📐 कोण (Angles)
इस अध्याय में हम कोण की अवधारणा, कोणों के प्रकार, कोणों को मापना, कोटिपूरक एवं संपूरक कोण, रैखिक युग्म, तथा 60° और 120° के कोणों की रचना करना सीखेंगे।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
कोण (Angle) – एक ही बिन्दु से निकलने वाली दो किरणों के बीच के झुकाव को कोण कहते हैं।
- शीर्ष (Vertex) – वह उभयनिष्ठ बिन्दु जहाँ दोनों किरणें मिलती हैं।
- भुजाएँ (Arms/Sides) – कोण बनाने वाली दो किरणें।
- प्रतीक: ∠ (कोण) – जैसे ∠ABC, ∠PQR
📌 कोण से सम्बन्धित तीन क्षेत्र: (1) अभ्यंतर (आन्तरिक), (2) बाह्य भाग, (3) कोण की भुजा पर स्थित बिन्दु।
💡 यूक्लिड की परिभाषा
कोण दो रेखाओं का एक दूसरी ओर झुकाव है जो एक ही बिन्दु पर मिलती हैं और एक सीध में नहीं होतीं।
| कोण का प्रकार | माप | उदाहरण |
|---|---|---|
| शून्य कोण | 0° | जब किरण घुमाई न जाए |
| न्यून कोण | 0° से 90° के बीच | 30°, 45°, 60° |
| समकोण | 90° | वर्ग/आयत के कोने |
| अधिक कोण | 90° से 180° के बीच | 120°, 135°, 150° |
| ऋजु कोण | 180° | सीधी रेखा |
| वृहत कोण | 180° से 360° के बीच | 210°, 270°, 300° |
| सम्पूर्ण कोण | 360° | एक पूरा चक्कर |
📌 ध्यान दें
- न्यून कोण < 90° < अधिक कोण < 180° < वृहत कोण < 360°
- एक समकोण = 90°, दो समकोण = 180° (ऋजु कोण)
- चार समकोण = 360° (सम्पूर्ण कोण)
चाँदा (Protractor) – अर्द्धवृत्ताकार उपकरण जिससे कोण मापते हैं।
- चाँदे का वक्रीय किनारा 180 बराबर भागों में विभाजित है।
- प्रत्येक भाग = 1° (अंश)
- दोनों दिशाओं (वामावर्ती और दक्षिणावर्ती) में 0° से 180° तक चिन्ह होते हैं।
📌 चाँदे से कोण मापने के चरण
- चाँदे के आधार के मध्य बिन्दु (O) को कोण के शीर्ष पर रखें।
- चाँदे की आधार रेखा को कोण की एक भुजा के साथ मिलाएँ।
- दूसरी भुजा चाँदे के जिस चिन्ह पर मिले, वह कोण का माप है।
📌 उदाहरण
∠XYZ = 125° – चाँदे पर 125° अंकित होता है।
📜 इतिहास
बेबीलोनियन लोगों ने सूर्य की 360 दिनों की गति के आधार पर 360° को विभाजित किया। 1° = वर्ष का 1 दिन।
- कोटिपूरक कोण (Complementary Angles) – दो कोण जिनका योग 90° हो।
उदाहरण: 40° + 50° = 90°, 20° + 70° = 90° - संपूरक कोण (Supplementary Angles) – दो कोण जिनका योग 180° हो।
उदाहरण: 110° + 70° = 180°, 45° + 135° = 180°
📌 महत्वपूर्ण तथ्य
- कोटिपूरक और संपूरक कोणों का आसन्न होना आवश्यक नहीं है।
- दो अधिक कोण कभी संपूरक नहीं हो सकते (क्योंकि प्रत्येक > 90° → योग > 180°)
- दो न्यून कोण कभी संपूरक नहीं हो सकते (क्योंकि प्रत्येक < 90° → योग < 180°)
- दो समकोण संपूरक होते हैं (90° + 90° = 180°)
📌 उदाहरण
20° का कोटिपूरक कोण = 90° − 20° = 70°
45° का संपूरक कोण = 180° − 45° = 135°
- आसन्न कोण (Adjacent Angles) – एक उभयनिष्ठ शीर्ष, एक उभयनिष्ठ भुजा, और भुजाएँ विपरीत दिशा में।
- रैखिक युग्म (Linear Pair) – आसन्न कोण जिनका योग 180° हो। (एक सीधी रेखा पर)
- शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles) – दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन से बने विपरीत कोण, बराबर होते हैं।
📌 गुण: ∠1 = ∠3 (शीर्षाभिमुख), ∠2 = ∠4 (शीर्षाभिमुख), ∠1 + ∠2 = 180° (रैखिक युग्म)
60° के कोण की रचना
- एक किरण OA खींचें।
- परकार के नुकीले सिरे को O पर रखकर एक चाप खींचें जो OA को P पर काटे।
- P से उसी दूरी पर चाप पर एक बिन्दु M अंकित करें।
- OM को मिलाकर आगे बढ़ाएँ। ∠AON = 60°
120° के कोण की रचना
- 60° की रचना करें (बिन्दु M तक)।
- M से उसी दूरी पर एक और बिन्दु K अंकित करें।
- OK को मिलाकर आगे बढ़ाएँ। ∠AOB = 120°
📌 नियम: 60° के अपवर्त्य (60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°) बनाए जा सकते हैं।
अभ्यास 8 के महत्वपूर्ण प्रश्न:
- 📌 कोटिपूरक कोण: 20°, 55°, 68° → 70°, 35°, 22°
- 📌 संपूरक कोण: 45°, 70°, 120° → 135°, 110°, 60°
- 📌 कोणों के प्रकार: 0° (शून्य), 30° (न्यून), 90° (समकोण), 135° (अधिक), 180° (ऋजु), 225° (वृहत), 360° (सम्पूर्ण)
- 📌 साइकिल के पहिए में 36 तीलियाँ: 360° ÷ 36 = 10° प्रत्येक तीली के बीच
- 📌 मोड़ के कोण: "पीछे मुड़" = 180°, "दायें घूम" = 90°
- 📌 सम्पूर्ण कोण में 60° के अपवर्त्य: 360° ÷ 60° = 6
💡 सूत्र: कोटिपूरक = 90° − दिया गया कोण | संपूरक = 180° − दिया गया कोण
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – कोण (Angles)
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।