अध्याय 17: गुणा – ऊर्ध्वतिर्यक एवं आधार विधि – Junior School Online
📐 गणित – कक्षा 6 – अध्याय 17

✖️ गुणा – ऊर्ध्वतिर्यक एवं आधार विधि

इस अध्याय में हम वैदिक गणित की दो महत्वपूर्ण विधियों – ऊर्ध्वतिर्यक (खड़ा-तिरछा) और आधार पद्धति (निखिलं सूत्र) – से गुणा करना सीखेंगे। ये विधियाँ गणना को तीव्र और सरल बनाती हैं।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 📜 वैदिक गणित का परिचय

वैदिक गणित – हमारे प्राचीन वेदों से प्राप्त गणितीय गणनाओं की परम्परा।

  • जब कैलकुलेटर और कम्प्यूटर नहीं थे, तब इन सूत्रों से तेज़ गणना की जाती थी।
  • इस अध्याय में हम ऊर्ध्वतिर्यक और आधार पद्धति (निखिलं) सूत्र सीखेंगे।

📌 गुण्य और गुणक

  • गुण्य – जिस संख्या में गुणा करते हैं।
  • गुणक – जिस संख्या से गुणा करते हैं।
  • जैसे: 12 × 13 में – 12 गुण्य, 13 गुणक

💡 ऊर्ध्वतिर्यक का अर्थ

ऊर्ध्व = खड़ा (Vertical) | तिर्यक = तिरछा (Cross)

∴ ऊर्ध्वतिर्यक = खड़ा–तिरछा गुणन

2 ✖️ 2-अंकीय ऊर्ध्वतिर्यक गुणन

चरण:

1 2
× 1 3
चरण 1: 2×3 = 6
चरण 2: (1×3) + (2×1) = 5
चरण 3: 1×1 = 1
उत्तर = 156

📌 विधि

  • चरण 1: दाहिने अंकों का खड़ा (ऊर्ध्व) गुणन – इकाई अंक
  • चरण 2: तिरछा (तिर्यक) गुणन + जोड़ – दहाई अंक
  • चरण 3: बाएँ अंकों का खड़ा (ऊर्ध्व) गुणन – सैकड़ा अंक

📌 उदाहरण – 16 × 11

1 6
× 1 1
= 1 / (1×1 + 6×1) / 6 = 1 / 7 / 6 = 176

📌 उदाहरण – 35 × 67

3 5
× 6 7
= (3×6) / (3×7 + 6×5) / (5×7)
= 18 / (21+30) / 35 = 18 / 51 / 35
= 18 / (51+3) / 5 = 18 / 54 / 5 = 18 / (5+54) / 5 = 2345
3 ✖️ 3-अंकीय ऊर्ध्वतिर्यक गुणन

111 × 111 का गुणन:

1 1 1
× 1 1 1
चरण 1: 1×1 = 1
चरण 2: (1×1)+(1×1) = 2
चरण 3: (1×1)+(1×1)+(1×1) = 3
चरण 4: (1×1)+(1×1) = 2
चरण 5: 1×1 = 1
उत्तर = 12321

📌 3-अंकीय विधि के चरण

  • चरण 1: इकाई × इकाई
  • चरण 2: (दहाई×इकाई) + (इकाई×दहाई)
  • चरण 3: (सैकड़ा×इकाई) + (दहाई×दहाई) + (इकाई×सैकड़ा)
  • चरण 4: (सैकड़ा×दहाई) + (दहाई×सैकड़ा)
  • चरण 5: सैकड़ा × सैकड़ा

📌 उदाहरण – 102 × 104

1 0 2
× 1 0 4
= 1 / (1×0 + 0×1) / (1×4 + 0×0 + 2×1) / (0×4 + 2×0) / (2×4)
= 1 / 0 / 6 / 0 / 8 = 10608

💡 3-अंकीय × 2-अंकीय

2-अंकीय संख्या के बायें शून्य (0) लगाकर 3-अंकीय बना लें।

जैसे: 214 × 32 = 214 × 032

4 📤 हासिल (Carry) वाला गुणन

नियम: जब किसी चरण में 2 या अधिक अंकों वाली संख्या प्राप्त हो, तो दाहिने अंक को लिखें और बाकी अंक को बायीं ओर जोड़ दें।

📌 उदाहरण – 15 × 37

1 5
× 3 7
= (1×3) / (1×7 + 3×5) / (5×7)
= 3 / (7+15) / 35 = 3 / 22 / 35
= 3 / (22+3) / 5 = 3 / 25 / 5 = 555

ध्यान दें: 35 में 3 को बायें जोड़ा गया, 22 में 2 को बायें जोड़ा गया।

📌 उदाहरण – 49 × 49

4 9
× 4 9
= 16 / (36+36) / 81 = 16 / 72 / 81
= 16 / (72+8) / 1 = 16 / 80 / 1 = (16+8) / 0 / 1 = 2401

📌 महत्वपूर्ण

हासिल (carry) को बायीं ओर जोड़ना है, दायीं ओर नहीं!

5 📐 आधार पद्धति (निखिलं सूत्र)

आधार पद्धति – संख्याओं को 10, 100, 1000 आदि आधार के सापेक्ष पूरक (अंतर) निकालकर गुणा करना।

संख्याआधारपूरक (संख्या – आधार)
710-3
1510+5
85100-15
104100+4
10061000+6

📌 उदाहरण – 95 × 99

आधार = 100
95 का पूरक = -5, 99 का पूरक = -1
बायाँ पक्ष = 95 + (-1) = 94
दायाँ पक्ष = (-5) × (-1) = 5
उत्तर = 94 / 05 = 9405

📌 उदाहरण – 102 × 107

आधार = 100
102 का पूरक = +2, 107 का पूरक = +7
बायाँ पक्ष = 102 + 7 = 109
दायाँ पक्ष = 2 × 7 = 14
उत्तर = 109 / 14 = 10914

📌 सूत्र

बायाँ पक्ष = पहली संख्या + दूसरी संख्या का पूरक

दायाँ पक्ष = पूरकों का गुणनफल

दायाँ पक्ष में आधार के अनुसार अंकों की संख्या बनाएँ (10 → 1 अंक, 100 → 2 अंक)

6 मिश्रित पूरक (एक धनात्मक, एक ऋणात्मक)

जब एक संख्या आधार से बड़ी (धनात्मक पूरक) और दूसरी छोटी (ऋणात्मक पूरक) हो।

📌 उदाहरण – 12 × 9

आधार = 10
12 का पूरक = +2, 9 का पूरक = -1
बायाँ पक्ष = 12 + (-1) = 11
दायाँ पक्ष = (+2) × (-1) = -2
उत्तर = 11 / -2
= (11-1) / (10-2) = 108

∵ दायाँ पक्ष ऋणात्मक है, बायें में से 1 घटाएँ और दायें में 10 जोड़ें।

📌 नियम

  • यदि दायाँ पक्ष ऋणात्मक हो, तो बायें पक्ष में से 1 घटाकर दायें में आधार जोड़ दें।
  • यदि दायाँ पक्ष आधार के अंकों से अधिक हो, तो हासिल बायें जोड़ें।
7 📝 अभ्यास (Exercises)

अभ्यास 17(a) – ऊर्ध्वतिर्यक विधि

  • 16 × 11 = 176
  • 21 × 16 = 336
  • 23 × 21 = 483
  • 32 × 32 = 1024
  • 83 × 92 = 7636
  • 46 × 35 = 1610
  • 26 टोकरी × 16 आम = 416 आम
  • 32 क्यारियाँ × 54 पौधे = 1728 पौधे
  • 15 परिवार × 10 लोग = 150 लोग

अभ्यास 17(b) – 3-अंकीय गुणन

  • 101 × 102 = 10302
  • 103 × 100 = 10300
  • 116 × 114 = 13224
  • 582 × 114 = 134442
  • 116 × 117 = 13572
  • 236 × 425 = 100300
  • 76 × 369 = 28044
  • 136 × 436 = 59296

आधार पद्धति (निखिलं)

  • 9 × 8 = 72
  • 11 × 12 = 132
  • 7 × 6 = 42
  • 99 × 92 = 9108
  • 998 × 997 = 995006
  • 1012 × 1007 = 1019084
  • 107 × 102 = 10914
8 🎯 अंकों का जादू (Number Magic)

📌 जादू – सिर्फ 4 की आवृत्ति!

1 2 3 4 5 6 7 8 9
9 8 7 6 5 4 3 2 1
1 2 3 4 5 6 7 8 9
9 8 7 6 5 4 3 2 1
1 2 3 4 5 6 7 8 9
9 8 7 6 5 4 3 2 1
1 2 3 4 5 6 7 8 9
9 8 7 6 5 4 3 2 1
+ 4
= 4 4 4 4 4 4 4 4 4 4 4

1 से 9 तक की संख्याओं को बारी-बारी से बढ़ते और घटते क्रम में लिखकर 4 जोड़ने पर सिर्फ 4 की आवृत्ति आती है!

🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs

कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।

🧠 Practice Quiz – गुणा (ऊर्ध्वतिर्यक एवं आधार विधि)

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 हमने सीखा – सारांश

ऊर्ध्वतिर्यक – खड़ा-तिरछा गुणन विधि
गुण्य – जिस संख्या में गुणा
गुणक – जिस संख्या से गुणा
हासिल (Carry) – अतिरिक्त अंक बायें जोड़ना
आधार पद्धति – 10, 100, 1000 आधार
पूरक – संख्या – आधार (अंतर)
बायाँ पक्ष = संख्या + दूसरी का पूरक
दायाँ पक्ष = पूरकों का गुणनफल
ऋणात्मक पूरक – बायें में 1 घटाना
3-अंकीय गुणन – 5 चरणों में
2-अंकीय × 2-अंकीय – 3 चरणों में
निखिलं सूत्र – आधार पद्धति का वैदिक नाम
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