🔺 त्रिभुज (Triangles)
इस अध्याय में हम त्रिभुजों के प्रकार, त्रिभुजों की रचना, सर्वांगसमता, समरूपता, तथा त्रिभुज के कोणों के योग का अध्ययन करेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषय – किसी भी कार्ड पर क्लिक करें और सीधे उस भाग पर पहुँचें।
📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
त्रिभुज (Triangle) – तीन रेखाखण्डों से बनी एक बंद सरल आकृति, जिसके तीन शीर्ष, तीन भुजाएँ और तीन कोण होते हैं।
- प्रतीक: Δ (जैसे ΔABC)
- शीर्ष: A, B, C
- भुजाएँ: AB, BC, CA
- कोण: ∠ABC, ∠BCA, ∠CAB
📌 त्रिभुज के अंग
- 3 भुजाएँ – AB, BC, CA
- 3 शीर्ष – A, B, C
- 3 कोण – ∠A, ∠B, ∠C
💡 बहिष्कोण (Exterior Angle)
जब त्रिभुज की किसी भुजा को बढ़ाया जाता है, तो बाहर जो कोण बनता है, वह बहिष्कोण कहलाता है।
भुजाओं के आधार पर
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| समबाहु | तीनों भुजाएँ समान | 3 सेमी, 3 सेमी, 3 सेमी |
| समद्विबाहु | केवल दो भुजाएँ समान | 5 सेमी, 5 सेमी, 3 सेमी |
| विषमबाहु | कोई भी भुजा समान नहीं | 4 सेमी, 5 सेमी, 6 सेमी |
कोणों के आधार पर
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| न्यूनकोण | सभी कोण 90° से कम | 60°, 60°, 60° |
| समकोण | एक कोण 90° | 90°, 45°, 45° |
| अधिककोण | एक कोण 90° से अधिक | 120°, 30°, 30° |
📌 याद रखें
- समबाहु त्रिभुज में प्रत्येक कोण = 60° होता है।
- समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे बड़ी भुजा होती है।
सर्वांगसम (Congruent) – वे आकृतियाँ जो आकृति (रूप) और आकार (माप) दोनों में समान हों।
- प्रतीक: ≅ (जैसे ΔABC ≅ ΔXYZ)
- संगत शीर्ष: A ↔ X, B ↔ Y, C ↔ Z
- संगत कोण: ∠A = ∠X, ∠B = ∠Y, ∠C = ∠Z
- संगत भुजाएँ: AB = XY, BC = YZ, AC = XZ
📌 सर्वांगसमता की जाँच
ट्रेसिंग पेपर पर त्रिभुज बनाकर दूसरे त्रिभुज पर रखकर देखें कि क्या वे एक दूसरे को पूर्ण रूप से ढक लेते हैं।
📌 सर्वांगसमता की शर्तें
- SSS – तीनों भुजाएँ बराबर
- SAS – दो भुजाएँ और अंतर्गत कोण बराबर
- ASA – दो कोण और अंतर्गत भुजा बराबर
- RHS – समकोण, कर्ण और एक भुजा बराबर
SSS रचना – जब त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दी गई हों।
📌 उदाहरण: ΔPQR बनाएँ जहाँ PQ = 5 सेमी, QR = 6 सेमी, RP = 4 सेमी
- PQ = 5 सेमी की रेखा खींचें।
- Q से 6 सेमी त्रिज्या का चाप लगाएँ।
- P से 4 सेमी त्रिज्या का चाप लगाएँ।
- चापों का प्रतिच्छेदन बिन्दु R है।
- R को P और Q से मिलाएँ।
📌 SSS सर्वांगसमता नियम: यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ, दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
ASA रचना – जब त्रिभुज के दो कोण और अंतर्गत भुजा दी गई हो।
📌 उदाहरण: ΔABC बनाएँ, AC = 6 सेमी, ∠A = 60°, ∠C = 45°
- AC = 6 सेमी की रेखा खींचें।
- A पर 60° का कोण बनाएँ।
- C पर 45° का कोण बनाएँ।
- दोनों किरणों का प्रतिच्छेदन B है।
📌 ASA सर्वांगसमता नियम: यदि एक त्रिभुज के दो कोण और अंतर्गत भुजा, दूसरे त्रिभुज के दो कोण और संगत भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
RHS रचना – समकोण त्रिभुज जब कर्ण और एक भुजा दी गई हो।
📌 उदाहरण: ΔABC बनाएँ, ∠B = 90°, BC = 4 सेमी, AC = 5 सेमी
- BC = 4 सेमी की रेखा खींचें।
- B पर 90° का कोण बनाएँ।
- C से 5 सेमी त्रिज्या का चाप लगाएँ।
- चाप और किरण का प्रतिच्छेदन A है।
📌 RHS सर्वांगसमता नियम: यदि एक समकोण त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा, दूसरे समकोण त्रिभुज के कर्ण और संगत भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है।
📌 उदाहरण
यदि ∠B = 72°, ∠C = 64° हो, तो ∠A = ?
∠A = 180° − 72° − 64° = 44°
💡 इस गुण का उपयोग त्रिभुज का तीसरा कोण ज्ञात करने में किया जाता है।
समरूप (Similar) – वे आकृतियाँ जो आकृति (रूप) में समान हों, परन्तु आकार (माप) में भिन्न हों।
- सर्वांगसम आकृतियाँ हमेशा समरूप होती हैं।
- समरूप आकृतियाँ हमेशा सर्वांगसम नहीं होतीं।
📌 उदाहरण
- दो भिन्न आकार के हॉकी के चित्र – समरूप
- दो भिन्न आकार के पेड़ों के चित्र – समरूप
💡 समरूप त्रिभुज
तीनों कोण बराबर हों → त्रिभुज समरूप होते हैं।
(जरूरी नहीं कि भुजाएँ बराबर हों)
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – त्रिभुज (Triangles)
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।