जीव जगत (Living World)

जीव जगत – Junior School Online
🔬 Science – Class 6 – Chapter 6

🌿 जीव जगत (Living World)

जानें कि सजीवों के लक्षण क्या हैं, सजीव एवं निर्जीव में अन्तर, कोशिका, सूक्ष्मजीव, जन्तुओं और पौधों का वर्गीकरण तथा पौधों के विभिन्न भागों की संरचना व कार्य।

🎯 Learning Objectives

🧬

सजीवों के लक्षण

🔬

कोशिका एवं सूक्ष्मजीव

🐾

जन्तुओं का वर्गीकरण

🌱

पौधों का वर्गीकरण

🌿

जड़, तना, पत्ती

🔄

रूपान्तरित अंग

🧬 सजीवों के लक्षण (Characteristics of Living Beings)

सभी जीवों में निम्नलिखित जैविक क्रियाएँ अनवरत होती रहती हैं:

🍽️

पोषण (Nutrition)

भोजन से ऊर्जा प्राप्त करना

🌬️

श्वसन (Respiration)

O₂ ग्रहण, CO₂ निष्कासन

🚽

उत्सर्जन (Excretion)

अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालना

👀

संवेदनशीलता (Sensitivity)

उद्दीपनों के प्रति अनुक्रिया

📈

वृद्धि (Growth)

आकार व प्रकार में बढ़ना

👶

प्रजनन (Reproduction)

अपने समान जीव उत्पन्न करना

📌 पोषण के प्रकार

स्वपोषी – हरे पौधे (स्वयं भोजन बनाते हैं)  |  शाकाहारी – पौधे खाते हैं (बकरी, हिरन)  |  मांसाहारी – अन्य जन्तु खाते हैं (शेर, चीता)  |  सर्वाहारी – दोनों खाते हैं (मनुष्य, कॉकरोच)

📌 श्वसन (विशेष तथ्य)

पौधों में श्वसन – पत्तियों की निचली सतह पर पर्णरन्ध्र (Stomata) द्वारा होता है।
मनुष्य – फेफड़े  |  मछली – गलफड़े  |  मेंढक (जमीन) – फेफड़े, मेंढक (पानी) – त्वचा

📌 उत्सर्जी पदार्थ (पौधों में)

गोंद, रबर, रेजिन (हींग), टैनिन (कत्था) – ये पौधों के उत्सर्जी पदार्थ हैं।

📌 संवेदनशीलता (विशेष)

चुई-मुई (लाजवन्ती) – स्पर्श के प्रति संवेदनशील। स्पर्श करते ही पत्तियाँ झुककर बन्द हो जाती हैं। (हार्मोन के कारण – ऑक्सिन का असमान वितरण)

⚖️ सजीव एवं निर्जीव में अन्तर

क्र.सं.सजीव (Living)निर्जीव (Non-living)
1पोषण की क्रिया होती हैपोषण नहीं होता
2श्वसन करते हैंश्वसन नहीं करते
3वृद्धि होती हैवृद्धि नहीं होती
4उत्सर्जन की क्रिया होती हैउत्सर्जन नहीं होता
5उद्दीपनों के प्रति संवेदनशीलसंवेदनशील नहीं
6प्रजनन करते हैंप्रजनन नहीं करते

🔬 कोशिका एवं सूक्ष्मजीव

जिस प्रकार छोटी-छोटी ईंटों से मिलकर भवन बनता है, उसी प्रकार जीवों का शरीर अनेक छोटी-छोटी इकाइयों (कोशिकाओं) से बना होता है।

📌 सबसे बड़ी कोशिका

शुतुरमुर्ग का अण्डा (Ostrich Egg) – सबसे बड़ी कोशिका है।

📌 एककोशिकीय जीव (सूक्ष्मजीव)

शरीर केवल एक कोशिका से बना – नग्न आँखों से नहीं दिखते।

उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना, जीवाणु

📌 बहुकोशिकीय जीव

शरीर एक से अधिक कोशिकाओं से बना – हाइड्रा, घोंघा, मछली, मनुष्य

🐾 जन्तुओं का वर्गीकरण

1. संरचना के आधार पर

एककोशिकीय

एक कोशिका – अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना

बहुकोशिकीय

अनेक कोशिकाएँ – हाइड्रा, मछली, मनुष्य

2. मेरुदण्ड (रीढ़ की हड्डी) के आधार पर

❌ अकशेरुकी

मेरुदण्ड नहीं – कीड़े-मकोड़े, केचुआ, तिलचट्टा, घोंघा

✅ कशेरुकी

मेरुदण्ड है – मछली, मेंढक, पक्षी, गाय, मनुष्य

3. प्रजनन विधि के आधार पर

🥚 अण्डयुज

अण्डे देने वाले – मछली, मेंढक, छिपकली, साँप, पक्षी, कीड़े-मकोड़े

👶 जरायुज

बच्चे देने वाले – मनुष्य, चूहा, खरगोश, गाय, बकरी

4. वास स्थान के आधार पर

🐟जलीय (Water)

मछली

🦅वायवीय (Air)

पक्षी

🐕स्थलीय (Land)

कुत्ता, बकरी

🐒वृक्षाश्रयी (Tree)

गिलहरी, बन्दर

🐸उभयचर (Amphibian)

मेंढक, कछुआ

🌱 पौधों का वर्गीकरण

1. पुष्प के आधार पर

🌸 पुष्पी पौधे

फूल लगते हैं – अधिकांश पौधे

🍄 अपुष्पी पौधे

फूल नहीं लगते – कवक, शैवाल, मॉस, फर्न

2. आकार के आधार पर

🌿शाक (Herb)

1 मीटर से कम, कोमल तना
मक्का, मटर, पालक

🌳झाड़ी (Shrub)

1-3 मीटर, कठोर तना
गुलाब, कराँदा

🌲वृक्ष (Tree)

3 मीटर से अधिक, मोटा तना
नीम, आम, नारियल

3. आयु (जीवनकाल) के आधार पर

🌱एकवर्षीय

1 वर्ष के भीतर – चना, मटर, गेहूँ, धान, मक्का

🌿द्विवर्षीय

2 वर्ष में – केला

🌳बहुवर्षीय

कई वर्ष – दूब, गुलाब, आम, कटहल

🌿 पौधों के विभिन्न भाग

🔹 जड़ (Root)

मूसला जड़ (Tap Root)

एक मुख्य मोटी जड़ (प्राथमिक) – उसमें से शाखाएँ

उदाहरण: चना, मटर, सेम, सरसों

🔹 गहराई तक जाती है, पौधे को मजबूती देती है

अपस्थानिक जड़ (Fibrous Root)

तने के आधार से अनेक रेशों की भाँति शाखाएँ

उदाहरण: गेहूँ, धान, मक्का, घास

🔹 जल एवं खनिज लवणों का अवशोषण

📌 रूपान्तरित जड़ (Modified Root) – भोजन संग्रहण

शलजम, गाजर, मूली – इनमें जड़ में भोजन संग्रहित होता है (मूल रूपान्तरण)।

🔹 तना (Stem)

📌 तने के भाग

पर्वसन्धि (Node) – गाँठ जैसी रचना  |  पर्व (Internode) – दो पर्वसन्धियों के बीच का स्थान

उदाहरण: दूब घास, मक्का, बाँस, गन्ना

📌 तने के कार्य

✅ पत्तियों तक जल एवं खनिज लवण पहुँचाना (संवहन)
✅ शाखाओं, पत्तियों, फूल, फल को सहारा देना
✅ भोजन का स्थानान्तरण

📌 रूपान्तरित तना (Modified Stem) – भोजन संग्रहण

आलू, अदरक, हल्दी, प्याज – इनमें तना में भोजन संग्रहित होता है (तना रूपान्तरण)।

💡 प्याज – खाने वाला भाग रूपान्तरित तना है (पत्तियाँ नहीं) – कन्द (Bulb)

🔹 पत्ती (Leaf)

📌 पर्णरन्ध्र (Stomata)

पत्तियों की निचली सतह पर उपस्थित सूक्ष्म छिद्र – जिनसे गैसीय आदान-प्रदान (श्वसन) होता है।

🧠 Practice Quiz – जीव जगत (Living World)

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

सजीवों के लक्षण – पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, संवेदनशीलता, वृद्धि, प्रजनन, मृत्यु
स्वपोषी (हरे पौधे) | शाकाहारी (बकरी) | मांसाहारी (शेर) | सर्वाहारी (मनुष्य, कॉकरोच)
पौधों में श्वसन – पर्णरन्ध्र (पत्तियों की निचली सतह)
पौधों के उत्सर्जी पदार्थ – गोंद, रबर, रेजिन, टैनिन (कत्था)
चुई-मुई – स्पर्श के प्रति संवेदनशील | सबसे बड़ी कोशिका – शुतुरमुर्ग का अण्डा
जन्तु वर्गीकरण – एक/बहुकोशिक, अक/कशेरुकी, अण्ड/जरायुज, वास स्थान
पौधे वर्गीकरण – पुष्पी/अपुष्पी, शाक/झाड़ी/वृक्ष, एक/द्वि/बहुवर्षीय
रूपान्तरित अंग – जड़ (शलजम, गाजर, मूली) | तना (आलू, अदरक, हल्दी, प्याज)
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