💧 जल (Water)

जल (Water) – Junior School Online
🔬 Science – Class 6 – Chapter 16

💧 जल (Water)

जानें कि जल क्यों आवश्यक है, जल के स्रोत, भौतिक गुण एवं अवस्थाएँ, मृदु एवं कठोर जल, जल में अशुद्धियाँ एवं उनका शोधन, वाष्पन एवं संघनन, तथा जल शोधन की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में।

🎯 Learning Objectives

💧जल की आवश्यकता
🌊जल के स्रोत
🧊जल के भौतिक गुण
🔄वाष्पन एवं संघनन
🧪मृदु एवं कठोर जल
🔬जल शोधन

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 💧 जल की आवश्यकता (Need of Water)

📌 जल ही जीवन है

जल सभी सजीवों के जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक है। वायु की भाँति जल भी जीवन के लिए अनिवार्य है।

  • 🔹 प्यास लगने पर गला सूखता है, शरीर में बेचैनी होती है।
  • 🔹 जल पीने के बाद शरीर में स्फूर्ति आती है।
  • 🔹 जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन के अतिरिक्त सबसे अधिक जल की आवश्यकता होती है।
  • 🔹 पृथ्वी पर जीवन जल के कारण ही है।

📌 मानव शरीर में – जल भोजन के आवश्यक तत्वों को एक अंग से दूसरे अंग तक पहुँचाता है तथा शरीर का तापमान नियन्त्रित करता है।

2 जल की उपयोगिता (Uses of Water)

🧑‍⚕️ मानव शरीर में

🔹 भोजन के तत्वों का संवहन
🔹 शरीर का तापमान नियंत्रण

🏭 उद्योगों में

🔹 बॉयलर में भाप बनाना
🔹 रसायनों को घोलना
🔹 मशीनों की सफाई

⚡ विद्युत उत्पादन

नदियों पर बाँध बनाकर जलविद्युत का उत्पादन

🏠 दैनिक कार्यों में

🔹 पीने, खाना पकाने, सफाई, कपड़ा धोने, स्नान, सिंचाई, आग बुझाने

📌 जल की उपयोगिता गृह कार्य के अतिरिक्त कृषि, उद्योग, बिजली बनाने आदि में भी है।

3 🌊 जल के स्रोत (Sources of Water)

📌 जल के प्राकृतिक स्रोत

🔹 नदीतालाबझीलझरनावर्षापर्वतों पर जमी बर्फभूमिगत जल

🌍 समुद्र – जल का सबसे बड़ा स्रोत

🔹 पृथ्वी के धरातल का दो तिहाई से अधिक भाग समुद्र से घिरा है।
🔹 समुद्री जल में 3.6% अशुद्धियाँ (जिसमें 2.6% नमक) होती हैं।
🔹 समुद्री जल खारा होता है – पीने योग्य नहीं।

💧 पीने योग्य जल के स्रोत

🔹 कुआँनलकूपहैण्डपम्प
🔹 वर्षा का जल – अपेक्षाकृत शुद्ध (जब तक प्रदूषित न हो)
🔹 अम्ल वर्षा (Acid Rain) – प्रदूषित क्षेत्रों में वर्षा जल में अम्ल

📌 महत्वपूर्ण तथ्य

🔹 पृथ्वी पर उपलब्ध जल का 97% समुद्र में है।
🔹 केवल 1% जल ही पीने योग्य है।
🔹 अतः जल की एक भी बूँद व्यर्थ न बहने दें।

4 🧊 जल के भौतिक गुण एवं अवस्थाएँ

📌 जल की तीन अवस्थाएँ

🔹 ठोस – बर्फ (Ice)  |  🔹 द्रव – जल (Water)  |  🔹 गैस – जलवाष्प (Water Vapour)

क्र.सं.गुणविवरण
1रंग एवं गंधरंगहीन, गंधहीन
2स्वादशुद्ध जल स्वादहीन
3अवस्थाएँतीन – ठोस, द्रव, गैस
4हिमांक एवं क्वथनांकहिमांक = 0°C, क्वथनांक = 100°C
5विद्युत चालकताशुद्ध जल विद्युत का कुचालक है
6विलेयताअधिकांश पदार्थ घुल जाते हैं – सार्वत्रिक विलायक

💡 सार्वत्रिक विलायक (Universal Solvent) – जल में ठोस, द्रव एवं गैस तीनों प्रकार के पदार्थ घुल सकते हैं।

5 🔄 वाष्पन एवं संघनन (Evaporation & Condensation)

🌤️ वाष्पन (Evaporation)

द्रव जल का गैस (जलवाष्प) में परिवर्तन।

🔹 हर ताप पर होता है।
🔹 ग्रीष्म ऋतु में तीव्र, शीत ऋतु में मंद।
🔹 उदाहरण: गीले कपड़े सूखना, सड़कों पर पानी सूखना, वाष्पोत्सर्जन (पौधों में)

☁️ संघनन (Condensation)

जलवाष्प का द्रव (जल) में परिवर्तन।

🔹 ठंडी सतह पर होता है।
🔹 उदाहरण: भाप का पानी में बदलना, ओस, बादल, वर्षा, हिमपात, ओला

📌 क्रियाकलाप – वाष्पन

एक पौधे की टहनी पर पॉलीथीन की थैली बाँधें। दूसरे दिन थैली में जल की बूँदें दिखाई देंगी।
यह पत्तियों के रन्ध्रों (पर्णरन्ध्र) से होने वाले वाष्पोत्सर्जन के कारण है।

📌 क्रियाकलाप – संघनन

केतली में पानी उबालें। टोंटी से भाप निकलती है। भाप के सामने एक ठंडी प्लेट रखें – प्लेट पर जल की बूँदें बनती हैं (संघनन)।

6 🧪 मृदु एवं कठोर जल (Soft & Hard Water)

💧 मृदु जल (Soft Water)

जिस जल में घुले हुए लवण कम मात्रा में हों।

🔹 साबुन के साथ अधिक झाग देता है।
🔹 स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं
🔹 उदाहरण: वर्षा जल, नदी का जल (कुछ क्षेत्रों में)

🧂 कठोर जल (Hard Water)

जिस जल में घुले हुए लवण (जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम) अधिक मात्रा में हों।

🔹 साबुन के साथ कम झाग देता है।
🔹 बर्तनों में सफेद परत जमा होती है।
🔹 डिटर्जेंट (अपमार्जक) मृदु एवं कठोर दोनों जल में झाग देता है।

📌 कठोर जल की पहचान

🔹 बर्तनों (मग, बाल्टी, नल की टोंटी) पर सफेद रंग का पदार्थ जमा होना।
🔹 साबुन कम झाग देना।

7 🔬 जल शोधन की प्रक्रियाएँ (Water Purification)

📌 जल शोधन की मुख्य प्रक्रियाएँ

1️⃣ तलछटीकरण (Sedimentation)

जल में निलम्बित भारी अशुद्धियाँ तली में बैठ जाती हैं।

🔹 फिटकरी (Alum) – प्रक्रिया तेज करने के लिए

2️⃣ छानना (Filtration)

जल को कोयला, कंकड़ एवं रेत की परतों से छाना जाता है।

🔹 कोयला (Activated Carbon) – रंग एवं गंध दूर करता है।

3️⃣ क्लोरीनीकरण (Chlorination)

कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए।

🔹 ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) या क्लोरीन गैस

🔹 अन्य रसायन

🔹 पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄)
🔹 ओजोन (O₃)

📌 घर पर जल शुद्ध करना

🔹 उबालना – सबसे सरल विधि।
🔹 उबालने से कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

📌 महत्वपूर्ण तथ्य

🔹 पृथ्वी पर उपलब्ध जल का 97% समुद्र में है।
🔹 केवल 1% जल ही पीने योग्य है।
🔹 डिटर्जेंट (अपमार्जक) – मृदु एवं कठोर दोनों जल में झाग देता है।

🧠 Practice Quiz – जल (Water)

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

जल ही जीवन – सभी सजीवों के लिए आवश्यक, शरीर में 70% जल
जल के स्रोत – नदी, तालाब, झील, झरना, वर्षा, बर्फ, भूमिगत जल, समुद्र
जल के गुण – रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन, पारदर्शी, हिमांक 0°C, क्वथनांक 100°C
अवस्थाएँ – ठोस (बर्फ), द्रव (जल), गैस (जलवाष्प)
वाष्पन एवं संघनन – वाष्पन (जल→जलवाष्प), संघनन (जलवाष्प→जल)
मृदु/कठोर जल – मृदु (अधिक झाग), कठोर (कम झाग, सफेद परत)
जल शोधन – तलछटीकरण (फिटकरी), छानना (कोयला, रेत), क्लोरीनीकरण (ब्लीचिंग पाउडर)
महत्वपूर्ण – 97% जल समुद्र में, केवल 1% पीने योग्य, डिटर्जेंट दोनों जल में झाग देता है
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