⭕ वृत्त (Circle)
इस अध्याय में हम वृत्त की अवधारणा, वृत्त के विभिन्न अंगों (त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, अर्धवृत्त, वृत्तखंड, त्रिज्यखंड) तथा वृत्त के अंतः एवं बाह्य क्षेत्रों के बारे में जानेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषय – किसी भी कार्ड पर क्लिक करें और सीधे उस भाग पर पहुँचें।
📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
वृत्त (Circle) – एक समतल में एक निश्चित बिन्दु से समान दूरी पर स्थित सभी बिन्दुओं का समूह।
- केन्द्र (Centre) – वह निश्चित बिन्दु (जैसे O)।
- त्रिज्या (Radius) – केन्द्र से वृत्त पर स्थित किसी बिन्दु तक की दूरी।
- व्यास (Diameter) – वृत्त के केन्द्र से होकर जाने वाली जीवा (2 × त्रिज्या)।
📌 वृत्त बनाने की विधि
धागे के एक सिरे पर पेंसिल बाँधकर दूसरे सिरे को कागज पर स्थिर रखकर पेंसिल घुमाएँ – वृत्त बन जाता है।
💡 महत्वपूर्ण
त्रिज्या = r, व्यास = d = 2r (व्यास, त्रिज्या का दोगुना होता है।)
- त्रिज्या (Radius) – केन्द्र से वृत्त पर स्थित किसी बिन्दु तक की दूरी।
- व्यास (Diameter) – वृत्त के केन्द्र से होकर जाने वाली जीवा। यह वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है।
- जीवा (Chord) – वृत्त पर स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखंड।
📌 याद रखें
- व्यास = 2 × त्रिज्या
- व्यास वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है।
- एक वृत्त में अनंत त्रिज्याएँ और अनंत व्यास होते हैं।
- अंतःक्षेत्र (Interior) – वृत्त के अन्दर का भाग (वृत्त को छोड़कर)।
- बाह्य क्षेत्र (Exterior) – वृत्त के बाहर का भाग (वृत्त को छोड़कर)।
- वृत्तीय क्षेत्र – वृत्त और उसके अंतःक्षेत्र को मिलाकर।
📌 निष्कर्ष
- केन्द्र से जिन बिन्दुओं की दूरी = त्रिज्या → वृत्त पर स्थित।
- केन्द्र से जिन बिन्दुओं की दूरी < त्रिज्या → वृत्त के अंदर।
- केन्द्र से जिन बिन्दुओं की दूरी > त्रिज्या → वृत्त के बाहर।
परिधि (Circumference) – वृत्ताकार चकती या थाली के किनारे की लम्बाई को परिधि कहते हैं।
- परिधि = वृत्त की सीमा रेखा की लम्बाई।
- व्यास और परिधि में एक निश्चित सम्बन्ध होता है (π से)।
📌 परिधि नापने की विधि
पतले तार को वृत्ताकार चकती के किनारे पर लपेटकर तार की लम्बाई नापें – यही परिधि है।
💡 ध्यान दें
वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात π (पाई) कहलाता है।
चाप (Arc) – वृत्त का एक भाग (वक्र रेखा)।
- लघु चाप (Minor Arc) – दो बिन्दुओं के बीच का छोटा भाग।
- दीर्घ चाप (Major Arc) – दो बिन्दुओं के बीच का बड़ा भाग।
📌 ध्यान दें
यदि जीवा व्यास है, तो दोनों चाप समान (अर्धवृत्त) होते हैं।
अर्धवृत्त (Semi-circle) – वृत्त का आधा भाग, जो व्यास द्वारा विभाजित होता है।
- व्यास वृत्त को दो समान भागों में विभाजित करता है।
- प्रत्येक भाग अर्धवृत्त कहलाता है।
- अर्धवृत्त में व्यास स्वयं शामिल नहीं होता, केवल चाप शामिल होता है।
📌 निष्कर्ष
व्यास वृत्त को दो अर्धवृत्तों में विभाजित करता है, दोनों सर्वांगसम होते हैं।
वृत्तखंड (Segment) – वृत्त के चाप और उसकी जीवा से घिरा हुआ क्षेत्र।
- लघु वृत्तखंड (Minor Segment) – जीवा और लघु चाप से घिरा छोटा भाग।
- दीर्घ वृत्तखंड (Major Segment) – जीवा और दीर्घ चाप से घिरा बड़ा भाग।
📌 ध्यान दें
जीवा व्यास हो तो अर्धवृत्त बनता है, वृत्तखंड नहीं।
त्रिज्यखंड (Sector) – वृत्त के चाप और चाप के अन्त्य बिन्दुओं से जाने वाली त्रिज्याओं से घिरा क्षेत्र।
- लघु त्रिज्यखंड (Minor Sector) – लघु चाप और दो त्रिज्याओं से घिरा छोटा भाग।
- दीर्घ त्रिज्यखंड (Major Sector) – दीर्घ चाप और दो त्रिज्याओं से घिरा बड़ा भाग।
📌 याद रखें
- त्रिज्यखंड की सीमा = 2 त्रिज्याएँ + चाप
- वृत्तखंड की सीमा = जीवा + चाप
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – वृत्त (Circle)
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।