अध्याय 19: वैदिक गणित – Junior School Online
🕉️ Maths – Class 8 – Chapter 19

🕉️ वैदिक गणित (Vedic Mathematics)

जानें कि वैदिक गणित क्या है, 16 मूल सूत्र एवं 13 उपसूत्र, संख्याओं का वर्ग करने की विधियाँ – आनुकल्पेण, एकाधिकेन पूर्वेण, यावदून तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्, तथा घन करने की विधियाँ – उदाहरणों के साथ।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🕉️ वैदिक गणित – परिचय एवं विशेषताएँ

वैदिक गणित (Vedic Mathematics) – गणना की एक ऐसी पद्धति है, जिससे जटिल अंकगणितीय गणनाएँ अत्यन्त सरल, सहज व त्वरित सम्भव होती हैं।

🕉️ 16 मूल सूत्र + 13 उपसूत्र
  • 16 मूल सूत्र (Sutras): वैदिक गणित के आधारभूत सूत्र – जिनसे सभी गणनाएँ की जाती हैं।
  • 13 उपसूत्र (Sub-sutras): मूल सूत्रों की सहायता के लिए उपसूत्र।
  • लाभ: गणना करने की क्षमता बढ़ाते हैं, नया दृष्टिकोण प्रदान करते हैं, आनन्दानुभूति होती है।

🕉️ वैदिक गणित: 16 मूल सूत्र + 13 उपसूत्र – जटिल गणनाएँ सरल, सहज एवं त्वरित।

🕉️ वैदिक गणित – 16 सूत्र एवं 13 उपसूत्र
🕉️ 16 मूल सूत्र 📜 13 उपसूत्र त्वरित गणना → सरल, सहज, आनन्ददायक वैदिक गणित – गणना की अद्भुत पद्धति
चित्र 19.1: वैदिक गणित – 16 मूल सूत्र, 13 उपसूत्र

🔑 मुख्य बिंदु

वैदिक गणित (Vedic Mathematics) – 16 मूल सूत्र तथा 13 उपसूत्र – जटिल गणनाएँ सरल, सहज एवं त्वरित – गणितीय सोच में नया दृष्टिकोण।

2 📐 वर्ग – आनुकल्पेण विधि (Ānukalpeṇa Method)

आनुकल्पेण विधि – इस विधि का प्रयोग प्रायः दो अंकों की संख्याओं का वर्ग ज्ञात करने के लिए किया जाता है।

(a+b)² = a² + 2ab + b² का प्रयोग

📌 विधि के चरण:

  • बायां भाग (i) = दहाई के अंक का वर्ग (a²)
  • मध्य भाग (ii) = 2 × (दहाई × इकाई) = 2ab
  • दायां भाग (iii) = इकाई के अंक का वर्ग (b²)
  • मध्य व दाएं भाग में एक-एक अंक ही होंगे – अतिरिक्त अंकों को बायें ओर हासिल ले जाते हैं।

📌 उदाहरण 1: संख्या 23 का वर्ग

✅ हल – आनुकल्पेण विधि:

23² = (20 + 3)²

a = 2, b = 3

(i) a² = 2² = 4

(ii) 2ab = 2 × 2 × 3 = 12

(iii) b² = 3² = 9

23² = 4 / 12 / 9 = 4 / (12+0) / 9 = (4+1) / 2 / 9 = 529

उत्तर: 23² = 529

📌 उदाहरण 2: संख्या 89 का वर्ग

✅ हल – आनुकल्पेण विधि:

89² = (80 + 9)²

a = 8, b = 9

(i) a² = 8² = 64

(ii) 2ab = 2 × 8 × 9 = 144

(iii) b² = 9² = 81

89² = 64 / 144 / 81

= 64 / (144+8) / 1 = 64 / 152 / 1

= (64+15) / 2 / 1 = 79 / 2 / 1 = 7921

उत्तर: 89² = 7921

📐 आनुकल्पेण विधि: (a+b)² = a²/2ab/b² – दो अंकों की संख्याओं के लिए उपयोगी।

3 🔑 वर्ग – एकाधिकेन पूर्वेण विधि (Ekādhikena Pūrveṇa)

एकाधिकेन पूर्वेण – "पूर्व से एक अधिक" – इस विधि का प्रयोग ऐसी संख्याओं के वर्ग के लिए करते हैं, जिनकी इकाई का अंक 5 होता है।

एकाधिकेन पूर्वेण = पूर्व से एक अधिक

📌 विधि के चरण:

  • चरण 1: इकाई का अंक 5 का वर्ग = 25
  • चरण 2: 5 को छोड़कर शेष संख्या को उसकी अगली संख्या (संख्या + 1) से गुणा करें।
  • चरण 3: गुणनफल को 25 के बायीं ओर लिखें।

📌 उदाहरण 1: संख्या 25 का वर्ग

✅ हल – एकाधिकेन पूर्वेण:

25² = 2 × (2+1) / 5²

= 2 × 3 / 25 = 6 / 25 = 625

उत्तर: 25² = 625

📌 उदाहरण 2: संख्या 115 का वर्ग

✅ हल – एकाधिकेन पूर्वेण:

115² = 11 × (11+1) / 5²

= 11 × 12 / 25 = 132 / 25 = 13225

उत्तर: 115² = 13225

📌 उदाहरण 3: संख्या 95 का वर्ग

✅ हल – एकाधिकेन पूर्वेण:

95² = 9 × (9+1) / 5²

= 9 × 10 / 25 = 90 / 25 = 9025

उत्तर: 95² = 9025

📌 उदाहरण 4: वर्गाकार टारगेट बोर्ड

प्रश्न: एक वर्गाकार टारगेट बोर्ड की प्रत्येक भुजा 45 सेमी है। क्षेत्रफल वैदिक विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

क्षेत्रफल = भुजा² = 45²

45² = 4 × (4+1) / 5² = 4 × 5 / 25 = 20 / 25 = 2025

उत्तर: 2025 वर्ग सेमी

🔑 एकाधिकेन पूर्वेण: (x5)² = x(x+1)/25 – इकाई 5 वाली संख्याओं के लिए अत्यन्त सरल।

4 📊 वर्ग – यावदून तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्

यावदून तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत् – "संख्या आधार से जितनी कम या अधिक हो, संख्या को उतना कम या अधिक करके, उसमें कम या अधिक संख्या का वर्ग योजित करें।"

यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्

📌 विधि के चरण:

  • आधार (Base): 10, 100, 1000, ... में से कोई एक चुनें।
  • विचलन (Deviation): d = संख्या – आधार
  • बायां भाग: = संख्या + विचलन
  • दायां भाग: = (विचलन)²
  • नियम: आधार में जितने शून्य हों, दायें भाग में उतने ही अंक होने चाहिए – कम हों तो बायीं ओर 0 लगाएँ।

📌 उदाहरण 1: संख्या 7 का वर्ग

✅ हल – यावदून विधि:

आधार = 10

विचलन = 7 – 10 = –3

बायां भाग = 7 + (–3) = 4

दायां भाग = (–3)² = 9

7² = 4 / 9 = 49

उत्तर: 7² = 49

📌 उदाहरण 2: संख्या 103 का वर्ग

✅ हल – यावदून विधि:

आधार = 100

विचलन = 103 – 100 = 3

बायां भाग = 103 + 3 = 106

दायां भाग = 3² = 9 → 09 (आधार में 2 शून्य)

103² = 106 / 09 = 10609

उत्तर: 103² = 10609

📌 उदाहरण 3: संख्या 41 का वर्ग (आधार 40)

✅ हल – यावदून विधि (आधार 40):

आधार = 40, गुणक = 40/10 = 4

विचलन = 41 – 40 = 1

बायां भाग = 4 × (41 + 1) = 4 × 42 = 168

दायां भाग = 1² = 1

41² = 168 / 1 = 1681

उत्तर: 41² = 1681

📊 यावदून विधि: आधार से विचलन ज्ञात करें – बायाँ भाग = (संख्या + विचलन), दायाँ भाग = (विचलन)²

5 🧊 घन (Cube) – विभिन्न वैदिक विधियाँ

घन (Cube) – किसी संख्या को उसी संख्या से तीन बार गुणा करने पर प्राप्त संख्या को घन कहते हैं – a³ = a × a × a

📌 विधि 1: यावदूनम् विधि (घन के लिए)

सूत्र:

(a + d)³ = a³ / 3a²d / 3ad² / d³

  • प्रथम भाग (i):
  • द्वितीय भाग (ii): 3a²d
  • तृतीय भाग (iii): 3ad²
  • चतुर्थ भाग (iv):
  • आधार में जितने शून्य हों, दायें भाग में उतने ही अंक।

📌 उदाहरण 1: संख्या 12 का घन (यावदूनम्)

✅ हल:

आधार = 10, a = 10, d = 2

(i) a³ = 10³ = 1000

(ii) 3a²d = 3 × 100 × 2 = 600

(iii) 3ad² = 3 × 10 × 4 = 120

(iv) d³ = 2³ = 8

12³ = 1000 / 600 / 120 / 8 = 1728

उत्तर: 12³ = 1728

📌 उदाहरण 2: संख्या 96 का घन (यावदूनम्)

✅ हल:

आधार = 100, a = 100, d = –4

(i) a³ = 100³ = 1000000

(ii) 3a²d = 3 × 10000 × (–4) = –120000

(iii) 3ad² = 3 × 100 × 16 = 4800

(iv) d³ = (–4)³ = –64

96³ = 1000000 – 120000 + 4800 – 64 = 884736

उत्तर: 96³ = 884736

📌 विधि 2: आनुकृष्येण विधि (घन के लिए)

सूत्र:

(ab)³ = a³ / 3a²b / 3ab² / b³

  • a = दहाई का अंक, b = इकाई का अंक
  • 4 भाग – प्रत्येक में एक अंक (हासिल के साथ)

📌 उदाहरण 3: संख्या 27 का घन (आनुकृष्येण)

✅ हल:

a = 2, b = 7

(i) a³ = 2³ = 8

(ii) 3a²b = 3 × 4 × 7 = 84

(iii) 3ab² = 3 × 2 × 49 = 294

(iv) b³ = 7³ = 343

27³ = 8 / 84 / 294 / 343 = 19683

उत्तर: 27³ = 19683

📌 उदाहरण 4: संख्या 83 का घन (आनुकृष्येण)

✅ हल:

a = 8, b = 3

(i) a³ = 8³ = 512

(ii) 3a²b = 3 × 64 × 3 = 576

(iii) 3ab² = 3 × 8 × 9 = 216

(iv) b³ = 3³ = 27

83³ = 512 / 576 / 216 / 27 = 571787

उत्तर: 83³ = 571787

🧊 घन विधियाँ: यावदूनम् (आधार विधि) एवं आनुकृष्येण (दो अंकों की संख्या) – दोनों अत्यन्त सरल एवं त्वरित।

6 📝 अभ्यास (Exercises) – प्रश्न एवं विस्तृत हल

📌 अभ्यास – वर्ग (Square) – आनुकल्पेण विधि

प्रश्न 1: संख्या 34 का वर्ग आनुकल्पेण विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

a = 3, b = 4

(i) a² = 9

(ii) 2ab = 2 × 3 × 4 = 24

(iii) b² = 16

34² = 9 / 24 / 16 = 9 / (24+1) / 6 = 9 / 25 / 6 = (9+2) / 5 / 6 = 1156

उत्तर: 34² = 1156

प्रश्न 2: संख्या 56 का वर्ग आनुकल्पेण विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

a = 5, b = 6

(i) a² = 25

(ii) 2ab = 2 × 5 × 6 = 60

(iii) b² = 36

56² = 25 / 60 / 36 = 25 / (60+3) / 6 = 25 / 63 / 6 = (25+6) / 3 / 6 = 3136

उत्तर: 56² = 3136

📌 अभ्यास – वर्ग (Square) – एकाधिकेन पूर्वेण विधि

प्रश्न 3: संख्या 65 का वर्ग एकाधिकेन पूर्वेण विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

65² = 6 × (6+1) / 5² = 6 × 7 / 25 = 42 / 25 = 4225

उत्तर: 65² = 4225

प्रश्न 4: संख्या 85 का वर्ग एकाधिकेन पूर्वेण विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

85² = 8 × (8+1) / 5² = 8 × 9 / 25 = 72 / 25 = 7225

उत्तर: 85² = 7225

📌 अभ्यास – वर्ग (Square) – यावदून विधि

प्रश्न 5: संख्या 98 का वर्ग यावदून विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

आधार = 100, विचलन = 98 – 100 = –2

बायां भाग = 98 + (–2) = 96

दायां भाग = (–2)² = 4 → 04

98² = 96 / 04 = 9604

उत्तर: 98² = 9604

प्रश्न 6: संख्या 47 का वर्ग यावदून विधि (आधार 50) से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

आधार = 50, गुणक = 5

विचलन = 47 – 50 = –3

बायां भाग = 5 × (47 + (–3)) = 5 × 44 = 220

दायां भाग = (–3)² = 9

47² = 220 / 9 = 2209

उत्तर: 47² = 2209

📌 अभ्यास – घन (Cube)

प्रश्न 7: संख्या 15 का घन यावदूनम् विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

आधार = 10, d = 5

(i) a³ = 1000

(ii) 3a²d = 3 × 100 × 5 = 1500

(iii) 3ad² = 3 × 10 × 25 = 750

(iv) d³ = 125

15³ = 1000 + 1500 + 750 + 125 = 3375

उत्तर: 15³ = 3375

प्रश्न 8: संख्या 25 का घन आनुकृष्येण विधि से ज्ञात कीजिए।

✅ हल:

a = 2, b = 5

(i) a³ = 8

(ii) 3a²b = 3 × 4 × 5 = 60

(iii) 3ab² = 3 × 2 × 25 = 150

(iv) b³ = 125

25³ = 8 / 60 / 150 / 125 = 15625

उत्तर: 25³ = 15625

📝 अभ्यास का निष्कर्ष

इन अभ्यासों से हमने वैदिक गणित की विभिन्न विधियों – आनुकल्पेण, एकाधिकेन पूर्वेण, यावदून, यावदूनम् एवं आनुकृष्येण – का उपयोग करके संख्याओं का वर्ग एवं घन ज्ञात करना सीखा।

7 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • वैदिक गणित: 16 मूल सूत्र + 13 उपसूत्र – गणना की सरल, सहज एवं त्वरित पद्धति।
  • वर्ग – आनुकल्पेण विधि: (a+b)² = a²/2ab/b² – दो अंकों की संख्याओं के लिए।
  • वर्ग – एकाधिकेन पूर्वेण: (x5)² = x(x+1)/25 – इकाई 5 वाली संख्याओं के लिए।
  • वर्ग – यावदून विधि: आधार से विचलन – (संख्या + विचलन) / (विचलन)²
  • घन – यावदूनम् विधि: (a+d)³ = a³ / 3a²d / 3ad² / d³
  • घन – आनुकृष्येण विधि: (ab)³ = a³ / 3a²b / 3ab² / b³ – दो अंकों की संख्याओं के लिए।

✅ मुख्य बिंदु

वैदिक गणित (Vedic Mathematics) – गणना की अद्भुत पद्धति – 16 सूत्र + 13 उपसूत्र – वर्ग एवं घन की गणना अत्यन्त सरल एवं त्वरित – गणितीय सोच में नया दृष्टिकोण प्रदान करता है।

🧠 माइंडमैप – वैदिक गणित – संपूर्ण सारांश

🕉️ वैदिक गणित – पूरे अध्याय का निष्कर्ष (Chapter Conclusion)
🕉️ वैदिक गणित
16 मूल सूत्र 13 उपसूत्र सरल, सहज, त्वरित
📐 वर्ग – आनुकल्पेण
(a+b)² = a²/2ab/b² दो अंकों की संख्याएँ उदा: 23² = 529
🔑 वर्ग – एकाधिकेन
(x5)² = x(x+1)/25 इकाई 5 वाली संख्याएँ उदा: 85² = 7225
📊 वर्ग – यावदून
आधार + विचलन (संख्या+d)/(d²) उदा: 103² = 10609
🧊 घन – यावदूनम्
(a+d)³ = a³/3a²d/3ad²/d³ आधार विधि उदा: 12³ = 1728
🧊 घन – आनुकृष्येण
(ab)³ = a³/3a²b/3ab²/b³ दो अंकों की संख्याएँ उदा: 27³ = 19683
🕉️ निष्कर्ष: वैदिक गणित (Vedic Mathematics) – 16 मूल सूत्र एवं 13 उपसूत्र – गणना की सरल, सहज एवं त्वरित पद्धति। वर्ग की तीन विधियाँ – आनुकल्पेण (दो अंक), एकाधिकेन पूर्वेण (इकाई 5), यावदून (आधार विधि) – तथा घन की दो विधियाँ – यावदूनम् (आधार विधि) एवं आनुकृष्येण (दो अंक) – अत्यन्त उपयोगी एवं प्रभावशाली।

🧩 मिलान अभ्यास – 19: वैदिक गणित

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 19: वैदिक गणित

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

वैदिक गणित – 16 सूत्र + 13 उपसूत्र
आनुकल्पेण – (a+b)² = a²/2ab/b²
एकाधिकेन पूर्वेण – (x5)² = x(x+1)/25
यावदून – आधार + विचलन
यावदूनम् (घन) – (a+d)³ = a³/3a²d/3ad²/d³
आनुकृष्येण (घन) – (ab)³ = a³/3a²b/3ab²/b³
वर्ग – 3 विधियाँ
घन – 2 विधियाँ
त्वरित गणना – वैदिक विधियाँ
आधार विधि – 10, 100, 1000
विचलन (Deviation) – संख्या – आधार
हासिल (Carry) – दायें से बायें
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