अध्याय 17: बल एवं यंत्र – Junior School Online
🔬 Science – Class 7 – Chapter 17

⚙️ बल एवं यंत्र (Force and Machines)

जानें कि बल क्या है, बल के प्रभाव एवं प्रकार, घर्षण बल, सरल मशीनें – उत्तोलक, झुका तल, पेंच, घिरनी, पहिया व धुरी, तथा मशीनों की देखभाल के बारे में विस्तार से।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 💪 बल – परिभाषा, प्रभाव एवं प्रकार

बल (Force) – धक्का या खिंचाव, जो किसी वस्तु की गति, आकार या दिशा में परिवर्तन करता है।

  • बल लगाने के लिए आवश्यक: कम से कम दो वस्तुओं के मध्य परस्पर क्रिया – (i) बल लगाने वाली वस्तु, (ii) बल प्राप्त करने वाली वस्तु।
  • बल के प्रभाव (Effects of Force):
    • स्थिर वस्तु को गतिमान करना (जैसे – गेंद को लात मारना)
    • गतिमान वस्तु को रोकना (जैसे – गेंद को पकड़ना)
    • गति की दिशा बदलना (जैसे – क्रिकेट में गेंद को मोड़ना)
    • गति की चाल बढ़ाना या घटाना
    • वस्तु का आकार बदलना (जैसे – मिट्टी को दबाना, रबर को खींचना)
  • बल के प्रकार (Types of Forces):
    • सम्पर्क बल (Contact Force): वे बल जो वस्तुओं के आपस में स्पर्श करने पर लगते हैं – जैसे पेशीय बल, घर्षण बल, यांत्रिक बल
    • असम्पर्क बल (Non-contact Force): वे बल जो बिना स्पर्श के लगते हैं – जैसे गुरुत्व बल, चुम्बकीय बल, स्थिर विद्युत बल
💪 बल के प्रभाव
स्थिर → बल गतिमान दिशा बदलना आकार बदलना चाल बदलना
चित्र 17.1: बल के विभिन्न प्रभाव

💡 बल के मुख्य प्रभाव: वस्तु की गति, दिशा, चाल या आकार में परिवर्तन।

2 🔗 बल के प्रकार – सम्पर्क एवं असम्पर्क

🔹 सम्पर्क बल (Contact Forces)

  • पेशीय बल (Muscular Force): हमारी मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल – जैसे चलना, दौड़ना, वस्तु उठाना।
  • घर्षण बल (Friction): दो सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला बल – जैसे गेंद का रुकना, किताब को धकेलना।
  • यांत्रिक बल (Mechanical Force): मशीनों द्वारा लगाया गया बल – जैसे पानी पंप, क्रेन।

🔹 असम्पर्क बल (Non-contact Forces)

  • गुरुत्व बल (Gravitational Force): पृथ्वी द्वारा सभी वस्तुओं पर लगाया गया बल – वस्तुओं को नीचे गिराना।
  • चुम्बकीय बल (Magnetic Force): चुम्बक द्वारा लोहे या अन्य चुम्बकीय पदार्थों पर लगाया गया बल – चुम्बक पर कील चिपकना।
  • स्थिर विद्युत बल (Electrostatic Force): आवेशित वस्तुओं द्वारा लगाया गया बल – बालों में कंघी चलाने पर कागज़ चिपकना।
🔗 बल के प्रकार – वर्गीकरण
सम्पर्क बल
  • ✓ पेशीय
  • ✓ घर्षण
  • ✓ यांत्रिक
असम्पर्क बल
  • ✓ गुरुत्व
  • ✓ चुम्बकीय
  • ✓ स्थिर विद्युत
चित्र 17.2: बल के मुख्य प्रकार

📌 असम्पर्क बल: ये बिना स्पर्श के कार्य करते हैं – गुरुत्व, चुम्बकीय, स्थिर विद्युत।

3 🔥 घर्षण बल – कारण, लाभ, हानियाँ

घर्षण बल (Friction) – दो सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला बल।

  • कारण: सतहों की खुरदरापन, असमानताएँ, आणविक आकर्षण।
  • लाभ (Advantages):
    • चलने-दौड़ने में सहायक (पैरों का फिसलना नहीं)
    • वस्तुओं को रोकने में (ब्रेक)
    • माचिस जलाना, नाखून रगड़ना
    • पहियों में ट्रैक्शन
  • हानियाँ (Disadvantages):
    • मशीनों के पुर्जों का घिसना
    • ऊर्जा की बर्बादी (ऊष्मा में रूपान्तरण)
    • जूतों, टायरों का घिसना
  • घर्षण कम करने के उपाय: स्नेहक (grease, oil) लगाना, बॉल बेयरिंग, सतह को चिकना बनाना, वायु कुशन (हवाई जहाज)।
  • घर्षण बढ़ाने के उपाय: सतह को खुरदुरा बनाना (रेत, चूड़ियाँ), टायरों के चिह्न (tread)।
🔥 घर्षण बल – दैनिक उदाहरण
चलने में सहायक ब्रेक (रोकने में) मशीन घिसना (हानि) 🛢️ स्नेहक (कम घर्षण)
चित्र 17.3: घर्षण के लाभ एवं हानियाँ

💡 घर्षण बल: आवश्यक भी है (चलने के लिए) तथा हानिकारक भी (मशीनों के घिसने के लिए) – इसे नियंत्रित करना चाहिए।

4 ⚙️ सरल मशीनें – परिचय एवं प्रकार

सरल मशीन (Simple Machine) – ऐसे साधन जो कार्य को सरलता, सुविधा एवं तेजी से करने में सहायक होते हैं।

  • उद्देश्य: बल की दिशा बदलना, बल का परिमाण बढ़ाना या घटाना, गति की दिशा बदलना।
  • सरल मशीनों के प्रकार (5 मुख्य):
    1. उत्तोलक (Lever)
    2. झुका तल (Inclined Plane)
    3. पेंच (Screw)
    4. घिरनी (Pulley)
    5. पहिया और धुरी (Wheel and Axle)
⚙️ सरल मशीनों के प्रकार
उत्तोलक झुका तल पेंच घिरनी पहिया-धुरी
चित्र 17.4: पाँच मुख्य सरल मशीनें

🔧 सरल मशीनें – कार्य को आसान बनाती हैं, बल की दिशा या परिमाण में परिवर्तन करती हैं।

5 🔄 उत्तोलक (Lever) – तीन श्रेणियाँ

उत्तोलक (Lever) – एक दृढ़ छड़ जो किसी आलम्ब (fulcrum) पर टिकी होती है।

  • अवयव: आलम्ब (F), आयास (Effort – E), भार (Load – L)
  • तीन श्रेणियाँ: आलम्ब, आयास, भार की स्थिति के अनुसार।
⚖️

प्रथम श्रेणी

आलम्ब (F) मध्य में

उदा. – प्लायर्स, कैंची, उत्तोलक (तुला)

🛒

द्वितीय श्रेणी

भार (L) मध्य में

उदा. – पहिये वाली ट्राली, नट-बोल्ट खोलने वाला रिंच

🧹

तृतीय श्रेणी

आयास (E) मध्य में

उदा. – झाड़ू, चिमटा, मछली पकड़ने की छड़

🔄 उत्तोलक की तीन श्रेणियाँ
प्रथम श्रेणी आयास आलम्ब भार (प्लायर्स, कैंची) द्वितीय श्रेणी आयास भार आलम्ब (ट्राली, रिंच) तृतीय श्रेणी भार आयास आलम्ब (झाडू, चिमटा)
चित्र 17.5: उत्तोलक की तीन श्रेणियाँ

📌 उत्तोलक सूत्र

आयास × आयास भुजा = भार × भार भुजा

(यांत्रिक लाभ = भार / आयास)

6 🛞 अन्य सरल मशीनें – झुका तल, पेंच, घिरनी, पहिया-धुरी
  • झुका तल (Inclined Plane): एक ढलान जो भारी वस्तु को ऊपर उठाने में सहायक होता है – जैसे रैम्प, पहाड़ी सड़कें।
  • पेंच (Screw): झुके तल का कुंडलित रूप – जैसे स्क्रू, नट-बोल्ट।
  • घिरनी (Pulley): एक पहिया जिस पर रस्सी डाली जाती है – बल की दिशा बदलता है (जैसे कुएँ से पानी निकालना)।
  • पहिया और धुरी (Wheel and Axle): बड़ा पहिया और उससे जुड़ी छोटी धुरी – बल बढ़ाने में सहायक (जैसे साइकिल का पहिया, स्टीयरिंग व्हील)।
🛞 अन्य सरल मशीनें
झुका तल रैम्प पेंच घिरनी पहिया-धुरी
चित्र 17.6: झुका तल, पेंच, घिरनी, पहिया-धुरी

🔧 सरल मशीनों का उपयोग: ये हमारे दैनिक जीवन में बल को कम या अधिक करने तथा दिशा बदलने में सहायक हैं।

7 🛠️ मशीनों की देखभाल एवं रखरखाव
  • स्नेहन (Lubrication): घर्षण कम करने के लिए मशीनों के पुर्जों पर तेल या ग्रीस लगाना – साइकिल की चेन, घिरनी की धुरी।
  • सफाई: समय-समय पर रेगमाल (सैंडपेपर) से जंग हटाना तथा पेंट करना।
  • जाँच: समय-समय पर मशीनों की जाँच – छोटी खराबी को तुरंत ठीक कराना।
  • प्रशिक्षण: मशीन चलाने से पहले उचित प्रशिक्षण लेना – सुरक्षा के लिए आवश्यक।
  • भंडारण: अनुपयोगी मशीनों को स्नेहक लगाकर ढंककर रखना।

🛡️ मशीनों की सुरक्षा एवं देखभाल: नियमित रखरखाव से मशीनों की आयु बढ़ती है तथा दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

8 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • बल: धक्का या खिंचाव – वस्तु की गति, दिशा, चाल या आकार बदलता है।
  • बल के प्रकार: सम्पर्क (पेशीय, घर्षण, यांत्रिक) तथा असम्पर्क (गुरुत्व, चुम्बकीय, स्थिर विद्युत)।
  • घर्षण बल: सतहों के बीच विरोधी बल – लाभ (चलना, रोकना) तथा हानियाँ (घिसना, ऊर्जा बर्बादी)।
  • सरल मशीनें: कार्य को आसान बनाने वाले साधन – उत्तोलक, झुका तल, पेंच, घिरनी, पहिया-धुरी।
  • उत्तोलक तीन श्रेणियाँ: आलम्ब, आयास, भार की स्थिति के अनुसार – प्रथम (प्लायर्स), द्वितीय (ट्राली), तृतीय (झाड़ू)।
  • मशीनों की देखभाल: स्नेहन, सफाई, जाँच, प्रशिक्षण, उचित भंडारण।

✅ मुख्य बिंदु

बल एवं मशीनें हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग हैं – बल के प्रभाव को समझना तथा सरल मशीनों का सही उपयोग करना आवश्यक है।
मशीनों की नियमित देखभाल से उनकी कार्यक्षमता एवं सुरक्षा बनी रहती है।

🧩 मिलान अभ्यास – 17: बल एवं यंत्र

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 17: बल एवं यंत्र

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

बल – धक्का या खिंचाव
सम्पर्क बल – पेशीय, घर्षण, यांत्रिक
असम्पर्क बल – गुरुत्व, चुम्बकीय, विद्युत
घर्षण बल – विरोधी बल
सरल मशीन – कार्य आसान करना
उत्तोलक – 3 श्रेणियाँ
प्रथम श्रेणी – आलम्ब मध्य (प्लायर्स)
द्वितीय श्रेणी – भार मध्य (ट्राली)
तृतीय श्रेणी – आयास मध्य (झाडू)
अन्य मशीनें – झुका तल, पेंच, घिरनी, पहिया-धुरी
मशीन देखभाल – स्नेहन, सफाई, जाँच
घर्षण नियंत्रण – स्नेहक, बेयरिंग
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