📊 अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात
जानें कि अनुलोम समानुपात (Direct Proportion) और प्रतिलोम समानुपात (Inverse Proportion) क्या हैं, प्रतिशत (Percentage), लाभ-हानि (Profit-Loss), साधारण ब्याज (Simple Interest), चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) तथा कर (Tax) की पूरी अवधारणा को उदाहरणों के साथ विस्तार से समझें।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
अनुलोम समानुपात (Direct Proportion) – जब दो राशियाँ x और y इस प्रकार संबंधित हों कि x के बढ़ने पर y भी उसी अनुपात में बढ़े, अथवा x के घटने पर y भी उसी अनुपात में घटे, तो वे राशियाँ अनुलोम समानुपाती कहलाती हैं।
उदाहरण: 5 पुस्तकों का मूल्य ₹100 है, तो 15 पुस्तकों का मूल्य ₹300 होगा।
| पुस्तकों की संख्या (x) | मूल्य (y) (₹) | x / y |
|---|---|---|
| 5 | 100 | 5/100 = 1/20 |
| 15 | 300 | 15/300 = 1/20 |
| 3 | 60 | 3/60 = 1/20 |
📈 अनुलोम समानुपात: जब एक राशि बढ़ती है तो दूसरी भी उसी अनुपात में बढ़ती है – x/y = अचर।
✅ निष्कर्ष
अनुलोम समानुपात में x/y का मान सदैव अचर (Constant) होता है।
प्रतिलोम समानुपात (Inverse Proportion) – जब दो राशियाँ x और y इस प्रकार संबंधित हों कि x के बढ़ने पर y उसी के प्रतिलोम अनुपात में घटे, अथवा x के घटने पर y उसी के प्रतिलोम अनुपात में बढ़े, तो वे राशियाँ प्रतिलोम समानुपाती कहलाती हैं।
उदाहरण: 5 पंपिंग मशीनें एक तालाब को 60 घंटे में खाली करती हैं। 10 मशीनें 30 घंटे में खाली करेंगी।
| मशीनों की संख्या (x) | समय (y) (घंटे) | x × y |
|---|---|---|
| 5 | 60 | 300 |
| 10 | 30 | 300 |
| 15 | 20 | 300 |
| 30 | 10 | 300 |
📉 प्रतिलोम समानुपात: जब एक राशि बढ़ती है तो दूसरी उसी के प्रतिलोम अनुपात में घटती है – x × y = अचर।
✅ निष्कर्ष
प्रतिलोम समानुपात में x × y का मान सदैव अचर (Constant) होता है।
प्रतिशत (Percentage) – किसी राशि का प्रति सौ (Per Hundred) भाग। % चिन्ह से प्रदर्शित किया जाता है।
उदाहरण 1: 25 का 20% = (20/100) × 25 = 5
उदाहरण 2: यदि किसी धन राशि का 15% = ₹45 है, तो कुल राशि = (45 × 100) / 15 = ₹300
उदाहरण 3: एक गाँव की जनसंख्या 7500 है, 500 निरक्षर हैं। साक्षरता प्रतिशत = (7000/7500) × 100 = 93.33%
% प्रतिशत: किसी राशि का प्रति सौ भाग – (भाग/कुल) × 100
लाभ (Profit) – जब विक्रय मूल्य (Selling Price) > क्रय मूल्य (Cost Price)
हानि (Loss) – जब क्रय मूल्य (Cost Price) > विक्रय मूल्य (Selling Price)
हानि = क्रय मूल्य – विक्रय मूल्य
लाभ% = (लाभ / क्रय मूल्य) × 100
हानि% = (हानि / क्रय मूल्य) × 100
उदाहरण: एक दुकानदार ने सिलाई मशीन ₹850 में खरीदी और ₹1020 में बेची। लाभ = ₹1020 – ₹850 = ₹170। लाभ% = (170/850) × 100 = 20%
💰 लाभ-हानि: लाभ = SP – CP, हानि = CP – SP, लाभ% = (लाभ/CP) × 100, हानि% = (हानि/CP) × 100
साधारण ब्याज (Simple Interest) – मूलधन (Principal) पर निश्चित दर (Rate) और समय (Time) के लिए गणना किया गया ब्याज।
मिश्रधन (Amount) = P + SI
P = (SI × 100) / (R × T)
R = (SI × 100) / (P × T)
T = (SI × 100) / (P × R)
उदाहरण 1: ₹400 का 7½% वार्षिक ब्याज की दर से 3½ वर्ष का साधारण ब्याज = (400 × 15/2 × 7/2) / 100 = ₹105
उदाहरण 2: ₹5000 का 4% वार्षिक ब्याज की दर से 2½ वर्ष का साधारण ब्याज = (5000 × 4 × 5/2) / 100 = ₹500
🏦 साधारण ब्याज: SI = (P × R × T) / 100 – मूलधन, दर, समय पर आधारित।
चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) – जब ब्याज की गणना प्रत्येक वर्ष के अंत में मूलधन + पिछले वर्ष के ब्याज पर की जाती है।
CI = A – P
उदाहरण: ₹4000 का 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज –
- पहले वर्ष का ब्याज = (4000 × 5 × 1)/100 = ₹200 → मिश्रधन = ₹4200
- दूसरे वर्ष का ब्याज = (4200 × 5 × 1)/100 = ₹210 → मिश्रधन = ₹4410
- CI = ₹4410 – ₹4000 = ₹410
📊 चक्रवृद्धि ब्याज: A = P(1 + R/100)n – ब्याज पर ब्याज (Interest on Interest) का सिद्धांत।
🔑 सूत्र – ऐकिक नियम द्वारा
₹1 का 10% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की दर से 3 वर्ष का मिश्रधन = (1 + 10/100)3 = (11/10)3
कर (Tax) – सरकार द्वारा जनता से सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सुरक्षा आदि) के लिए लिया गया धन।
- प्रत्यक्ष कर (Direct Tax): आयकर (Income Tax), सम्पत्ति कर (Property Tax), उपहार कर (Gift Tax)
- अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax): वैट (VAT), GST, सेवा कर (Service Tax), उत्पाद शुल्क (Excise Duty)
✅ मुख्य बिंदु
कर – राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक – प्रत्यक्ष (सीधा) एवं अप्रत्यक्ष (अप्रत्यक्ष) दो प्रकार के होते हैं।
- अनुलोम समानुपात: x/y = k (अचर) – एक राशि बढ़ने पर दूसरी भी बढ़ती है।
- प्रतिलोम समानुपात: x × y = k (अचर) – एक राशि बढ़ने पर दूसरी घटती है।
- प्रतिशत: (भाग/कुल) × 100 – प्रति सौ भाग।
- लाभ-हानि: लाभ = SP – CP, हानि = CP – SP, लाभ% = (लाभ/CP) × 100
- साधारण ब्याज: SI = (P × R × T) / 100
- चक्रवृद्धि ब्याज: A = P × (1 + R/100)n, CI = A – P
- कर: प्रत्यक्ष (आयकर) और अप्रत्यक्ष (GST, VAT)
✅ मुख्य बिंदु
समानुपात (Direct & Inverse), प्रतिशत, लाभ-हानि, ब्याज (साधारण एवं चक्रवृद्धि) तथा कर – ये सभी अवधारणाएँ दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं। इन सूत्रों को याद रखना एवं सही प्रकार से लागू करना आवश्यक है।
🧠 माइंडमैप – अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात
🧩 मिलान अभ्यास – अध्याय 7: अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात
✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।
🧠 Practice Quiz – अध्याय 7: अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।