🦴 जन्तुओं की संरचना : जन्तुओं के विभिन्न अंगों के कार्य

जन्तुओं की बाह्य संरचना – Junior School Online
🔬 Science – Class 6 – Chapter 8

🦴 जन्तुओं की बाह्य संरचना

जानें जन्तुओं के विभिन्न अंगों के कार्य, पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, परिसंचरण तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, ज्ञानेन्द्रियाँ, कंकाल तंत्र, संधियाँ एवं उपास्थि के बारे में।

🎯 Learning Objectives

🧬

जन्तुओं के आकार

🍽️

पाचन तंत्र

🌬️

श्वसन तंत्र

❤️

परिसंचरण तंत्र

🚽

उत्सर्जन तंत्र

🧠

तंत्रिका तंत्र

👁️

ज्ञानेन्द्रियाँ

🦴

कंकाल तंत्र

📏 जन्तुओं के आकार (Sizes of Animals)

🌍 सबसे बड़ा जन्तुब्लू व्हेल (Blue Whale) समुद्र में पाया जाता है।
🐘 स्थल पर सबसे बड़ा जन्तुहाथी है।

🔬 सूक्ष्मजीव (Microorganisms)

ये नग्न आँखों से नहीं दिखते, सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से देखे जाते हैं।

उदाहरण: जीवाणु, यूग्लीना, अमीबा, पैरामीशियम, क्लेमाइडोमोनास – ये सभी एककोशिकीय हैं।

🍽️ पाचन तंत्र (Digestive System)

📌 पाचन क्या है?

पाचन (Digestion) – अघुलनशील भोज्य पदार्थों (प्रोटीन, मण्ड, वसा) को सरल एवं घुलनशील अवस्था में बदलने की क्रिया को पाचन कहते हैं।

🔹 पाचन अंग (Digestive Organs)

👄मुखगुहा (Mouth)पाचन की शुरुआत
🔴ग्रासनली (Esophagus)भोजन नली
🫀आमाशय (Stomach)भोजन का भंडारण
🌀छोटी आंत (Small Intestine)पाचन एवं अवशोषण
🔽बड़ी आंत (Large Intestine)जल अवशोषण

🔹 पाचन ग्रन्थियाँ (Digestive Glands)

🧫यकृत (Liver)सबसे बड़ी ग्रन्थि, चाकलेट/गहरे भूरे रंग की, पित्त का निर्माण
🧪अग्नाशय (Pancreas)हल्के गुलाबी रंग की, अग्नाशयी रस का स्राव

💡 यकृत मनुष्य के शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है।

🌬️ श्वसन तंत्र (Respiratory System)

विभिन्न जन्तुओं में श्वसन के अलग-अलग अंग होते हैं:

🫁मनुष्यफेफड़े (Lungs)
🐟मछलीक्लोम/गलफड़े (Gills)
🐸मेंढक (जमीन)फेफड़े
🐸मेंढक (पानी)त्वचा (Skin)
🪲तिलचट्टा (Cockroach)श्वसन रन्ध्र (Spiracles)/ट्रेकिया

📌 तिलचट्टा में श्वसन

तिलचट्टा में श्वसन रन्ध्र (Spiracles) होते हैं जिनके माध्यम से हवा शरीर में प्रवेश करती है और ट्रेकिया (Trachea) द्वारा शरीर के सभी भागों में जाती है।

❤️ परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)

❤️हृदय (Heart)शरीर का पम्प – निरन्तर स्पंदन
🩸रक्त वाहिनियाँरक्त का संवहन

📌 हृदय स्पंदन (Heartbeat)

🔹 बच्चों में हृदय की धड़कन अधिक होती है (लगभग 100-120 प्रति मिनट)।
🔹 वयस्कों में हृदय की धड़कन कम होती है (लगभग 70-80 प्रति मिनट)।
🔹 हृदय बराबर (निरन्तर) स्पंदन करता है।

🚽 उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)

📌 गुर्दे (Kidneys)

🔹 मनुष्य में 2 गुर्दे होते हैं।
🔹 प्रत्येक गुर्दे का भार लगभग 120-170 ग्राम होता है।
🔹 गुर्दे का आयतन लगभग 150-200 ml का होता है।
🔹 गुर्दे रक्त का छानन करते हैं और मूत्र का निर्माण करते हैं।
🔹 गुर्दों से निकलने वाली नलियाँ मूत्रवाहिनी (Ureter) कहलाती हैं।

💡 नाड़ियाँ (Nerves) – तंत्रिका तंत्र का भाग, संदेशों को मस्तिष्क तक पहुँचाती हैं।

🧠 तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

🧠मस्तिष्क (Brain)शरीर का नियंत्रण केन्द्र
🦴रीढ़ रज्जु (Spinal Cord)मेरुदण्ड में सुरक्षित
तंत्रिकाएँ (Nerves)संदेशों का संवहन

🔹 मस्तिष्क, रीढ़ रज्जु तथा तंत्रिकाएँ मिलकर तंत्रिका तंत्र बनाते हैं।
🔹 अनैच्छिक क्रियाएँ – घण्टी सुनकर चौंकना, हाथ जलने पर हटाना – ये बिना सोचे होती हैं।
🔹 ऐच्छिक क्रियाएँ – खाना, बोलना, चलना – ये इच्छानुसार होती हैं।

💡 हाइड्रा तथा केंचुआ में तंत्रिका तंत्र पाया जाता है, परन्तु अमीबा में नहीं।

👁️ ज्ञानेन्द्रियाँ (Sense Organs)

मनुष्य में पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ होती हैं:

👂कान (Ear)श्रवण एवं संतुलन
👁️आँख (Eye)दर्शन – आकार, रंग, प्रकाश
👃नाक (Nose)गंध – सुगंध/दुर्गंध
👅जीभ (Tongue)स्वाद – मीठा, खट्टा, नमकीन
त्वचा (Skin)स्पर्श – गर्म, ठंडा, मुलायम

📌 कान (Ear) – विशेष तथ्य

🔹 कान शब्द (ध्वनि) का अनुभव करता है तथा शरीर का संतुलन बनाता है।
🔹 कान के तीन भागबाह्य कर्ण (कर्णपालि), मध्य कर्ण (कर्णपटह एवं तीन छोटी हड्डियाँ), आंतरिक कर्ण (कर्णावर्त – सुनने का कार्य)।
🔹 मछली, मेंढक, छिपकली, पक्षी – इनमें बाह्य कर्ण नहीं होता, केवल आंतरिक कर्ण होता है।
🔹 स्तनधारियों में बाह्य कर्ण पाया जाता है (खरगोश, चूहा, हाथी)।

📌 आँख (Eye) – विशेष तथ्य

🔹 आँख में पारदर्शी उत्तल लेंस होता है – यह वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है।
🔹 कीटों की आँखें – संयुक्त नेत्र (Compound Eyes) कहलाती हैं।
🔹 हाइड्रा तथा केंचुआ में आँखें नहीं होती हैं।
🔹 नेत्रदान – मृत्यु के 8 घण्टे के अन्दर नेत्र निकालकर 72 घण्टे में प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं।

📌 अन्य ज्ञानेन्द्रियाँ

🔹 नाक – गंध का अनुभव – कुत्तों की सूंघने की क्षमता बहुत अधिक होती है।
🔹 जीभ – स्वाद का अनुभव – मेंढक की जीभ शिकार पकड़ने में सहायक होती है।
🔹 त्वचा – स्पर्श का अनुभव – ब्रेल लिपि (नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए)।

🦴 कंकाल तंत्र (Skeleton System)

📌 कंकाल (Skeleton) – परिभाषा

शरीर को निश्चित आकार देने वाली विशेष रचनाएँ कंकाल तंत्र कहलाती हैं।

🔹 कंकाल के प्रकार

🧥बाह्य कंकालत्वचा के ऊपर – बाल, नख, सींग, खुर
🦴अन्तः कंकालत्वचा के भीतर – अस्थियाँ एवं उपास्थि

🔹 मनुष्य का कंकाल

🦴कुल अस्थियाँ (वयस्क)206
👶कुल अस्थियाँ (शिशु)213
💀खोपड़ी28 अस्थियाँ (8 कपाल + 20 चेहरा)
🦴मेरुदण्ड (वयस्क)26 कशेरुक
👶मेरुदण्ड (शिशु)33 कशेरुक

📌 अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton)

खोपड़ी, कशेरुक दण्ड (मेरुदण्ड) तथा उरोस्थि (Sternum) – अक्षीय कंकाल कहलाते हैं।

📌 संधि (Joint) एवं उपास्थि (Cartilage)

🔹 संधि (Joint) – वह स्थान जहाँ दो या दो से अधिक अस्थियाँ मिलती हैं।
🔹 उपास्थि (Cartilage) – यह अस्थि से नरम होती है।
🔹 उपास्थि कान, नाक तथा संधियों में पाई जाती है।
🔹 उपास्थि लचीली होती है तथा घर्षण को कम करती है।

🧠 Practice Quiz – जन्तुओं की बाह्य संरचना

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

सबसे बड़ा जन्तु – ब्लू व्हेल (समुद्र) | स्थल – हाथी
पाचन – अघुलनशील भोजन को सरल/घुलनशील बनाना। अंग – मुख, ग्रासनली, आमाशय, आंत; ग्रन्थियाँ – यकृत (सबसे बड़ी), अग्नाशय
श्वसन – मनुष्य (फेफड़े), मछली (गलफड़े), तिलचट्टा (श्वसन रन्ध्र/ट्रेकिया)
हृदय स्पंदन – बच्चों में अधिक (100-120), वयस्कों में कम (70-80)
उत्सर्जन – 2 गुर्दे, भार 120-170 ग्राम, आयतन 150-200 ml, मूत्रवाहिनी
तंत्रिका तंत्र – मस्तिष्क, रीढ़ रज्जु, तंत्रिकाएँ। अनैच्छिक (स्वतः) एवं ऐच्छिक (इच्छा से)
ज्ञानेन्द्रियाँ – कान (श्रवण+संतुलन), आँख (दर्शन), नाक (गंध), जीभ (स्वाद), त्वचा (स्पर्श)
कंकाल – 206 अस्थियाँ (वयस्क), 213 (शिशु)। खोपड़ी 28, मेरुदण्ड 26 (वयस्क)/33 (शिशु)। उपास्थि – नरम, संधि – अस्थियों का मिलन स्थल
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