📊 बीजीय व्यंजक (Algebraic Expressions)
जानें कि बीजीय व्यंजक क्या हैं, एकपदीय व्यंजकों का गुणा, बहुपदीय व्यंजकों का गुणा, सर्वसमिकाएँ (Identities) – (a+b)², (a–b)², (a+b)(a–b) तथा उनके अनुप्रयोग।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
बीजीय व्यंजक (Algebraic Expression) – चर (Variables), अचर (Constants) और संक्रियाओं (+, –, ×, ÷) का संयोजन।
- उदाहरण: 2x, x + 5, y – 3, –3x + 4, 6y – 12
- चर (Variable): x, y, z – जिनके मान बदल सकते हैं।
- अचर (Constant): 2, 5, –3, 4 – जिनके मान स्थिर होते हैं।
- पद (Term): व्यंजक का प्रत्येक भाग – जैसे 2x में 2x एक पद है।
📖 बीजीय व्यंजक: चर + अचर + संक्रियाएँ – जैसे 2x, x+5, y–3
✅ मुख्य बिंदु
बीजगणित में व्यंजकों (Expressions) को केन्द्रीय अवधारणा माना जाता है।
(i) संख्या का गुणा
उदाहरण: 5 किग्रा आम x रुपये प्रति किग्रा – मूल्य = 5 × x = 5x
(ii) समान आधार वाले घातांकीय व्यंजकों का गुणा
उदाहरण: x² × x³ = x2+3 = x5
y³ × y² × y = y3+2+1 = y6
(iii) विविध चर वाले एकपदीय व्यंजकों का गुणा
उदाहरण: 5x × 4y = 5 × 4 × x × y = 20xy
7x × 3y × 2z = 7 × 3 × 2 × x × y × z = 42xyz
4x² × (−2y) × (−3x) = 24x³y
🔑 नियम: गुणनफल का संख्यात्मक गुणांक = गुणांकों का गुणनफल, चर भाग = चरों का गुणनफल
वितरण नियम (Distributive Law): एकपदीय व्यंजक को बहुपदीय व्यंजक के प्रत्येक पद से गुणा करते हैं।
उदाहरण 1: 5 × (x + 4) = 5x + 20
उदाहरण 2: 8 × (3x + 2y) = 24x + 16y
उदाहरण 3: 2x × (4x – 3y) = 8x² – 6xy
उदाहरण 4: 3x × (5x² – 4y) = 15x³ – 12xy
📐 विधि: एकपदीय × बहुपदीय – एकपदीय को बहुपदीय के प्रत्येक पद से गुणा करें।
विधि: प्रथम बहुपदीय के प्रत्येक पद को द्वितीय बहुपदीय के प्रत्येक पद से गुणा करें।
उदाहरण 1: (2x + 3y) × (3x – 4y)
= 2x(3x – 4y) + 3y(3x – 4y)
= 6x² – 8xy + 9xy – 12y²
= 6x² + xy – 12y²
उदाहरण 2: (2x² + y²) × (3x – 5y²)
= 2x²(3x – 5y²) + y²(3x – 5y²)
= 6x³ – 10x²y² + 3xy² – 5y⁴
📊 बहुपदीय × बहुपदीय: प्रत्येक पद × प्रत्येक पद – फिर समान पदों को जोड़ें।
समीकरण (Equation) vs सर्वसमिका (Identity)
- समीकरण: चर के कुछ निश्चित मानों के लिए सत्य – जैसे 2x = x + 3 (x = 3 के लिए सत्य)
- सर्वसमिका: चर के प्रत्येक मान के लिए सत्य – जैसे x(x+1) = x² + x
🔑 सर्वसमिकाएँ: (a+b)², (a–b)², (a+b)(a–b) – चर के सभी मानों के लिए सत्य।
सर्वसमिकाओं का उपयोग – बड़ी संख्याओं का गुणनफल आसानी से ज्ञात करना।
उदाहरण 1: 101² = (100 + 1)²
= 100² + 2×100×1 + 1² = 10000 + 200 + 1 = 10201
उदाहरण 2: 99² = (100 – 1)²
= 100² – 2×100×1 + 1² = 10000 – 200 + 1 = 9801
उदाहरण 3: 303 × 297 = (300 + 3)(300 – 3)
= 300² – 3² = 90000 – 9 = 89991
💡 अनुप्रयोग: सर्वसमिकाएँ बड़ी संख्याओं के गुणनफल को सरल बनाती हैं।
- बीजीय व्यंजक: चर + अचर + संक्रियाएँ
- एकपदीय × एकपदीय: गुणांक × गुणांक, चर × चर (घातांक जोड़ें)
- एकपदीय × बहुपदीय: वितरण नियम – a(x+y) = ax + ay
- बहुपदीय × बहुपदीय: प्रत्येक पद × प्रत्येक पद
- सर्वसमिकाएँ:
- (a+b)² = a² + 2ab + b²
- (a–b)² = a² – 2ab + b²
- (a+b)(a–b) = a² – b²
- (x+a)(x+b) = x² + x(a+b) + ab
- समीकरण vs सर्वसमिका: समीकरण – कुछ मानों के लिए सत्य; सर्वसमिका – सभी मानों के लिए सत्य
✅ मुख्य बिंदु
बीजीय व्यंजकों का गुणा – एकपदीय, बहुपदीय – तथा सर्वसमिकाएँ बीजगणित की आधारशिला हैं।
सर्वसमिकाएँ (a+b)², (a–b)², (a+b)(a–b) का उपयोग संख्याओं के गुणनफल को सरल बनाने में होता है।
🧠 माइंडमैप – बीजीय व्यंजक (Algebraic Expressions)
🧩 मिलान अभ्यास – अध्याय 8: बीजीय व्यंजक
✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।
🧠 Practice Quiz – अध्याय 8: बीजीय व्यंजक
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।