अध्याय 16: प्रकाश – Junior School Online
🔬 Science – Class 7 – Chapter 16

💡 प्रकाश (Light)

जानें कि प्रकाश क्या है, प्रकाश किरण पुंज के प्रकार – समान्तर, अभिसारी, अपसारी, प्रकाश का परावर्तन, परावर्तन के नियम, समतल दर्पण, गोलीय दर्पण – अवतल एवं उत्तल, तथा दर्पणों के उपयोग के बारे में विस्तार से।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🔦 प्रकाश किरण पुंज – प्रकार

प्रकाश किरण पुंज (Light Beam) – प्रकाश की अनेक किरणों के समूह को प्रकाश किरण पुंज कहते हैं।

  • समान्तर प्रकाश किरण पुंज (Parallel beam): सभी किरणें एक-दूसरे के समान्तर होती हैं। (चित्र 16.1क) – जैसे सूर्य की किरणें, लेज़र किरण।
  • अभिसारी प्रकाश किरण पुंज (Convergent beam): सभी किरणें किसी बिन्दु पर मिलती हैं। (चित्र 16.1ख) – जैसे अवतल दर्पण द्वारा परावर्तित किरणें।
  • अपसारी प्रकाश किरण पुंज (Divergent beam): सभी किरणें किसी बिन्दु से फैलती हुई प्रतीत होती हैं। (चित्र 16.1ग) – जैसे उत्तल दर्पण से परावर्तित किरणें, मोमबत्ती से निकलती किरणें।
🔦 प्रकाश किरण पुंज के प्रकार
(क) समान्तर समान्तर किरणें (ख) अभिसारी बिन्दु पर मिलती हैं (ग) अपसारी बिन्दु से फैलती हैं
चित्र 16.1: (क) समान्तर, (ख) अभिसारी, (ग) अपसारी प्रकाश किरण पुंज

💡 प्रकाश किरण पुंज के प्रकार: समान्तर (Parallel), अभिसारी (Convergent), अपसारी (Divergent)

2 🪞 प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

परावर्तन (Reflection) – प्रकाश की किरण का किसी पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटने की घटना।

  • उदाहरण: तालाब के जल में पेड़ का प्रतिबिम्ब, स्टील की थाली में चेहरा, दर्पण में प्रतिबिम्ब।
  • प्रकाश की तीन घटनाएँ: अवशोषण (Absorption), पारगमन (Transmission), परावर्तन (Reflection)।
  • चिकने परावर्तक तल (Regular Reflection): समतल चिकने तल से परावर्तन – जैसे दर्पण, पॉलिशदार धातु।
  • खुरदुरे परावर्तक तल (Irregular Reflection): खुरदुरे तल से परावर्तन – जैसे दीवार, कागज़, कपड़ा – सभी दिशाओं में परावर्तन।
🪞 चिकने एवं खुरदुरे तल से परावर्तन
(अ) चिकने तल से (नियमित) चिकना तल नियमित परावर्तन (ब) खुरदुरे तल से (अनियमित) खुरदुरा तल अनियमित परावर्तन
चित्र 16.2: (अ) चिकने तल से नियमित परावर्तन, (ब) खुरदुरे तल से अनियमित परावर्तन

🔦 अनियमित परावर्तन का महत्व: खुरदुरी वस्तुओं से प्रकाश का सभी दिशाओं में परावर्तन होता है, इसलिए हम कमरे की सभी वस्तुओं को देख पाते हैं।

3 📐 परावर्तन के नियम (Laws of Reflection)

📌 परावर्तन के दो नियम

  • प्रथम नियम: आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब (Normal) – तीनों एक ही तल में होते हैं।
  • द्वितीय नियम: आपतन कोण (∠i) = परावर्तन कोण (∠r)
  • आपतन कोण (∠i): आपतित किरण और अभिलम्ब के बीच का कोण।
  • परावर्तन कोण (∠r): परावर्तित किरण और अभिलम्ब के बीच का कोण।
  • अभिलम्ब (Normal): दर्पण की सतह पर लम्बवत् खींची गई रेखा।
📐 परावर्तन का नियम – किरण आरेख
दर्पण अभिलम्ब आपतित किरण परावर्तित किरण i r ∠i = ∠r आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब एक ही तल में
चित्र 16.3: परावर्तन के नियम – ∠i = ∠r

📌 परावर्तन के नियम सभी प्रकार के दर्पणों के लिए लागू होते हैं – समतल, अवतल तथा उत्तल।

4 🪞 समतल दर्पण (Plane Mirror)

समतल दर्पण (Plane Mirror) – समतल (सपाट) पृष्ठ वाला दर्पण।

  • प्रतिबिम्ब (Image): दर्पण के पीछे बनता है – आभासी (Virtual), सीधा (Erect) तथा वस्तु के बराबर आकार का।
  • प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है।
  • प्रतिबिम्ब की प्रकृति: आभासी (पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता), सीधा, समान आकार।
🪞 समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब
वस्तु प्रतिबिम्ब (आभासी) d d = दूरी समान
चित्र 16.4: समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब – आभासी, सीधा, समान आकार

📌 समतल दर्पण के गुण: प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा, वस्तु के बराबर, दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर।

5 ↔️ पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion)

पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion) – समतल दर्पण में वस्तु का दायाँ भाग बायाँ तथा बायाँ भाग दायाँ दिखाई देता है।

  • उदाहरण: दर्पण के सामने खड़े होकर दायाँ हाथ हिलाने पर प्रतिबिम्ब का बायाँ हाथ हिलता दिखता है।
  • "AMBULANCE" का उदाहरण: एम्बुलेंस पर "AMBULANCE" उल्टा लिखा होता है – पीछे से आने वाले वाहन के रियर-व्यू दर्पण में यह सही पढ़ाई जाती है।
  • अक्षर जिनमें पार्श्व परिवर्तन नहीं होता: A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y – इनके प्रतिबिम्ब में पार्श्व परिवर्तन प्रतीत नहीं होता।
↔️ पार्श्व परिवर्तन – "RED" का प्रतिबिम्ब
दर्पण RED वस्तु DER प्रतिबिम्ब (पार्श्व परिवर्तित)
चित्र 16.5: "RED" का प्रतिबिम्ब "DER" – पार्श्व परिवर्तन

💡 पार्श्व परिवर्तन का व्यावहारिक उपयोग: एम्बुलेंस पर "AMBULANCE" उल्टा लिखा होता है ताकि पीछे से आने वाले वाहन के दर्पण में सही पढ़ा जा सके।

6 गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors)

गोलीय दर्पण (Spherical Mirror) – गोले के कटे हुए भाग से बना दर्पण।

  • प्रकार:
    • अवतल दर्पण (Concave Mirror): गोले के भीतरी भाग से परावर्तन – परावर्तक सतह अन्दर की ओर धंसी हुई।
    • उत्तल दर्पण (Convex Mirror): गोले के बाहरी भाग से परावर्तन – परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी हुई।
  • महत्वपूर्ण पद:
    • वक्रता केन्द्र (C): उस गोले का केन्द्र जिसका एक भाग दर्पण है।
    • वक्रता त्रिज्या (R): वक्रता केन्द्र से दर्पण के ध्रुव तक की दूरी।
    • ध्रुव (P): दर्पण के मध्य बिन्दु।
    • मुख्य अक्ष (Principal Axis): ध्रुव और वक्रता केन्द्र को मिलाने वाली रेखा।
    • फोकस (F): मुख्य अक्ष पर वह बिन्दु जहाँ अवतल दर्पण के समान्तर किरणें मिलती हैं (वास्तविक फोकस)। उत्तल दर्पण में फोकस आभासी होता है।
    • फोकस दूरी (f): ध्रुव से फोकस तक की दूरी – f = R/2
  • अवतल दर्पण: वास्तविक तथा आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिम्ब बना सकता है।
  • उत्तल दर्पण: सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु से छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है।
⚪ गोलीय दर्पण – अवतल एवं उत्तल
अवतल दर्पण अन्दर धंसा भाग उत्तल दर्पण बाहर उभरा भाग
चित्र 16.6: (अ) अवतल दर्पण – भीतरी सतह परावर्तक, (ब) उत्तल दर्पण – बाहरी सतह परावर्तक
विशेषताअवतल दर्पण (Concave)उत्तल दर्पण (Convex)
परावर्तक सतहभीतरी (अंदर धंसी)बाहरी (बाहर उभरी)
फोकसवास्तविक (Real)आभासी (Virtual)
प्रतिबिम्बवास्तविक/आभासी दोनोंसदैव आभासी, छोटा, सीधा
उपयोगटॉर्च, कार हेडलाइट, दन्त चिकित्सकरियर-व्यू दर्पण, सुरक्षा दर्पण

🔦 गोलीय दर्पण की विशेषताएँ: अवतल दर्पण – वास्तविक/आभासी प्रतिबिम्ब; उत्तल दर्पण – सदैव आभासी, छोटा, सीधा।

7 🔧 दर्पणों के उपयोग (Uses of Mirrors)

🪞 अवतल दर्पण के उपयोग

  • टॉर्च, कार हेडलाइट, सर्चलाइट: प्रकाश को एक स्थान पर केन्द्रित करने के लिए – प्रकाश की समान्तर किरणें बनाना।
  • दन्त चिकित्सक: दाँतों का बड़ा प्रतिबिम्ब देखने के लिए (दाँतों के पास लाकर)।
  • ई.एन.टी. डॉक्टर: कान, नाक, गले के निरीक्षण के लिए।
  • सौर कुकर/सौर संकेन्द्रक: सूर्य की किरणों को केन्द्रित करने के लिए।
  • शेविंग/मेकअप दर्पण: चेहरे का बड़ा प्रतिबिम्ब देखने के लिए।

🪞 उत्तल दर्पण के उपयोग

  • वाहनों के रियर-व्यू दर्पण (पश्च-दृश्य दर्पण): पीछे का व्यापक दृश्य देखने के लिए – उत्तल दर्पण विस्तृत क्षेत्र दिखाता है।
  • स्ट्रीट लाइट/सड़क बत्तियाँ: प्रकाश को विस्तृत क्षेत्र में फैलाने के लिए।
  • सुरक्षा दर्पण: दुकानों, मॉल, पार्किंग स्थलों पर सुरक्षा के लिए।
  • ATM/कैश मशीनें: छिपे हुए क्षेत्र देखने के लिए।

🔧 अवतल दर्पण: प्रकाश केन्द्रित करने के लिए – टॉर्च, हेडलाइट, दन्त चिकित्सक।
उत्तल दर्पण: विस्तृत क्षेत्र देखने के लिए – रियर-व्यू, सुरक्षा दर्पण, स्ट्रीट लाइट।

8 📖 सारांश – हमने क्या सीखा
  • प्रकाश किरण पुंज: समान्तर, अभिसारी, अपसारी।
  • परावर्तन: प्रकाश का किसी पृष्ठ से टकराकर वापस लौटना – चिकने तल (नियमित) तथा खुरदुरे तल (अनियमित)।
  • परावर्तन के नियम: (i) आपतित किरण, परावर्तित किरण, अभिलम्ब एक तल में; (ii) ∠i = ∠r
  • समतल दर्पण: प्रतिबिम्ब – आभासी, सीधा, समान आकार, दर्पण के पीछे समान दूरी पर।
  • पार्श्व परिवर्तन: दायाँ बायाँ, बायाँ दायाँ – A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y में नहीं।
  • गोलीय दर्पण: अवतल (भीतरी परावर्तन, वास्तविक फोकस), उत्तल (बाहरी परावर्तन, आभासी फोकस)।
  • उपयोग: अवतल – टॉर्च, हेडलाइट, दन्त चिकित्सक, सौर कुकर; उत्तल – रियर-व्यू, सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट।

✅ मुख्य बिंदु

प्रकाश का परावर्तन हमें विभिन्न प्रकार के प्रतिबिम्ब देखने में सहायता करता है।
समतल दर्पण – आभासी प्रतिबिम्ब; अवतल – वास्तविक/आभासी; उत्तल – सदैव आभासी, छोटा।
दर्पणों के उपयोग दैनिक जीवन, चिकित्सा, सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी में अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं।

🧩 मिलान अभ्यास – 16: प्रकाश

✅ प्रत्येक row में 6 विकल्प दिखेंगे – सही चुनें और तुरंत परिणाम देखें।

🧠 Practice Quiz – 16: प्रकाश

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 इस इकाई में हमने सीखा

समान्तर पुंज – किरणें समान्तर (सूर्य, लेज़र)
अभिसारी पुंज – किरणें मिलती हैं
अपसारी पुंज – किरणें फैलती हैं
परावर्तन – प्रकाश का वापस लौटना
नियमित/अनियमित – चिकने/खुरदुरे तल
परावर्तन नियम – ∠i = ∠r
समतल दर्पण – आभासी, सीधा, समान
पार्श्व परिवर्तन – दायाँ ↔ बायाँ
अवतल दर्पण – भीतरी परावर्तन
उत्तल दर्पण – बाहरी परावर्तन
अवतल उपयोग – टॉर्च, हेडलाइट, दन्त चिकित्सक
उत्तल उपयोग – रियर-व्यू, सुरक्षा दर्पण
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