📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 15

कार्बन (Carbon)

इस अध्याय में हम कार्बन के अपररूपों (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) कार्बनिक रसायन, हाइड्रोकार्बन, पेट्रोलियम, ईंधन, दहन तथा ईंधन दहन के पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानेंगे।

⚛️ 1 कार्बन – परिचय एवं महत्व

कार्बन (Carbon): सजीव संसार की संरचना में केन्द्रीय तत्व की भूमिका में होता है।

  • उपस्थिति: सभी सजीवों (पौधों, जन्तुओं) में कार्बन और उसके यौगिक पाए जाते हैं।
  • मुक्त अवस्था: कोयला, कालिख, ग्रेफाइट, हीरा, फुलरीन – कार्बन के विभिन्न रूप।
  • यौगिक अवस्था: CO₂, CO, कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट, साइनाइड आदि।
  • अपररूपता (Allotropy): एक ही तत्व के विभिन्न रूपों में भौतिक गुण भिन्न, रासायनिक गुण समान।
  • कार्बन के अपररूप: क्रिस्टलीय (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) और अक्रिस्टलीय (कोयला, कोक, चारकोल, काजल)।

⚛️ कार्बन: सजीवों का केन्द्रीय तत्व – मुक्त एवं यौगिक दोनों अवस्थाओं में उपस्थित।

💎 2 कार्बन के अपररूप (Allotropes of Carbon)

अपररूपता (Allotropy): एक ही तत्व के विभिन्न भौतिक रूपों में पाए जाने का गुण।

💎
क्रिस्टलीय
हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन
नियमित संरचना
🪨
अक्रिस्टलीय
कोयला, कोक, चारकोल, काजल
अनियमित संरचना
अपररूपगुणउपयोग
हीराअत्यन्त कठोर, चमकदार, विद्युत कुचालकआभूषण, काँच काटना
ग्रेफाइटमुलायम, स्नेहक, विद्युत सुचालकपेंसिल, स्नेहक, बैटरी
फुलरीनफुटबाल जैसी संरचना (C₆₀), कुचालकनैनो ट्यूब, शोध
कोयलाकाला, अक्रिस्टलीयईंधन, रासायनिक उद्योग

💎 अपररूप: क्रिस्टलीय (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) – अक्रिस्टलीय (कोयला, कोक, चारकोल)।

💎 3 हीरा (Diamond) – गुण, संरचना एवं उपयोग

हीरा (Diamond): कार्बन का सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ – क्रिस्टलीय अपररूप।

  • संरचना: कार्बन परमाणु चतुष्फलकीय (Tetrahedral) व्यवस्था में – प्रत्येक C चार अन्य C से जुड़ा।
  • भौतिक गुण:
    • अत्यन्त कठोर – काँच काटने, धातुओं में छेद करने के लिए।
    • चमकीला – आभूषण (गहने, अंगूठी) बनाने में।
    • विद्युत कुचालक – इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते।
  • भारत में पाया जाता है: पन्ना (म.प्र.), सतना (म.प्र.), बाँदा (उ.प्र.), गोलकुण्डा (कर्नाटक) – बहुत कम मात्रा में।

💎 हीरा: कठोरतम प्राकृतिक पदार्थ – चतुष्फलकीय संरचना – आभूषण एवं औद्योगिक उपयोग।

✏️ 4 ग्रेफाइट (Graphite) – गुण, संरचना एवं उपयोग

ग्रेफाइट (Graphite): कार्बन का मुलायम एवं स्नेहक क्रिस्टलीय अपररूप।

  • संरचना: कार्बन परमाणु षट्कोणीय (Hexagonal) व्यवस्था में – परतों (layers) के रूप में – परतें फिसलती हैं, इसलिए मुलायम।
  • भौतिक गुण:
    • मुलायम – स्नेहक (lubricant) के रूप में उपयोग।
    • विद्युत सुचालक – मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं।
    • काला रंग – पेंसिल लेड (मृदु लेखनी) में उपयोग।
  • उपयोग: पेंसिल की लेड, स्नेहक, बैटरी में इलेक्ट्रोड, परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन मन्दक।

✏️ ग्रेफाइट: मुलायम, षट्कोणीय परतदार संरचना – स्नेहक, पेंसिल, विद्युत सुचालक।

5 फुलरीन (Fullerene) – संरचना एवं गुण

फुलरीन (Fullerene): कार्बन का फुटबाल (खोखला) जैसा क्रिस्टलीय अपररूप – 1985 में संश्लेषित।

  • संरचना: कार्बन के 60 परमाणुओं (C₆₀) द्वारा – षट्कोणीय (Hexagonal) एवं पंचकोणीय (Pentagonal) व्यवस्था – फुटबाल जैसी आकृति।
  • अणु: 30 से 960 परमाणुओं से बने अणु – फुलरीन कहलाते हैं।
  • गुण: विद्युत कुचालक – C₆₀ फुलरीन में यह गुण पाया जाता है।
  • उपयोग: नैनो ट्यूब, शोध, सामग्री विज्ञान में महत्वपूर्ण।

फुलरीन: C₆₀ (फुटबाल आकृति) – 1985 में खोज – नैनो तकनीक में उपयोगी।

🧪 6 कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry)

कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds): वे यौगिक जिनमें कार्बन उपस्थित हो (CO₂, CO, कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट, साइनाइड को छोड़कर)।

  • इतिहास: 19वीं शताब्दी में पदार्थों को दो वर्गों में बाँटा गया – कार्बनिक (जीवधारियों से) एवं अकार्बनिक (निर्जीव स्रोतों से)।
  • महत्वपूर्ण खोज: 1828 में व्हेलर (Wöhler) ने प्रयोगशाला में यूरिया (NH₂CONH₂) का संश्लेषण किया – यह प्रयोगशाला में बनने वाला पहला कार्बनिक यौगिक था (अमोनियम सायनेट को गर्म करके)।
  • कार्बनिक यौगिकों के उदाहरण: चीनी (C₁₂H₂₂O₁₁), यूरिया, एल्कोहल (C₂H₅OH), सिरका (CH₃COOH), मेथेन (CH₄), पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
कार्बनिक यौगिकअकार्बनिक यौगिक
जीवधारियों से प्राप्तनिर्जीव स्रोतों से
कार्बन अनिवार्यकार्बन नहीं (या कार्बन के सरल यौगिक)
जटिल संरचनासरल संरचना
उदा: चीनी, यूरिया, एल्कोहलउदा: NaCl, HCl, CO₂

🧪 कार्बनिक रसायन: कार्बन युक्त यौगिकों का अध्ययन – व्हेलर (1828) ने यूरिया संश्लेषित किया।

7 हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)

हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon): कार्बन एवं हाइड्रोजन के यौगिक – कार्बनिक रसायन का आधार।

  • सरलतम हाइड्रोकार्बन: मेथेन (CH₄) – प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक – मार्श गैस भी कहलाता है (दलदलों में उत्पन्न होने के कारण)।
  • प्रकार:
    • संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkanes): एकल बन्ध – मेथेन (CH₄), ईथेन (C₂H₆), प्रोपेन (C₃H₈), ब्यूटेन (C₄H₁₀)।
    • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkenes/Alkynes): द्विबन्ध/त्रिबन्ध – एथिलीन (C₂H₄), एसिटिलीन (C₂H₂)।
  • उपस्थिति: प्राकृतिक गैस (CH₄), पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, पैराफिन मोम, कोलतार – सभी हाइड्रोकार्बन।

हाइड्रोकार्बन: C + H यौगिक – सरलतम मेथेन (CH₄) – संतृप्त एवं असंतृप्त।

🛢️ 8 पेट्रोलियम (Petroleum) – प्रभाजी आसवन एवं उपयोग

पेट्रोलियम (Petroleum): जीवाश्म ईंधन – प्राचीन जीवों के अवशेषों से निर्मित – तरल सोना भी कहलाता है।

  • प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation): पेट्रोलियम को विभिन्न तापों पर आसवित करके उसके अवयव (fractions) अलग किए जाते हैं।
  • मुख्य अवयव एवं उपयोग:
    • पेट्रोलियम गैस (LPG): घरों में ईंधन (कुकिंग गैस)।
    • पेट्रोल (Petrol): मोटर ईंधन, वैमानिक ईंधन, शुष्क-धुलाई।
    • नेफ्था (Naphtha): यूरिया निर्माण में।
    • केरोसिन (Kerosene): स्टोव, लैम्प ईंधन।
    • डीजल (Diesel): भारी मोटर वाहन, जनरेटर।
    • पैराफिन (Paraffin): वैसलीन, मोमबत्ती।
    • बिटुमेन (Bitumen): पेंट, सड़क निर्माण।
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas): मुख्यतः मेथेन (CH₄)CNG (Compressed Natural Gas) – स्वच्छ ईंधन।
अवयवकार्बन परमाणुउपयोग
पेट्रोलियम गैस (LPG)1-4घरेलू ईंधन
पेट्रोल (Petrol)5-10मोटर ईंधन
नेफ्था8-10यूरिया निर्माण
केरोसिन10-14लैम्प, स्टोव
डीजल14-20भारी वाहन
पैराफिन20+मोमबत्ती, वैसलीन
बिटुमेन20+सड़क निर्माण

🛢️ पेट्रोलियम: जीवाश्म ईंधन – प्रभाजी आसवन द्वारा विभिन्न अवयव – LPG, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन।

🔥 9 दहन (Combustion) – शर्तें, ईंधन एवं आग बुझाना

दहन (Combustion): ऑक्सीजन की उपस्थिति में किसी पदार्थ के जलने की क्रिया – ऊष्मा एवं प्रकाश उत्पन्न होता है।

🔹 दहन की तीन शर्तें

  • (अ) दाह्य पदार्थ (Fuel): जलने वाला पदार्थ (लकड़ी, कोयला, पेट्रोल, LPG)।
  • (ब) ऑक्सीजन (Oxygen): वायु से (या स्वयं प्रदान करने वाला पदार्थ)।
  • (स) दहन ताप (Ignition Temperature): जिस ताप पर पदार्थ जलने लगता है।

🔹 ज्वलन ताप (Ignition Temperature)

  • जिस ताप पर कोई पदार्थ वायु की उपस्थिति में जलने लगता है।
  • पेट्रोल: ज्वलन ताप कम – जल्दी जलता है।
  • मिट्टी का तेल: ज्वलन ताप अधिक – स्टोव में प्रयोग।

🔹 आग बुझाने के उपाय

  • दाह्य पदार्थ को हटाना
  • हवा (ऑक्सीजन) का प्रवाह रोकना (जार से ढकना, रेत/बालू डालना)।
  • आग बुझाने वाले यंत्र से CO₂ गैस का प्रवाह।
  • जल डालना (विद्युत आग में नहीं)।
  • विद्युत आग (शार्ट सर्किट) में पहले विद्युत सप्लाई बन्द करें।

🔹 ईंधन (Fuels) – प्रकार

  • ठोस ईंधन: लकड़ी, कोयला, कोक, गेहूँ/धान के पुआल (पराली)।
  • द्रव ईंधन: पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल (केरोसिन)।
  • गैसीय ईंधन: LPG, CNG, प्राकृतिक गैस (मेथेन), गोबर गैस (CH₄+CO₂), वाटर गैस (H₂+CO), कोल गैस, प्रोड्यूसर गैस।

🔥 दहन: दाह्य पदार्थ + ऑक्सीजन + दहन ताप – आग बुझाने हेतु CO₂, रेत, जल।

🌍 10 ईंधन दहन के कारण पर्यावरणीय प्रभाव
  • CO₂ उत्सर्जन: सभी ईंधनों में कार्बन होता है – जलने पर CO₂ गैस उत्पन्न होती है।
  • पराली जलाना: खेतों में धान/गेहूँ के पुआल जलाने से धुएँ का कोहरा – आँखों में जलन, साँस लेने में कठिनाई।
  • ग्रीन हाउस प्रभाव (Greenhouse Effect): CO₂ गैस सूर्य की ऊष्मा को वायुमण्डल में वापस जाने से रोकती है – पृथ्वी का तापमान बढ़ता है।
  • ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming): बढ़ते तापमान के कारण ध्रुवीय बर्फ पिघलने से समुद्र तटीय निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं।
  • प्रदूषण के स्रोत: वाहन, कारखाने (सीमेन्ट, ताप बिजलीघर), खेतों में पराली जलाना।
☀️
सूर्य की ऊष्मा
पृथ्वी तक पहुँचती है
🌫️
CO₂ परत
ऊष्मा को रोकती है
🌡️
तापमान में वृद्धि
ग्रीन हाउस प्रभाव
चित्र 15.8: ग्रीन हाउस प्रभाव (CO₂ द्वारा ऊष्मा अवरोधन)

🌍 ग्रीन हाउस प्रभाव: CO₂ बढ़ने से पृथ्वी का ताप बढ़ता है – पराली जलाना, वाहन, कारखाने प्रमुख कारण।

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

⚛️ कार्बन: सजीवों का केन्द्रीय तत्व – मुक्त एवं यौगिक अवस्था में।
💎 अपररूप: क्रिस्टलीय (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) – अक्रिस्टलीय (कोयला, कोक, चारकोल)।
💎 हीरा: कठोरतम, चमकीला – चतुष्फलकीय – आभूषण, काँच काटना।
✏️ ग्रेफाइट: मुलायम, षट्कोणीय परतदार – स्नेहक, पेंसिल, विद्युत चालक।
फुलरीन: C₆₀ (फुटबाल आकृति) – 1985 – विद्युत कुचालक।
🧪 कार्बनिक रसायन: व्हेलर (1828) – यूरिया संश्लेषण – पहला कार्बनिक यौगिक।
हाइड्रोकार्बन: C + H – सरलतम मेथेन (CH₄) – मार्श गैस।
🛢️ पेट्रोलियम: प्रभाजी आसवन – LPG, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, बिटुमेन।
🔥 दहन: दाह्य पदार्थ + O₂ + दहन ताप – आग बुझाने हेतु CO₂, रेत, जल।
🌍 ग्रीन हाउस: CO₂ बढ़ने से ताप वृद्धि – पराली, वाहन, कारखाने।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

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