📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 2

मानव निर्मित वस्तुएँ

इस अध्याय में हम मानव निर्मित वस्तुओं की उपयोगिता, संश्लेषित रेशे,
प्लास्टिक के प्रकार, काँच, मृतिका तथा साबुन के बारे में विस्तार से जानेंगे।

🔧 1 मानव निर्मित वस्तुओं की उपयोगिता

प्राकृतिक वस्तुएँ: जीव-जन्तु, पेड़-पौधे, मिट्टी, खनिज – प्रकृति प्रदत्त।

मानव निर्मित वस्तुएँ: मकान, गाड़ी, साइकिल, साबुन, कपड़ा, काँच, बर्तन, घड़ी, स्कूटर, फर्नीचर आदि।

  • घरेलू कार्य: बर्तन, पेंट, प्लास्टिक, काँच, सौन्दर्य प्रसाधन, बिजली के उपकरण।
  • कृषि कार्य: हँसिया, खुरपी, फावड़ा, कुदाल, ट्रैक्टर, सिंचाई उपकरण।
  • औषधियाँ: प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से लेकर रासायनिक दवाएँ, एंटीबायोटिक (जैव प्रतिरोधी) – टीबी, हैजा, निमोनिया आदि का उपचार।

💡 महत्व: मानव निर्मित वस्तुएँ जीवन को सुविधाजनक, सुरक्षित एवं आरामदायक बनाती हैं।

🧵 2 संश्लेषित रेशे (Synthetic Fibres)

संश्लेषित रेशे – मानव निर्मित, उच्च अणुभार वाले बहुलक यौगिक।

  • उदाहरण: नायलॉन, पॉलिस्टर, डेक्रॉन, रेयॉन, टेरिलीन।
  • गुण: मजबूत, टिकाऊ, जल्दी सूखने वाले, आकर्षक, हाथ से फाइ़ने पर कठिन (सूती की तुलना में)।
  • उपयोग: कपड़े, रस्सियाँ, पैराशूट, मछली पकड़ने के जाल, आदि।
🧵 नायलॉन 🧵 पॉलिस्टर 🧵 टेरिलीन 🧵 रेयॉन
🛍️ 3 प्लास्टिक – प्रकार, गुण एवं उपयोग

प्लास्टिक – असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों के उच्च अणुभार बहुलक। (उदा: बैकेलाइट, पॉलीथीन, टेफ्लॉन, PVC)

🔹 थर्मोप्लास्टिक

  • गरम करने पर मुलायम, ठंडा करने पर कड़ा – बार-बार दोहराया जा सकता है।
  • उदा: पॉलीथीन, PVC
  • पुनः चक्रण (recycling) संभव।

🔸 थर्मोसेटिंग प्लास्टिक

  • गरम करने पर मुलायम, ठंडा करने पर कठोर – पुनः गरम करने पर मुलायम नहीं होते।
  • उदा: बैकेलाइट
  • पुनः चक्रण संभव नहीं।

🌍 पर्यावरणीय प्रभाव

  • प्लास्टिक जैव अनिम्नीकरणीय – सड़ता नहीं, वर्षों तक रहता है।
  • जलाने पर विषैला धुआँ; नालियों में फँसकर जल प्रवाह रोकता है।
  • जानवर खाकर बीमार होते हैं।

⚠️ चेतावनी: प्लास्टिक का दुरुपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक – उचित उपयोग करें और पुनः चक्रण को बढ़ावा दें।

🪟 4 काँच (Glass)

काँच – धातुओं के सिलिकेटों का विलयन (मिश्रण)।

  • संघटन: सिलिका + सोडियम सिलिकेट + कैल्सियम सिलिकेट।
  • गुण: निश्चित गलनांक नहीं, क्रिस्टलीय संरचना नहीं – अतिशीतित द्रव कहलाता है।
  • प्रकार:
    • साधारण (मृदु) काँच: खिड़कियों, बोतलों में।
    • कठोर काँच: रासायनिक उपकरण, प्रयोगशाला।
    • फोटोक्रोमिक काँच: धूप के चश्में – पराबैंगनी किरणों से बचाता है (सिल्वर आयोडाइड मिलाते हैं)।
    • रंगीन काँच: फेरिक ऑक्साइड (हरा), कोबाल्ट (नीला), आदि।
🪟 साधारण 🔬 कठोर 😎 फोटोक्रोमिक 🎨 रंगीन
🏺 5 मृतिका (Clay) एवं उसके उपयोग

मृतिका – पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली सूक्ष्म कणों वाली मिट्टी, जो जल के साथ प्लास्टिक (लचीली) हो जाती है।

  • उपयोग: बर्तन, ईंट, टाइल्स, सीमेन्ट, मूर्तियाँ, पकी हुई मिट्टी के खिलौने, इन्सुलेटर, आदि।
  • मृतिका को पकाकर (कुंभकार) मजबूत बनाया जाता है।

🏺 मृतिका से बनी वस्तुएँ: गमले, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियाँ, ईंटें, टाइल्स।

🧼 6 साबुन (Soap) एवं अपमार्जक

साबुन – सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) और वनस्पति तेल/वसा की क्रिया से बनता है।

  • गुण: कठोर जल में झाग नहीं देता (कैल्शियम और मैग्नीशियम लवण अवक्षेप बनाते हैं)।
  • अपमार्जक (Detergents): साबुन से अलग – कठोर जल में भी झाग देते हैं, अधिक प्रभावी।
  • उपयोग: सफाई, कपड़े धोना, स्नान, बर्तन साफ करना।
🧼 साबुन (कठोर जल में कम झाग) 🧪 अपमार्जक (सभी जल में झाग)

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

🔧 मानव निर्मित वस्तुएँ – मकान, गाड़ी, साबुन, कपड़ा, काँच आदि।
🧵 संश्लेषित रेशे – नायलॉन, पॉलिस्टर, डेक्रॉन, रेयॉन, टेरिलीन (मजबूत, जल्दी सूखने वाले)।
🛍️ प्लास्टिक: थर्मोप्लास्टिक (पुनः चक्रण योग्य) और थर्मोसेटिंग (नहीं)।
🪟 काँच – अतिशीतित द्रव; साधारण, कठोर, फोटोक्रोमिक, रंगीन।
🏺 मृतिका – बर्तन, ईंट, टाइल्स, मूर्तियाँ, सीमेन्ट आदि।
🧼 साबुन – NaOH + वनस्पति तेल; अपमार्जक कठोर जल में भी झाग देता है।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

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