🔢 अपवर्तक, अपवर्त्य, म0स0 व ल0स0

अध्याय 10: अपवर्तक, अपवर्त्य, म0स0 व ल0स0 – Junior School Online
📐 गणित – कक्षा 7 – अध्याय 10

🔢 अपवर्तक, अपवर्त्य, म0स0 व ल0स0

इस अध्याय में हम अपवर्तक (गुणनखंड), अपवर्त्य (गुणज), अभाज्य एवं भाज्य संख्याएँ, अभाज्य गुणनखंडन, महत्तम समापवर्तक (म0स0), लघुतम समापवर्त्य (ल0स0), तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोग सीखेंगे।

📖 अध्याय सामग्री (Chapter Content)

1 🔢 अपवर्तक (Factors / गुणनखंड)

अपवर्तक (Factor) – वह संख्या जो किसी दी गई संख्या को पूर्णतः विभाजित करती है (शेषफल 0)।

  • उदाहरण: 15 के अपवर्तक = 1, 3, 5, 15
  • 🔹 15 = 1 × 15 = 3 × 5
  • 🔹 1, 3, 5, 15 सभी 15 को पूर्णतः विभाजित करते हैं।
15 = 1 × 15 = 3 × 5 अपवर्तक: 1, 3, 5, 15

📌 अपवर्तकों के गुण

  • 🔹 1 प्रत्येक संख्या का अपवर्तक है।
  • 🔹 स्वयं वह संख्या उसका अपवर्तक है।
  • 🔹 प्रत्येक अपवर्तक उस संख्या से छोटा या बराबर होता है।
  • 🔹 किसी संख्या के अपवर्तकों की संख्या परिमित (निश्चित) होती है।

📌 उदाहरण

24 के सभी अपवर्तक: 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12, 24

जाँच: 24 ÷ 1 = 24, 24 ÷ 2 = 12, 24 ÷ 3 = 8, 24 ÷ 4 = 6, 24 ÷ 6 = 4, 24 ÷ 8 = 3, 24 ÷ 12 = 2, 24 ÷ 24 = 1

💡 याद रखें

अपवर्तक = विभाजक (Divisor) – जो संख्या पूर्णतः विभाजित करे।

2 📊 अपवर्त्य (Multiples / गुणज)

अपवर्त्य (Multiple) – किसी संख्या को प्राकृतिक संख्या (1, 2, 3, ...) से गुणा करने पर प्राप्त संख्या उस संख्या का अपवर्त्य (गुणज) कहलाती है।

  • उदाहरण: 3 के अपवर्त्य = 3, 6, 9, 12, 15, ...
  • 🔹 3 × 1 = 3, 3 × 2 = 6, 3 × 3 = 9, ...
  • 🔹 3 का प्रत्येक अपवर्त्य 3 से बड़ा या बराबर है।
संख्याअपवर्त्य (गुणज)
77, 14, 21, 28, 35, ...
88, 16, 24, 32, 40, ...
1010, 20, 30, 40, 50, ...
1212, 24, 36, 48, 60, ...

📌 अपवर्त्यों के गुण

  • 🔹 स्वयं वह संख्या उसका एक अपवर्त्य है।
  • 🔹 किसी संख्या के अपवर्त्यों की संख्या अपरिमित (अनंत) है।
  • 🔹 प्रत्येक अपवर्त्य उस संख्या से बड़ा या बराबर होता है।

📌 उदाहरण

4 के प्रथम पाँच अपवर्त्य: 4, 8, 12, 16, 20

9 के प्रथम पाँच अपवर्त्य: 9, 18, 27, 36, 45

3 अभाज्य एवं भाज्य संख्याएँ

अभाज्य संख्या (Prime Number) – वह संख्या जिसके केवल दो अपवर्तक होते हैं – 1 और स्वयं वह संख्या

भाज्य संख्या (Composite Number) – वह संख्या जिसके दो से अधिक अपवर्तक होते हैं।

संख्याअपवर्तकअपवर्तकों की संख्याप्रकार
21, 22✅ अभाज्य
31, 32✅ अभाज्य
51, 52✅ अभाज्य
71, 72✅ अभाज्य
41, 2, 43❌ भाज्य
61, 2, 3, 64❌ भाज्य
81, 2, 4, 84❌ भाज्य
91, 3, 93❌ भाज्य
101, 2, 5, 104❌ भाज्य

📌 1 न तो अभाज्य है और न ही भाज्य

क्योंकि 1 का केवल एक अपवर्तक (1) है।

💡 100 से कम अभाज्य संख्याएँ

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97

📌 सम्पूर्ण संख्या (Perfect Number)

वह संख्या जिसके सभी अपवर्तकों का योग उस संख्या का दो गुना हो।

उदाहरण: 6 के अपवर्तक = 1, 2, 3, 6 → योग = 12 = 2 × 6

उदाहरण: 28 के अपवर्तक = 1, 2, 4, 7, 14, 28 → योग = 56 = 2 × 28

4 🌳 अभाज्य गुणनखंडन (Prime Factorization)

अभाज्य गुणनखंडन – किसी संख्या को केवल अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त करना।

📌 उदाहरण – 24 का अभाज्य गुणनखंडन

24
╱╲
2
अभाज्य
12
╱╲
2
अभाज्य
6
╱╲
2
अभाज्य
3
अभाज्य

24 = 2 × 2 × 2 × 3

24 = 2³ × 3 (घातांकीय रूप)

📌 उदाहरण – 84 का अभाज्य गुणनखंडन

84 = 2 × 42 = 2 × 2 × 21 = 2 × 2 × 3 × 7

घातांकीय रूप: 84 = 2² × 3 × 7

📌 भाग-विधि द्वारा अभाज्य गुणनखंडन

2 | 84
2 | 42
3 | 21
7 | 7
  | 1

84 = 2 × 2 × 3 × 7

84 = 2² × 3 × 7

📝 अभ्यास

90 का अभाज्य गुणनखंडन ज्ञात करें:

90 = 2 × 3 × 3 × 5 = 2 × 3² × 5

5 📏 म0स0 (HCF – Highest Common Factor)

महत्तम समापवर्तक (म0स0) – दो या दो से अधिक संख्याओं के सार्व (common) अपवर्तकों में से सबसे बड़ा अपवर्तक।

📌 उदाहरण – 48, 64 और 72 का म0स0

48 के अपवर्तक: 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12, 16, 24, 48

64 के अपवर्तक: 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64

72 के अपवर्तक: 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9, 12, 18, 24, 36, 72

सार्व अपवर्तक: 1, 2, 4, 8

∴ म0स0 = 8

📌 अभाज्य गुणनखंडन द्वारा म0स0

24 = 2³ × 3

36 = 2² × 3²

सार्व अभाज्य गुणनखंड: 2² × 3 = 4 × 3 = 12

∴ म0स0 = 12

📌 भाग-विधि से म0स0

442 और 1261 का म0स0:
1261 ÷ 442 = 2 शेष 377
442 ÷ 377 = 1 शेष 65
377 ÷ 65 = 5 शेष 52
65 ÷ 52 = 1 शेष 13
52 ÷ 13 = 4 शेष 0
∴ म0स0 = 13

💡 सह-अभाज्य संख्याएँ (Co-prime)

दो संख्याएँ जिनका म0स0 = 1 हो, सह-अभाज्य कहलाती हैं।

उदाहरण: 4 और 9 (म0स0 = 1)

6 📐 ल0स0 (LCM – Lowest Common Multiple)

लघुतम समापवर्त्य (ल0स0) – दो या दो से अधिक संख्याओं के सार्व (common) अपवर्त्यों (गुणजों) में से सबसे छोटा अपवर्त्य।

📌 उदाहरण – 8 और 12 का ल0स0

8 के अपवर्त्य: 8, 16, 24, 32, 40, 48, ...

12 के अपवर्त्य: 12, 24, 36, 48, 60, 72, ...

सार्व अपवर्त्य: 24, 48, 72, ...

∴ ल0स0 = 24

📌 अभाज्य गुणनखंडन द्वारा ल0स0

16 = 2⁴

24 = 2³ × 3

अधिकतम घातें: 2⁴ × 3 = 16 × 3 = 48

∴ ल0स0 = 48

📌 भाग-विधि से ल0स0

2 | 56, 70, 84
2 | 28, 35, 42
7 | 14, 35, 21
  | 2, 5, 3
∴ ल0स0 = 2 × 2 × 7 × 2 × 5 × 3 = 840

💡 ल0स0 के गुण

  • 🔹 ल0स0 उनमें से सबसे बड़ी संख्या से बड़ा या बराबर होता है।
  • 🔹 सह-अभाज्य संख्याओं का ल0स0 = उनका गुणनफल
7 🔗 म0स0 और ल0स0 में सम्बन्ध

महत्वपूर्ण सूत्र:

म0स0 × ल0स0 = प्रथम संख्या × द्वितीय संख्या

पहली संख्यादूसरी संख्याम0स0ल0स0म0स0 × ल0स0संख्याओं का गुणनफल
682244848 ✅
491363636 ✅
3036618010801080 ✅
3540528014001400 ✅

📌 निष्कर्ष

  • 🔹 म0स0 और ल0स0 का गुणनफल = दोनों संख्याओं का गुणनफल
  • 🔹 म0स0 ल0स0 का अपवर्तक होता है।
  • 🔹 ल0स0 म0स0 का अपवर्त्य होता है।

📌 उदाहरण

दो संख्याओं का म0स0 = 16 और गुणनफल = 6400 है।

ल0स0 = 6400 ÷ 16 = 400

8 🏠 दैनिक जीवन में म0स0 और ल0स0 के उपयोग

📌 उदाहरण 1 – म0स0 (बड़ी से बड़ी टाइल)

समस्या: 30 डेसीमीटर लम्बे और 25 डेसीमीटर चौड़े कमरे में वर्गाकार चौके (टाइल्स) लगाने हैं। टाइल्स की न्यूनतम संख्या के लिए चौके की भुजा क्या होगी?

हल: 30 और 25 का म0स0 = 5

∴ चौके की भुजा = 5 डेसीमीटर

टाइल्स की संख्या = (30 × 25) ÷ (5 × 5) = 750 ÷ 25 = 30

📌 उदाहरण 2 – ल0स0 (समय पर मिलना)

समस्या: तीन ग्रह किसी तारे के चारों ओर क्रमशः 200, 250 और 300 दिनों में एक चक्कर लगाते हैं। यदि वे एक दिन एक सीध में हैं, तो कितने दिनों में पुनः उसी स्थिति में आएँगे?

हल: 200, 250 और 300 का ल0स0

200 = 2³ × 5², 250 = 2 × 5³, 300 = 2² × 3 × 5²

ल0स0 = 2³ × 3 × 5³ = 8 × 3 × 125 = 3000

∴ 3000 दिनों बाद पुनः उसी स्थिति में आएँगे।

📌 उदाहरण 3 – म0स0 (बड़े से बड़े बरतन)

समस्या: दो टंकियों में क्रमशः 72 लीटर और 116 लीटर दूध है। बड़ी से बड़ी धारिता का बरतन बताइए जिससे दोनों टंकियों का दूध पूरा-पूरा नापा जा सके।

हल: 72 और 116 का म0स0

72 = 2³ × 3², 116 = 2² × 29

म0स0 = 2² = 4

∴ बरतन की धारिता = 4 लीटर

📌 म0स0 या ल0स0 – कब क्या?

  • 🔹 म0स0 – जब बड़ी से बड़ी वस्तु (टाइल, बरतन, फीता) ढूँढनी हो।
  • 🔹 ल0स0 – जब छोटी से छोटी संख्या (समय, दूरी, वस्तु) ढूँढनी हो जो सभी से विभाज्य हो।

🧩 मिलान अभ्यास – 25 Pairs

कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान करें – हर पंक्ति में केवल 6 विकल्प दिखेंगे।
सही उत्तर चुनते ही ✅/❌ का निशान और गलत पर सही उत्तर दिख जाएगा।

🧠 Practice Quiz – अपवर्तक, अपवर्त्य, म0स0 व ल0स0

🎯 आपकी प्रगति
स्कोर: 0/0

✅ एक बार उत्तर चुनने के बाद बदला नहीं जा सकता।

📝 हमने सीखा – सारांश

अपवर्तक – संख्या को पूर्णतः विभाजित करने वाली संख्या
अपवर्त्य – संख्या का गुणज (प्राकृतिक संख्या से गुणा)
अभाज्य – केवल 1 और स्वयं से विभाज्य (2, 3, 5, 7, ...)
भाज्य – दो से अधिक अपवर्तक (4, 6, 8, 9, ...)
अभाज्य गुणनखंडन – अभाज्य संख्याओं का गुणनफल
म0स0 – सार्व अपवर्तकों में सबसे बड़ा
ल0स0 – सार्व अपवर्त्यों में सबसे छोटा
सूत्र – म0स0 × ल0स0 = संख्याओं का गुणनफल
सह-अभाज्य – म0स0 = 1 (4, 9)
1 – न अभाज्य, न भाज्य
सम्पूर्ण संख्या – अपवर्तकों का योग = 2×संख्या (6, 28)
उपयोग – म0स0 (टाइल), ल0स0 (समय, मिलना)
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