अध्याय 9: परिसंचरण एवं परिवहन – Junior School Online
🔬 Science – Class 7 – Chapter 9

🫀 परिसंचरण एवं परिवहन (Circulation and Transport)

जानें कि परिसंचरण एवं परिवहन क्या है, मानव परिसंचरण तंत्र – हृदय, रक्त वाहिनियाँ, रक्त, रुधिर वर्ग, रक्त आधान, तथा पौधों में परिवहन (जाइलम एवं फ्लोएम) के बारे में विस्तार से।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🔄 परिसंचरण एवं परिवहन की आवश्यकता

परिसंचरण (Circulation) – शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन, भोजन एवं अन्य आवश्यक पदार्थों को पहुँचाने तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया।

  • आवश्यकता: शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन और भोजन की आवश्यकता होती है।
  • परिवहन: पोषक तत्वों, गैसों एवं अपशिष्ट पदार्थों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना।
  • मनुष्य में परिसंचरण तंत्र – हृदय, रक्त वाहिनियाँ एवं रक्त से मिलकर बना है।

📌 परिसंचरण तंत्र का मुख्य कार्य: कोशिकाओं तक O₂ एवं भोजन पहुँचाना तथा CO₂ एवं अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना।

2 🫀 हृदय (Heart) – मानव परिसंचरण तंत्र

हृदय (Heart) – मुट्ठी के आकार की पेशीय संरचना, जो वक्ष-गुहा में बायीं ओर स्थित होती है।

  • हृदय में 4 कक्ष: 2 अलिन्द (Atria) – ऊपरी भाग, 2 निलय (Ventricles) – निचला भाग।
  • दायाँ भाग: CO₂ युक्त रक्त (अशुद्ध रक्त) बहता है।
  • बायाँ भाग: O₂ युक्त रक्त (शुद्ध रक्त) बहता है।
  • हृदय स्पन्दन (Heartbeat): हृदय का लयबद्ध संकुचन एवं शिथिलन – सामान्यतः 72 बार/मिनट।
  • स्टेथोस्कोप: हृदय स्पन्दन सुनने का यंत्र।
  • नाड़ी स्पन्दन (Pulse): धमनियों में रक्त प्रवाह के कारण उत्पन्न स्पन्दन – हृदय स्पन्दन के बराबर।

💡 हृदय का कार्य

हृदय एक पम्प की तरह कार्य करता है – यह रक्त को धमनियों द्वारा शरीर के सभी भागों में पहुँचाता है।

📌 अपवाद: फुफ्फुस (पल्मोनरी) धमनी में CO₂ युक्त रक्त तथा फुफ्फुस शिरा में O₂ युक्त रक्त बहता है।

3 🔴 रक्त वाहिनियाँ – धमनियाँ, शिराएँ, केशिकाएँ
वाहिनीरंगस्थितिरक्त प्रकारदीवार
धमनियाँ (Arteries)गहरा लालगहराई मेंO₂ युक्त (शुद्ध)मोटी, लचीली
शिराएँ (Veins)हरा-नीलासतह के नीचेCO₂ युक्त (अशुद्ध)पतली, कम लचीली
केशिकाएँ (Capillaries)ऊतकों मेंबहुत पतली
  • धमनियाँ: हृदय से शरीर के विभिन्न अंगों तक O₂ युक्त रक्त ले जाती हैं।
  • शिराएँ: शरीर के विभिन्न अंगों से CO₂ युक्त रक्त को वापस हृदय में लाती हैं – इनमें कपाट (Valves) होते हैं।
  • केशिकाएँ: धमनियों एवं शिराओं के बीच अत्यन्त महीन शाखाएँ – जहाँ गैसों का विनिमय होता है।

💡 कपाट (Valves) का कार्य: शिराओं में रक्त को विपरीत दिशा में बहने से रोकना।

4 🩸 रक्त (Blood) – रचना एवं कार्य

रक्त (Blood) – लाल रंग का तरल पदार्थ, जो O₂ एवं CO₂ का परिवहन करता है।

रक्त के दो भाग: रक्त कणिकाएँ (45%) + प्लाज्मा (55%)

रक्त कणिकाविशेषताकार्यजीवनकाल
लाल रक्त कणिकाएँ (RBC)गोल, तश्तरीनुमा, केन्द्रकविहीन, हीमोग्लोबिन युक्तO₂ एवं CO₂ का परिवहन100-120 दिन
श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC)बड़ी, केन्द्रकयुक्त, रंगहीन, अमीबा के समानरोगाणुओं का भक्षण (प्रतिरक्षा)1-4 दिन
रक्त प्लेटलेट्सछोटी, केन्द्रकविहीन, द्वित्तलीयरक्त का थक्का बनाना8-10 दिन

📌 हीमोग्लोबिन (Haemoglobin): RBC में पाया जाने वाला लाल वर्णक – रक्त को लाल रंग प्रदान करता है।

5 🧬 रुधिर वर्ग (Blood Groups)

रुधिर वर्ग (Blood Group) – लाल रक्त कणिकाओं पर पाये जाने वाले प्रतिजन (Antigen) के आधार पर रक्त का वर्गीकरण।

खोज: कार्ल लैण्डस्टीनर (1868-1943) द्वारा।

रुधिर वर्गप्रतिजन (Antigen)प्रतिरक्षी (Antibody)
AAb
BBa
ABA और Bकोई नहीं
Oकोई नहींa और b
  • रक्त का थक्का (अभिश्लेषण): तब होता है जब प्रतिजन A प्रतिरक्षी a के साथ या प्रतिजन B प्रतिरक्षी b के साथ आते हैं।
  • सर्वदाता (Universal Donor): रुधिर वर्ग O – किसी को भी रक्त दे सकता है।
  • सर्वग्राही (Universal Recipient): रुधिर वर्ग AB – किसी से भी रक्त ले सकता है।
  • रक्त आधान (Blood Transfusion): रक्त देने वाले (दाता) एवं लेने वाले (ग्राही) का रक्त वर्ग समान होना चाहिए।

⚠️ रक्त आधान में सावधानी: असमान रक्त वर्ग देने पर रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे मृत्यु भी हो सकती है।

6 🌱 पौधों में परिवहन – जाइलम एवं फ्लोएम

पौधों में परिवहन (Transport in Plants) – पौधों में जल, खनिज एवं भोजन का एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरण।

संवहन ऊतकपरिवहनदिशा
जाइलम (Xylem)जल एवं खनिज लवणजड़ → पत्तियाँ (ऊपर की ओर)
फ्लोएम (Phloem)भोजन (ग्लूकोज)पत्तियाँ → समस्त भाग
  • जाइलम (Xylem): जड़ों द्वारा अवशोषित जल एवं खनिज लवणों को तने से होकर पत्तियों तक पहुँचाता है।
  • फ्लोएम (Phloem): पत्तियों में बना भोजन (प्रकाश-संश्लेषण द्वारा) पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
  • मूलरोम (Root hairs): मिट्टी से जल एवं खनिजों का अवशोषण करते हैं।

🌿 पौधों में परिवहन की आवश्यकता: जड़ों से पत्तियों तक जल एवं खनिज, तथा पत्तियों से अन्य भागों तक भोजन पहुँचाना।

7 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • परिसंचरण तंत्र: हृदय + रक्त वाहिनियाँ + रक्त
  • हृदय: 4 कक्ष (2 अलिन्द + 2 निलय) – 72 बार/मिनट स्पन्दन
  • धमनियाँ: O₂ युक्त रक्त (हृदय से बाहर) – मोटी दीवार
  • शिराएँ: CO₂ युक्त रक्त (हृदय की ओर) – पतली दीवार, कपाट युक्त
  • केशिकाएँ: अत्यन्त महीन – गैस विनिमय का स्थान
  • रक्त: RBC (O₂ परिवहन), WBC (रोगाणु भक्षण), प्लेटलेट्स (थक्का)
  • रुधिर वर्ग: A, B, AB, O – सर्वदाता O, सर्वग्राही AB
  • पौधों में: जाइलम (जल + खनिज), फ्लोएम (भोजन)

✅ मुख्य बिंदु

रक्त शरीर की सभी कोशिकाओं को O₂ एवं भोजन पहुँचाता है तथा CO₂ एवं अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।
पौधों में जाइलम जल एवं खनिजों का, फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।

🧩 मिलान अभ्यास – 9: परिसंचरण एवं परिवहन

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 9: परिसंचरण एवं परिवहन

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

परिसंचरण – O₂ एवं भोजन का परिवहन
हृदय – 4 कक्ष, 72 स्पन्दन/मिनट
धमनियाँ – O₂ युक्त, मोटी दीवार
शिराएँ – CO₂ युक्त, कपाट युक्त
केशिकाएँ – गैस विनिमय का स्थान
RBC – हीमोग्लोबिन, O₂ परिवहन
WBC – रोगाणु भक्षण (प्रतिरक्षा)
प्लेटलेट्स – रक्त थक्का बनाना
रुधिर वर्ग – A, B, AB, O
सर्वदाता O – सर्वग्राही AB
जाइलम – जल एवं खनिज
फ्लोएम – भोजन का परिवहन
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