📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 16

ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत

इस अध्याय में हम ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों, नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, बायोगैस, नाभिकीय ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा की दैनिक आवश्यकता के बारे में जानेंगे।

1 ऊर्जा – परिचय एवं आवश्यकता

ऊर्जा (Energy): कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।

  • जीवन के लिये आवश्यक: भोजन पकाना, परिवहन, उद्योग, मनोरंजन, खाद्य उत्पादन (ब्रेड, बिस्कुट, आइसक्रीम) – सभी कार्यों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • जनसंख्या वृद्धि: जनसंख्या एवं दैनिक क्रियाकलापों में वृद्धि के कारण ऊर्जा की माँग निरन्तर बढ़ती जा रही है।
  • ऊर्जा संकट: बढ़ती माँग तथा ऊर्जा उत्पादन में कमी के कारण भविष्य में ऊर्जा संकट विकराल रूप ले सकता है।
  • उपलब्धता के आधार पर: ऊर्जा के स्रोत दो प्रकार के होते हैं – सीमित (अनवीकरणीय) एवं असीमित (नवीकरणीय)

ऊर्जा: जीवन की आधारशिला – जनसंख्या वृद्धि से ऊर्जा की माँग निरन्तर बढ़ रही है।

2 सीमित (अनवीकरणीय) ऊर्जा के स्रोत

अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Non-renewable): जिन ऊर्जा स्रोतों को पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता – इनके निर्माण में करोड़ों वर्ष लगते हैं।

🔹 कोयला (Coal)

  • पेड़-पौधों के पृथ्वी के अन्दर गहराई में दब जाने पर ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में लाखों-करोड़ों वर्षों में कोयले का निर्माण होता है।
  • कोयला पथरीले पदार्थ एवं कार्बन के जटिल यौगिकों से बना होता है।
  • उपयोग: ऊष्मा उत्पादन, विद्युत उत्पादन (तापीय विद्युत घर), औद्योगिक ईंधन।

🔹 पेट्रोलियम (Petroleum)

  • जीव-जन्तुओं के अवशेषों के भूमि/जल के नीचे दब जाने पर लाखों वर्षों में पेट्रोलियम बनता है।
  • अधिकांश भंडार थल एवं समुद्र की तली से कई हजार मीटर की गहराई में पाए जाते हैं।
  • पेट्रोलियम सैकड़ों हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है।
  • आसवन विधि द्वारा पेट्रोलियम से – मिट्टी का तेल (केरोसिन), पेट्रोल, डीजल आदि प्राप्त होते हैं।

🔹 प्राकृतिक गैस (Natural Gas)

  • मुख्यतः मेथेन (CH₄) – साथ में ईथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन।
  • उपयोग: घरेलू एवं औद्योगिक ईंधन, CNG (संपीडित प्राकृतिक गैस) – वाहनों में।
🪨 कोयला 🛢️ पेट्रोलियम 🔥 प्राकृतिक गैस

अनवीकरणीय स्रोत: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस – सीमित भंडार – दोबारा नहीं प्राप्त हो सकते।

☀️ 3 असीमित (नवीकरणीय) ऊर्जा के स्रोत

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Renewable): जिन ऊर्जा स्रोतों को पुनः प्राप्त किया जा सकता है – ये स्वच्छ (प्रदूषण रहित) होते हैं।

☀️
सौर ऊर्जा
सूर्य से अनवरत
🌬️
पवन ऊर्जा
हवा की गति से
🌊
जल ऊर्जा
बहते/गिरते जल से
♻️
बायोगैस
गोबर, कृषि अवशेष
🌋
भू-तापीय
पृथ्वी की आन्तरिक ऊष्मा
🌊
ज्वारीय ऊर्जा
समुद्र की ज्वार-भाटा

☀️ नवीकरणीय स्रोत: सौर, पवन, जल, बायोगैस, भू-तापीय, ज्वारीय – स्वच्छ एवं अनवरत।

☀️ 4 सौर ऊर्जा (Solar Energy)

सौर ऊर्जा (Solar Energy): सूर्य से प्राप्त ऊर्जा – अनवरत एवं असीमित स्रोत।

  • पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत – सूर्य ही है।
  • सौर ऊष्मीय प्रभाव:
    • सोलर कुकर (Solar Cooker): सूर्य की ऊष्मा से खाना पकाना।
    • सौर जल ऊष्मक (Solar Water Heater): सूर्य की ऊष्मा से पानी गर्म करना।
  • सौर विद्युत प्रभाव:
    • सौर सेल (Solar Cell): सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
    • उपयोग: उपग्रहों, कैलकुलेटर, रिमोट क्षेत्रों में बिजली उत्पादन।
  • लाभ: स्वच्छ, प्रदूषण रहित, असीमित, नवीकरणीय।
☀️
सोलर कुकर
खाना पकाना
☀️
सौर जल ऊष्मक
पानी गर्म करना
🔌
सौर सेल
प्रकाश → विद्युत
सौर ऊर्जा के उपयोग – ऊष्मीय एवं विद्युत प्रभाव

☀️ सौर ऊर्जा: पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत – सोलर कुकर, सौर सेल, सौर जल ऊष्मक।

🌬️ 5 पवन ऊर्जा (Wind Energy)

पवन ऊर्जा (Wind Energy): हवा (पवन) की गतिज ऊर्जा को उपयोगी ऊर्जा में बदलना।

  • पवन चक्कियाँ (Windmills): हवा की गति से पंखे (blades) घूमते हैं → यांत्रिक ऊर्जाविद्युत ऊर्जा (जनरेटर द्वारा)।
  • उपयोग: विद्युत उत्पादन, पानी पंप करना, अनाज पीसना।
  • लाभ: स्वच्छ, प्रदूषण रहित, नवीकरणीय, कम लागत।
  • स्थान: तटीय क्षेत्र, पहाड़ी इलाके (जहाँ हवा तेज चलती है)।

🌬️ पवन ऊर्जा: पवन चक्की द्वारा हवा की गति से विद्युत उत्पादन – स्वच्छ एवं नवीकरणीय।

🌊 6 जल ऊर्जा एवं तापीय विद्युत

🔹 जल ऊर्जा (Hydropower)

  • जलविद्युत संयंत्र (Hydroelectric Plant): बहते/गिरते पानी की स्थितिज/गतिज ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा।
  • जलाशय पर बांध (Dam) बनाकर पानी को रोका जाता है – ऊँचाई से गिरने पर टरबाइन घूमती है → जनरेटर → विद्युत।
  • लाभ: स्वच्छ, नवीकरणीय, बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन।

🔹 तापीय विद्युत (Thermal Power)

  • तापीय विद्युत घर (Thermal Power Plant): कोयला या अन्य जीवाश्म ईंधन जलाकर भाप बनाई जाती है – भाप से टरबाइन चलती है → विद्युत उत्पादन।
  • उपयोग: बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन।
  • हानि: वायु प्रदूषण, CO₂ उत्सर्जन, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता।

🌊 जल ऊर्जा: जलविद्युत संयंत्र – बांध द्वारा जल की ऊर्जा से विद्युत – स्वच्छ एवं नवीकरणीय।

♻️ 7 बायोगैस (Biogas)

बायोगैस (Biogas): जैविक पदार्थों (गोबर, कृषि अवशेष, सब्जी के छिलके) के सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटन से प्राप्त गैस।

  • संघटन: मुख्यतः मेथेन (CH₄) – 50-70% तथा कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) – 30-40%।
  • अन्य घटक: H₂S, N₂, H₂ (न्यून मात्रा में)।
  • उपयोग:
    • घरेलू ईंधन – खाना पकाना।
    • विद्युत उत्पादन।
    • वाहन ईंधन (संपीडित बायोगैस – CBG)।
  • लाभ: नवीकरणीय, स्वच्छ, प्रदूषण रहित, अपशिष्ट प्रबंधन।
  • गोबर गैस: CH₄ + CO₂ का मिश्रण – ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय।

♻️ बायोगैस: मेथेन (CH₄) + CO₂ – गोबर, कृषि अवशेषों से – स्वच्छ ईंधन – नवीकरणीय।

☢️ 8 नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy)

नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy): परमाणु के नाभिक के विखण्डन (Fission) या संलयन (Fusion) से प्राप्त ऊर्जा।

  • नाभिकीय विखण्डन (Nuclear Fission): भारी नाभिक (यूरेनियम-235, प्लूटोनियम-239) का छोटे नाभिकों में विभाजन – अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • परमाणु भट्टी (Nuclear Reactor): नियंत्रित दर पर परमाणु ऊर्जा प्राप्त की जाती है।
  • कार्यविधि: नाभिकीय विखण्डन से ऊर्जा → जल गर्म करके भाप बनती है → भाप से टरबाइन चलती है → जनरेटरविद्युत उत्पादन।
  • लाभ: अत्यधिक ऊर्जा – थोड़े से ईंधन से बहुत अधिक ऊर्जा।
  • हानि: रेडियोधर्मी अपशिष्ट, दुर्घटना की स्थिति में खतरा, उच्च लागत।

🔹 भारत में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र

  • कलपक्कम (Kalpakkam): तमिलनाडु
  • कुडानुकुलम (Kudankulam): तमिलनाडु
  • तारापुर (Tarapur): महाराष्ट्र
  • रावतभाटा (Rawatbhata): राजस्थान
  • कैगा (Kaiga): कर्नाटक
  • काकरापार (Kakrapar): गुजरात
  • नरोरा (Narora): उत्तर प्रदेश

☢️ नाभिकीय ऊर्जा: विखण्डन से प्राप्त – भारत में 7 संयंत्र – अत्यधिक ऊर्जा स्रोत।

💡 9 ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation)

ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation): ऊर्जा का कम एवं संयमित उपयोग करना तथा ऊर्जा को व्यर्थ खर्च होने से बचाना।

🔹 ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता

  • बढ़ती जनसंख्या एवं दैनिक क्रियाकलापों के कारण ऊर्जा की माँग निरन्तर बढ़ रही है।
  • अनवीकरणीय स्रोतों (कोयला, पेट्रोलियम) के भंडार सीमित हैं – ये समाप्त हो सकते हैं।
  • ऊर्जा संकट को दूर करने के लिए ऊर्जा संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है।

🔹 ऊर्जा संरक्षण के उपाय

  • 💡 अनावश्यक लाइट/पंखे बन्द करें।
  • 🚗 कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें।
  • ☀️ सौर ऊर्जा (सोलर कुकर, सोलर पैनल) का अधिक से अधिक उपयोग करें।
  • ♻️ नवीकरणीय स्रोतों (सौर, पवन, जल, बायोगैस) को बढ़ावा दें।
  • ऊर्जा दक्ष उपकरण (LED बल्ब, 5-स्टार रेटिंग) का उपयोग करें।
  • 📱 विद्युत उपकरणों को स्टैण्डबाय मोड में न छोड़ें।
  • 🌱 जागरूकता फैलाएँ – ऊर्जा संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करें।

💡 ऊर्जा संरक्षण: ऊर्जा का संयमित उपयोग – अनावश्यक उपकरण बन्द करें – नवीकरणीय स्रोतों को अपनाएँ।

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

ऊर्जा: कार्य करने की क्षमता – जनसंख्या वृद्धि से माँग बढ़ रही है।
अनवीकरणीय: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस – सीमित, करोड़ों वर्षों में बने।
☀️ नवीकरणीय: सौर, पवन, जल, बायोगैस, भू-तापीय, ज्वारीय – स्वच्छ एवं असीमित।
☀️ सौर ऊर्जा: सोलर कुकर, सौर जल ऊष्मक, सौर सेल – पृथ्वी पर सबसे बड़ा स्रोत।
🌬️ पवन ऊर्जा: पवन चक्की – हवा की गति से विद्युत – स्वच्छ एवं नवीकरणीय।
🌊 जल ऊर्जा: जलविद्युत संयंत्र – बांध द्वारा जल से विद्युत – बड़े पैमाने पर उत्पादन।
♻️ बायोगैस: CH₄ + CO₂ – गोबर, कृषि अवशेषों से – ग्रामीण ईंधन।
☢️ नाभिकीय ऊर्जा: विखण्डन से प्राप्त – भारत में 7 संयंत्र – अत्यधिक ऊर्जा।
💡 ऊर्जा संरक्षण: संयमित उपयोग – नवीकरणीय स्रोतों को अपनाएँ – ऊर्जा बचाएँ।

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

Scroll to Top