अध्याय 11: चक्रवृद्धि ब्याज – Junior School Online
📐 Mathematics – Class 8 – Chapter 11

📊 चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

जानें कि चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) क्या है, वार्षिक, अर्द्धवार्षिक और तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज की गणना, जनसंख्या वृद्धि, अवमूल्यन (Depreciation), तथा वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि एवं घाटे की दर।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 📖 चक्रवृद्धि ब्याज – परिचय (Introduction)

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest): वह ब्याज जिसमें प्रत्येक अवधि के अंत में ब्याज को मूलधन में जोड़ दिया जाता है और अगली अवधि का ब्याज इस नए मूलधन पर लगाया जाता है।

  • शाब्दिक अर्थ: चक्र (चक्कर) + वृद्धि (बढ़ोत्तरी) – प्रत्येक चक्कर पर बढ़ोत्तरी वाला ब्याज।
  • मूलधन (Principal): वह धन जिस पर ब्याज लगाया जाता है।
  • मिश्रधन (Amount): मूलधन + ब्याज
  • ब्याज की दर (Rate): प्रतिशत वार्षिक दर
  • समय (Time): वर्षों की संख्या
  • चक्रवृद्धि अवधि: वार्षिक, अर्द्धवार्षिक (छमाही), तिमाही

📖 चक्रवृद्धि ब्याज: ब्याज पर ब्याज – प्रत्येक अवधि में ब्याज मूलधन में जुड़ता है।

चक्रवृद्धि ब्याज – अवधारणा
वर्ष 1 मूलधन = P ब्याज = P×r% → P + ब्याज वर्ष 2 नया मूलधन = P + ब्याज + ब्याज मिश्रधन A ब्याज पर ब्याज – चक्रवृद्धि ब्याज
चित्र 11.1: चक्रवृद्धि ब्याज की अवधारणा
2 📈 वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज – सूत्र एवं उदाहरण
\(A = P \left(1 + \frac{r}{100}\right)^n\) \(CI = A - P = P \left[\left(1 + \frac{r}{100}\right)^n - 1\right]\)
P = मूलधन (Principal)
r = वार्षिक ब्याज दर (%)
n = वर्षों की संख्या
A = मिश्रधन (Amount)
CI = चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

उदाहरण 1: ₹400 का 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।

\(A = 400 \times (1 + \frac{10}{100})^2 = 400 \times (\frac{11}{10})^2 = 400 \times \frac{121}{100} = ₹484\)

\(CI = A - P = 484 - 400 = ₹84\)

चक्रवृद्धि ब्याज = ₹84

उदाहरण 2: ₹25,600 का 6.25% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।

\(A = 25600 \times (1 + \frac{6.25}{100})^2 = 25600 \times (\frac{17}{16})^2 = 25600 \times \frac{289}{256} = ₹28900\)

\(CI = 28900 - 25600 = ₹3300\)

चक्रवृद्धि ब्याज = ₹3300

📈 वार्षिक चक्रवृद्धि: \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) – ब्याज वार्षिक रूप से संयोजित होता है।

3 📊 अर्द्धवार्षिक एवं तिमाही चक्रवृद्धि

🔹 अर्द्धवार्षिक (छमाही) चक्रवृद्धि

\(A = P \left(1 + \frac{r/2}{100}\right)^{2n}\) (दर = \(\frac{r}{2}\)%, समय = \(2n\) छमाही)

उदाहरण: ₹2000 का 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का मिश्रधन ज्ञात कीजिए, जब ब्याज अर्द्धवार्षिक देय है।

P = ₹2000, r = 10% वार्षिक = 5% छमाही, n = 1 वर्ष = 2 छमाही

\(A = 2000 \times (1 + \frac{5}{100})^2 = 2000 \times (\frac{21}{20})^2 = 2000 \times \frac{441}{400} = ₹2205\)

\(CI = 2205 - 2000 = ₹205\)

मिश्रधन = ₹2205, चक्रवृद्धि ब्याज = ₹205

🔹 तिमाही चक्रवृद्धि

\(A = P \left(1 + \frac{r/4}{100}\right)^{4n}\) (दर = \(\frac{r}{4}\)%, समय = \(4n\) तिमाही)
वार्षिक दर
10%
छमाही दर
5%
तिमाही दर
2.5%
1 वर्ष → छमाही
2 छमाही
1 वर्ष → तिमाही
4 तिमाही
2 वर्ष → छमाही
4 छमाही

📊 अर्द्धवार्षिक/तिमाही: दर को विभाजित करें, समय को गुणा करें – \(r \to r/m\), \(n \to n \times m\)

ब्याज संयोजन अवधियाँ
वार्षिक 1 वर्ष में 1 बार दर = r% अर्द्धवार्षिक 1 वर्ष में 2 बार दर = r/2% तिमाही 1 वर्ष में 4 बार दर = r/4% जितनी अधिक बार संयोजन, उतना अधिक ब्याज
चित्र 11.2: ब्याज संयोजन अवधियाँ – वार्षिक, अर्द्धवार्षिक, तिमाही
4 🌍 जनसंख्या वृद्धि (Population Growth)

जनसंख्या वृद्धि: जनसंख्या में वृद्धि चक्रवृद्धि ब्याज की भाँति होती है – प्रत्येक वर्ष नई जनसंख्या पर वृद्धि होती है।

\(A = P \left(1 + \frac{r}{100}\right)^n\) यहाँ \(P\) = वर्तमान जनसंख्या, \(A\) = n वर्ष बाद जनसंख्या

उदाहरण: एक गाँव की जनसंख्या में 5% वार्षिक वृद्धि होती है। यदि वर्तमान जनसंख्या 4410 है, तो 2 वर्ष पूर्व की जनसंख्या ज्ञात कीजिए।

\(4410 = P \times (1 + \frac{5}{100})^2 = P \times (\frac{21}{20})^2\)

\(P = 4410 \times \frac{400}{441} = 4000\)

2 वर्ष पूर्व जनसंख्या = 4000

उदाहरण: एक नगर की जनसंख्या 31 दिसम्बर 1978 को 100000 थी। 10% वार्षिक वृद्धि पर 31 दिसम्बर 1981 को जनसंख्या क्या होगी?

\(A = 100000 \times (1 + \frac{10}{100})^3 = 100000 \times (\frac{11}{10})^3 = 100000 \times \frac{1331}{1000} = 133100\)

जनसंख्या = 1,33,100

🌍 जनसंख्या वृद्धि: \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) – वृद्धि की दर और समय के साथ जनसंख्या बढ़ती है।

5 📉 अवमूल्यन (Depreciation) – घाटे की दर

अवमूल्यन (Depreciation): समय के साथ वस्तुओं (मशीन, गाड़ी, भवन आदि) के मूल्य में कमी होना।

\(A = P \left(1 - \frac{r}{100}\right)^n\) यहाँ \(r\) = वार्षिक अवमूल्यन दर (घाटे की दर)

उदाहरण: एक टेलीविजन के मूल्य में प्रत्येक वर्ष 10% का अवमूल्यन होता है। यदि वर्तमान मूल्य ₹25000 है, तो 3 वर्ष बाद मूल्य क्या होगा?

\(A = 25000 \times (1 - \frac{10}{100})^3 = 25000 \times (\frac{9}{10})^3 = 25000 \times \frac{729}{1000} = ₹18225\)

3 वर्ष बाद मूल्य = ₹18,225

उदाहरण: एक मशीन का वर्तमान मूल्य ₹10830 है और अवमूल्यन दर 19% वार्षिक है। 2 वर्ष पूर्व मूल्य क्या था?

\(10830 = P \times (1 - \frac{19}{100})^2 = P \times (\frac{81}{100})^2\)

\(P = 10830 \times \frac{10000}{6561} = ₹12000\)

2 वर्ष पूर्व मूल्य = ₹12,000

📉 अवमूल्यन: \(A = P(1 - \frac{r}{100})^n\) – वस्तु के मूल्य में समय के साथ कमी।

वृद्धि vs अवमूल्यन
📈 वृद्धि \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) (जनसंख्या, मूल्य) vs 📉 अवमूल्यन \(A = P(1 - \frac{r}{100})^n\) (मशीन, गाड़ी) वृद्धि (धनात्मक) और अवमूल्यन (ऋणात्मक)
चित्र 11.3: वृद्धि और अवमूल्यन – सूत्रों की तुलना
6 📝 अभ्यास – प्रश्न एवं हल (Exercises with Solutions)

अभ्यास 11(a) – चक्रवृद्धि ब्याज की गणना

प्रश्न 1: ₹400 का 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।

हल:

\(A = 400 \times (1 + \frac{10}{100})^2 = 400 \times (\frac{11}{10})^2 = 400 \times \frac{121}{100} = ₹484\)

\(CI = 484 - 400 = ₹84\)

चक्रवृद्धि ब्याज = ₹84

प्रश्न 7: ₹2000 का 10% वार्षिक दर से \(1\frac{1}{2}\) वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए, यदि ब्याज अर्द्धवार्षिक संयोजित होता है।

हल:

P = ₹2000, r = 10% वार्षिक = 5% छमाही

n = \(1\frac{1}{2}\) वर्ष = 3 छमाही

\(A = 2000 \times (1 + \frac{5}{100})^3 = 2000 \times (\frac{21}{20})^3 = 2000 \times \frac{9261}{8000} = ₹2315.25\)

\(CI = 2315.25 - 2000 = ₹315.25\)

चक्रवृद्धि ब्याज = ₹315.25

प्रश्न 12: कोई धन 5% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की दर से 2 वर्ष में ₹88720 हो जाता है। मूलधन ज्ञात कीजिए।

हल:

\(A = 88720 = P \times (1 + \frac{5}{100})^2 = P \times (\frac{21}{20})^2\)

\(P = 88720 \times \frac{400}{441} = ₹40871.655\)

मूलधन = ₹40871.66 (लगभग)

अभ्यास 11(b) – जनसंख्या वृद्धि एवं अवमूल्यन

प्रश्न 1: एक नगर की जनसंख्या 31 दिसम्बर 1978 को 100000 थी। यदि जनसंख्या में वृद्धि दर 10% वार्षिक हो, तो 31 दिसम्बर 1981 को जनसंख्या कितनी होगी?

हल:

\(A = 100000 \times (1 + \frac{10}{100})^3 = 100000 \times (\frac{11}{10})^3 = 100000 \times \frac{1331}{1000} = 133100\)

31 दिसम्बर 1981 को जनसंख्या = 1,33,100

प्रश्न 2: एक गाँव की जनसंख्या वार्षिक 5% बढ़ती है। यदि इस समय गाँव की जनसंख्या 4410 हो, तो 2 वर्ष पूर्व जनसंख्या कितनी थी?

हल:

\(4410 = P \times (1 + \frac{5}{100})^2 = P \times (\frac{21}{20})^2\)

\(P = 4410 \times \frac{400}{441} = 4000\)

2 वर्ष पूर्व जनसंख्या = 4000

प्रश्न 3: एक मोटर गाड़ी के मूल्य में प्रत्येक वर्ष 5% का अवमूल्यन होता है। यदि वर्तमान मूल्य ₹40,000 है, तो 2 वर्ष बाद मूल्य क्या होगा?

हल:

\(A = 40000 \times (1 - \frac{5}{100})^2 = 40000 \times (\frac{19}{20})^2 = 40000 \times \frac{361}{400} = ₹36100\)

2 वर्ष बाद मूल्य = ₹36,100

📝 अभ्यास: चक्रवृद्धि ब्याज के सूत्रों का अभ्यास – वार्षिक, अर्द्धवार्षिक, तिमाही, जनसंख्या वृद्धि, अवमूल्यन।

7 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • चक्रवृद्धि ब्याज: ब्याज पर ब्याज – प्रत्येक अवधि में ब्याज मूलधन में जुड़ता है।
  • वार्षिक चक्रवृद्धि: \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\), \(CI = A - P\)
  • अर्द्धवार्षिक चक्रवृद्धि: दर = \(\frac{r}{2}\)%, समय = \(2n\) छमाही
  • तिमाही चक्रवृद्धि: दर = \(\frac{r}{4}\)%, समय = \(4n\) तिमाही
  • जनसंख्या वृद्धि: \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) – वृद्धि की दर से
  • अवमूल्यन (Depreciation): \(A = P(1 - \frac{r}{100})^n\) – घाटे की दर से
  • चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन
  • जितनी अधिक बार संयोजन, उतना अधिक ब्याज
  • चक्रवृद्धि ब्याज में \(P, r, n\) में से कोई तीन ज्ञात होने पर चौथी ज्ञात की जा सकती है।

✅ मुख्य बिंदु

चक्रवृद्धि ब्याज – वित्तीय गणित की महत्वपूर्ण अवधारणा। \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) – यह सूत्र वार्षिक, अर्द्धवार्षिक और तिमाही चक्रवृद्धि के लिए समायोजित किया जा सकता है। जनसंख्या वृद्धि और अवमूल्यन – दोनों ही चक्रवृद्धि ब्याज के अनुप्रयोग हैं। जितनी अधिक बार ब्याज संयोजित होता है, उतना अधिक ब्याज मिलता है।

🧠 माइंडमैप – चक्रवृद्धि ब्याज

📐 अध्याय 11 – संपूर्ण सारांश
📖 चक्रवृद्धि ब्याज
ब्याज पर ब्याज मूलधन + ब्याज = मिश्रधन प्रत्येक अवधि में संयोजन
📈 वार्षिक
\(A = P(1 + r/100)^n\) CI = A - P 1 वर्ष में 1 बार
📊 अर्द्धवार्षिक
दर = r/2% समय = 2n 1 वर्ष में 2 बार
📊 तिमाही
दर = r/4% समय = 4n 1 वर्ष में 4 बार
🌍 जनसंख्या वृद्धि
\(A = P(1 + r/100)^n\) वृद्धि की दर चक्रवृद्धि की भाँति
📉 अवमूल्यन
\(A = P(1 - r/100)^n\) घाटे की दर मशीन, गाड़ी
🔑 निष्कर्ष
CI = \(P[(1+r/100)^n - 1]\) अधिक संयोजन → अधिक ब्याज व्यावहारिक उपयोग
📐 निष्कर्ष: चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) – ब्याज पर ब्याज का सिद्धांत। \(A = P(1 + \frac{r}{100})^n\) – मिश्रधन का सूत्र। वार्षिक, अर्द्धवार्षिक (r/2, 2n) और तिमाही (r/4, 4n) चक्रवृद्धि – जितनी अधिक बार संयोजन, उतना अधिक ब्याज। जनसंख्या वृद्धि (\(A = P(1+r/100)^n\)) और अवमूल्यन (\(A = P(1-r/100)^n\)) – दोनों चक्रवृद्धि ब्याज के व्यावहारिक अनुप्रयोग हैं। चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन।

🧩 मिलान अभ्यास – अध्याय 11: चक्रवृद्धि ब्याज

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – अध्याय 11: चक्रवृद्धि ब्याज

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

चक्रवृद्धि ब्याज – ब्याज पर ब्याज
मिश्रधन – A = P(1 + r/100)ⁿ
CI = A - P
अर्द्धवार्षिक – r/2, 2n
तिमाही – r/4, 4n
जनसंख्या वृद्धि – A = P(1 + r/100)ⁿ
अवमूल्यन – A = P(1 - r/100)ⁿ
घाटे की दर – ऋणात्मक वृद्धि
उदाहरण – ₹400, 10%, 2 वर्ष → ₹84
अधिक संयोजन – अधिक ब्याज
मूलधन ज्ञात करना – सूत्र से P निकालें
समय ज्ञात करना – घातांक से n निकालें
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