जनन (Reproduction)
इस अध्याय में हम जनन के प्रकार – अलैंगिक एवं लैंगिक जनन मानव जननांग, निषेचन, भ्रूण का परिवर्धन तथा जरायुज एवं अण्डज जीवों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
जनन (Reproduction): वह प्राकृतिक प्रक्रिया जिसके द्वारा जीव अपनी प्रजाति के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपने जैसे नए जीवों की उत्पत्ति करता है।
- सजीवों का प्रमुख लक्षण – जनन सजीवों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
- आवश्यकता: प्रजाति की निरन्तरता (continuity) बनाए रखना।
- जन्तुओं में जनन की दो प्रमुख विधियाँ:
- अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) – एक ही जनक द्वारा, बिना जनन अंगों के।
- लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) – नर एवं मादा जनन अंगों की सहायता से।
💡 जनन: सजीवों का प्रमुख लक्षण – अपनी प्रजाति का अस्तित्व बनाए रखना।
अलैंगिक जनन: बिना जनन अंगों के, एक ही जनक द्वारा होने वाला प्रजनन।
🔹 1. मुकुलन (Budding) – हाइड्रा में
- हाइड्रा – एक बहुकोशिकीय जलीय जन्तु।
- परिपक्व हाइड्रा के शरीर पर एक या एक से अधिक उभार (मुकुल) दिखाई देते हैं।
- यह मुकुल परिपक्व होकर जनक हाइड्रा से अलग हो जाता है और नया हाइड्रा बन जाता है।
- इस क्रिया में किसी जनन अंग की आवश्यकता नहीं होती।
🔹 2. विखण्डन (Binary Fission) – अमीबा में
- अमीबा – एककोशिकीय सूक्ष्म जन्तु।
- इसके केन्द्रक का विभाजन होता है और फिर पूरा शरीर दो भागों में बँट जाता है।
- प्रत्येक भाग में विभाजित केन्द्रक मौजूद रहता है।
- एक ही जनक (अमीबा) दो संतति उत्पन्न करता है।
- परिपक्व शरीर दो भागों में बँटकर अपना अस्तित्व खो देता है।
🔹 3. बहु विभाजन (Multiple Fission) – प्लाज्मोडियम में
- प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी): एक साथ अनेक संततियाँ उत्पन्न करता है।
- इसमें जनक कोशिका अनेक भागों में विभाजित हो जाती है।
📌 अलैंगिक जनन: एक ही जनक, बिना जनन अंगों के – मुकुलन, विखण्डन, बहु विभाजन।
लैंगिक जनन: नर एवं मादा जननांगों की सहायता से होने वाला प्रजनन।
🔹 युग्मक (Gametes)
- नर युग्मक (Male Gamete): शुक्राणु (Sperm) – नर जननांग (वृषण) में बनते हैं।
- मादा युग्मक (Female Gamete): अण्डाणु (Egg/Ovum) – मादा जननांग (अण्डाशय) में बनते हैं।
- युग्मनज (Zygote): शुक्राणु एवं अण्डाणु के संलयन से बनता है।
🔹 एकलिंगी (Unisexual) एवं द्विलिंगी (Hermaphrodite) जीव
- एकलिंगी: नर एवं मादा जनन अंग अलग-अलग जीवों में – मछली, मेंढक, गाय, बकरी, मनुष्य।
- द्विलिंगी: नर एवं मादा जनन अंग एक ही जीव में – केंचुआ, जोंक, टेपवर्म।
💡 लैंगिक जनन: दो युग्मकों (शुक्राणु + अण्डाणु) का संलयन – नई संतति का निर्माण।
🔹 नर जननांग (Male Reproductive System)
- वृषण (Testis): अण्डा के आकार का एक जोड़ा – शुक्राणु (नर युग्मक) उत्पन्न करता है।
- शुक्रवाहिका (Vas Deferens): वृषण से जुड़ी नली – शुक्राणु गति करता हुआ शिश्न के माध्यम से बाहर निकलता है।
- शिश्न (Penis): बाह्य जननांग – शुक्राणुओं का उत्सर्जन।
- शुक्राणु लाखों की संख्या में एक साथ निकलते हैं – सूक्ष्म एवं एककोशिकीय।
🔹 मादा जननांग (Female Reproductive System)
- अण्डाशय (Ovary): एक जोड़ा – अण्डाणु (मादा युग्मक) उत्पन्न करता है – एककोशिकीय।
- अण्डवाहिनी (Fallopian Tube/Oviduct): अण्डाशय से गर्भाशय तक की नली – निषेचन यहीं होता है।
- गर्भाशय (Uterus): निषेचित अण्डाणु (युग्मनज) का रोपण एवं भ्रूण का विकास यहीं होता है।
📌 शुक्राणु: नर युग्मक – सूक्ष्म, एककोशिकीय, लाखों की संख्या में।
अण्डाणु: मादा युग्मक – एककोशिकीय, अण्डाशय में निर्मित।
निषेचन (Fertilization): शुक्राणु (नर युग्मक) एवं अण्डाणु (मादा युग्मक) के संलयन की क्रिया।
- निषेचित अण्डाणु = युग्मनज (Zygote)
- युग्मनज गर्भाशय में आकर रोपित हो जाता है और भ्रूण में विकसित होता है।
🔹 निषेचन के प्रकार
1. आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilization)
- निषेचन मादा के शरीर के अन्दर होता है।
- उदाहरण: मनुष्य, गाय, भैंस, बकरी, बिल्ली, कुत्ता।
- शुक्राणु अण्डवाहिनी में अण्डाणु से संलग्नित होता है।
2. बाह्य निषेचन (External Fertilization)
- निषेचन जीव के शरीर के बाहर (जल में) होता है।
- उदाहरण: अधिकतर अकशेरूकी, मछली, मेंढक।
- शुक्राणुओं एवं अण्डाणुओं को जल में विसर्जित किया जाता है – जल में मिलन होता है।
💡 युग्मनज: निषेचित अण्डाणु – गर्भाशय में रोपित होकर भ्रूण में विकसित होता है।
भ्रूण (Embryo): युग्मनज की कोशिकाओं के विभाजन एवं परिवर्धन से बनने वाली संरचना।
🔹 भ्रूण के विकास की प्रक्रिया
- निषेचन: शुक्राणु + अण्डाणु → युग्मनज
- कोशिका विभाजन: युग्मनज की कोशिकाएँ विभाजित होने लगती हैं।
- भ्रूण: विभाजन एवं वृद्धि के बाद भ्रूण का निर्माण होता है।
- रोपण: भ्रूण गर्भाशय की दीवार पर रोपित हो जाता है।
- गर्भावस्था: भ्रूण गर्भाशय में पोषण प्राप्त करता है और विकसित होता है।
- प्रसव: लगभग 9 माह (मनुष्य में) बाद नवजात शिशु का जन्म होता है।
👶 भ्रूण: युग्मनज के विभाजन एवं परिवर्धन से बनता है – गर्भाशय में विकसित होता है।
🔹 जरायुज (Viviparous) – बच्चे देने वाले
- ये जीव सीधे बच्चे (युवा) जन्म देते हैं।
- उदाहरण: मनुष्य, गाय, भैंस, बकरी, बिल्ली, कुत्ता, हाथी, कंगारू।
- भ्रूण गर्भाशय में विकसित होता है और माँ से पोषण प्राप्त करता है (जरायु के माध्यम से)।
🔹 अण्डज (Oviparous) – अण्डा देने वाले
- ये जीव अण्डे देते हैं, जिनसे बाद में बच्चे निकलते हैं।
- उदाहरण: मुर्गी, बत्तख, मछली, मेंढक, छिपकली, साँप, कछुआ, कीड़े।
- अण्डे का विकास माँ के शरीर के बाहर होता है।
- अण्डे में भ्रूण को पोषण अण्डे के पीतक (yolk) से मिलता है।
🥚 जरायुज: सीधे बच्चे जन्म देते हैं – मनुष्य, गाय, बकरी।
अण्डज: अण्डे देते हैं – मुर्गी, मछली, मेंढक, साँप।
📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)
🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)
📝 अभ्यास क्विज़
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।