अध्याय 19: जल – Junior School Online
🔬 Science – Class 7 – Chapter 19

💧 जल (Water)

जानें कि जल के विशिष्ट गुण, जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर, जल का सार्वभौम विलायक के रूप में गुण, जल की कठोरता – अस्थायी एवं स्थायी, आसवन, जल प्रदूषण के कारण एवं रोकथाम के बारे में विस्तार से।

🧠 माइंडमैप – जल (Water)

💧 जल – एक नज़र में (Mindmap)
🧊 जल के गुण
4°C पर अधिकतम घनत्व बर्फ का घनत्व कम जल में बर्फ तैरती है ठण्डा करने पर आयतन बढ़ता है
🧪 जल – विलायक
सार्वभौम विलायक ठोस (नमक, चीनी) द्रव (शराब) गैस (CO₂, O₂)
🧂 जल की कठोरता
अस्थायी (Ca/Mg bicarbonates) स्थायी (Ca/Mg chlorides, sulphates) उबालकर दूर करना धावन सोडा (Na₂CO₃)
🔥 आसवन
जल → भाप → संघनन शुद्ध जल (आसुत) प्रयोगशाला में प्रयोग
⚠️ जल प्रदूषण
सीवेज & अपशिष्ट औद्योगिक अपशिष्ट कृषि अपशिष्ट रोग – हैजा, टायफाइड
🏭 जल शोधन
प्राथमिक उपचार द्वितीयक (जैव) उपचार तृतीय (रोगाणुनाशन) क्लोरीनीकरण

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🧊 जल के विशिष्ट गुण – बर्फ का तैरना, आयतन में वृद्धि
  • जल का अधिकतम घनत्व: 4°C ताप पर।
  • बर्फ का घनत्व: जल से कम – इसलिए बर्फ जल पर तैरती है।
  • ठण्डा करने पर आयतन में वृद्धि: जल 0°C से नीचे जमने पर आयतन बढ़ जाता है – इसी कारण पानी के पाइप फट जाते हैं।
  • जलीय जीवन: बर्फ की परत पानी को ढक लेती है, जिससे नीचे का पानी गर्म रहता है और मछलियाँ जीवित रहती हैं।
🧊 बर्फ का जल पर तैरना
बर्फ (ठोस) जल (द्रव) घनत्व = 1 g/cm³ बर्फ का घनत्व < जल 🐟 जीवित मछली
चित्र 19.1: बर्फ जल पर तैरती है – जलीय जीव सुरक्षित

📌 जल का विशिष्ट गुण: 4°C पर अधिकतम घनत्व – ठण्डा होने पर आयतन बढ़ता है, बर्फ तैरती है।

2 🧪 जल – सार्वभौम विलायक (Universal Solvent)
  • जल में घुल सकते हैं: ठोस (नमक, चीनी, धावन सोडा), द्रव (शराब), गैस (CO₂, O₂)।
  • विलायक एवं विलेय: जल विलायक है, चीनी/नमक विलेय हैं – O.R.S. (Oral Rehydration Solution) इसका उदाहरण है।
  • O.R.S.: पानी में नमक और चीनी घोलकर बनाया जाता है – निर्जलीकरण में उपयोगी।
  • जल में घुली ऑक्सीजन: जलीय जीवों के श्वसन के लिए आवश्यक – गर्मियों में तालाब गर्म होने पर O₂ कम हो जाती है, मछलियाँ मर जाती हैं।
  • विलेयता: पदार्थ की जल में घुलने की क्षमता – ताप एवं विलायक की मात्रा बढ़ने पर बढ़ती है।
🧪 O.R.S. – जल में विलयन
🧂 🍬 🔄 जल + नमक + चीनी O.R.S. विलयन
चित्र 19.2: जल में नमक व चीनी घुलकर O.R.S. बनाते हैं

💧 जल सार्वभौम विलायक है – अधिकांश ठोस, द्रव एवं गैसीय पदार्थ जल में घुल जाते हैं।

3 🧂 जल का खारापन (Salinity of Water)
  • विभिन्न स्रोतों में लवण: नदी के जल में अधिक, वर्षा के जल में कम लवण होते हैं।
  • खारापन का कारण: जल भूमि की विभिन्न परतों से छनता है और खनिज लवणों को घोल लेता है।
  • समुद्री जल: सबसे अधिक खारा – इसमें NaCl (सोडियम क्लोराइड) एवं अन्य लवण घुले होते हैं।
  • समुद्री जल से वाष्पीकरण द्वारा नमक (सेंधा नमक) प्राप्त किया जाता है।

🧂 जल का खारापन: नदी > कुआँ > वर्षा जल (लवण की मात्रा के अनुसार)

4 🔨 जल की कठोरता (Hardness of Water)

कठोरता का कारण: जल में कैल्सियम एवं मैगनीशियम के लवण घुले होने के कारण।

🔹 अस्थायी कठोरता (Temporary Hardness)

  • कारण: Ca(HCO₃)₂, Mg(HCO₃)₂ – कैल्सियम/मैगनीशियम बाइकार्बोनेट।
  • दूर करने की विधि: उबालकर (Boiling) – बाइकार्बोनेट अपघटित होकर अविलेय कार्बोनेट बनाते हैं, जो छानकर अलग किये जाते हैं।
  • रासायनिक समीकरण: Ca(HCO₃)₂ → CaCO₃↓ + H₂O + CO₂

🔹 स्थायी कठोरता (Permanent Hardness)

  • कारण: CaCl₂, MgCl₂, CaSO₄, MgSO₄ – क्लोराइड्स एवं सल्फेट्स।
  • दूर करने की विधियाँ:
    • धावन सोडा (Na₂CO₃): CaCl₂ + Na₂CO₃ → 2NaCl + CaCO₃↓
    • परम्युटिट (जियोलाइट) विधि: आयन विनिमय द्वारा – सोडियम ऐलुमिनियम सिलिकेट का उपयोग।
🔨 कठोर जल का प्रभाव
पपड़ी बॉयलर में पपड़ी 🧼 कम झाग साबुन की अधिक खपत 🧼 अधिक झाग साबुन की कम खपत
चित्र 19.3: कठोर जल में साबुन कम झाग देता है, बॉयलर में पपड़ी जमती है

📌 कठोर जल: साबुन कम झाग देता है, बर्तनों में पपड़ी जमाता है, ईंधन अधिक खर्च होता है।

5 🔥 आसवन (Distillation) – शुद्ध जल प्राप्त करना
  • आसवन (Distillation): द्रव को उसके क्वथनांक तक गर्म करके वाष्प को पुनः ठण्डा करके शुद्ध द्रव प्राप्त करने की प्रक्रिया।
  • प्रक्रिया: जल → गर्म करना → भाप (वाष्प) → ठण्डा करना → संघनन → शुद्ध जल (आसुत जल)।
  • आसुत जल (Distilled Water): सभी अशुद्धियों से मुक्त – प्रयोगशाला, बैटरी, इंजेक्शन आदि में प्रयोग।
🔥 आसवन – शुद्ध जल प्राप्त करना
जल 🔥 शुद्ध जल केतली भाप संघनन
चित्र 19.4: आसवन विधि द्वारा शुद्ध जल प्राप्त करना

💧 आसुत जल: पूर्णतः शुद्ध – इसमें कोई लवण या अशुद्धि नहीं होती।

6 ⚠️ जल प्रदूषण (Water Pollution)

जल प्रदूषण – जल की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता में ऐसा परिवर्तन जिससे यह जीवों के लिए हानिकारक हो जाए।

🚫 जल प्रदूषण के मुख्य कारक

  • सीवेज (Sewage): घरेलू अपशिष्ट जल – नदियों, तालाबों में प्रवाहित होने से जल प्रदूषित होता है।
  • औद्योगिक अपशिष्ट: कारखानों से निकलने वाला जहरीला रसायन – साइनाइड, पारा, सीसा, आर्सेनिक, रेडियोधर्मी पदार्थ।
  • कृषि अपशिष्ट: उर्वरक, कीटनाशक (DDT) – जल एवं खाद्य श्रृंखला द्वारा मनुष्य तक पहुँचते हैं।
  • सुपोषण (Eutrophication): नदियों में शैवाल एवं बैक्टीरिया की वृद्धि – ऑक्सीजन की कमी – मछलियों की मृत्यु।
  • मानवीय क्रियाएँ: नदियों में नहाना, कपड़े धोना, पशुओं को नहलाना।

🩺 जल प्रदूषण से रोग

  • टायफाइड (Typhoid), अतिसार (Diarrhea), हैजा (Cholera), हेपेटाइटिस (Hepatitis), पोलियो (Polio)।

⚠️ जल प्रदूषण: मानव स्वास्थ्य एवं जलीय जीवन के लिए गंभीर खतरा – जलजनित रोगों का मुख्य कारण।

7 🏭 जल शोधन (Water Treatment)
  • प्राथमिक उपचार (Primary Treatment): घर्षण, अवसादन, उदासीनीकरण – ठोस कचरा हटाना।
  • द्वितीयक उपचार (Secondary/Biological Treatment): अवायवीय जीवाणु – जैविक अपशिष्ट का अपघटन – मेथेन गैस उत्पन्न होती है (85% प्रदूषक हटते हैं)।
  • तृतीय उपचार (Tertiary Treatment): क्लोरीनीकरण, वातीकरण, फिल्टरेशन – रोगाणुओं को नष्ट करना।
  • गंगा कार्य परियोजना (Ganga Action Plan): गंगा नदी में प्रदूषण कम करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।
  • जल प्रदूषण रोकने के उपाय: कूड़ा-करकट न नालियों में डालें, जैविक अपशिष्ट से बायोगैस बनाएँ।
🏭 जल शोधन की प्रक्रिया
1️⃣ प्राथमिक उपचार
2️⃣ द्वितीयक (जैव) उपचार
3️⃣ तृतीय (रोगाणुनाशन)
✅ शुद्ध जल
प्राथमिक (ठोस हटाना) → द्वितीयक (जैविक अपघटन) → तृतीय (क्लोरीनीकरण)
चित्र 19.5: जल शोधन की तीन-चरणीय प्रक्रिया

🌊 जल शोधन का महत्व: सुरक्षित पेयजल प्रदान करना, जलजनित रोगों से बचाव, पर्यावरण संरक्षण।

8 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • जल के गुण: 4°C पर अधिकतम घनत्व, बर्फ तैरती है, ठण्डा होने पर आयतन बढ़ता है।
  • जल विलायक: सार्वभौम विलायक – ठोस, द्रव, गैस सभी घुल सकते हैं।
  • खारापन: नदी > कुआँ > वर्षा जल – समुद्री जल सबसे अधिक खारा।
  • कठोरता: अस्थायी (उबालकर) एवं स्थायी (धावन सोडा, जियोलाइट)।
  • आसवन: जल को भाप बनाकर पुनः संघनित करना – शुद्ध (आसुत) जल प्राप्त करना।
  • प्रदूषण: सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि अपशिष्ट – जलजनित रोग।
  • शोधन: प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीय उपचार – क्लोरीनीकरण।

✅ मुख्य बिंदु

जल जीवन का आधार है – हमें जल का संरक्षण एवं शुद्धता बनाए रखना चाहिए।
जल के विशिष्ट गुण, कठोरता, प्रदूषण एवं शोधन की समझ हमें जल का सही उपयोग करने में सहायक होती है।

🧩 मिलान अभ्यास – 19: जल

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 19: जल

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

जल का अधिकतम घनत्व – 4°C पर
बर्फ तैरती है – घनत्व कम होने के कारण
सार्वभौम विलायक – ठोस, द्रव, गैस
O.R.S. – नमक + चीनी + जल
अस्थायी कठोरता – बाइकार्बोनेट (उबालकर)
स्थायी कठोरता – क्लोराइड, सल्फेट
धावन सोडा – Na₂CO₃ – कठोरता दूर करता है
आसवन – भाप → संघनन → शुद्ध जल
जल प्रदूषण – सीवेज, औद्योगिक, कृषि अपशिष्ट
सुपोषण – शैवाल वृद्धि, O₂ कम
जल शोधन – प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीय
क्लोरीनीकरण – रोगाणु नाश
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