स्वच्छता (Cleanliness)

स्वच्छता – Junior School Online
🔬 Science – Class 6 – Chapter 10

🧹 स्वच्छता (Cleanliness)

जानें कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्वच्छता क्या है, शौचालय का महत्व, कचरा प्रबंधन, स्वच्छ भारत अभियान एवं विश्व शौचालय दिवस के बारे में।

🎯 Learning Objectives

🧼 व्यक्तिगत स्वच्छता
🏙️ सामाजिक स्वच्छता
🚽 शौचालय का महत्व
🗑️ कचरा प्रबंधन
🇮🇳 स्वच्छ भारत अभियान

📖 स्वच्छता का परिचय

स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम वातावरण तथा स्वच्छ पर्यावरण होना अत्यन्त आवश्यक है। स्वच्छता के दो रूप हैं:

🧼 व्यक्तिगत स्वच्छता

अपने शरीर को साफ-सुथरा रखना।

🏙️ सामाजिक/सार्वजनिक स्वच्छता

अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखना।

💡 दूषित जल, दूषित भोज्य पदार्थ तथा खेती में रसायनों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग हमारे वातावरण को दूषित कर रहा है।

🧼 व्यक्तिगत स्वच्छता

स्वस्थ रहने के लिए हमें अपने शरीर को साफ-सुथरा रखना आवश्यक है, जो व्यक्तिगत स्वच्छता कहलाती है।

🚿प्रतिदिन स्नानशरीर की सफाई
🪥दाँतों की सफाईदिन में दो बार
💇बालों की सफाईनियमित रूप से
✂️नाखूनों की सफाईछोटे एवं साफ रखें
👁️आँखों की सफाईठण्डे पानी से
👂कान एवं नाक की सफाईनियमित रूप से
🧴त्वचा की सफाईस्वस्थ त्वचा

📌 शौच के बाद साबुन से हाथ धोना – व्यक्तिगत स्वच्छता के अन्तर्गत आता है।

🏙️ सामाजिक स्वच्छता

सामाजिक स्वच्छता – अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखना। इसमें शामिल हैं:

✅ घर की सफाई

कमरों, आँगन, रसोई की नियमित सफाई

✅ आस-पास की सफाई

गलियाँ, मोहल्ले, सार्वजनिक स्थान

✅ शौचालय की सफाई

नियमित रूप से साफ-सफाई करना

✅ कचरा प्रबंधन

गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग

💡 शौच हेतु शौचालय का प्रयोग न करने से बीमारियाँ फैलती हैं तथा पर्यावरण दूषित होता है।

🚽 शौचालय का महत्व

📌 शौचालय की सफाई क्यों आवश्यक है?

🔹 शौचालय की सफाई नियमित करनी चाहिए।
🔹 शौचालय का प्रयोग न करने से बीमारियाँ फैलती हैं।
🔹 शौचालय की सफाई व्यक्तिगत एवं सामाजिक दोनों स्वच्छता के अन्तर्गत आती है।
🔹 गाँवों में शौचालय का प्रयोग करना चाहिए।

📌 शौचालय का प्रयोग न करने पर हानियाँ

🔹 बीमारियाँ (डायरिया, पेचिश, हैजा, टाइफाइड) फैलती हैं।
🔹 पर्यावरण दूषित होता है।
🔹 मक्खियाँ एवं कीड़े पैदा होते हैं।
🔹 समाज में बीमारियाँ फैलती हैं।

🗑️ कचरा प्रबंधन

कचरे को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है:

🟢 गीला कचरा (Wet Waste)

🔹 शाक-सब्जियों के छिलके
🔹 सड़ी-गली सब्जियाँ
🔹 खराब फल, फलों के छिलके
🔹 फलों का रस निकालने के बाद रसदार गूदा
🔹 हरे कूड़ेदान में डालें

🔵 सूखा कचरा (Dry Waste)

🔹 पॉलीथीन, प्लास्टिक की वस्तुएँ
🔹 रबर की वस्तुएँ (टायर, खिलौने)
🔹 बिस्कुट, नमकीन के पैकेट
🔹 फाइबर के डिब्बे
🔹 नीले कूड़ेदान में डालें

📌 गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग क्यों?

🔹 एक साथ डालने से बदबू एवं कीड़े पैदा होते हैं।
🔹 गीले कचरे से खाद (कम्पोस्ट) बनाई जा सकती है।
🔹 सूखे कचरे को पुनः चक्रण (Recycling) कर वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं।
🔹 नीले कूड़ेदान – सूखा कचरा  |  हरे कूड़ेदान – गीला कचरा

🌱 कम्पोस्ट पिट

📌 कम्पोस्ट पिट क्या है?

गीले कचरे (सब्जियों के छिलके, फलों के छिलके, सड़ी-गली सब्जियाँ) को गड्ढे में डालकर खाद बनाने की विधि को कम्पोस्ट पिट कहते हैं।

💡 इससे प्राकृतिक खाद तैयार होती है जो पौधों के लिए लाभकारी है।

🇮🇳 स्वच्छता अभियान

📌 क्लीन सिटी ग्रीन सिटी योजना

🔹 नगर पालिका द्वारा चलाई जा रही योजना।
🔹 लोगों को गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग कूड़ेदान में इकट्ठा करने का सुझाव दिया गया है।
🔹 नीले कूड़ेदान – सूखा कचरा  |  हरे कूड़ेदान – गीला कचरा

📌 विश्व शौचालय दिवस (World Toilet Day)

🔹 19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है।
🔹 इसका उद्देश्य शौचालयों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।

📌 स्वच्छ भारत अभियान (Clean India Campaign)

🔹 भारत सरकार द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने हेतु चलाया गया अभियान।
🔹 उद्देश्य – खुले में शौच को समाप्त करना एवं स्वच्छता को बढ़ावा देना।
🔹 प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी – स्वच्छ भारत के निर्माण में योगदान देना।

🧠 Practice Quiz – स्वच्छता (Cleanliness)

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

स्वच्छता के दो रूप – व्यक्तिगत (शरीर) एवं सामाजिक (वातावरण)
व्यक्तिगत स्वच्छता – स्नान, दाँत, बाल, नाखून, आँख, कान, नाक, त्वचा
सामाजिक स्वच्छता – घर, गलियाँ, शौचालय, कचरा प्रबंधन
शौचालय का महत्व – नियमित सफाई, खुले में शौच से बीमारियाँ
कचरा प्रबंधन – गीला (हरा कूड़ेदान) एवं सूखा (नीला कूड़ेदान)
कम्पोस्ट पिट – गीले कचरे से प्राकृतिक खाद | पुनः चक्रण – सूखे कचरे से वस्तुएँ
विश्व शौचालय दिवस – 19 नवम्बर | क्लीन सिटी ग्रीन सिटी – नगर पालिका योजना
स्वच्छ भारत अभियान – हर नागरिक की जिम्मेदारी, खुले में शौच मुक्त भारत
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