💰 व्यवहार गणित (Commercial Mathematics)
इस अध्याय में हम अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण व्याज, व्यवहार गणित, मुद्रा की अवधारणा तथा बिल एवं कैश मेमो का अध्ययन करेंगे – ये सभी दैनिक जीवन की आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हैं।
📋 Chapter Overview – एक नज़र में
इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषय – किसी भी कार्ड पर क्लिक करें और सीधे उस भाग पर पहुँचें।
📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)
अनुपात (Ratio) – दो समान राशियों की भाग द्वारा तुलना को अनुपात कहते हैं।
- प्रतीक: : (कोलन) – जैसे a : b
- पूर्वपद (प्रथम पद): a – अनुपात का पहला पद
- उत्तरपद (द्वितीय पद): b – अनुपात का दूसरा पद
- a : b = a/b (a ÷ b)
📌 उदाहरण
मैसे ने 56 रन बनाए, निशा ने 14 रन।
मैसे : निशा = 56 : 14 = 4 : 1 (मैसे ने निशा से 4 गुना रन बनाए)
💡 महत्वपूर्ण बातें
- अनुपात सदैव समान इकाइयों वाली राशियों में ज्ञात किया जाता है।
- अनुपात को सरलतम रूप में व्यक्त किया जाता है।
- किसी अनुपात के दोनों पदों को एक ही शून्येतर संख्या से गुणा/भाग करने पर अनुपात नहीं बदलता।
समानुपात (Proportion) – जब दो अनुपात समान (बराबर) हों, तो वे समानुपात में होते हैं।
- लिखावट: a : b :: c : d
- बाह्य पद (Extremes): a और d
- मध्य पद (Means): b और c
- समानुपात का नियम: बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
- सूत्र: a × d = b × c
📌 उदाहरण – 12 : 24 :: 24 : 48
बाह्य पदों का गुणनफल = 12 × 48 = 576
मध्य पदों का गुणनफल = 24 × 24 = 576
∴ 12 : 24 :: 24 : 48 समानुपात में है।
📌 उदाहरण – 8 : x :: 7 : 14
बाह्य पदों का गुणनफल = 8 × 14 = 112
मध्य पदों का गुणनफल = x × 7 = 7x
7x = 112 → x = 16
∴ 8 : 16 :: 7 : 14
📌 जाँच
समानुपात की सत्यता जाँचने के लिए हमेशा बाह्य × बाह्य = मध्य × मध्य का उपयोग करें।
प्रतिशत (Percentage) – 'प्रति सौ' या 100 में से। % चिह्न से दर्शाया जाता है।
- 1% = 1/100
- 100% = 1 (पूरा भाग)
- प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए 100 से भाग दें।
- भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा करें और % लगाएँ।
| भिन्न | प्रतिशत | दशमलव |
|---|---|---|
| 1/4 | 25% | 0.25 |
| 1/2 | 50% | 0.50 |
| 3/4 | 75% | 0.75 |
| 1/5 | 20% | 0.20 |
| 2/5 | 40% | 0.40 |
📌 उदाहरण – 500 का 35%
500 × 35% = 500 × 35/100 = 175
∴ 500 का 35% = 175
📌 उदाहरण – 25/40 कप बिके → प्रतिशत में
25/40 × 100 = 62.5%
∴ 62.5% कप बिके
📌 प्रतिशत वृद्धि/कमी
प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि/मूल मान) × 100
प्रतिशत कमी = (कमी/मूल मान) × 100
क्रय मूल्य (CP) – जितने में वस्तु खरीदी जाती है।
विक्रय मूल्य (SP) – जितने में वस्तु बेची जाती है।
- लाभ (Profit) = SP – CP (जब SP > CP)
- हानि (Loss) = CP – SP (जब CP > SP)
- लाभ% = (लाभ/CP) × 100
- हानि% = (हानि/CP) × 100
- उपरिव्यय (Overhead) – मरम्मत, परिवहन, मजदूरी आदि – CP में जोड़ दिए जाते हैं।
📌 उदाहरण 1 – साइकिल का लाभ
साइकिल खरीदी = ₹650, मरम्मत = ₹150 → लागत मूल्य = ₹800
बेची = ₹825 → लाभ = ₹25
📌 उदाहरण 2 – 10% लाभ पर विक्रय मूल्य
क्रय मूल्य = ₹300, लाभ% = 10%
लाभ = 300 × 10/100 = ₹30 → विक्रय मूल्य = ₹330
📌 याद रखें
- लाभ और हानि हमेशा क्रय मूल्य पर ज्ञात किए जाते हैं।
- लाभ% = (लाभ/CP) × 100, हानि% = (हानि/CP) × 100
मूलधन (Principal – P) – उधार ली गई या जमा की गई धनराशि।
ब्याज (Interest – I) – मूलधन के उपयोग के बदले दी गई अतिरिक्त राशि।
मिश्रधन (Amount – A) = मूलधन + ब्याज
दर (Rate – R) – प्रति वर्ष ₹100 पर ब्याज (प्रतिशत में)।
समय (Time – T) – वह अवधि जिसके लिए धन उधार लिया/जमा किया जाता है।
साधारण व्याज = (P × R × T) / 100
मिश्रधन = P + साधारण व्याज
📌 उदाहरण – ₹500 पर 4% वार्षिक दर से 2 वर्ष का व्याज
व्याज = (500 × 4 × 2) / 100 = ₹40
∴ 2 वर्ष का ब्याज = ₹40
📌 उदाहरण – ₹400 पर 6% वार्षिक दर से 3 वर्ष का व्याज
व्याज = (400 × 6 × 3) / 100 = ₹72
📌 व्याज के प्रकार
- साधारण व्याज – प्रत्येक वर्ष समान ब्याज।
- चक्रवृद्धि व्याज – दूसरे वर्ष से ब्याज पर भी ब्याज।
व्यवहार गणित – दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली सरलतम गणना विधि। अधिकांश क्रियाएँ मौखिक होती हैं।
📌 उदाहरण – 4 किग्रा आलू @ ₹3.75 प्रति किग्रा
4 किग्रा का मूल्य = 4×₹3 + 4×₹0.50 + 4×₹0.25
= ₹12 + ₹2 + ₹1 = ₹15
∴ कुल मूल्य = ₹15
💡 व्यवहार गणित में मूल्य को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर गणना की जाती है और अंत में जोड़ दिया जाता है।
- वस्तु विनिमय – वस्तु देकर वस्तु प्राप्त करना।
- सेवा विनिमय – सेवा देकर सेवा प्राप्त करना।
- मुद्रा विनिमय – धन (रुपये, चेक आदि) देकर वस्तु/सेवा प्राप्त करना।
📌 मुद्रा की विशेषताएँ
- एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में सुविधाजनक हो।
- मुद्रा के मूल्य में बहुत अन्तर न हो।
- मुद्रा प्रमाणित हो।
- विनिमय करने में सुविधाजनक हो।
- प्रतिरूप आसानी से तैयार न किया जा सके।
बिल (Bill) / इनवायस (Invoice) – वह कागज जिस पर वस्तुओं की सूची, मात्रा, दर, कुल मूल्य आदि लिखा होता है।
कैश मेमो (Cash Memo) – वह पत्र जो धन चुकाने के साथ दिया जाता है।
📌 कैश मेमो में निम्नलिखित बातें होती हैं
- तारीख
- क्रम संख्या
- ग्राहक का नाम, पता, दूरभाष संख्या
- वस्तु का नाम
- वस्तु की संख्या, इकाई, मूल्य (दर)
- छूट (यदि कोई हो)
- वस्तु एवं सेवा कर (GST)
- कुल प्राप्त नकद
- कैशियर का हस्ताक्षर
🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।
🧠 Practice Quiz – व्यवहार गणित
✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।