📐 पाइथागोरस प्रमेय एवं त्रिभुजों की अन्य विशेषताएँ
इस अध्याय में हम पाइथागोरस प्रमेय, उसका विलोम, पाइथागोरियन त्रिक, त्रिभुज के शीर्षलम्ब, माध्यिकाएँ, लम्ब समद्विभाजक, कोण समद्विभाजक तथा त्रिभुजों की समरूपता का अध्ययन करेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
पाइथागोरस (Pythagoras) – यूनानी गणितज्ञ (570–500 ईसा पूर्व) जिन्होंने समकोण त्रिभुज का महत्वपूर्ण गुण खोजा।
- बौधायन (800 ईसा पूर्व) – भारतीय गणितज्ञ जिन्होंने पाइथागोरस से 300 वर्ष पूर्व इस प्रमेय का उल्लेख किया।
- समकोण त्रिभुज में कर्ण (Hypotenuse) सबसे बड़ी भुजा होती है।
कर्ण: समकोण के सामने वाली भुजा (सबसे बड़ी भुजा)।
कर्ण² = लम्ब² + आधार²
📌 उदाहरण – 3-4-5 त्रिभुज
समकोण त्रिभुज में, AB = 3 सेमी, BC = 4 सेमी
कर्ण AC = √(3² + 4²) = √(9+16) = √25 = 5 सेमी
∴ 3² + 4² = 5²
📌 महत्वपूर्ण
- पाइथागोरस प्रमेय केवल समकोण त्रिभुज में लागू होता है।
- यदि a² + b² = c² हो, तो त्रिभुज समकोण होता है।
एक भुजा² = शेष दो भुजाओं के वर्गों का योग,
तो वह त्रिभुज समकोण होता है।
📌 उदाहरण – 6, 2.5, 6.5
PQ = 6 सेमी, QR = 2.5 सेमी, PR = 6.5 सेमी
(2.5)² + 6² = 6.25 + 36 = 42.25 = (6.5)²
∴ ∠PQR = 90° (समकोण त्रिभुज)
📌 सत्यापन
PQ = 6 सेमी, QR = 2.5 सेमी, PR = 6.5 सेमी
चाँदे से ∠PQR मापने पर 90° प्राप्त होता है।
अतः यह समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरियन त्रिक – तीन धनात्मक पूर्णांक (a, b, c) जिनके लिए a² + b² = c² हो।
| n | 2n | n²-1 | n²+1 | सत्यापन |
|---|---|---|---|---|
| 2 | 4 | 3 | 5 | 3²+4²=5² |
| 3 | 6 | 8 | 10 | 6²+8²=10² |
| 4 | 8 | 15 | 17 | 8²+15²=17² |
| 5 | 10 | 24 | 26 | 10²+24²=26² |
(2n, n²-1, n²+1) एक पाइथागोरियन त्रिक है।
📌 उदाहरण – 8, 9, 12
8² + 9² = 64 + 81 = 145
12² = 144
∴ 8² + 9² ≠ 12² – अतः 8, 9, 12 पाइथागोरियन त्रिक नहीं है।
📌 गुण
- यदि (a, b, c) एक त्रिक है, तो (ka, kb, kc) भी त्रिक होता है।
- उदाहरण: (3,4,5) → (6,8,10), (9,12,15), (12,16,20) आदि
📌 उदाहरण 1 – भुजाएँ 8 सेमी और 15 सेमी
माना कर्ण = a सेमी
a² = 8² + 15² = 64 + 225 = 289
a = √289 = 17 सेमी
📌 उदाहरण 2 – सीढ़ी और दीवार
10 मीटर लम्बी सीढ़ी दीवार से 8 मीटर दूर लगाई गई।
सीढ़ी की ऊँचाई = h
10² = 8² + h² → h² = 100 - 64 = 36
h = √36 = 6 मीटर
किसी रेखा के बाहर दिए गए बिन्दु से रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में लम्ब सबसे छोटा होता है।
शीर्षलम्ब (Altitude) – त्रिभुज के किसी शीर्ष से सम्मुख भुजा पर डाला गया लम्ब।
- त्रिभुज में तीन शीर्षलम्ब होते हैं।
- तीनों शीर्षलम्ब संगामी (एक बिन्दु पर मिलने वाले) होते हैं।
- इस संगामी बिन्दु को लम्बकेन्द्र (Orthocentre) कहते हैं।
- त्रिभुज के शीर्षलम्ब संगामी होते हैं।
- लम्बकेन्द्र ज्ञात करने के लिए दो शीर्षलम्ब खींचना पर्याप्त है।
📌 विशेष स्थिति
यदि त्रिभुज समकोण है, तो लम्बकेन्द्र समकोण वाले शीर्ष पर होता है।
समबाहु त्रिभुज में लम्बकेन्द्र, केन्द्रक, परिकेन्द्र और अंतःकेन्द्र संपाती होते हैं।
माध्यिका (Median) – त्रिभुज के किसी शीर्ष को सम्मुख भुजा के मध्य बिन्दु से मिलाने वाला रेखाखंड।
- त्रिभुज में तीन माध्यिकाएँ होती हैं।
- तीनों माध्यिकाएँ संगामी होती हैं।
- संगामी बिन्दु को केन्द्रक (Centroid) कहते हैं।
- केन्द्रक प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है (शीर्ष से 2, आधार से 1)।
- त्रिभुज की माध्यिकाएँ संगामी होती हैं।
- संगामी बिन्दु केन्द्रक (Centroid) कहलाता है।
- केन्द्रक, माध्यिका को 2:1 में विभाजित करता है।
परिकेन्द्र (Circumcentre) – त्रिभुज की भुजाओं के लम्ब समद्विभाजकों का संगामी बिन्दु।
- यह त्रिभुज के तीनों शीर्षों से समान दूरी पर होता है।
- इसे त्रिभुज के परिवृत्त का केन्द्र भी कहते हैं।
अंतःकेन्द्र (Incentre) – त्रिभुज के कोण समद्विभाजकों का संगामी बिन्दु।
- यह त्रिभुज की तीनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है।
- इसे त्रिभुज के अन्तःवृत्त का केन्द्र भी कहते हैं।
| केन्द्र | किसके संगामी बिन्दु से | विशेषता |
|---|---|---|
| लम्बकेन्द्र | शीर्षलम्ब | शीर्षों पर लम्ब |
| केन्द्रक | माध्यिकाएँ | 2:1 में विभाजन |
| परिकेन्द्र | भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक | शीर्षों से समान दूरी |
| अंतःकेन्द्र | कोण समद्विभाजक | भुजाओं से समान दूरी |
लम्बकेन्द्र, केन्द्रक, परिकेन्द्र और अंतःकेन्द्र संपाती होते हैं (एक ही बिन्दु पर)।
समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) – वे त्रिभुज जिनके संगत कोण बराबर हों और संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों।
1. संगत कोण बराबर हों (AAA)
2. संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों (SSS)
3. दो भुजाएँ समान अनुपात में और अंतर्गत कोण बराबर (SAS)
📌 उदाहरण – ΔABC और ΔDEF
AB=3, BC=5, CA=4; DE=6, EF=10, FD=8
AB/DE = 3/6 = 1/2, BC/EF = 5/10 = 1/2, CA/FD = 4/8 = 1/2
∴ ΔABC ∼ ΔDEF
📌 महत्वपूर्ण
- यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान हो, तो संगत कोण भी समान होते हैं।
- यदि दो त्रिभुजों के कोण समान हों, तो संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है।
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – पाइथागोरस प्रमेय एवं त्रिभुज
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।