📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 7

जनन (Reproduction)

इस अध्याय में हम जनन के प्रकार – अलैंगिक एवं लैंगिक जनन मानव जननांग, निषेचन, भ्रूण का परिवर्धन तथा जरायुज एवं अण्डज जीवों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

🔬 1 जनन (Reproduction) – परिचय एवं परिभाषा

जनन (Reproduction): वह प्राकृतिक प्रक्रिया जिसके द्वारा जीव अपनी प्रजाति के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपने जैसे नए जीवों की उत्पत्ति करता है।

  • सजीवों का प्रमुख लक्षण – जनन सजीवों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
  • आवश्यकता: प्रजाति की निरन्तरता (continuity) बनाए रखना।
  • जन्तुओं में जनन की दो प्रमुख विधियाँ:
    • अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) – एक ही जनक द्वारा, बिना जनन अंगों के।
    • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) – नर एवं मादा जनन अंगों की सहायता से।

💡 जनन: सजीवों का प्रमुख लक्षण – अपनी प्रजाति का अस्तित्व बनाए रखना।

🔄 2 अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)

अलैंगिक जनन: बिना जनन अंगों के, एक ही जनक द्वारा होने वाला प्रजनन।

🔹 1. मुकुलन (Budding) – हाइड्रा में

  • हाइड्रा – एक बहुकोशिकीय जलीय जन्तु।
  • परिपक्व हाइड्रा के शरीर पर एक या एक से अधिक उभार (मुकुल) दिखाई देते हैं।
  • यह मुकुल परिपक्व होकर जनक हाइड्रा से अलग हो जाता है और नया हाइड्रा बन जाता है।
  • इस क्रिया में किसी जनन अंग की आवश्यकता नहीं होती।
हाइड्रा मुकुल
मुकुलन – हाइड्रा
जनक संतति
मुकुलन – नया हाइड्रा
चित्र 7.1: हाइड्रा में मुकुलन

🔹 2. विखण्डन (Binary Fission) – अमीबा में

  • अमीबा – एककोशिकीय सूक्ष्म जन्तु।
  • इसके केन्द्रक का विभाजन होता है और फिर पूरा शरीर दो भागों में बँट जाता है।
  • प्रत्येक भाग में विभाजित केन्द्रक मौजूद रहता है।
  • एक ही जनक (अमीबा) दो संतति उत्पन्न करता है।
  • परिपक्व शरीर दो भागों में बँटकर अपना अस्तित्व खो देता है।
अमीबा
कोशिका 1 कोशिका 2
चित्र 7.2: अमीबा में विखण्डन

🔹 3. बहु विभाजन (Multiple Fission) – प्लाज्मोडियम में

  • प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी): एक साथ अनेक संततियाँ उत्पन्न करता है।
  • इसमें जनक कोशिका अनेक भागों में विभाजित हो जाती है।

📌 अलैंगिक जनन: एक ही जनक, बिना जनन अंगों के – मुकुलन, विखण्डन, बहु विभाजन।

❤️ 3 लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)

लैंगिक जनन: नर एवं मादा जननांगों की सहायता से होने वाला प्रजनन।

🔹 युग्मक (Gametes)

  • नर युग्मक (Male Gamete): शुक्राणु (Sperm) – नर जननांग (वृषण) में बनते हैं।
  • मादा युग्मक (Female Gamete): अण्डाणु (Egg/Ovum) – मादा जननांग (अण्डाशय) में बनते हैं।
  • युग्मनज (Zygote): शुक्राणु एवं अण्डाणु के संलयन से बनता है।

🔹 एकलिंगी (Unisexual) एवं द्विलिंगी (Hermaphrodite) जीव

  • एकलिंगी: नर एवं मादा जनन अंग अलग-अलग जीवों में – मछली, मेंढक, गाय, बकरी, मनुष्य।
  • द्विलिंगी: नर एवं मादा जनन अंग एक ही जीव में – केंचुआ, जोंक, टेपवर्म।
🐟 मछली – एकलिंगी 🐛 केंचुआ – द्विलिंगी 👨 मनुष्य – एकलिंगी 🪱 जोंक – द्विलिंगी

💡 लैंगिक जनन: दो युग्मकों (शुक्राणु + अण्डाणु) का संलयन – नई संतति का निर्माण।

🧑‍🤝‍🧑 4 मानव जननांग (Human Reproductive System)

🔹 नर जननांग (Male Reproductive System)

  • वृषण (Testis): अण्डा के आकार का एक जोड़ा – शुक्राणु (नर युग्मक) उत्पन्न करता है।
  • शुक्रवाहिका (Vas Deferens): वृषण से जुड़ी नली – शुक्राणु गति करता हुआ शिश्न के माध्यम से बाहर निकलता है।
  • शिश्न (Penis): बाह्य जननांग – शुक्राणुओं का उत्सर्जन।
  • शुक्राणु लाखों की संख्या में एक साथ निकलते हैं – सूक्ष्म एवं एककोशिकीय
वृषण शिश्न नर जननांग
चित्र 7.4: नर जननांग

🔹 मादा जननांग (Female Reproductive System)

  • अण्डाशय (Ovary): एक जोड़ा – अण्डाणु (मादा युग्मक) उत्पन्न करता है – एककोशिकीय।
  • अण्डवाहिनी (Fallopian Tube/Oviduct): अण्डाशय से गर्भाशय तक की नली – निषेचन यहीं होता है।
  • गर्भाशय (Uterus): निषेचित अण्डाणु (युग्मनज) का रोपण एवं भ्रूण का विकास यहीं होता है।
अण्डाशय अण्डाशय गर्भाशय योनि अण्डवाहिनी अण्डवाहिनी मादा जननांग
चित्र 7.5: मादा जननांग

📌 शुक्राणु: नर युग्मक – सूक्ष्म, एककोशिकीय, लाखों की संख्या में।
अण्डाणु: मादा युग्मक – एककोशिकीय, अण्डाशय में निर्मित।

5 निषेचन (Fertilization)

निषेचन (Fertilization): शुक्राणु (नर युग्मक) एवं अण्डाणु (मादा युग्मक) के संलयन की क्रिया।

  • निषेचित अण्डाणु = युग्मनज (Zygote)
  • युग्मनज गर्भाशय में आकर रोपित हो जाता है और भ्रूण में विकसित होता है।

🔹 निषेचन के प्रकार

1. आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilization)
  • निषेचन मादा के शरीर के अन्दर होता है।
  • उदाहरण: मनुष्य, गाय, भैंस, बकरी, बिल्ली, कुत्ता।
  • शुक्राणु अण्डवाहिनी में अण्डाणु से संलग्नित होता है।
2. बाह्य निषेचन (External Fertilization)
  • निषेचन जीव के शरीर के बाहर (जल में) होता है।
  • उदाहरण: अधिकतर अकशेरूकी, मछली, मेंढक।
  • शुक्राणुओं एवं अण्डाणुओं को जल में विसर्जित किया जाता है – जल में मिलन होता है।
🧬 + 🧬
आन्तरिक निषेचन
मनुष्य, गाय, बकरी, बिल्ली
🧬 + 🧬
बाह्य निषेचन
मछली, मेंढक, अकशेरूकी
चित्र 7.6: आन्तरिक एवं बाह्य निषेचन

💡 युग्मनज: निषेचित अण्डाणु – गर्भाशय में रोपित होकर भ्रूण में विकसित होता है।

👶 6 भ्रूण का परिवर्धन (Embryo Development)

भ्रूण (Embryo): युग्मनज की कोशिकाओं के विभाजन एवं परिवर्धन से बनने वाली संरचना।

🔹 भ्रूण के विकास की प्रक्रिया

  • निषेचन: शुक्राणु + अण्डाणु → युग्मनज
  • कोशिका विभाजन: युग्मनज की कोशिकाएँ विभाजित होने लगती हैं।
  • भ्रूण: विभाजन एवं वृद्धि के बाद भ्रूण का निर्माण होता है।
  • रोपण: भ्रूण गर्भाशय की दीवार पर रोपित हो जाता है।
  • गर्भावस्था: भ्रूण गर्भाशय में पोषण प्राप्त करता है और विकसित होता है।
  • प्रसव: लगभग 9 माह (मनुष्य में) बाद नवजात शिशु का जन्म होता है।
🧬
युग्मनज
🧫
कोशिका विभाजन
👶
भ्रूण
👨‍👩‍👦
नवजात शिशु
चित्र 7.7: भ्रूण का परिवर्धन

👶 भ्रूण: युग्मनज के विभाजन एवं परिवर्धन से बनता है – गर्भाशय में विकसित होता है।

🥚 7 जरायुज (Viviparous) एवं अण्डज (Oviparous) जीव

🔹 जरायुज (Viviparous) – बच्चे देने वाले

  • ये जीव सीधे बच्चे (युवा) जन्म देते हैं।
  • उदाहरण: मनुष्य, गाय, भैंस, बकरी, बिल्ली, कुत्ता, हाथी, कंगारू।
  • भ्रूण गर्भाशय में विकसित होता है और माँ से पोषण प्राप्त करता है (जरायु के माध्यम से)।

🔹 अण्डज (Oviparous) – अण्डा देने वाले

  • ये जीव अण्डे देते हैं, जिनसे बाद में बच्चे निकलते हैं।
  • उदाहरण: मुर्गी, बत्तख, मछली, मेंढक, छिपकली, साँप, कछुआ, कीड़े।
  • अण्डे का विकास माँ के शरीर के बाहर होता है।
  • अण्डे में भ्रूण को पोषण अण्डे के पीतक (yolk) से मिलता है।
👩‍👦
जरायुज
बच्चे देने वाले
मनुष्य, गाय, बकरी, बिल्ली
🥚
अण्डज
अण्डे देने वाले
मुर्गी, मछली, मेंढक, साँप
चित्र 7.8: जरायुज एवं अण्डज जीव

🥚 जरायुज: सीधे बच्चे जन्म देते हैं – मनुष्य, गाय, बकरी।
अण्डज: अण्डे देते हैं – मुर्गी, मछली, मेंढक, साँप।

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

🔬 जनन: सजीवों का प्रमुख लक्षण – प्रजाति की निरन्तरता।
🔄 अलैंगिक: एक जनक – मुकुलन (हाइड्रा), विखण्डन (अमीबा), बहु विभाजन (प्लाज्मोडियम)।
❤️ लैंगिक: नर (शुक्राणु) + मादा (अण्डाणु) → युग्मनज।
🧑‍🤝‍🧑 नर जननांग: वृषण (शुक्राणु), शुक्रवाहिका, शिश्न।
👩 मादा जननांग: अण्डाशय (अण्डाणु), अण्डवाहिनी, गर्भाशय।
निषेचन: आन्तरिक (मनुष्य) / बाह्य (मछली, मेंढक)।
👶 भ्रूण: युग्मनज का विभाजन → गर्भाशय में रोपण → विकास।
🥚 जरायुज: बच्चे जन्म (मनुष्य, गाय) / अण्डज: अण्डे (मुर्गी, मछली, मेंढक)।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

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