🦴 जन्तुओं की बाह्य संरचना
जानें जन्तुओं के विभिन्न अंगों के कार्य, पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, परिसंचरण तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, ज्ञानेन्द्रियाँ, कंकाल तंत्र, संधियाँ एवं उपास्थि के बारे में।
🎯 Learning Objectives
जन्तुओं के आकार
पाचन तंत्र
श्वसन तंत्र
परिसंचरण तंत्र
उत्सर्जन तंत्र
तंत्रिका तंत्र
ज्ञानेन्द्रियाँ
कंकाल तंत्र
📏 जन्तुओं के आकार (Sizes of Animals)
🌍 सबसे बड़ा जन्तु – ब्लू व्हेल (Blue Whale) समुद्र में पाया जाता है।
🐘 स्थल पर सबसे बड़ा जन्तु – हाथी है।
🔬 सूक्ष्मजीव (Microorganisms)
ये नग्न आँखों से नहीं दिखते, सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से देखे जाते हैं।
उदाहरण: जीवाणु, यूग्लीना, अमीबा, पैरामीशियम, क्लेमाइडोमोनास – ये सभी एककोशिकीय हैं।
🍽️ पाचन तंत्र (Digestive System)
📌 पाचन क्या है?
पाचन (Digestion) – अघुलनशील भोज्य पदार्थों (प्रोटीन, मण्ड, वसा) को सरल एवं घुलनशील अवस्था में बदलने की क्रिया को पाचन कहते हैं।
🔹 पाचन अंग (Digestive Organs)
🔹 पाचन ग्रन्थियाँ (Digestive Glands)
💡 यकृत मनुष्य के शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है।
🌬️ श्वसन तंत्र (Respiratory System)
विभिन्न जन्तुओं में श्वसन के अलग-अलग अंग होते हैं:
📌 तिलचट्टा में श्वसन
तिलचट्टा में श्वसन रन्ध्र (Spiracles) होते हैं जिनके माध्यम से हवा शरीर में प्रवेश करती है और ट्रेकिया (Trachea) द्वारा शरीर के सभी भागों में जाती है।
❤️ परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)
📌 हृदय स्पंदन (Heartbeat)
🔹 बच्चों में हृदय की धड़कन अधिक होती है (लगभग 100-120 प्रति मिनट)।
🔹 वयस्कों में हृदय की धड़कन कम होती है (लगभग 70-80 प्रति मिनट)।
🔹 हृदय बराबर (निरन्तर) स्पंदन करता है।
🚽 उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)
📌 गुर्दे (Kidneys)
🔹 मनुष्य में 2 गुर्दे होते हैं।
🔹 प्रत्येक गुर्दे का भार लगभग 120-170 ग्राम होता है।
🔹 गुर्दे का आयतन लगभग 150-200 ml का होता है।
🔹 गुर्दे रक्त का छानन करते हैं और मूत्र का निर्माण करते हैं।
🔹 गुर्दों से निकलने वाली नलियाँ मूत्रवाहिनी (Ureter) कहलाती हैं।
💡 नाड़ियाँ (Nerves) – तंत्रिका तंत्र का भाग, संदेशों को मस्तिष्क तक पहुँचाती हैं।
🧠 तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
🔹 मस्तिष्क, रीढ़ रज्जु तथा तंत्रिकाएँ मिलकर तंत्रिका तंत्र बनाते हैं।
🔹 अनैच्छिक क्रियाएँ – घण्टी सुनकर चौंकना, हाथ जलने पर हटाना – ये बिना सोचे होती हैं।
🔹 ऐच्छिक क्रियाएँ – खाना, बोलना, चलना – ये इच्छानुसार होती हैं।
💡 हाइड्रा तथा केंचुआ में तंत्रिका तंत्र पाया जाता है, परन्तु अमीबा में नहीं।
👁️ ज्ञानेन्द्रियाँ (Sense Organs)
मनुष्य में पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ होती हैं:
📌 कान (Ear) – विशेष तथ्य
🔹 कान शब्द (ध्वनि) का अनुभव करता है तथा शरीर का संतुलन बनाता है।
🔹 कान के तीन भाग – बाह्य कर्ण (कर्णपालि), मध्य कर्ण (कर्णपटह एवं तीन छोटी हड्डियाँ), आंतरिक कर्ण (कर्णावर्त – सुनने का कार्य)।
🔹 मछली, मेंढक, छिपकली, पक्षी – इनमें बाह्य कर्ण नहीं होता, केवल आंतरिक कर्ण होता है।
🔹 स्तनधारियों में बाह्य कर्ण पाया जाता है (खरगोश, चूहा, हाथी)।
📌 आँख (Eye) – विशेष तथ्य
🔹 आँख में पारदर्शी उत्तल लेंस होता है – यह वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है।
🔹 कीटों की आँखें – संयुक्त नेत्र (Compound Eyes) कहलाती हैं।
🔹 हाइड्रा तथा केंचुआ में आँखें नहीं होती हैं।
🔹 नेत्रदान – मृत्यु के 8 घण्टे के अन्दर नेत्र निकालकर 72 घण्टे में प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं।
📌 अन्य ज्ञानेन्द्रियाँ
🔹 नाक – गंध का अनुभव – कुत्तों की सूंघने की क्षमता बहुत अधिक होती है।
🔹 जीभ – स्वाद का अनुभव – मेंढक की जीभ शिकार पकड़ने में सहायक होती है।
🔹 त्वचा – स्पर्श का अनुभव – ब्रेल लिपि (नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए)।
🦴 कंकाल तंत्र (Skeleton System)
📌 कंकाल (Skeleton) – परिभाषा
शरीर को निश्चित आकार देने वाली विशेष रचनाएँ कंकाल तंत्र कहलाती हैं।
🔹 कंकाल के प्रकार
🔹 मनुष्य का कंकाल
📌 अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton)
खोपड़ी, कशेरुक दण्ड (मेरुदण्ड) तथा उरोस्थि (Sternum) – अक्षीय कंकाल कहलाते हैं।
📌 संधि (Joint) एवं उपास्थि (Cartilage)
🔹 संधि (Joint) – वह स्थान जहाँ दो या दो से अधिक अस्थियाँ मिलती हैं।
🔹 उपास्थि (Cartilage) – यह अस्थि से नरम होती है।
🔹 उपास्थि कान, नाक तथा संधियों में पाई जाती है।
🔹 उपास्थि लचीली होती है तथा घर्षण को कम करती है।
🧠 Practice Quiz – जन्तुओं की बाह्य संरचना
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।