📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 3

परमाणु (Atom)

इस अध्याय में हम परमाणु की संरचना, डॉल्टन का परमाणु सिद्धान्त,
परमाणु मॉडल, परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक, आयन तथा संयोजकता के बारे में जानेंगे।

⚛️ 1 परमाणु – पदार्थ की मूलभूत इकाई

परमाणु (Atom): पदार्थ की वह सबसे छोटी इकाई जो किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकती है।

📜 प्राचीन विचार

  • कणाद (भारतीय दार्शनिक): पदार्थ को विभाजित करने पर अंततः ऐसे कण प्राप्त होते हैं जिन्हें और विभाजित नहीं किया जा सकता – परमाणु
  • डेमोक्रिटस और एपिक्यूरस (यूनानी): भी इसी विचार के समर्थक थे, उन्होंने भी पदार्थ के अविभाज्य कण को परमाणु कहा।

🔬 आधुनिक अवधारणा

  • सभी पदार्थ परमाणुओं से बने हैं – परमाणु पदार्थ की मूलभूत इकाई है।
  • विभिन्न पदार्थों के परमाणु भिन्न-भिन्न होते हैं।
  • अणु (Molecule): दो या दो से अधिक परमाणुओं के संयोग से बनता है।
  • तत्व (Element): समान प्रकार के परमाणुओं से बना पदार्थ (उदा: H₂, O₂)।
  • यौगिक (Compound): भिन्न प्रकार के परमाणुओं से बना पदार्थ (उदा: HCl, H₂O)।
H + H H₂
हाइड्रोजन अणु (H₂)
H + Cl HCl
हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl)
📜 2 डॉल्टन का परमाणु सिद्धान्त (1808)

जॉन डॉल्टन (John Dalton) – अंग्रेज वैज्ञानिक, 1808 में प्रस्तुत किया।

🔹 सिद्धान्त की मुख्य बातें

  • 1. पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों (परमाणु) से बना है।
  • 2. परमाणुओं को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न
  • 3. परमाणु अविभाज्य होता है।
  • 4. एक ही तत्व के परमाणु समान होते हैं (भार, आकार, गुण), परन्तु भिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।
  • 5. परमाणु सरल (पूर्णांक) अनुपात में संयुक्त होते हैं।

📌 महत्व: डॉल्टन का सिद्धान्त आधुनिक रसायन विज्ञान का आधार है।

⚠️ डॉल्टन के सिद्धान्त की सीमाएँ

  • आधुनिक वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि परमाणु विभाज्य है (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन)।
  • एक ही तत्व के परमाणुओं में भी भिन्नता हो सकती है (समस्थानिक)।
  • परमाणु को उत्पन्न एवं नष्ट किया जा सकता है (नाभिकीय अभिक्रियाओं में)।
🔬 3 परमाणु का संघटन – मूल कण

परमाणु तीन मूल कणों (Fundamental Particles) से मिलकर बना है:

🔹 इलेक्ट्रॉन (Electron)

  • खोज: सर जे.जे. थॉमसन (कैथोड किरणों के अध्ययन से)।
  • आवेश: ऋणावेशित (इकाई ऋण आवेश)।
  • द्रव्यमान: हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान का 1/1837 भाग।
  • परमाणु के बाहरी भाग में चक्कर लगाते हैं।

🔹 प्रोटॉन (Proton)

  • खोज: गोल्डटीन (1886) – बाद में रदरफोर्ड ने नाम दिया।
  • आवेश: धनावेशित (इकाई धन आवेश)।
  • द्रव्यमान: हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर
  • परमाणु के नाभिक (Nucleus) में स्थित होते हैं।

🔹 न्यूट्रॉन (Neutron)

  • खोज: जेम्स चैडविक।
  • आवेश: विद्युत उदासीन (कोई आवेश नहीं)।
  • द्रव्यमान: हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर
  • परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन के साथ स्थित होते हैं।
मूल कणआवेशद्रव्यमान (हाइड्रोजन के सापेक्ष)स्थिति
इलेक्ट्रॉनऋण (-1)1/1837नाभिक के बाहर
प्रोटॉनधन (+1)≈ 1नाभिक में
न्यूट्रॉनउदासीन (0)≈ 1नाभिक में
🏛️ 4 परमाणु मॉडल – थॉमसन, रदरफोर्ड, बोर

1️⃣ जे.जे. थॉमसन का परमाणु मॉडल

  • परमाणु को 10⁻¹⁰ मीटर व्यास का ठोस गोला माना।
  • धनावेशित गोले में इलेक्ट्रॉन (ऋणावेशित) धंसे हुए रहते हैं – जैसे तरबूज में बीज
  • विफलता: किसी प्रयोग द्वारा पुष्टि नहीं हो सकी।

2️⃣ रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल

α-प्रकीर्णन प्रयोग (गोल्ड फ़ॉइल प्रयोग):

  • सोने की पतली पत्री (0.0004 सेमी) पर α-कणों से बमबारी की।
  • प्रेक्षण:
    • अधिकांश α-कण सीधे पार हो गए।
    • कुछ विचलित हो गए।
    • बहुत कम वापस लौट आए।
  • निष्कर्ष:
    • परमाणु का अधिकांश भाग खोखला है।
    • समस्त धनावेश (प्रोटॉन) केन्द्र में नाभिक में होता है – नाभिक का आयतन बहुत छोटा।
    • नाभिक ऋणावेशित इलेक्ट्रॉनों से घिरा होता है।

3️⃣ नील्स बोर का मॉडल

  • इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं (ऊर्जा स्तरों) में चक्कर लगाते हैं।
  • प्रत्येक कक्षा में निश्चित ऊर्जा होती है।
  • इलेक्ट्रॉन ऊर्जा ग्रहण या उत्सर्जित करके कक्षा बदल सकते हैं।
  • यह मॉडल अधिक स्वीकार्य हुआ।
+ नाभिक (प्रोटॉन+न्यूट्रॉन) इलेक्ट्रॉन (कक्षाएँ)
रदरफोर्ड/बोर मॉडल
🔢 5 परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या

🔹 परमाणु संख्या (Atomic Number – Z)

  • किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं।
  • Z = प्रोटॉनों की संख्या
  • विद्युत उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या (Z)।

🔹 द्रव्यमान संख्या (Mass Number – A)

  • किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहते हैं।
  • A = प्रोटॉनों की संख्या (Z) + न्यूट्रॉनों की संख्या (n)
  • न्यूट्रॉनों की संख्या = A – Z
तत्वपरमाणु संख्या (Z)द्रव्यमान संख्या (A)
हाइड्रोजन11
हीलियम24
ऑक्सीजन816
सोडियम1123
लेड82208

📌 उदाहरण: सोडियम (Na) – Z=11, A=23, अतः न्यूट्रॉन = 23-11 = 12

🔄 6 समस्थानिक (Isotopes)

समस्थानिक (Isotopes): किसी तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या (Z) समान होती है परन्तु द्रव्यमान संख्या (A) भिन्न होती है।

🔹 हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक

समस्थानिकZAप्रोटॉनइलेक्ट्रॉनन्यूट्रॉन
प्रोटियम (¹H)11110
ड्यूटीरियम (²H)12111
ट्राइटियम (³H)13112

✅ सभी में 1 प्रोटॉन (Z=1), परन्तु न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न (0, 1, 2)।

💡 समस्थानिकों के उपयोग: चिकित्सा (कैंसर उपचार), कार्बन-डेटिंग (C-14), नाभिकीय ऊर्जा (U-235)।

7 आयनों का बनना (Ions Formation)

आयन (Ion): वह आवेशित कण जो परमाणु से इलेक्ट्रॉन के निकलने या जुड़ने से बनता है।

🔹 धन आयन (Cation) – धनावेशित

  • जब परमाणु से इलेक्ट्रॉन निकलता है तो प्रोटॉन (धन) की संख्या इलेक्ट्रॉनों से अधिक हो जाती है।
  • उदाहरण: सोडियम (Na) – 11 प्रोटॉन, 11 इलेक्ट्रॉन → 1 इलेक्ट्रॉन निकलने पर → Na⁺ (11 प्रोटॉन, 10 इलेक्ट्रॉन)।

🔹 ऋण आयन (Anion) – ऋणावेशित

  • जब परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तो इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों से अधिक हो जाती है।
  • उदाहरण: क्लोरीन (Cl) – 17 प्रोटॉन, 17 इलेक्ट्रॉन → 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर → Cl⁻ (17 प्रोटॉन, 18 इलेक्ट्रॉन)।
Na - e⁻ → Na⁺
सोडियम (Na) → सोडियम आयन (Na⁺)
11p⁺, 11e⁻ → 11p⁺, 10e⁻
Cl + e⁻ → Cl⁻
क्लोरीन (Cl) → क्लोराइड आयन (Cl⁻)
17p⁺, 17e⁻ → 17p⁺, 18e⁻
🔗 8 संयोजकता (Valency)

संयोजकता (Valency): किसी तत्व के एक परमाणु की दूसरे तत्व के परमाणु से संयोग करने की क्षमता।

  • हाइड्रोजन की संयोजकता = 1 (मानक)।
  • अन्य तत्वों की संयोजकता हाइड्रोजन के सापेक्ष ज्ञात की जाती है।

🔹 संयोजकता की परिभाषा

"किसी तत्व की संयोजकता वह संख्या है जो यह दर्शाती है कि उस तत्व का एक परमाणु हाइड्रोजन के कितने परमाणुओं से संयोग करता है अथवा विस्थापित करता है।"

तत्वसंकेतसंयोजकता
हाइड्रोजनH1
कार्बनC4
सोडियमNa1
ऑक्सीजनO2
मैग्नीशियमMg2
कैल्सियमCa2

🔹 संयोजकता के उदाहरण

  • HCl: Cl की संयोजकता = 1 (H के 1 परमाणु से संयोग)।
  • H₂O (जल): O की संयोजकता = 2 (H के 2 परमाणुओं से संयोग)।
  • CH₄ (मीथेन): C की संयोजकता = 4 (H के 4 परमाणुओं से संयोग)।

💡 महत्व: संयोजकता के आधार पर ही विभिन्न यौगिकों के सूत्र बनाए जाते हैं।

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

⚛️ परमाणु – पदार्थ की मूलभूत इकाई (अविभाज्य कण – प्राचीन मान्यता)।
📜 डॉल्टन का सिद्धान्त (1808) – परमाणु अविभाज्य, समान तत्व के परमाणु समान।
🔬 मूल कण: इलेक्ट्रॉन (ऋण), प्रोटॉन (धन), न्यूट्रॉन (उदासीन)।
🏛️ परमाणु मॉडल: थॉमसन (तरबूज), रदरफोर्ड (नाभिकीय), बोर (कक्षाएँ)।
🔢 परमाणु संख्या (Z)=प्रोटॉन; द्रव्यमान संख्या (A)=p+n (p=प्रोटॉन, n=न्यूट्रॉन)।
🔄 समस्थानिक: समान Z, भिन्न A (उदा: H-1, H-2, H-3)।
आयन: इलेक्ट्रॉन निकलने/जुड़ने से बनते हैं (Na⁺, Cl⁻)।
🔗 संयोजकता: हाइड्रोजन के सापेक्ष संयोग क्षमता (H=1, O=2, C=4)।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

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