अध्याय 12: व्यवहार गणित – Junior School Online
📐 गणित – कक्षा 6 – अध्याय 12

💰 व्यवहार गणित (Commercial Mathematics)

इस अध्याय में हम अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण व्याज, व्यवहार गणित, मुद्रा की अवधारणा तथा बिल एवं कैश मेमो का अध्ययन करेंगे – ये सभी दैनिक जीवन की आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हैं।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 📊 अनुपात (Ratio)

अनुपात (Ratio) – दो समान राशियों की भाग द्वारा तुलना को अनुपात कहते हैं।

  • प्रतीक: : (कोलन) – जैसे a : b
  • पूर्वपद (प्रथम पद): a – अनुपात का पहला पद
  • उत्तरपद (द्वितीय पद): b – अनुपात का दूसरा पद
  • a : b = a/b (a ÷ b)
मैसे : निशा = 56 : 14 = 4 : 1

📌 उदाहरण

मैसे ने 56 रन बनाए, निशा ने 14 रन।

मैसे : निशा = 56 : 14 = 4 : 1 (मैसे ने निशा से 4 गुना रन बनाए)

💡 महत्वपूर्ण बातें

  • अनुपात सदैव समान इकाइयों वाली राशियों में ज्ञात किया जाता है।
  • अनुपात को सरलतम रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • किसी अनुपात के दोनों पदों को एक ही शून्येतर संख्या से गुणा/भाग करने पर अनुपात नहीं बदलता।
2 ⚖️ समानुपात (Proportion)

समानुपात (Proportion) – जब दो अनुपात समान (बराबर) हों, तो वे समानुपात में होते हैं।

  • लिखावट: a : b :: c : d
  • बाह्य पद (Extremes): a और d
  • मध्य पद (Means): b और c
  • समानुपात का नियम: बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
  • सूत्र: a × d = b × c

📌 उदाहरण – 12 : 24 :: 24 : 48

बाह्य पदों का गुणनफल = 12 × 48 = 576

मध्य पदों का गुणनफल = 24 × 24 = 576

∴ 12 : 24 :: 24 : 48 समानुपात में है।

📌 उदाहरण – 8 : x :: 7 : 14

बाह्य पदों का गुणनफल = 8 × 14 = 112

मध्य पदों का गुणनफल = x × 7 = 7x

7x = 112 → x = 16

∴ 8 : 16 :: 7 : 14

📌 जाँच

समानुपात की सत्यता जाँचने के लिए हमेशा बाह्य × बाह्य = मध्य × मध्य का उपयोग करें।

3 % प्रतिशतता (Percentage)

प्रतिशत (Percentage) – 'प्रति सौ' या 100 में से। % चिह्न से दर्शाया जाता है।

  • 1% = 1/100
  • 100% = 1 (पूरा भाग)
  • प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए 100 से भाग दें।
  • भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा करें और % लगाएँ।
भिन्नप्रतिशतदशमलव
1/425%0.25
1/250%0.50
3/475%0.75
1/520%0.20
2/540%0.40

📌 उदाहरण – 500 का 35%

500 × 35% = 500 × 35/100 = 175

∴ 500 का 35% = 175

📌 उदाहरण – 25/40 कप बिके → प्रतिशत में

25/40 × 100 = 62.5%

∴ 62.5% कप बिके

📌 प्रतिशत वृद्धि/कमी

प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि/मूल मान) × 100

प्रतिशत कमी = (कमी/मूल मान) × 100

4 📈 लाभ-हानि (Profit & Loss)

क्रय मूल्य (CP) – जितने में वस्तु खरीदी जाती है।

विक्रय मूल्य (SP) – जितने में वस्तु बेची जाती है।

  • लाभ (Profit) = SP – CP (जब SP > CP)
  • हानि (Loss) = CP – SP (जब CP > SP)
  • लाभ% = (लाभ/CP) × 100
  • हानि% = (हानि/CP) × 100
  • उपरिव्यय (Overhead) – मरम्मत, परिवहन, मजदूरी आदि – CP में जोड़ दिए जाते हैं।

📌 उदाहरण 1 – साइकिल का लाभ

साइकिल खरीदी = ₹650, मरम्मत = ₹150 → लागत मूल्य = ₹800

बेची = ₹825 → लाभ = ₹25

📌 उदाहरण 2 – 10% लाभ पर विक्रय मूल्य

क्रय मूल्य = ₹300, लाभ% = 10%

लाभ = 300 × 10/100 = ₹30 → विक्रय मूल्य = ₹330

📌 याद रखें

  • लाभ और हानि हमेशा क्रय मूल्य पर ज्ञात किए जाते हैं।
  • लाभ% = (लाभ/CP) × 100, हानि% = (हानि/CP) × 100
5 🏦 साधारण व्याज (Simple Interest)

मूलधन (Principal – P) – उधार ली गई या जमा की गई धनराशि।

ब्याज (Interest – I) – मूलधन के उपयोग के बदले दी गई अतिरिक्त राशि।

मिश्रधन (Amount – A) = मूलधन + ब्याज

दर (Rate – R) – प्रति वर्ष ₹100 पर ब्याज (प्रतिशत में)।

समय (Time – T) – वह अवधि जिसके लिए धन उधार लिया/जमा किया जाता है।

साधारण व्याज = (P × R × T) / 100

मिश्रधन = P + साधारण व्याज

📌 उदाहरण – ₹500 पर 4% वार्षिक दर से 2 वर्ष का व्याज

व्याज = (500 × 4 × 2) / 100 = ₹40

∴ 2 वर्ष का ब्याज = ₹40

📌 उदाहरण – ₹400 पर 6% वार्षिक दर से 3 वर्ष का व्याज

व्याज = (400 × 6 × 3) / 100 = ₹72

📌 व्याज के प्रकार

  • साधारण व्याज – प्रत्येक वर्ष समान ब्याज।
  • चक्रवृद्धि व्याज – दूसरे वर्ष से ब्याज पर भी ब्याज।
6 🧮 व्यवहार गणित (Mental Arithmetic)

व्यवहार गणित – दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली सरलतम गणना विधि। अधिकांश क्रियाएँ मौखिक होती हैं।

📌 उदाहरण – 4 किग्रा आलू @ ₹3.75 प्रति किग्रा

₹3.75 = ₹3 + ₹0.50 + ₹0.25
4 किग्रा का मूल्य = 4×₹3 + 4×₹0.50 + 4×₹0.25
= ₹12 + ₹2 + ₹1 = ₹15

∴ कुल मूल्य = ₹15

💡 व्यवहार गणित में मूल्य को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर गणना की जाती है और अंत में जोड़ दिया जाता है।

7 🪙 मुद्रा की अवधारणा (Currency Concept)
  • वस्तु विनिमय – वस्तु देकर वस्तु प्राप्त करना।
  • सेवा विनिमय – सेवा देकर सेवा प्राप्त करना।
  • मुद्रा विनिमय – धन (रुपये, चेक आदि) देकर वस्तु/सेवा प्राप्त करना।

📌 मुद्रा की विशेषताएँ

  1. एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में सुविधाजनक हो।
  2. मुद्रा के मूल्य में बहुत अन्तर न हो।
  3. मुद्रा प्रमाणित हो।
  4. विनिमय करने में सुविधाजनक हो।
  5. प्रतिरूप आसानी से तैयार न किया जा सके।
8 🧾 बिल एवं कैश मेमो (Bill & Cash Memo)

बिल (Bill) / इनवायस (Invoice) – वह कागज जिस पर वस्तुओं की सूची, मात्रा, दर, कुल मूल्य आदि लिखा होता है।

कैश मेमो (Cash Memo) – वह पत्र जो धन चुकाने के साथ दिया जाता है।

📌 कैश मेमो में निम्नलिखित बातें होती हैं

  • तारीख
  • क्रम संख्या
  • ग्राहक का नाम, पता, दूरभाष संख्या
  • वस्तु का नाम
  • वस्तु की संख्या, इकाई, मूल्य (दर)
  • छूट (यदि कोई हो)
  • वस्तु एवं सेवा कर (GST)
  • कुल प्राप्त नकद
  • कैशियर का हस्ताक्षर

🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs

कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।

🧠 Practice Quiz – व्यवहार गणित

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 हमने सीखा – सारांश

अनुपात – भाग द्वारा तुलना (a : b)
समानुपात – बाह्य × बाह्य = मध्य × मध्य
प्रतिशत – प्रति सौ (% = 1/100)
लाभ – SP > CP, लाभ = SP − CP
हानि – CP > SP, हानि = CP − SP
लाभ% / हानि% – CP पर (लाभ/हानि × 100/CP)
साधारण व्याज – (P × R × T) / 100
मिश्रधन – मूलधन + व्याज
व्यवहार गणित – मौखिक सरल गणना
मुद्रा विनिमय – धन देकर वस्तु/सेवा प्राप्त करना
बिल – वस्तुओं की सूची वाला पत्र
कैश मेमो – धन चुकाने पर मिलने वाला पत्र
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