🔄 सममितता (Symmetry)
इस अध्याय में हम सममित आकृतियों की पहचान, सममिति रेखाएँ, परावर्तन सममितता, तथा 2D और 3D आकृतियों में सममितता के बारे में जानेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
सममितता (Symmetry) – किसी आकृति का वह गुण जिसमें एक रेखा के दोनों ओर के भाग समान होते हैं।
- सममिति रेखा / सममिति अक्ष (Line of Symmetry / Axis of Symmetry) – वह काल्पनिक रेखा जो आकृति को दो बराबर भागों में विभाजित करती है।
- दर्पण रेखा (Mirror Line) – यदि सममिति रेखा पर दर्पण रखें तो एक भाग का प्रतिबिम्ब दूसरे भाग को पूरी तरह ढक लेता है।
📌 प्रकृति में सममितता
- मानव शरीर – सिर के ऊपर से पैर तक एक रेखा दोनों भागों को समान बनाती है।
- पत्तियाँ (आम, पीपल, केला, अशोक) – बीच की रीढ़ के दोनों ओर समान भाग।
💡 परावर्तन सममितता (Reflection Symmetry)
जब सममिति अक्ष पर दर्पण रखने पर एक भाग का प्रतिबिम्ब दूसरे भाग को पूरी तरह ढक लेता है, तो इसे परावर्तन सममितता कहते हैं।
सममिति रेखा – वह रेखा जो किसी आकृति को दो समान भागों में विभाजित करती है।
- आकृति को सममिति रेखा के अनुदिश मोड़ने पर एक भाग दूसरे भाग को पूर्णतः ढक लेता है।
- सममिति रेखा को सममिति अक्ष या दर्पण रेखा भी कहते हैं।
📌 ध्यान दें
- कुछ आकृतियों में एक सममिति रेखा होती है।
- कुछ में अनेक सममिति रेखाएँ होती हैं।
- कुछ आकृतियों में कोई सममिति रेखा नहीं होती।
| आकृति | सममिति रेखाओं की संख्या |
|---|---|
| समबाहु त्रिभुज | 3 |
| समद्विबाहु त्रिभुज | 1 |
| विषमबाहु त्रिभुज | 0 |
| वर्ग | 4 |
| आयत | 2 |
| समचतुर्भुज | 2 |
| समषट्भुज | 6 |
| वृत्त | अनंत (अपरिमित) |
परावर्तन सममितता – जब सममिति अक्ष पर दर्पण रखने पर आकृति का एक भाग, दूसरे भाग का प्रतिबिम्ब बन जाता है।
- प्रतिबिम्ब आकृति, मूल आकृति के सर्वांगसम होती है।
- दर्पण रेखा के सापेक्ष प्रतिबिम्ब उल्टा होता है।
📌 उदाहरण
- हाथ का दर्पण प्रतिबिम्ब – बायाँ हाथ, दायाँ हाथ की तरह दिखता है।
- पत्तियों में परावर्तन सममितता – बीच की रीढ़ दर्पण रेखा है।
अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों में सममितता
| अक्षर | सममिति अक्ष |
|---|---|
| A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y | ऊर्ध्वाधर (Vertical) |
| B, C, D, E, H, I, K, O, X | क्षैतिज (Horizontal) |
| H, I, O, X | दोनों (Vertical + Horizontal) |
| F, G, J, L, N, P, Q, R, S, Z | कोई सममिति नहीं |
📌 ध्यान दें
अक्षरों में सममिति रेखा ऊर्ध्वाधर (Vertical), क्षैतिज (Horizontal) या दोनों हो सकती है।
कुछ आकृतियों में एक से अधिक सममिति अक्ष होते हैं।
| आकृति | सममिति अक्षों की संख्या |
|---|---|
| समबाहु त्रिभुज | 3 |
| वर्ग | 4 |
| आयत | 2 |
| समचतुर्भुज | 2 |
| समषट्भुज | 6 |
| वृत्त | अनंत (अपरिमित) |
📌 वृत्त – अनंत सममिति अक्ष
वृत्त में अनंत सममिति अक्ष होते हैं, क्योंकि किसी भी व्यास के सापेक्ष वृत्त सममित होता है।
सममितता केन्द्र (Centre of Symmetry) – क्रिस्टल या ठोस आकृति में वह काल्पनिक बिन्दु जिससे गुजरने वाली रेखा सभी तरफ समान दूरी पर पृष्ठ को काटती है।
- एक क्रिस्टल में एक सममितता केन्द्र होता है या कोई नहीं।
- एक से अधिक सममितता केन्द्र संभव नहीं है।
सममितता तल (Plane of Symmetry) – वह काल्पनिक तल जो क्रिस्टल को दो समान भागों में बाँटता है।
- घन क्रिस्टल में 9 सममितता तल होते हैं (3 ऊर्ध्वाधर + 6 विकर्ण)।
सममितता अक्ष (Axis of Symmetry) – घन क्रिस्टल में 13 सममितता अक्ष होते हैं (3 + 4 + 6)।
📌 घन क्रिस्टल में सममितता अवयव
- सममितता तल = 3 + 6 = 9
- सममितता केन्द्र = 1
- सममितता अक्ष = 3 + 4 + 6 = 13
- कुल = 9 + 1 + 13 = 23
- कला और शिल्प – रंगोली, मेहंदी, क़ालीन, वास्तुकला में सममित डिज़ाइन।
- प्रकृति – फूल, पत्तियाँ, तितलियाँ, मानव शरीर।
- वस्तुएँ – खिड़कियाँ, दरवाज़े, किताबें, बोतलें, प्लेटें, कार, हवाई जहाज़।
- वास्तुकला – ताजमहल, लाल किला, मंदिर – सभी में सममितता है।
📌 सममितता का महत्व
सममितता सौंदर्य और संतुलन प्रदान करती है। यदि सममितता न हो तो दुनिया की सुंदरता समाप्त हो जाएगी।
💡 याद रखें
- सर्वांगसम आकृतियाँ – दो अलग-अलग वस्तुएँ जो रूप और माप में समान हों।
- सममित आकृतियाँ – एक ही वस्तु के दो समान भाग।
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – सममितता (Symmetry)
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।