🫀 परिसंचरण एवं परिवहन (Circulation and Transport)
जानें कि परिसंचरण एवं परिवहन क्या है, मानव परिसंचरण तंत्र – हृदय, रक्त वाहिनियाँ, रक्त, रुधिर वर्ग, रक्त आधान, तथा पौधों में परिवहन (जाइलम एवं फ्लोएम) के बारे में विस्तार से।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
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📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
परिसंचरण (Circulation) – शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन, भोजन एवं अन्य आवश्यक पदार्थों को पहुँचाने तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया।
- आवश्यकता: शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन और भोजन की आवश्यकता होती है।
- परिवहन: पोषक तत्वों, गैसों एवं अपशिष्ट पदार्थों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना।
- मनुष्य में परिसंचरण तंत्र – हृदय, रक्त वाहिनियाँ एवं रक्त से मिलकर बना है।
📌 परिसंचरण तंत्र का मुख्य कार्य: कोशिकाओं तक O₂ एवं भोजन पहुँचाना तथा CO₂ एवं अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना।
हृदय (Heart) – मुट्ठी के आकार की पेशीय संरचना, जो वक्ष-गुहा में बायीं ओर स्थित होती है।
- हृदय में 4 कक्ष: 2 अलिन्द (Atria) – ऊपरी भाग, 2 निलय (Ventricles) – निचला भाग।
- दायाँ भाग: CO₂ युक्त रक्त (अशुद्ध रक्त) बहता है।
- बायाँ भाग: O₂ युक्त रक्त (शुद्ध रक्त) बहता है।
- हृदय स्पन्दन (Heartbeat): हृदय का लयबद्ध संकुचन एवं शिथिलन – सामान्यतः 72 बार/मिनट।
- स्टेथोस्कोप: हृदय स्पन्दन सुनने का यंत्र।
- नाड़ी स्पन्दन (Pulse): धमनियों में रक्त प्रवाह के कारण उत्पन्न स्पन्दन – हृदय स्पन्दन के बराबर।
💡 हृदय का कार्य
हृदय एक पम्प की तरह कार्य करता है – यह रक्त को धमनियों द्वारा शरीर के सभी भागों में पहुँचाता है।
📌 अपवाद: फुफ्फुस (पल्मोनरी) धमनी में CO₂ युक्त रक्त तथा फुफ्फुस शिरा में O₂ युक्त रक्त बहता है।
| वाहिनी | रंग | स्थिति | रक्त प्रकार | दीवार |
|---|---|---|---|---|
| धमनियाँ (Arteries) | गहरा लाल | गहराई में | O₂ युक्त (शुद्ध) | मोटी, लचीली |
| शिराएँ (Veins) | हरा-नीला | सतह के नीचे | CO₂ युक्त (अशुद्ध) | पतली, कम लचीली |
| केशिकाएँ (Capillaries) | — | ऊतकों में | — | बहुत पतली |
- धमनियाँ: हृदय से शरीर के विभिन्न अंगों तक O₂ युक्त रक्त ले जाती हैं।
- शिराएँ: शरीर के विभिन्न अंगों से CO₂ युक्त रक्त को वापस हृदय में लाती हैं – इनमें कपाट (Valves) होते हैं।
- केशिकाएँ: धमनियों एवं शिराओं के बीच अत्यन्त महीन शाखाएँ – जहाँ गैसों का विनिमय होता है।
💡 कपाट (Valves) का कार्य: शिराओं में रक्त को विपरीत दिशा में बहने से रोकना।
रक्त (Blood) – लाल रंग का तरल पदार्थ, जो O₂ एवं CO₂ का परिवहन करता है।
रक्त के दो भाग: रक्त कणिकाएँ (45%) + प्लाज्मा (55%)
| रक्त कणिका | विशेषता | कार्य | जीवनकाल |
|---|---|---|---|
| लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) | गोल, तश्तरीनुमा, केन्द्रकविहीन, हीमोग्लोबिन युक्त | O₂ एवं CO₂ का परिवहन | 100-120 दिन |
| श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC) | बड़ी, केन्द्रकयुक्त, रंगहीन, अमीबा के समान | रोगाणुओं का भक्षण (प्रतिरक्षा) | 1-4 दिन |
| रक्त प्लेटलेट्स | छोटी, केन्द्रकविहीन, द्वित्तलीय | रक्त का थक्का बनाना | 8-10 दिन |
📌 हीमोग्लोबिन (Haemoglobin): RBC में पाया जाने वाला लाल वर्णक – रक्त को लाल रंग प्रदान करता है।
रुधिर वर्ग (Blood Group) – लाल रक्त कणिकाओं पर पाये जाने वाले प्रतिजन (Antigen) के आधार पर रक्त का वर्गीकरण।
खोज: कार्ल लैण्डस्टीनर (1868-1943) द्वारा।
| रुधिर वर्ग | प्रतिजन (Antigen) | प्रतिरक्षी (Antibody) |
|---|---|---|
| A | A | b |
| B | B | a |
| AB | A और B | कोई नहीं |
| O | कोई नहीं | a और b |
- रक्त का थक्का (अभिश्लेषण): तब होता है जब प्रतिजन A प्रतिरक्षी a के साथ या प्रतिजन B प्रतिरक्षी b के साथ आते हैं।
- सर्वदाता (Universal Donor): रुधिर वर्ग O – किसी को भी रक्त दे सकता है।
- सर्वग्राही (Universal Recipient): रुधिर वर्ग AB – किसी से भी रक्त ले सकता है।
- रक्त आधान (Blood Transfusion): रक्त देने वाले (दाता) एवं लेने वाले (ग्राही) का रक्त वर्ग समान होना चाहिए।
⚠️ रक्त आधान में सावधानी: असमान रक्त वर्ग देने पर रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे मृत्यु भी हो सकती है।
पौधों में परिवहन (Transport in Plants) – पौधों में जल, खनिज एवं भोजन का एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरण।
| संवहन ऊतक | परिवहन | दिशा |
|---|---|---|
| जाइलम (Xylem) | जल एवं खनिज लवण | जड़ → पत्तियाँ (ऊपर की ओर) |
| फ्लोएम (Phloem) | भोजन (ग्लूकोज) | पत्तियाँ → समस्त भाग |
- जाइलम (Xylem): जड़ों द्वारा अवशोषित जल एवं खनिज लवणों को तने से होकर पत्तियों तक पहुँचाता है।
- फ्लोएम (Phloem): पत्तियों में बना भोजन (प्रकाश-संश्लेषण द्वारा) पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
- मूलरोम (Root hairs): मिट्टी से जल एवं खनिजों का अवशोषण करते हैं।
🌿 पौधों में परिवहन की आवश्यकता: जड़ों से पत्तियों तक जल एवं खनिज, तथा पत्तियों से अन्य भागों तक भोजन पहुँचाना।
- परिसंचरण तंत्र: हृदय + रक्त वाहिनियाँ + रक्त
- हृदय: 4 कक्ष (2 अलिन्द + 2 निलय) – 72 बार/मिनट स्पन्दन
- धमनियाँ: O₂ युक्त रक्त (हृदय से बाहर) – मोटी दीवार
- शिराएँ: CO₂ युक्त रक्त (हृदय की ओर) – पतली दीवार, कपाट युक्त
- केशिकाएँ: अत्यन्त महीन – गैस विनिमय का स्थान
- रक्त: RBC (O₂ परिवहन), WBC (रोगाणु भक्षण), प्लेटलेट्स (थक्का)
- रुधिर वर्ग: A, B, AB, O – सर्वदाता O, सर्वग्राही AB
- पौधों में: जाइलम (जल + खनिज), फ्लोएम (भोजन)
✅ मुख्य बिंदु
रक्त शरीर की सभी कोशिकाओं को O₂ एवं भोजन पहुँचाता है तथा CO₂ एवं अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।
पौधों में जाइलम जल एवं खनिजों का, फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
🧩 मिलान अभ्यास – 9: परिसंचरण एवं परिवहन
✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।
🧠 Practice Quiz – 9: परिसंचरण एवं परिवहन
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।