9
(क्योंकि 117 ÷ 13 = 9)

🔹 प्रश्न 4 – स्वयं से विभाजित

प्रश्न: क्या ऐसी कोई पूर्ण संख्या सम्भव है जिसको स्वयं से विभाजित करने पर वही संख्या प्राप्त होती है?
हल: हाँ, वह संख्या 1 है।
(1 ÷ 1 = 1)

🔹 प्रश्न 5 – क्रम बदलने पर भाग

प्रश्न: क्या दो विभिन्न शून्येतर पूर्ण संख्याओं के लिए पहली को दूसरी से तथा दूसरी को पहली से विभाजित करने पर समान भागफल प्राप्त होता है?
हल: नहीं
(उदाहरण: 6 ÷ 3 = 2, 3 ÷ 6 = 0.5 → समान नहीं)

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

🔢 पूर्ण संख्याएँ: 0, 1, 2, 3, 4, ... — सबसे छोटी 0, सबसे बड़ी कोई नहीं।
🔗 क्रमागत संख्याएँ: अन्तर 1 — पहली+तीसरी का आधा = बीच की संख्या।
योग के गुण: संवरक, क्रम-विनिमेय, तत्समक (0), साहचर्य।
✖️ गुणा के गुण: संवरक, क्रम-विनिमेय, शून्य (0), तत्समक (1), साहचर्य, वितरण।
📏 संख्या-रेखा: 0 से प्रारम्भ — दायीं ओर बड़ी, बायीं ओर छोटी संख्याएँ।
विभाजन: शून्य से भाग परिभाषित नहीं — a ÷ a = 1 (a ≠ 0)।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

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