📚 कक्षा 8 · विज्ञान · अध्याय 12

प्रकाश (Light)

इस अध्याय में हम प्रकाश के अपवर्तन, अपवर्तन के नियम, प्रिज्म द्वारा प्रकाश का विश्लेषण, लेंस (उत्तल/अवतल), सूक्ष्मदर्शी, दूरदर्शी, मानव नेत्र, दृष्टि दोष एवं नेत्र-कैमरा तुलना के बारे में जानेंगे।

🔦 1 प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

अपवर्तन (Refraction): जब प्रकाश की किरण एक समांगी पारदर्शी माध्यम से दूसरे समांगी पारदर्शी माध्यम में तिरछा प्रवेश करती है तो वह दोनों माध्यमों को अलग करने वाले पृष्ठ पर मुड़ (Bend) जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

🔹 क्रियाकलाप – सिक्के का दिखना

  • खाली कप में सिक्का रखें – सिक्का ओझल हो जाता है।
  • कप में पानी डालने पर सिक्का पुनः दिखने लगता है – किन्तु ऊपर उठा हुआ दिखता है।
  • कारण: सिक्के से आने वाली प्रकाश किरणें पानी के पृष्ठ पर अपवर्तित होकर हमारी आँख तक पहुँचती हैं।

🔹 महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • आपतित किरण (Incident Ray): पहले माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करने वाली किरण।
  • अपवर्तित किरण (Refracted Ray): दूसरे माध्यम में प्रवेश करने के बाद जाने वाली किरण।
  • अभिलम्ब (Normal): आपतन बिन्दु पर पृष्ठ के लम्बवत् खींची गई रेखा।
  • आपतन कोण (∠i): आपतित किरण तथा अभिलम्ब के बीच का कोण।
  • अपवर्तन कोण (∠r): अपवर्तित किरण तथा अभिलम्ब के बीच का कोण।

📌 अपवर्तन: माध्यम बदलने पर प्रकाश किरण का अपने पथ से विचलन – कारण: प्रकाश की चाल में परिवर्तन।

📐 2 अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction)

🔹 प्रथम नियम

आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा अभिलम्ब – तीनों एक ही तल में होते हैं।

🔹 द्वितीय नियम (स्नेल का नियम)

किसी पारदर्शी माध्यम युग्म के लिए, आपतन कोण की ज्या (sin i) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात सदैव नियत होता है।

μ = sin i / sin r (जहाँ μ = अपवर्तनांक)

🔹 माध्यमों में प्रकाश की दिशा

  • प्रकाशतः विरल → सघन: किरण अभिलम्ब की ओर मुड़ती है (∠r < ∠i)।
  • प्रकाशतः सघन → विरल: किरण अभिलम्ब से दूर मुड़ती है (∠r > ∠i)।
  • अभिलम्ब के अनुदिश: कोई विचलन नहीं होता।

📐 अपवर्तन के नियम: i, r, अभिलम्ब एक तल में; sin i / sin r = μ (नियत)।

🌈 3 प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन एवं वर्णक्रम

🔹 प्रिज्म द्वारा प्रकाश का विश्लेषण (Dispersion)

  • श्वेत प्रकाश जब काँच के प्रिज्म से गुजरता है तो सात रंगों में विभक्त हो जाता है।
  • इन सात रंगों के समूह को वर्णक्रम (Spectrum) कहते हैं।
  • VIBGYOR: बैंगनी (Violet), जामुनी (Indigo), नीला (Blue), हरा (Green), पीला (Yellow), नारंगी (Orange), लाल (Red)
  • लाल रंग का सबसे अधिक तरंगदैर्घ्य, बैंगनी का सबसे कम।

🔹 इन्द्रधनुष (Rainbow)

  • वर्षा के पश्चात् आकाश में इन्द्रधनुष दिखाई देता है।
  • सूर्य के प्रकाश का वायु में उपस्थित जल बूँदों द्वारा अपवर्तन एवं विश्लेषण – सात रंगों का बड़ा धनुष।
प्रिज्म श्वेत प्रकाश वर्णक्रम
चित्र 12.7: प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का विश्लेषण

🌈 वर्णक्रम: VIBGYOR – बैंगनी से लाल – इन्द्रधनुष में 7 रंग।

🔍 4 लेंस (Lenses) – उत्तल एवं अवतल

🔹 लेंस के प्रकार

उत्तल लेंस (Convex)
बीच में मोटा, किनारे पतले – अभिसारी
प्रतिबिम्ब: वास्तविक/आभासी, उल्टा/सीधा
अवतल लेंस (Concave)
बीच में पतला, किनारे मोटे – अपसारी
प्रतिबिम्ब: सदैव आभासी, सीधा, छोटा

🔹 महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • प्रकाशिक केन्द्र (Optical Centre): लेंस का मध्य बिन्दु।
  • मुख्य अक्ष (Principal Axis): प्रकाशिक केन्द्र से गुजरने वाली रेखा।
  • फोकस (Focus): मुख्य अक्ष पर वह बिन्दु जहाँ लेंस से अपवर्तित किरणें मिलती/अलग होती हैं।
  • फोकस दूरी (Focal Length): प्रकाशिक केन्द्र से फोकस तक की दूरी।

🔍 लेंस: उत्तल (अभिसारी) – बड़ा, वास्तविक/आभासी; अवतल (अपसारी) – आभासी, सीधा, छोटा।

🔬 5 सूक्ष्मदर्शी (Microscope)

सूक्ष्मदर्शी (Microscope): प्रकाशिक यंत्र जिसकी सहायता से सूक्ष्म वस्तुएँ देखी जा सकती हैं।

🔹 प्रकार

  • सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope): एक उत्तल लेंस – आवर्धक लेंस (हैण्ड लेंस)।
  • संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope): दो उत्तल लेंस – अभिदृश्यक (Object) एवं नेत्रिका (Eyepiece) – अधिक आवर्धन।

उपयोग: सूक्ष्म जीवों, कोशिकाओं, जीवाणुओं, रक्त कणिकाओं आदि को देखने के लिए।

🔬 सूक्ष्मदर्शी: सरल (1 लेंस) – संयुक्त (2 लेंस) – कोशिका/जीवाणु देखने हेतु।

🔭 6 दूरदर्शी (Telescope)

दूरदर्शी (Telescope): प्रकाशिक यन्त्र जिसकी सहायता से दूर की वस्तुएँ देखी जा सकती हैं।

  • प्रकार: अपवर्तक दूरदर्शी (लेंस द्वारा) एवं परावर्तक दूरदर्शी (दर्पण द्वारा)।
  • उपयोग: खगोलीय पिंड (तारे, ग्रह, उपग्रह) देखने, समुद्री यात्रा, सैन्य कार्य।

🔭 दूरदर्शी: दूर की वस्तुओं को देखने का यन्त्र – खगोलीय पिंडों के अध्ययन में।

👁️ 7 मानव नेत्र (Human Eye) – संरचना

मानव नेत्र गोलाकार होता है – सामने का भाग कार्निया (उभरा हुआ)।

🔹 नेत्र के भाग एवं कार्य

  • कार्निया (Cornea): सामने की पारदर्शी परत – प्रकाश को अपवर्तित करती है।
  • आइरिस (Iris): रंगीन अपारदर्शी पर्दा – प्रकाश की मात्रा नियंत्रित करता है।
  • पुतली (Pupil): आइरिस के मध्य छिद्र – प्रकाश में छोटी, अंधेरे में बड़ी।
  • नेत्र लेंस (Eye Lens): उत्तल लेंस – प्रकाश को फोकस करता है।
  • रेटिना (Retina): सबसे भीतरी पारदर्शी झिल्ली – प्रतिबिम्ब बनता है।
  • पीतबिन्दु (Yellow Spot): रेटिना का मध्य भाग – स्पष्ट दृष्टि का क्षेत्र।
  • दृष्टि न्यूनतम दूरी: 25 सेमी (स्वस्थ आँख के लिए)।
👁️
मानव नेत्र
कार्निया → पुतली → नेत्र लेंस → रेटिना
चित्र 12.19: मानव नेत्र की संरचना

👁️ नेत्र: प्रतिबिम्ब रेटिना पर उल्टा/वास्तविक – स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 cm।

👓 8 दृष्टि दोष एवं उनका निवारण

🔹 1. निकट-दृष्टि दोष (Myopia – Short Sightedness)

  • कारण: नेत्र लेंस अत्यधिक वक्र हो जाता है – फोकस दूरी कम हो जाती है।
  • प्रभाव: दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं – प्रतिबिम्ब रेटिना के पहले बनता है।
  • निवारण: अवतल लेंस (चश्मे में) – प्रकाश किरणों को अपसारित करके प्रतिबिम्ब रेटिना पर बनाता है।

🔹 2. दूर-दृष्टि दोष (Hypermetropia – Long Sightedness)

  • कारण: नेत्र लेंस की वक्रता कम हो जाती है – फोकस दूरी बढ़ जाती है।
  • प्रभाव: निकट की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं – प्रतिबिम्ब रेटिना के पीछे बनता है।
  • निवारण: उत्तल लेंस (चश्मे में) – प्रकाश किरणों को अभिसारित करके प्रतिबिम्ब रेटिना पर बनाता है।
👓
निकट-दृष्टि
दूर नहीं दिखता
✅ अवतल लेंस
👓
दूर-दृष्टि
निकट नहीं दिखता
✅ उत्तल लेंस

👓 दृष्टि दोष: निकट-दृष्टि (अवतल लेंस) – दूर-दृष्टि (उत्तल लेंस)।

📷 9 मानव नेत्र एवं कैमरे से तुलना
मानव नेत्रफोटोग्राफिक कैमरा
क्रिस्टेलाइन उत्तल लेंसउत्तल लेंस
प्रकाश पुतली से प्रवेशप्रकाश डायाफ्राम से प्रवेश
आइरिस द्वारा पुतली का आकार बदलता हैडायाफ्राम का द्वारक बदलता है
प्रतिबिम्ब रेटिना पर (उल्टा/वास्तविक)प्रतिबिम्ब फिल्म पर (उल्टा/वास्तविक)
प्रतिबिम्ब मस्तिष्क द्वारा सीधा किया जाता हैप्रतिबिम्ब कागज पर सीधा किया जाता है
पश्माभिकी पेशियों द्वारा फोकस समायोजनपेंच द्वारा लेंस-फिल्म दूरी समायोजन

📷 डिजिटल कैमरा: फिल्म के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक तकनीक (सेंसर) का उपयोग।

📷 नेत्र-कैमरा तुलना: दोनों में उत्तल लेंस, प्रतिबिम्ब उल्टा/वास्तविक – फोकस समायोजन विधि भिन्न।

📝 हमने सीखा (अध्याय सारांश)

🔦 अपवर्तन: माध्यम बदलने पर प्रकाश किरण का मुड़ना – sin i / sin r = μ
📐 अपवर्तन नियम: i, r, अभिलम्ब एक तल में – स्नेल का नियम (sin i/sin r = μ)
🌈 वर्णक्रम: VIBGYOR – प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का 7 रंगों में विभक्त होना
🔍 लेंस: उत्तल (अभिसारी) – अवतल (अपसारी) – फोकस/फोकस दूरी
🔬 सूक्ष्मदर्शी: सरल (1 लेंस) – संयुक्त (2 लेंस) – सूक्ष्म वस्तुओं के लिए
🔭 दूरदर्शी: दूर की वस्तुएँ देखने का यन्त्र – खगोलीय अध्ययन
👁️ नेत्र: कार्निया, पुतली, लेंस, रेटिना – स्पष्ट दृष्टि 25 cm
👓 दृष्टि दोष: निकट-दृष्टि (अवतल) – दूर-दृष्टि (उत्तल)
📷 नेत्र/कैमरा: दोनों उत्तल लेंस, उल्टा/वास्तविक प्रतिबिम्ब – फोकस समायोजन भिन्न

🧩 मिलान अभ्यास (25 पेयर)

📝 अभ्यास क्विज़

स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

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