पूर्णांक (Integers)
इस अध्याय में हम पूर्णांकों की आवश्यकता, संख्या रेखा पर निरूपण,
तुलना, निरपेक्ष मान, संक्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग),
गुणधर्म एवं कोष्ठकों के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
पूर्ण संख्याएँ: 0, 1, 2, 3, 4, ... — हमने इनके बारे में पिछले अध्याय में सीखा।
समस्या: छोटी पूर्ण संख्या से बड़ी पूर्ण संख्या को घटाने की आवश्यकता पड़ती है — जैसे 2 − 5 = ?
समाधान: इसके लिए प्राकृतिक संख्याओं 1, 2, 3, ... के संगत −1, −2, −3, ... नयी संख्याएँ बनाई गईं।
- पूर्णांक (Integers): पूर्ण संख्याओं का विस्तारित संग्रह — ..., −3, −2, −1, 0, 1, 2, 3, ...
- धन पूर्णांक (Positive Integers): 1, 2, 3, 4, ... (प्राकृतिक संख्याएँ)
- ऋण पूर्णांक (Negative Integers): −1, −2, −3, −4, ...
- शून्य (0): न तो धनात्मक, न ऋणात्मक
📖 पूर्णांक: धनात्मक (+), ऋणात्मक (−) और शून्य (0) — सभी संख्याएँ एक साथ।
दैनिक जीवन में विपरीत स्थितियाँ:
🤔 विपरीत स्थितियाँ: लाभ/हानि, आय/व्यय, ऊपर/नीचे, पूर्व/पश्चिम — सभी को + और − चिह्नों से व्यक्त किया जाता है।
पूर्णांक (Integers): सभी धनात्मक (+), ऋणात्मक (−) और शून्य (0) संख्याओं का समूह।
- धन पूर्णांक (Positive Integers): 1, 2, 3, 4, 5, ... — +1, +2, +3, ... (धन चिह्न प्रायः नहीं लिखा जाता)
- ऋण पूर्णांक (Negative Integers): −1, −2, −3, −4, −5, ...
- शून्य (Zero): 0 — न तो धनात्मक, न ऋणात्मक
प्राकृतिक, पूर्ण एवं पूर्णांकों का सम्बन्ध:
🔹 योगात्मक प्रतिलोम (Additive Inverse)
| पूर्णांक | योगात्मक प्रतिलोम | योग |
|---|---|---|
| +5 | −5 | 5 + (−5) = 0 |
| −7 | +7 | −7 + 7 = 0 |
| +12 | −12 | 12 + (−12) = 0 |
| 0 | 0 | 0 + 0 = 0 |
🔢 योगात्मक प्रतिलोम: प्रत्येक पूर्णांक a के लिए −a ऐसा पूर्णांक है कि a + (−a) = 0।
संख्या-रेखा (Number Line): एक सरल रेखा जिस पर बराबर अन्तराल पर पूर्णांकों को दर्शाया जाता है।
- 0 (शून्य): मध्य बिन्दु
- दायीं ओर: धन पूर्णांक (+1, +2, +3, ...)
- बायीं ओर: ऋण पूर्णांक (−1, −2, −3, ...)
- विपरीत पूर्णांक: 0 से समान दूरी पर विपरीत दिशा में — +5 और −5 परस्पर विपरीत हैं।
- +5 और −5 परस्पर विपरीत हैं → 5 + (−5) = 0
- −7 और +7 परस्पर विपरीत हैं → −7 + 7 = 0
- 0 का विपरीत 0 ही है।
📏 संख्या-रेखा: 0 से दायीं ओर धन (+), बायीं ओर ऋण (−) — विपरीत पूर्णांकों का योग 0 होता है।
संख्या-रेखा पर तुलना: दो पूर्णांकों में से जो संख्या-रेखा पर दाहिनी ओर होती है, वह बड़ी होती है।
🔹 महत्वपूर्ण नियम
- प्रत्येक धन पूर्णांक सभी ऋण पूर्णांकों से बड़ा होता है।
- शून्य (0) प्रत्येक धन पूर्णांक से छोटा और प्रत्येक ऋण पूर्णांक से बड़ा होता है।
- बड़े पूर्णांक का योगात्मक प्रतिलोम छोटे पूर्णांक के योगात्मक प्रतिलोम से छोटा होता है — जैसे 5 > 3 ⇒ −5 < −3
| तुलना | संख्या-रेखा पर |
|---|---|
| 5 > 3 | 5, 3 की दायीं ओर |
| 0 > −3 | 0, −3 की दायीं ओर |
| −2 > −5 | −2, −5 की दायीं ओर |
| −7 < −3 | −7, −3 की बायीं ओर |
| −4 < 0 | −4, 0 की बायीं ओर |
⚖️ तुलना नियम: दाहिनी ओर बड़ी — 0 > सभी ऋण, 0 < सभी धन — बड़े धन का प्रतिलोम छोटा होता है।
निरपेक्ष मान (Absolute Value): किसी पूर्णांक की शून्य (0) से दूरी को उसका निरपेक्ष मान कहते हैं।
- प्रतीक: |a| — पूर्णांक a का निरपेक्ष मान
- |+6| = 6 और |−6| = 6 (दोनों की शून्य से दूरी 6 है)
- |0| = 0
- निरपेक्ष मान सदैव धनात्मक होता है (शून्य को छोड़कर)
🔹 निरपेक्ष मान के उदाहरण
📊 निरपेक्ष मान: शून्य से दूरी — |a| = a यदि a ≥ 0, |a| = −a यदि a < 0।
🔹 समान चिह्नों के पूर्णांकों का योग
- दो धन पूर्णांकों का योग = धन पूर्णांक — जैसे (+2) + (+3) = +5
- दो ऋण पूर्णांकों का योग = ऋण पूर्णांक — जैसे (−3) + (−1) = −4
- नियम: निरपेक्ष मानों को जोड़ें और वही चिह्न लगाएँ।
🔹 विपरीत चिह्नों के पूर्णांकों का योग
- निरपेक्ष मानों का अन्तर करें और बड़े निरपेक्ष मान वाले पूर्णांक का चिह्न लगाएँ।
- उदाहरण: (−3) + (+4) = +1 — क्योंकि |4| − |3| = 1 और 4 का चिह्न धन (+)
- उदाहरण: (+5) + (−7) = −2 — क्योंकि |7| − |5| = 2 और 7 का चिह्न ऋण (−)
🔹 संख्या-रेखा पर योग
🔹 योग के गुणधर्म
- संवरक (Closure): दो पूर्णांकों का योग सदैव पूर्णांक होता है।
- क्रम-विनिमेय (Commutative): a + b = b + a
- साहचर्य (Associative): (a + b) + c = a + (b + c)
- तत्समक अवयव (Identity): a + 0 = a = 0 + a — 0 योग का तत्समक अवयव है।
- प्रत्येक पूर्णांक का अनुवर्ती: a + 1 = a का अनुवर्ती
➕ योग नियम: समान चिह्न → जोड़ें, वही चिह्न — विपरीत चिह्न → घटाएँ, बड़े का चिह्न।
घटाना = योगात्मक प्रतिलोम जोड़ना
- a − b = a + (−b) — पहली संख्या में दूसरी संख्या का योगात्मक प्रतिलोम जोड़ें।
- उदाहरण: (+5) − (+3) = (+5) + (−3) = +2
- उदाहरण: (−7) − (−4) = (−7) + (+4) = −3
- उदाहरण: (+2) − (−3) = (+2) + (+3) = +5
- उदाहरण: (−5) − (+2) = (−5) + (−2) = −7
| प्रश्न | रूपांतरण | उत्तर |
|---|---|---|
| 5 − 3 | 5 + (−3) | 2 |
| −7 − (−4) | −7 + 4 | −3 |
| 2 − (−3) | 2 + 3 | 5 |
| −5 − 2 | −5 + (−2) | −7 |
| 0 − 5 | 0 + (−5) | −5 |
= (2) + (−2) = 0
➖ घटाना नियम: a − b = a + (−b) — घटाने को योग में बदलें, दूसरी संख्या का प्रतिलोम लें।
🔹 गुणन के नियम
- धन × धन = धन — (+3) × (+5) = +15
- धन × ऋण = ऋण — (+4) × (−5) = −20
- ऋण × धन = ऋण — (−6) × (+3) = −18
- ऋण × ऋण = धन — (−2) × (−4) = +8
| गुणा | परिणाम | चिह्न नियम |
|---|---|---|
| 3 × 4 | 12 | धन × धन = धन |
| 3 × (−4) | −12 | धन × ऋण = ऋण |
| −3 × 4 | −12 | ऋण × धन = ऋण |
| −3 × (−4) | 12 | ऋण × ऋण = धन |
| 0 × 5 | 0 | शून्य का गुणन गुण |
🔹 गुणन के गुणधर्म
- संवरक: दो पूर्णांकों का गुणनफल सदैव पूर्णांक होता है।
- क्रम-विनिमेय: a × b = b × a
- साहचर्य: (a × b) × c = a × (b × c)
- तत्समक अवयव: a × 1 = a = 1 × a — 1 गुणन का तत्समक अवयव है।
- शून्य का गुणन: a × 0 = 0 = 0 × a
- वितरण (Distributive): a × (b + c) = a × b + a × c
✖️ गुणन नियम: समान चिह्न → धन (+), विपरीत चिह्न → ऋण (−) — 0 से गुणा → 0
भाग = गुणन की विलोम संक्रिया
🔹 भाग के नियम
- धन ÷ धन = धन — 12 ÷ 3 = 4
- धन ÷ ऋण = ऋण — 12 ÷ (−3) = −4
- ऋण ÷ धन = ऋण — −12 ÷ 3 = −4
- ऋण ÷ ऋण = धन — −12 ÷ (−3) = 4
| भाग | परिणाम | चिह्न नियम |
|---|---|---|
| 20 ÷ 4 | 5 | धन ÷ धन = धन |
| 20 ÷ (−4) | −5 | धन ÷ ऋण = ऋण |
| −20 ÷ 4 | −5 | ऋण ÷ धन = ऋण |
| −20 ÷ (−4) | 5 | ऋण ÷ ऋण = धन |
🔹 महत्वपूर्ण तथ्य
- शून्य को किसी शून्येतर पूर्णांक से भाग देने पर भागफल 0 होता है — 0 ÷ 5 = 0
- किसी संख्या को 0 से भाग देना परिभाषित नहीं है — 5 ÷ 0 = परिभाषित नहीं
- किसी शून्येतर पूर्णांक को स्वयं से भाग देने पर भागफल 1 होता है — 5 ÷ 5 = 1
- भाग संक्रिया संवरक नहीं है — दो पूर्णांकों का भागफल पूर्णांक नहीं हो सकता।
5 + (−4) = 1
➗ भाग नियम: समान चिह्न → धन (+), विपरीत चिह्न → ऋण (−) — 0 से भाग परिभाषित नहीं।
कोष्ठक (Brackets): गणना में अशुद्धियों से बचने के लिए कोष्ठकों का प्रयोग किया जाता है।
🔹 कोष्ठकों के प्रकार
🔹 BODMAS नियम
Brackets
Of
Division
Multiplication
Addition
Subtraction
18 − [4 + {16 − (18 − 5)}]
= 18 − [4 + {16 − 13}]
= 18 − [4 + 3]
= 18 − 7 = 11
14 − [12 − {9 − (7 − 6 ÷ 2)}]
= 14 − [12 − {9 − (7 − 3)}]
= 14 − [12 − {9 − 4}]
= 14 − [12 − 5]
= 14 − 7 = 7
📦 BODMAS: B → O → D → M → A → S — पहले कोष्ठक, अन्त में योग/घटाना।
📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)
🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)
📝 अभ्यास क्विज़
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।