वर्ग एवं वर्गमूल
इस अध्याय में हम वर्ग और वर्गमूल की संकल्पना, पूर्ण वर्ग संख्याएँ, गुणनखंड विधि, भाग विधि, दशमलव संख्याओं के वर्गमूल, तथा अपूर्णांक संख्याओं के वर्गमूल के बारे में विस्तार से जानेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
वर्ग (Square): किसी संख्या को उसी संख्या से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का वर्ग कहते हैं।
- नियम: a × a = a² — a का वर्ग a² होता है।
- उदाहरण: 5 × 5 = 25 → 5² = 25; 6 × 6 = 36 → 6² = 36
- घात 2: किसी संख्या की घात 2 को उस संख्या का वर्ग कहते हैं।
वर्गमूल (Square Root): किसी संख्या का वर्गमूल वह संख्या है, जिसे स्वयं से गुणा करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है।
- नियम: यदि a² = b, तो √b = ±a
- उदाहरण: 25 = 5² → √25 = ±5; 36 = 6² → √36 = ±6
- प्रयोग: वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात होने पर भुजा की माप ज्ञात करने में वर्गमूल की आवश्यकता होती है।
🔢 वर्ग: a × a = a² — वर्गमूल: √a² = ±a — दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण।
पूर्ण वर्ग संख्या (Perfect Square): वह संख्या जो किसी प्राकृतिक संख्या के वर्ग के बराबर हो — जैसे 1, 4, 9, 16, 25, 36, ...
| संख्या (a) | वर्ग (a²) | पूर्ण वर्ग |
|---|---|---|
| 1 | 1 | ✅ |
| 2 | 4 | ✅ |
| 3 | 9 | ✅ |
| 4 | 16 | ✅ |
| 5 | 25 | ✅ |
| 6 | 36 | ✅ |
| 7 | 49 | ✅ |
| 8 | 64 | ✅ |
| 9 | 81 | ✅ |
| 10 | 100 | ✅ |
🔹 पूर्ण वर्ग संख्या का परीक्षण (गुणनखंड विधि)
- किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें।
- यदि सभी अभाज्य गुणनखंडों के जोड़े बन जाते हैं, तो वह संख्या पूर्ण वर्ग होती है।
- उदाहरण: 225 = 3 × 3 × 5 × 5 = 3² × 5² = (3 × 5)² = 15² → पूर्ण वर्ग ✅
- उदाहरण: 180 = 2 × 2 × 3 × 3 × 5 → 5 का जोड़ा नहीं → पूर्ण वर्ग नहीं ❌
= 3 × 3 × 25
= 3 × 3 × 5 × 5
= 3² × 5² = (3 × 5)² = 15²
∴ 225 = 15² (पूर्ण वर्ग)
🔹 सम और विषम संख्याओं के वर्गों की विशेषता
- सम संख्या का वर्ग → सम संख्या — 2²=4, 4²=16, 6²=36
- विषम संख्या का वर्ग → विषम संख्या — 3²=9, 5²=25, 7²=49
✅ पूर्ण वर्ग: अभाज्य गुणनखंडों के सभी जोड़े बनते हैं — सम संख्या का वर्ग सम, विषम का विषम।
🔹 गुणनखंड विधि के चरण
- Step 1: संख्या के अभाज्य गुणनखंड (Prime Factors) ज्ञात करें।
- Step 2: समान गुणनखंडों के जोड़े (Pairs) बनाएँ।
- Step 3: प्रत्येक जोड़े में से एक-एक गुणनखंड चुनें।
- Step 4: चुने हुए गुणनखंडों का गुणनफल = धनात्मक वर्गमूल।
- Step 5: चिह्न बदलकर ऋणात्मक वर्गमूल भी प्राप्त करें — √x² = ±x
= 2² × 3² = (2 × 3)² = 6²
∴ √36 = ±6
= 2⁴ × 3² = (2² × 3)² = (4 × 3)² = 12²
∴ √144 = ±12
🔹 गुणनफल एवं भागफल का वर्गमूल
- नियम 1: √(a × b) = √a × √b
- नियम 2: √(a ÷ b) = √a ÷ √b (जब b ≠ 0)
256 = 2⁸ = 16² → √256 = 16
441 = 3² × 7² = 21² → √441 = 21
∴ √(256/441) = ±16/21
🔬 गुणनखंड विधि: अभाज्य गुणनखंड → जोड़े → एक-एक चुनें → गुणा करें → ± चिह्न लगाएँ।
भाग विधि (Division Method): उन संख्याओं के वर्गमूल ज्ञात करने के लिए जिनके गुणनखंड सरलता से नहीं ज्ञात किए जा सकते या जो पूर्ण वर्ग नहीं हैं।
🔹 भाग विधि के चरण
- Step 1: इकाई अंक से प्रारम्भ करके अंकों के जोड़े (Pairs) बनाएँ।
- Step 2: सबसे बाएँ जोड़े के बराबर या उससे कम सबसे बड़ा वर्ग चुनें।
- Step 3: उस संख्या को भागफल (Quotient) में लिखें और उसके वर्ग को घटाएँ।
- Step 4: शेषफल के आगे अगला जोड़ा उतारें (Bring down)।
- Step 5: भागफल का दूना (Double) करके नया भाजक बनाएँ।
- Step 6: भाजक के साथ उपयुक्त अंक जोड़कर भाग दें — दोहराएँ।
| √1849 | |
| ↓ | |
| 4 | 18 49 |
| 4²=16 | -16 |
| 2 | |
| 4×2=8 → 83 | 249 |
| 83×3=249 | -249 |
| 0 |
| 1 | 1 14 49 |
| 1²=1 | -1 |
| 0 | |
| 1×2=2 → 20 | 14 49 |
| 20×0=0 | -0 |
| 14 | |
| 10×2=20 → 207 | 1449 |
| 207×7=1449 | -1449 |
| 0 |
➗ भाग विधि: जोड़े बनाएँ → भाजक → भागफल → दोहराएँ — बड़ी संख्याओं के लिए उपयुक्त।
दशमलव संख्याओं के वर्गमूल ज्ञात करने के नियम:
- पूर्ण वर्ग दशमलव संख्या: दशमलव के बाद अंकों की संख्या सम होती है — जैसे 4.6225 (4 अंक)।
- वर्गमूल में दशमलव अंक: मूल संख्या में दशमलव अंकों की आधी संख्या।
- यदि दशमलव अंकों की संख्या विषम है, तो सबसे दायीं ओर शून्य बढ़ाकर सम करें।
दशमलव भाग: 6225 → √6225 = 79 (भाग विधि से)
∴ √4.6225 = 2.15
🔟 दशमलव वर्गमूल: दशमलव अंकों की संख्या सम हो — विषम होने पर शून्य बढ़ाएँ।
अपूर्णांक संख्या (Non-perfect Square): वह संख्या जो किसी परिमेय संख्या का पूर्ण वर्ग नहीं है — इनका वर्गमूल अपरिमेय (Irrational) होता है।
- अपरिमेय संख्या (Irrational Number): वह वास्तविक संख्या जो परिमेय नहीं है — जैसे √2, √3, √5, π
- इन्हें भाग विधि से दशमलव के निकटतम स्थानों तक ज्ञात किया जा सकता है।
- निकटतम मान: √2 ≈ 1.414, √3 ≈ 1.732, √5 ≈ 2.236
√(10⅔) ≈ 3.266
🔹 √2, √3, √5 के मान
♾️ अपरिमेय संख्याएँ: √2, √3, √5 — दशमलव में सांत (Terminating) नहीं होतीं — भाग विधि से निकटतम मान ज्ञात करते हैं।
🔹 प्रश्न 1 – 1 से 15 के बीच की सभी विषम संख्याओं के वर्ग
🔹 प्रश्न 2 – निम्नांकित के मान
🔹 प्रश्न 3 – परिमेय संख्याओं के वर्ग
🔹 प्रश्न 1 – गुणनखंड विधि से वर्गमूल
🔹 प्रश्न 2 – धनात्मक वर्गमूल
🔹 प्रश्न 3–7 – शब्दात्मक समस्याएँ
🔹 प्रश्न 1 – भाग विधि से वर्गमूल
🔹 प्रश्न 2–6 – शब्दात्मक समस्याएँ
🔹 बहुविकल्पीय प्रश्न
🔹 प्रश्न 5 – वर्गमूल में अंकों की संख्या
🔹 प्रश्न 1 – दशमलव संख्याओं के वर्गमूल
🔹 प्रश्न 2 – निकटतम तीन स्थानों तक
🔹 प्रश्न 3–6 – शब्दात्मक
नहीं (5400 = 2³ × 3³ × 5² → 2 और 3 के जोड़े नहीं)
9 (1681 − 1600 = 81 → √81 = 9)
√(5² + 12²) = 13
30² + √900 = 930
√400 + √0.04 + √0.000004 = 20.202
3600 (16=2⁴, 18=2×3², 45=3²×5 → LCM=2⁴×3²×5=720 → पूर्ण वर्ग के लिए ×5 = 3600)
📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)
🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)
📝 अभ्यास क्विज़
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।