अध्याय 25: स्क्रैच – Junior School Online
💻 Science – Class 7 – Chapter 25

🧩 स्क्रैच (Scratch) – Programming

जानें कि स्क्रैच (Scratch) क्या है, ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग, स्क्रैच इंटरफेस – स्टेज, स्प्राइट, बैकड्रॉप, कोडिंग एरिया, ब्लॉक्स के प्रकार – Events, Motion, Looks, Control, Sensing, कोडिंग, Debugging, तथा व्यावहारिक उदाहरणों के बारे में विस्तार से।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🧩 स्क्रैच (Scratch) – परिचय एवं विशेषताएँ

स्क्रैच (Scratch) – एक ब्लॉक-आधारित (Block-based) प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसे MIT (Massachusetts Institute of Technology) द्वारा विकसित किया गया है।

  • विशेषताएँ (Features):
    • 🧩 ब्लॉक-आधारित: कोड को ब्लॉक्स को जोड़कर बनाया जाता है – कोई सिंटैक्स त्रुटि नहीं।
    • 🎨 दृश्य (Visual): रंगीन ब्लॉक्स – प्रत्येक श्रेणी का अलग रंग।
    • 🐱 स्प्राइट (Sprite): पात्र (Character) जो स्क्रीन पर चलते/काम करते हैं।
    • 🖼️ बैकड्रॉप (Backdrop): स्टेज (Stage) की पृष्ठभूमि।
    • 🎯 उपयोग: गेम, एनिमेशन, कहानियाँ, संगीत, कला – सब कुछ बनाया जा सकता है।
    • 🌐 ऑनलाइन: Scratch.mit.edu पर मुफ्त उपलब्ध।
    • 🔄 इंटरैक्टिव: उपयोगकर्ता के साथ इंटरैक्शन – माउस, कीबोर्ड, माइक्रोफोन।
  • स्क्रैच क्यों सीखें? – यह प्रोग्रामिंग की बुनियादी अवधारणाओं (sequence, loops, conditionals, variables) को मज़ेदार तरीके से सिखाता है।
🧩 स्क्रैच की मुख्य विशेषताएँ
🐱 स्प्राइट 🧩 ब्लॉक्स 🖼️ बैकड्रॉप 🎮 गेम्स 🎬 एनिमेशन स्क्रैच → ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग
चित्र 25.1: स्क्रैच – ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग प्लेटफॉर्म

🧩 स्क्रैच: ब्लॉक-आधारित, दृश्य (Visual) प्रोग्रामिंग – गेम, एनिमेशन, कहानियाँ बनाने के लिए।

2 🖥️ स्क्रैच इंटरफेस (Scratch Interface)

स्क्रैच इंटरफेस के मुख्य भाग:

  • 1. स्टेज (Stage): स्क्रीन का दायाँ भाग – जहाँ स्प्राइट (Sprite) चलते/काम करते हैं और बैकड्रॉप (Backdrop) दिखता है।
  • 2. स्प्राइट (Sprite): पात्र (Character) – जो स्टेज पर कार्य करते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से कैट (बिल्ली) स्प्राइट होता है।
  • 3. बैकड्रॉप (Backdrop): स्टेज की पृष्ठभूमि – जिसे चुना या बनाया जा सकता है।
  • 4. ब्लॉक पैलेट (Block Palette): बायाँ भाग – विभिन्न ब्लॉक श्रेणियाँ (Motion, Looks, Sound, Events, Control, Sensing, Operators, Variables, My Blocks)।
  • 5. कोडिंग एरिया (Coding Area): मध्य भाग – जहाँ ब्लॉक्स को जोड़कर स्क्रिप्ट (Script) बनाई जाती है।
  • 6. हरा झंडा (Green Flag): कोड को प्रारम्भ करने के लिए – स्क्रिप्ट start करता है।
  • 7. लाल बटन (Red Stop): कोड को रोकने (Stop) के लिए।
🖥️ स्क्रैच इंटरफेस
🔷 Block Palette Motion Looks Events Control Sensing 📝 Coding Area when 🟢 clicked move 10 steps say Hello! for 2 secs 🎬 Stage 🐱 Backdrop: Chalkboard 🐱 Sprite1 🧩 🎨
चित्र 25.2: स्क्रैच इंटरफेस – ब्लॉक पैलेट, कोडिंग एरिया, स्टेज

🖥️ स्क्रैच इंटरफेस: ब्लॉक पैलेट → कोडिंग एरिया → स्टेज – तीन मुख्य भाग। हरा झंडा → Start, लाल बटन → Stop।

3 🖼️ बैकड्रॉप (Backdrop) – चयन एवं उपयोग

बैकड्रॉप (Backdrop) – स्टेज (Stage) की पृष्ठभूमि (Background)।

  • बैकड्रॉप चुनने के चरण:
    1. स्टेज (Stage) एरिया के नीचे दिए गए बैकड्रॉप आइकन पर क्लिक करें।
    2. बैकड्रॉप गैलरी (Gallery) खुल जाएगी – जिसमें विभिन्न बैकड्रॉप विकल्प होंगे।
    3. अपनी पसंद का बैकड्रॉप चुनें (Select) करें – जैसे "Chalkboard", "Forest", "Desert", आदि।
    4. चयनित बैकड्रॉप स्टेज पर दिखाई देने लगेगा।
  • बैकड्रॉप बदलने से: स्टेज की पृष्ठभूमि बदल जाती है, जिससे प्रोजेक्ट की दिखावट बदलती है।
  • बैकड्रॉप को कोड में भी उपयोग किया जा सकता है: "switch backdrop to ..." ब्लॉक से।
🖼️ बैकड्रॉप चयन
🏫 Chalkboard 📝 🖼️ Backdrop Gallery 🌳 🏖️ 🌙 🎪 Select
चित्र 25.3: बैकड्रॉप गैलरी से बैकड्रॉप चुनना

🖼️ बैकड्रॉप: स्टेज की पृष्ठभूमि – Stage के नीचे Backdrop आइकन से चुनें।

4 🔷 ब्लॉक्स – Types, Colors & उपयोग

स्क्रैच में विभिन्न प्रकार के ब्लॉक्स होते हैं – प्रत्येक का अलग रंग और कार्य:

Events (Yellow)
Motion (Blue)
Looks (Purple)
Control (Orange)
Sensing (Light Blue)
Operators (Green)
Variables (Orange)
My Blocks (Pink)
Sound (Yellow)
  • Events (इवेन्ट्स) – 🟡 Yellow: प्रोग्राम की शुरुआत – when 🟢 clicked, when space key pressed
  • Motion (मोशन) – 🔵 Blue: स्प्राइट की गति – move 10 steps, turn 15° right
  • Looks (लुक्स) – 🟣 Purple: स्प्राइट की दिखावट – say Hello! for 2 secs, think Hmm...
  • Control (कंट्रोल) – 🟠 Orange: लूप एवं निर्णय – repeat 10, forever, if
  • Sensing (सेंसिंग) – 🔷 Light Blue: स्पर्श/कीबोर्ड/माउस इनपुट – touching mouse-pointer?
  • Operators (ऑपरेटर्स) – 🟢 Green: गणित एवं तुलना – +, -, =, and
  • Variables (वेरिएबल्स) – 🟠 Orange: डेटा संग्रह – set my variable to 0
  • My Blocks (माय ब्लॉक्स) – 🔴 Pink: स्वयं के ब्लॉक्स बनाना।

🔷 ब्लॉक रंग: हर श्रेणी का अलग रंग – Events (Yellow), Motion (Blue), Looks (Purple), Control (Orange), Sensing (Light Blue), Operators (Green), Variables (Orange), My Blocks (Pink)

5 💻 कोडिंग (Coding) – व्यावहारिक उदाहरण

🔹 Example 1: Bear स्प्राइट – 10 कदम आगे बढ़ना

गतिविधि: 'BEAR' नामक स्प्राइट तथा 'Forest Backdrop' का चयन करें – स्प्राइट को 10 कदम आगे बढ़ाना है, थोड़ी देर रुकना है, फिर 10 कदम आगे बढ़ाना है।

when 🟢 clicked
move 10 steps
wait 1 seconds
move 10 steps

🔹 Example 2: Lion और Monkey – कहानी कोडिंग

शेर (Lion) की कोडिंग:

when 🟢 clicked
say "मैं इस बंदर को खा जाऊंगा" for 2 secs
move 10 steps
next costume

बंदर (Monkey) की कोडिंग:

when 🟢 clicked
say "मुझे बचाओ!" for 2 secs
move 20 steps

🔹 Example 3: Forever (असीमित दोहराव)

when 🟢 clicked
forever
move 10 steps
if on edge, bounce

💻 कोडिंग: ब्लॉक्स को सही क्रम में जोड़कर स्क्रिप्ट बनाना – ब्लॉक्स का क्रम मायने रखता है।

6 🐛 Debugging – त्रुटि की पहचान एवं सुधार

Bug (बग) – किसी भी प्रोग्राम में की गयी त्रुटि (Error)

Debugging (डिबगिंग) – प्रोग्राम में की गयी त्रुटि को पहचानना (Identify) एवं सही करना (Fix) की प्रक्रिया।

  • Debugging के चरण:
    1. 🔍 समस्या की पहचान: प्रोग्राम सही काम क्यों नहीं कर रहा? – ब्लॉक्स का क्रम, गलत मान, गलत शर्त।
    2. 🧠 विश्लेषण: कौन-सा ब्लॉक या कंडीशन समस्या पैदा कर रहा है?
    3. 🔧 सुधार (Fix): ब्लॉक्स को सही क्रम में लगाना, मान बदलना, कंडीशन सही करना।
    4. परीक्षण (Test): प्रोग्राम चलाकर देखना कि अब सही काम कर रहा है या नहीं।
  • उदाहरण: राजू ट्रैक्टर को चलते हुए देखता है – ट्रैक्टर रुक जाता है – किसान निरीक्षण करता है – पत्थर और गड्ढा – समाधान – ट्रैक्टर सही चलता है। यही Debugging है।
  • Scratch में Debugging: किसी स्क्रिप्ट में गलत क्रम, गलत ब्लॉक, गलत मान – को पहचानकर सुधारना।
🐛 Debugging प्रक्रिया
🔍 समस्या पहचान
🧠 विश्लेषण
🔧 सुधार (Fix)
✅ परीक्षण
चित्र 25.4: Debugging के चार चरण

🐛 Bug: प्रोग्राम में त्रुटि | Debugging: त्रुटि की पहचान एवं सुधार – समस्या → पहचान → विश्लेषण → सुधार → परीक्षण।

7 🐒 प्रैक्टिकल पहेली – बंदर और केला

पहेली: बंदर (Monkey) को केला (Banana) तक पहुँचाना है – चरणबद्ध कोडिंग द्वारा।

  • चरण 1: बैकड्रॉप (Backdrop) चुनें – "Forest" या "Chalkboard" जैसा कोई।
  • चरण 2: बंदर (Monkey) और केला (Banana) स्प्राइट चुनें।
  • चरण 3: बंदर की स्थिति (Position) – X = -168, Y = -102
  • चरण 4: केले की स्थिति (Position) – X = 192, Y = 141
  • चरण 5: Move 150 steps और Turn 90 degrees Left/Right ब्लॉक्स का उपयोग करके बंदर को केले तक पहुँचाना है।
🐒 बंदर को केले तक पहुँचाना
🐒 Monkey (-168, -102) 🍌 Banana (192, 141) → move 150 steps turn 90° X और Y coordinates का उपयोग करके
चित्र 25.5: बंदर (X=-168, Y=-102) से केला (X=192, Y=141) तक – Move + Turn ब्लॉक्स से

🐒 पहेली: बंदर को Move और Turn ब्लॉक्स की सहायता से केले तक पहुँचाना – X और Y coordinates का उपयोग।

8 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • स्क्रैच (Scratch): ब्लॉक-आधारित (Block-based) प्रोग्रामिंग लैंग्वेज – MIT द्वारा विकसित।
  • इंटरफेस: ब्लॉक पैलेट (बायाँ) → कोडिंग एरिया (मध्य) → स्टेज (दायाँ) – स्प्राइट, बैकड्रॉप।
  • बैकड्रॉप: स्टेज की पृष्ठभूमि – Stage के नीचे Backdrop आइकन से चुनें।
  • ब्लॉक श्रेणियाँ: Events (Yellow), Motion (Blue), Looks (Purple), Control (Orange), Sensing (Light Blue), Operators (Green), Variables (Orange), My Blocks (Pink)।
  • कोडिंग: ब्लॉक्स को सही क्रम में जोड़ना – ब्लॉक्स का क्रम महत्वपूर्ण है।
  • Bug (बग): प्रोग्राम में त्रुटि।
  • Debugging (डिबगिंग): त्रुटि की पहचान एवं सुधार – समस्या → पहचान → विश्लेषण → सुधार → परीक्षण।
  • स्प्राइट: पात्र (Cat, Bear, Lion, Monkey आदि) – जो स्टेज पर कार्य करते हैं।
  • हरा झंडा (Green Flag): कोड प्रारम्भ करने के लिए।
  • लाल बटन (Red Stop): कोड रोकने के लिए।

✅ मुख्य बिंदु

स्क्रैच (Scratch) प्रोग्रामिंग सीखने का एक मज़ेदार एवं दृश्य (Visual) तरीका है।
ब्लॉक्स को जोड़कर गेम, एनिमेशन, कहानियाँ बनाई जा सकती हैं।
Debugging (त्रुटि निवारण) प्रोग्रामिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है – त्रुटि को पहचानना एवं सुधारना सीखना आवश्यक है।

🧠 माइंडमैप – स्क्रैच – संपूर्ण सारांश

🧩 स्क्रैच – पूरे अध्याय का निष्कर्ष (Chapter Conclusion)
🧩 स्क्रैच
ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग MIT द्वारा विकसित गेम, एनिमेशन, कहानियाँ दृश्य (Visual) कोडिंग
🖥️ इंटरफेस
ब्लॉक पैलेट कोडिंग एरिया स्टेज (Stage) स्प्राइट (Sprite) बैकड्रॉप (Backdrop)
🔷 ब्लॉक श्रेणियाँ
Events (Yellow) Motion (Blue) Looks (Purple) Control (Orange) Sensing, Operators
💻 कोडिंग
ब्लॉक्स को जोड़ना क्रम महत्वपूर्ण Forever (असीमित दोहराव) Repeat (सीमित दोहराव)
🐛 Debugging
Bug = त्रुटि (Error) Debugging = त्रुटि निवारण पहचान → विश्लेषण → सुधार → परीक्षण
🔑 निष्कर्ष
Scratch = Coding सीखने का आसान तरीका ब्लॉक्स के क्रम से प्रोग्राम बनता है Debugging से कोड सुधरता है रचनात्मकता + प्रोग्रामिंग
🧩 निष्कर्ष: स्क्रैच (Scratch) बच्चों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी अवधारणाओं – Sequence, Loops, Conditionals – को मज़ेदार एवं दृश्य (Visual) तरीके से सिखाता है। ब्लॉक्स को सही क्रम में जोड़कर गेम, एनिमेशन, कहानियाँ बनाई जा सकती हैं। Debugging (त्रुटि निवारण) प्रोग्रामिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है – त्रुटि को पहचानना एवं सुधारना सीखना आवश्यक है। स्क्रैच रचनात्मकता, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान कौशल को विकसित करता है।

🧩 मिलान अभ्यास – 25: स्क्रैच

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 25: स्क्रैच

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

स्क्रैच – ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग
MIT – स्क्रैच के विकासकर्ता
स्प्राइट – पात्र (Cat, Bear, आदि)
बैकड्रॉप – स्टेज की पृष्ठभूमि
Events (Yellow) – when 🟢 clicked
Motion (Blue) – move, turn, go to
Looks (Purple) – say, think, show
Control (Orange) – repeat, forever
Green Flag – Start कोड
Red Stop – Stop कोड
Bug – प्रोग्राम में त्रुटि
Debugging – त्रुटि पहचान एवं सुधार
Forever – असीमित दोहराव
Repeat – सीमित दोहराव
Sensing – Touch, key pressed
Operators – +, -, =, and
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