ऊष्मागतिकी — सम्पूर्ण अध्याय नोट्स (अध्याय 5)
रसायन विज्ञान • कक्षा-11 • अध्याय 5

ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)

निकाय व परिवेश से लेकर आंतरिक ऊर्जा, एन्थैल्पी, हेस का नियम, कैलोरीमिति, एन्ट्रॉपी, ऊष्मागतिकी के नियम तथा गिब्ज़ ऊर्जा व साम्यावस्था तक — पूरे अध्याय की संकल्पनाएँ, सूत्र, त्वरित तथ्य, आरेख और सभी 22 अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत हल, एक ही जगह।

∆U = q + w प्रथम नियम
∆G = ∆H − T∆S गिब्ज़ समीकरण
हेस का स्थिर-ऊष्मा संकलन नियम
★ NEET फोकस तथ्य

5.1 ऊष्मागतिकी के तकनीकी शब्द

निकाय (System): ब्रह्मांड का वह भाग जिस पर प्रेक्षण किए जाते हैं। परिवेश (Surroundings): निकाय को छोड़कर शेष सम्पूर्ण ब्रह्मांड। निकाय + परिवेश = ब्रह्मांड। दोनों को अलग करने वाली वास्तविक या काल्पनिक दीवार को परिसीमा (Boundary) कहते हैं, जो द्रव्य व ऊर्जा के संचरण को नियंत्रित करती है।

परिवेश निकाय Boundary → परिसीमा (दीवार)
चित्र 5.1 — परिवेश एवं निकाय: बीकर में उपस्थित अभिक्रिया-मिश्रण निकाय है, कमरा परिवेश है

निकाय के प्रकार (द्रव्य व ऊर्जा के संचरण के आधार पर)

1. खुला निकाय निकाय द्रव्य ⇄ ऊर्जा दोनों विनिमय 2. बंद निकाय निकाय केवल ऊर्जा का विनिमय 3. विलगित निकाय निकाय कोई विनिमय नहीं
चित्र 5.2 — खुला (खुला बीकर), बंद (बंद बीकर) एवं विलगित (थर्मस फ्लास्क) निकाय
निकाय का प्रकारद्रव्य विनिमयऊर्जा विनिमयउदाहरण
खुला निकायहाँहाँखुले बीकर में अभिकारक
बंद निकायनहींहाँबंद बीकर में अभिकारक
विलगित निकायनहींनहींथर्मस फ्लास्क में अभिकारक
त्वरित तथ्य
  • निकाय + परिवेश = ब्रह्मांड।
  • खुला निकाय: द्रव्य व ऊर्जा दोनों का विनिमय संभव (जैसे खुला बीकर)।
  • बंद निकाय: केवल ऊर्जा का विनिमय संभव, द्रव्य का नहीं (जैसे बंद बीकर)।
  • विलगित निकाय: न द्रव्य, न ऊर्जा — कोई विनिमय नहीं (जैसे थर्मस फ्लास्क)।

5.1.3–4 अवस्था-फलन, आंतरिक ऊर्जा, कार्य व ऊष्मा

निकाय की अवस्था (State of the System)

किसी ऊष्मागतिकी निकाय का वर्णन दाब (p), आयतन (V), ताप (T) एवं संघटन जैसे स्थूल (मापनयोग्य) गुणों को निर्दिष्ट करके किया जाता है। इन्हें अवस्था-चर या अवस्था-फलन कहते हैं क्योंकि इनका मान केवल निकाय की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करता है, न कि इसे प्राप्त करने के मार्ग पर।

अवस्था-फलन की पहचान: V, p, T, आंतरिक ऊर्जा (U), एन्थैल्पी (H) व एन्ट्रॉपी (S) — ये सभी अवस्था-फलन हैं। इनके विपरीत ऊष्मा (q) व कार्य (w) पथ-आश्रित राशियाँ हैं, अवस्था-फलन नहीं।

आंतरिक ऊर्जा U — एक अवस्था-फलन

निकाय की कुल ऊर्जा (रासायनिक + वैद्युत + यांत्रिक आदि) को आंतरिक ऊर्जा U कहते हैं। यह परिवर्तित होती है जब— (i) ऊष्मा का निकाय में प्रवेश या निकास हो, (ii) निकाय पर या निकाय द्वारा कार्य किया गया हो, (iii) निकाय में द्रव्य का प्रवेश या निकास हो।

प्रथम नियम ∆U = q + w   (समीकरण 5.1)
IUPAC परिपाटी: निकाय पर किया गया कार्य तथा निकाय द्वारा अवशोषित ऊष्मा — दोनों धनात्मक (+) चिह्न रखते हैं। निकाय द्वारा किया गया कार्य व निकाय द्वारा मुक्त की गई ऊष्मा — ऋणात्मक (−) चिह्न रखते हैं।
त्वरित तथ्य
  • अवस्था-फलन का मान केवल प्रारंभिक व अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, मार्ग पर नहीं (जैसे U, H, S, T, p, V)।
  • q व w अवस्था-फलन नहीं हैं — ये पथ पर निर्भर करते हैं, परंतु q + w = ∆U पथ-स्वतंत्र है।
  • रुद्धोष्म (Adiabatic) निकाय में परिसीमा के आर-पार ऊष्मा-विनिमय संभव नहीं होता (q=0)।
  • विलगित निकाय के लिए ∆U = 0 (चूँकि q = 0 व w = 0)।

5.2 दाब-आयतन कार्य

हम केवल यांत्रिक कार्य अर्थात् दाब-आयतन कार्य पर विचार करते हैं। घर्षणरहित पिस्टनयुक्त सिलिंडर में गैस को बाह्य दाब pex द्वारा संकुचित करने पर:

संकुचन/प्रसरण कार्यw = −pex ∆V = −pex (Vf − Vi)  (समीकरण 5.2)
आदर्श गैस, दाब p p_ex पिस्टन दूरी l तय करता है, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A
चित्र 5.5(क) — सिलिंडर में स्थिर बाह्य दाब p_ex द्वारा किया गया संकुचन कार्य w = p_ex·A·l = p_ex·∆V

यदि संकुचन उत्क्रमणीय ढंग से (प्रत्येक पद पर pex = pin ± dp) हो, तो:

उत्क्रमणीय कार्य wrev = −∫ pin dV  (Vi से Vf तक)  (समीकरण 5.4)
समतापीय उत्क्रमणीय प्रक्रम (आदर्श गैस, n मोल): wrev = −nRT ln(Vf/Vi) = −2.303 nRT log(Vf/Vi)  (समीकरण 5.5)
मुक्त प्रसरण (Free expansion): गैस का निर्वात में प्रसरण (pex = 0) मुक्त प्रसरण कहलाता है। आदर्श गैसों के मुक्त प्रसरण में कोई कार्य नहीं होता (w = 0), चाहे प्रक्रम उत्क्रमणीय हो या अनुत्क्रमणीय।
त्वरित तथ्य
  • दाब-आयतन कार्य w = −pex∆V; संकुचन में w धनात्मक, प्रसरण में w ऋणात्मक होता है।
  • समतापीय उत्क्रमणीय प्रसरण में w_rev = −2.303 nRT log(Vf/Vi)।
  • मुक्त प्रसरण (निर्वात में, p_ex=0) में सदैव w = 0, चाहे उत्क्रमणीय हो या अनुत्क्रमणीय।
  • रुद्धोष्म प्रक्रम में q = 0, अतः ∆U = w_ad (कार्य से ही ऊर्जा परिवर्तन होता है)।

5.2.2 एन्थैल्पी (H), विस्तीर्ण-गहन गुण व ऊष्माधारिता

(क) एन्थैल्पी — एक उपयोगी नया अवस्था-फलन

परिभाषा H = U + pV  (समीकरण 5.7)
स्थिर दाब पर: qp = H₂ − H₁ = ∆H
सामान्य संबंध: ∆H = ∆U + p∆V  (समीकरण 5.8)

चूँकि q पथ-आश्रित फलन है, परंतु qp पथ से स्वतंत्र है — इसलिए H एक अवस्था-फलन है। स्थिर आयतन (∆V = 0) पर ∆H = ∆U = qV

ऊष्माक्षेपी व ऊष्माशोषी: ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के लिए ∆H ऋणात्मक होता है (ऊष्मा उत्सर्जित); ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के लिए ∆H धनात्मक होता है (परिवेश से ऊष्मा अवशोषित)।
∆H व ∆U में संबंध (गैसीय अभिक्रियाएँ)∆H = ∆U + ∆ngRT  (समीकरण 5.10)

(ख) विस्तीर्ण एवं गहन गुण

विस्तीर्ण गुण (Extensive)गहन गुण (Intensive)
निकाय में उपस्थित द्रव्य की मात्रा पर निर्भरद्रव्य की मात्रा पर निर्भर नहीं
द्रव्यमान, आयतन, आंतरिक ऊर्जा, एन्थैल्पी, ऊष्माधारिताताप, घनत्व, दाब, मोलर गुण (Cₘ, Vₘ)

(ग) ऊष्माधारिता (Heat Capacity)

परिभाषा q = C ∆T  (समीकरण 5.11)
मोलर ऊष्माधारिता: Cₘ = C/n

(घ) आदर्श गैस के लिए Cp व CV में संबंध

एक मोल आदर्श गैस के लिए Cp − CV = R  (समीकरण 5.13)
त्वरित तथ्य
  • H = U + pV; ∆H = ∆U + ∆ngRT (गैसीय अभिक्रियाओं के लिए)।
  • स्थिर दाब पर अवशोषित/उत्सर्जित ऊष्मा qp ही एन्थैल्पी परिवर्तन ∆H है।
  • ऊष्माक्षेपी: ∆H < 0; ऊष्माशोषी: ∆H > 0।
  • आदर्श गैस के लिए Cp − CV = R।

5.3 ∆U एवं ∆H का मापन: कैलोरीमिति

स्टील बम (ऑक्सीजन + प्रतिदर्श) थर्मामीटर जल में डूबा हुआ बम कैलोरीमीटर
चित्र 5.7 — बम कैलोरीमीटर: स्थिर आयतन पर ∆U का मापन
त्वरित तथ्य
  • बम कैलोरीमीटर स्थिर आयतन पर काम करता है — ∆V = 0, कोई कार्य नहीं।
  • बम कैलोरीमीटर से qV = CV∆T प्राप्त होता है, जो ∆U के तुल्य है।
  • स्थिर दाब कैलोरीमीटर से ∆H = qp प्राप्त होता है।

5.4 अभिक्रिया के लिए एन्थैल्पी-परिवर्तन

सामान्य सूत्रrH = Σ ai Hउत्पाद − Σ bi Hअभिक्रियक  (समीकरण 5.14)
अभिकारकों की एन्थैल्पी H_r उत्पादों की एन्थैल्पी H_p ∆_rH (ऋणात्मक) अभिक्रिया निर्देशांक →
चित्र 5.10(क) — ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के लिए एन्थैल्पी-आरेख
त्वरित तथ्य
  • मानक अवस्था: निर्दिष्ट ताप पर पदार्थ का शुद्ध रूप, 298 K एवं 1 bar दाब पर।
  • मानक एन्थैल्पी को ∆H⊖ से दर्शाते हैं (ऊर्ध्वांक ⊖)।
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के लिए ∆rH ऋणात्मक; ऊष्माशोषी के लिए धनात्मक।

5.5 विभिन्न प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए एन्थैल्पी

त्वरित तथ्य
  • मानक दहन एन्थैल्पी ∆cH⊖: पदार्थ के 1 मोल के पूर्ण दहन में एन्थैल्पी-परिवर्तन।
  • कणन एन्थैल्पी ∆aH⊖: 1 मोल पदार्थ के गैसीय परमाणुओं में पूर्ण वियोजन में एन्थैल्पी-परिवर्तन।
  • द्विपरमाणुक अणुओं की कणन एन्थैल्पी = आबंध वियोजन एन्थैल्पी।
  • solH = ∆latticeH + ∆hydH।

हेस का स्थिर-ऊष्मा संकलन नियम (Hess's Law)

कथन: अनेक पदों में होने वाली किसी रासायनिक अभिक्रिया की मानक एन्थैल्पी उन सभी अभिक्रियाओं की समान ताप पर मानक एन्थैल्पियों का योग होती है, जिनमें इस संपूर्ण अभिक्रिया को विभाजित किया जा सकता है।
rH = ∆rH₁ + ∆rH₂ + ∆rH₃ + ...  (समीकरण 5.16)

5.6 स्वतःप्रवर्तिता (Spontaneity)

स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम वह है जो किसी बाह्य साधन की सहायता के बिना होने की प्रवृत्ति रखता है — यह अनुत्क्रमणीय होता है और केवल किसी बाह्य साधन द्वारा ही उत्क्रमित किया जा सकता है। ध्यान दें कि यह प्रक्रम के होने की दर नहीं बताता।
गिब्ज़ फलन G = H − TS  (समीकरण 5.20)
∆G = ∆H − T∆S  (गिब्ज़ समीकरण, 5.21)
त्वरित तथ्य
  • स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम अनुत्क्रमणीय होता है; बाह्य साधन के द्वारा ही उत्क्रमित किया जा सकता है।
  • अकेले एन्थैल्पी में कमी Spontaneity की पूरी कसौटी नहीं — कुछ ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ भी स्वतःप्रवर्तित होती हैं।
  • एन्ट्रॉपी S निकाय की अव्यवस्था का मापन है; एक अवस्था-फलन है।
  • ∆G < 0 ⟹ स्वतःप्रवर्तित; ∆G > 0 ⟹ अस्वतःप्रवर्तित; ∆G = 0 ⟹ साम्यावस्था।
  • ऊष्मागतिकी का दूसरा नियम: विलगित निकाय में एन्ट्रॉपी स्वतः बढ़ती है।
  • ऊष्मागतिकी का तीसरा नियम: शुद्ध क्रिस्टलित ठोस की एन्ट्रॉपी 0 K पर शून्य होती है।

5.7 गिब्ज़ ऊर्जा-परिवर्तन एवं साम्यावस्था

मानक गिब्ज़ ऊर्जा व साम्य स्थिरांकrG⊖ = −RT ln K = −2.303 RT log K  (समीकरण 5.23)
त्वरित तथ्य
  • साम्यावस्था की कसौटी: ∆rG = 0।
  • rG⊖ = −RT ln K = −2.303 RT log K — गिब्ज़ ऊर्जा व साम्य स्थिरांक के बीच मुख्य संबंध।
  • rG⊖ ऋणात्मक अधिक ⟹ K बड़ा (अभिक्रिया अपेक्षाकृत पूर्णता की ओर)।
  • K > 1 ⟹ ∆G⊖ ऋणात्मक; K < 1 ⟹ ∆G⊖ धनात्मक।

एक-पंक्ति तथ्य सूची (पूरे अध्याय का सार)

परिभाषाएँ
  • निकाय + परिवेश = ब्रह्मांड; परिसीमा दोनों को अलग करती है।
  • खुला निकाय: द्रव्य व ऊर्जा दोनों का विनिमय; बंद निकाय: केवल ऊर्जा का विनिमय; विलगित निकाय: कोई विनिमय नहीं।
  • अवस्था-फलन: U, H, S, G, p, V, T — पथ-स्वतंत्र; q व w — पथ-आश्रित (अवस्था-फलन नहीं)।
प्रथम नियम व कार्य
  • प्रथम नियम: ∆U = q + w; विलगित निकाय के लिए ∆U = 0।
  • IUPAC परिपाटी: निकाय पर कार्य/निकाय में ऊष्मा — धनात्मक चिह्न।
  • दाब-आयतन कार्य: w = −pex∆V; समतापीय उत्क्रमणीय: wrev = −2.303 nRT log(Vf/Vi)。
  • मुक्त प्रसरण (निर्वात, pex=0): सदैव w = 0।
एन्थैल्पी
  • H = U + pV; ∆H = ∆U + ∆ngRT (गैसीय अभिक्रिया के लिए)।
  • स्थिर आयतन पर ∆U = qV; स्थिर दाब पर ∆H = qp
  • ऊष्माक्षेपी: ∆H < 0; ऊष्माशोषी: ∆H > 0।
  • Cp − CV = R (आदर्श गैस के लिए, प्रति मोल)।
  • तत्वों की संदर्भ-अवस्था में मानक विरचन एन्थैल्पी ∆fH⊖ = शून्य मानी जाती है।
हेस का नियम व विशेष एन्थैल्पियाँ
  • हेस का नियम: कुल ∆rH मार्ग पर निर्भर नहीं, विभिन्न पदों की ∆H का योग होता है।
  • दहन एन्थैल्पी सदैव ऋणात्मक (ऊष्माक्षेपी) होती है।
  • द्विपरमाणुक अणु की कणन एन्थैल्पी = आबंध वियोजन एन्थैल्पी।
  • solH = ∆latticeH + ∆hydH।
स्वतःप्रवर्तिता, एन्ट्रॉपी व गिब्ज़ ऊर्जा
  • स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम अनुत्क्रमणीय होता है व बाह्य साधन द्वारा ही उत्क्रमित हो सकता है।
  • एन्ट्रॉपी अव्यवस्था का मापन; ∆S = qrev/T (उत्क्रमणीय प्रक्रम में)।
  • गिब्ज़ समीकरण: ∆G = ∆H − T∆S; ∆G < 0 ⟹ स्वतःप्रवर्तित; ∆G = 0 ⟹ साम्यावस्था।
  • rG⊖ = −RT ln K = −2.303 RT log K।

सूत्र सारांश तालिका

संकल्पनासूत्र
प्रथम नियम∆U = q + w
दाब-आयतन कार्यw = −pex∆V
उत्क्रमणीय समतापीय कार्यwrev = −2.303 nRT log(Vf/Vi)
एन्थैल्पी की परिभाषाH = U + pV
∆H व ∆U संबंध∆H = ∆U + ∆ngRT
ऊष्माधारिताq = C∆T
आदर्श गैस Cp, CVCp − CV = R
अभिक्रिया एन्थैल्पीrH = ΣaiHउत्पाद − ΣbiHअभिक्रियक
विलयन एन्थैल्पीsolH = ∆latticeH + ∆hydH
एन्ट्रॉपी (उत्क्रमणीय)∆S = qrev/T
गिब्ज़ ऊर्जाG = H − TS ; ∆G = ∆H − T∆S
गिब्ज़ ऊर्जा व साम्य स्थिरांकrG⊖ = −RT ln K = −2.303 RT log K

अध्याय अभ्यास — सभी 22 प्रश्नों के विस्तृत हल

प्रत्येक प्रश्न पर क्लिक करके पूर्ण हल देखें। सभी संख्यात्मक हल चरणबद्ध ढंग से दिए गए हैं।

5.1 ऊष्मागतिकी अवस्था-फलन के बारे में सही उत्तर चुनिए।
अवस्था-फलन वह राशि है जिसका मान निकाय की प्रारंभिक व अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, मार्ग (पथ) पर नहीं।
उत्तर: (ii) जिसका मान पथ पर निर्भर नहीं करता है।
5.2 एक प्रक्रम के रुद्धोष्म परिस्थितियों में होने के लिए कौन-सी शर्त सही है?
रुद्धोष्म (Adiabatic) निकाय में परिसीमा के आर-पार ऊष्मा-विनिमय संभव नहीं होता, अर्थात् निकाय व परिवेश के बीच कोई ऊष्मा प्रवाहित नहीं होती।
उत्तर: (iii) q = 0
5.3 सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी संदर्भ-अवस्था में होती है —
परिपाटी के अनुसार, किसी तत्व की सबसे अधिक स्थायित्व की अवस्था (संदर्भ-अवस्था) में मानक विरचन एन्थैल्पी ∆fH⊖ का मान शून्य लिया जाता है।
उत्तर: (ii) शून्य
5.4 मेथेन के दहन के लिए ∆U⊖ का मान −X kJ mol⁻¹ है। ∆H⊖ का मान क्या होगा?
अभिक्रिया: CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(l)
∆ng = गैसीय उत्पाद मोल − गैसीय अभिकारक मोल = 1 − (1+2) = −2
∆H⊖ = ∆U⊖ + ∆ngRT = −X + (−2)RT = −X − 2RT
उत्तर: (iii) < ∆U⊖
5.5 मेथेन, ग्रैफाइट व डाइहाइड्रोजन के दहन एन्थैल्पी क्रमशः −890.3, −393.5 व −285.8 kJ mol⁻¹ हैं। CH₄(g) की विरचन एन्थैल्पी क्या होगी?
विरचन अभिक्रिया: C(ग्रैफाइट) + 2H₂(g) → CH₄(g)
हेस के नियम से: ∆fH(CH₄) = ∆cH(C) + 2∆cH(H₂) − ∆cH(CH₄)
= (−393.5) + 2(−285.8) − (−890.3) = −74.8 kJ mol⁻¹
उत्तर: (i) −74.8 kJ mol⁻¹
5.6 अभिक्रिया A+B→C+D+q के लिए एन्ट्रॉपी परिवर्तन धनात्मक पाया गया। यह अभिक्रिया कब संभव होगी?
अभिक्रिया में q उत्पाद की तरफ लिखा है — यह ऊष्माक्षेपी है, अतः ∆H ऋणात्मक है। दिया गया है कि ∆S भी धनात्मक है।
∆G = ∆H − T∆S — यहाँ ∆H ऋणात्मक तथा −T∆S भी ऋणात्मक, अतः ∆G सभी तापों पर ऋणात्मक रहेगा।
उत्तर: (iv) किसी भी ताप पर
5.7 एक प्रक्रम में निकाय द्वारा 701 J ऊष्मा अवशोषित होती है एवं 394 J कार्य किया जाता है (निकाय द्वारा)। ∆U ज्ञात कीजिए।
q = +701 J (अवशोषित), निकाय द्वारा कार्य ⇒ w = −394 J
∆U = q + w = 701 + (−394) = 307 J
उत्तर: ∆U = 307 J
5.22 जब 1.00 मोल H₂O(l) को मानक परिस्थितियों में विरचित किया जाता है, तब परिवेश के एन्ट्रॉपी-परिवर्तन की गणना कीजिए। (∆fH⊖=−286 kJ mol⁻¹)
परिवेश की एन्ट्रॉपी में परिवर्तन: ∆Ssurr = −∆Hsys/T (स्थिर दाब पर, T=298K)
∆Ssurr = −(−286000 J)/298 K = 959.73 J K⁻¹ mol⁻¹
उत्तर: ∆Ssurr ≈ +959.73 J K⁻¹ mol⁻¹

🎯 NEET में अब तक आए प्रश्न — ऊष्मागतिकी (2014–2026)

2014 से 2026 तक इस अध्याय से NEET में पूछे गए प्रश्न, वर्षवार, हल सहित। यह अध्याय हर वर्ष 3–5 प्रश्न (12–20 अंक) देता है।

Re-NEET 2026

26R.1 2 मोल आदर्श गैस 300 K पर 10 L से 100 L तक मुक्त प्रसार करती है। ∆Sनिकाय तथा ∆Sपरिवेश ज्ञात कीजिए।
मुक्त प्रसार में pex=0, w=0, q=0, ∆U=0; एन्ट्रॉपी अवस्था-फलन है, अतः ∆Sनिकाय = nR ln(V₂/V₁) = 2R ln10
चूँकि कोई ऊष्मा-विनिमय नहीं, ∆Sपरिवेश = 0
उत्तर: ∆Sनिकाय = 2R ln10; ∆Sपरिवेश = 0

NEET 2025

25.1 Ba²⁺(aq) की मानक विरचन एन्थैल्पी (kcal/mol में) ज्ञात कीजिए। [∆fH⊖(SO₄²⁻,aq)=−216 kcal/mol; BaSO₄(s) की क्रिस्टलन ऊष्मा=−4.5 kcal/mol; ∆fH⊖(BaSO₄,s)=−349 kcal/mol]
क्रिस्टलन: Ba²⁺(aq)+SO₄²⁻(aq)→BaSO₄(s); ∆H = −4.5 kcal
fH(Ba²⁺)+∆fH(SO₄²⁻) = ∆fH(BaSO₄) − ∆H(क्रिस्टलन) = −349 − (−4.5) = −344.5
fH(Ba²⁺) = −344.5 − (−216) = −128.5
उत्तर: −128.5 kcal/mol

NEET 2024

24.1 निम्नलिखित में से किन प्रक्रमों में एन्ट्रॉपी बढ़ती है? A. द्रव का वाष्पन B. 130K से 0K तक ठोस का ताप घटाना C. 2NaHCO₃(s)→Na₂CO₃(s)+CO₂(g)+H₂O(g) D. Cl₂(g)→2Cl(g)
A: द्रव→वाष्प में अव्यवस्था बढ़ती है ✓; B: ताप घटाने पर अव्यवस्था घटती है ✗; C: ठोस से गैस बनने पर अव्यवस्था बढ़ती है ✓; D: 1 अणु से 2 परमाणु बनने पर अव्यवस्था बढ़ती है ✓
उत्तर: (b) A, C व D
24.2 25°C पर 1 मोल हाइड्रोजन गैस के 20 atm से 10 atm दाब तक उत्क्रमणीय समतापी प्रसार में किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (R=2.0 cal K⁻¹mol⁻¹)
w = −2.303 nRT log(P₁/P₂) = −2.303×1×2×298×log(20/10) = −2.303×596×0.301 = −413.5 cal
उत्तर: w ≈ −413.5 cal

NEET 2023

23.1 अभिक्रिया A+B⇌C+D के लिए साम्यावस्था सांद्रता 2,3,10 व 6 mol L⁻¹ हैं, 300 K पर। ∆G⊖ ज्ञात कीजिए। (R=2 cal/mol K)
Kc = [C][D]/[A][B] = (10×6)/(2×3) = 10
∆G⊖ = −2.303 RT log K = −2.303×2×300×log(10) = −1381.8 cal
उत्तर: ∆G⊖ ≈ −1381.8 cal mol⁻¹

NEET 2022

22P2.1 300 K पर 1 मोल आदर्श गैस समतापी रूप से 1 L से 10 L तक प्रसारित होती है। ∆U ज्ञात कीजिए।
आदर्श गैस की आंतरिक ऊर्जा केवल ताप पर निर्भर करती है (U f(T) only)
समतापी प्रक्रम में ∆T=0, अतः ∆U=0
उत्तर: ∆U = 0

NEET 2021

21.1 एक मोल आदर्श गैस के लिए CP व CV के बीच सही संबंध बताइए।
मेयर का संबंध: CP − CV = R
उत्तर: CP − CV = R

NEET 2020

20.1 सुक्रोस के जल-अपघटन के लिए 800 K पर Kc=2×10¹³ है। ∆rG⊖ ज्ञात कीजिए।
rG⊖ = −2.303 RT log K = −2.303×8.314×800×log(2×10¹³)
log(2×10¹³) = 13.301; ∆rG⊖ = −2.303×8.314×800×13.301 = −203,750 J
उत्तर: −203.75 kJ mol⁻¹

NEET 2019

19.1 300 K पर समतापी परिस्थिति में एक गैस 0.1 L से 0.25 L तक 2 bar स्थिर बाह्य दाब के विरुद्ध प्रसारित होती है। गैस द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (1 L bar = 100 J)
w = −Pext∆V = −2 bar × (0.25−0.1) L = −0.3 L bar = −30 J
उत्तर: −30 J

NEET 2018

18.1 X₂, Y₂ तथा XY की आबंध वियोजन ऊर्जाएँ 1:0.5:1 अनुपात में हैं। XY के विरचन के लिए ∆H = −200 kJ mol⁻¹ है। X₂ की BDE ज्ञात कीजिए।
माना BDE(X₂)=E; तब BDE(Y₂)=0.5E; BDE(XY)=E
∆H = [½E+¼E] − E = −¼E = −200 ⇒ E = 800
उत्तर: 800 kJ mol⁻¹

NEET 2017

17.1 एक ऊष्मारोधी पात्र में गैस 2.5 atm स्थिर बाह्य दाब के विरुद्ध 2.50 L से 4.50 L तक प्रसारित होती है। ∆U ज्ञात कीजिए। (1 L atm = 101.3 J)
ऊष्मारोधी ⇒ q=0; w = Pext∆V = 2.5×(4.50−2.50) = 5.0 L atm = 506.5 J
∆U = q − w = 0 − 506.5 = −506.5 J
उत्तर: −506.5 J

NEET 2016

16.1 सभी तापों पर किसी अभिक्रिया के स्वतःप्रवर्तित होने हेतु सही शर्तें कौन-सी हैं?
∆G = ∆H − T∆S; सभी तापों पर ∆G ऋणात्मक रहने के लिए ∆H < 0 तथा ∆S > 0
उत्तर: ∆H < 0 तथा ∆S > 0

AIPMT 2015

15.1 कार्बन के CO₂ में दहन की ऊष्मा −393.5 kJ/mol है। 35.2 g CO₂ बनने पर मुक्त ऊष्मा ज्ञात कीजिए।
CO₂ मोल = 35.2/44 = 0.8; मुक्त ऊष्मा = 0.8×393.5 = 314.8 kJ
उत्तर: 314.8 kJ

AIPMT 2014

14.1 अभिक्रिया X₂O₄(l)→2XO₂(g) के लिए ∆U=2.1 kcal तथा ∆S=20 cal K⁻¹, 300 K पर। ∆G ज्ञात कीजिए। (R≈2 cal K⁻¹mol⁻¹)
∆ng = 2; ∆H = ∆U + ∆ngRT = 2100 + 2×2×300 = 3300 cal
∆G = ∆H − T∆S = 3300 − 300×20 = −2700 cal = −2.7 kcal
उत्तर: −2.7 kcal

अन्य NEET संबंधित तथ्य

महत्वपूर्ण
  • ऊष्मागतिकी अध्याय से NEET में लगभग हर वर्ष 2–3 प्रश्न (4–6% वेटेज) आते हैं, और चिह्न परिपाटी, ऊष्माक्षेपी/ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ तथा हेस का नियम पर आधारित प्रश्न सबसे अधिक बार दोहराए जाते हैं।
  • IUPAC चिह्न परिपाटी सदैव याद रखें — निकाय द्वारा कार्य किए जाने पर w ऋणात्मक, निकाय पर कार्य किए जाने पर w धनात्मक; ऊष्मा अवशोषित होने पर q धनात्मक, ऊष्मा मुक्त होने पर q ऋणात्मक होती है।
तुलनात्मक
  • विस्तीर्ण गुण बनाम गहन गुण — विस्तीर्ण गुण द्रव्य की मात्रा पर निर्भर (द्रव्यमान, आयतन, U, H, S); गहन गुण मात्रा से स्वतंत्र (घनत्व, ताप, दाब, मोलर गुण)।
  • ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम बनाम तृतीय नियम — द्वितीय: विलगित निकाय की एन्ट्रॉपी स्वतः बढ़ती है; तृतीय: शुद्ध क्रिस्टलित ठोस की एन्ट्रॉपी 0 K पर शून्य होती है।
तथ्य
  • गिब्ज़ ऊर्जा समीकरण ∆G = ∆H − T∆S के चार संयोजन याद रखें — ∆H−, ∆S+ ⇒ सदैव स्वतःप्रवर्तित; ∆H+, ∆S− ⇒ कभी स्वतःप्रवर्तित नहीं; शेष दो संयोजनों में स्वतःप्रवर्तिता ताप पर निर्भर करती है।
  • मेयर का संबंध — Cₚ − Cᵥ = R (आदर्श गैस के लिए, प्रति मोल)।
ट्रैप
  • स्वतःप्रवर्तिता (spontaneity) का अर्थ "तीव्र गति" नहीं है — स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम केवल ऊष्मागतिकीय रूप से संभव/favourable होता है, इसकी गति (rate) पूर्णतः गतिकी (kinetics) पर निर्भर करती है।
  • निरपेक्ष एन्थैल्पी का मान ज्ञात नहीं किया जा सकता — केवल ∆H (एन्थैल्पी-परिवर्तन) मापा जाता है; जबकि निरपेक्ष एन्ट्रॉपी (S) का मान तृतीय नियम के कारण ज्ञात किया जा सकता है।
रणनीति
  • विगत वर्षों के विश्लेषण अनुसार सर्वाधिक बार दोहराए गए तीन उप-विषय: (1) प्रथम नियम व कार्य-गणना, (2) हेस के नियम व एन्थैल्पी, (3) ∆G, ∆H, ∆S के मध्य संबंध व स्वतःप्रवर्तिता की शर्तें — इन तीनों पर विशेष अभ्यास सर्वाधिक लाभकारी है।

स्रोत: NCERT रसायन विज्ञान भाग-1, कक्षा 11, एकक 5 — ऊष्मागतिकी (Reprint 2026-27) के आधार पर तैयार किया गया विस्तृत अध्ययन नोट्स। सभी सूत्र, त्वरित तथ्य, अभ्यास-हल तथा NEET (2014–2026) के प्रश्न पाठ्यपुस्तक व मानक स्रोतों पर आधारित हैं।

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